Category: Home
-
इक्क्सवीं सदी का धर्म “समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी” का चार चरण वाला युगधर्म ही होगा।
आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शीर्षक देखकर कर प्रश्न कर सकता है कि ऐसा कौन सा व्यक्ति है जिसे “समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी” जैसे शब्दों का ज्ञान नहीं है। इन शब्दों का किताबी ज्ञान तो अनेकों को होगा, प्रचार भी खूब हो रहा है, लेकिन यदि सब कुछ समझ में आ रहा है तो…
-
चौथी शक्ति का अभिनव उद्भव अर्थात नया जन्म
आज का ज्ञानप्रसाद लेख एक ऐसी शक्ति का वर्णन कर रहा है जिसे “नवयुग की अधिष्ठात्री” कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। तो आइए गुरुचरणों में समर्पित हो,आज के ज्ञानरूपी अमृत का पयपान करें और जीवन को सफल बनायें। लगभग सभी को निम्नलिखित तीन शक्तियाें की प्रभुता और महत्ता सर्वविदित है: (1) बुद्धिबल, जिसमें…
-
अनिश्चतता ही आज के युग की सबसे बड़ी समस्या है
आज का लेख तथ्यों के साथ,ऐतिहासिक प्रमाण दे रहा है कि विनाश और सृजन की प्रक्रिया पौराणिक काल से चली आ रही है। यदि ज्ञानप्रसाद लेख जनसाधारण की मनस्थिति को ठीक राह में चलाने में सफल हो पाएं तो बहुत बड़ी उपलब्धि समझी जानी चाहिए, Misguide करने में,अन्धविश्वास फैलाने में,अंधी गुरुभक्ति का प्रचार करने में…
-
निराशावादिओं (Pessimists) के लिए गुरुदेव का मार्गदर्शन
आज के समय में अधिकतर मनुष्य नकारात्मकता एवं निराशा की बीमारी से ग्रस्त हैं,सभी एक ही धारणा लिए बैठे हैं कि कुछ नहीं हो सकता,सब कुछ ही उल्टा-पुलटा हो चुका है। ऐसी स्थिति में हम किस उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं? क्या गुरुदेव अकेले ही सब कुछ कर लेंगें? अपने अंग-अवयवों को श्रेय…
-
विनाश के लिए दुर्बुद्धि को ही ज़िम्मेदार क्यों न ठहराएं ?
सद्बुद्धि की देवी, माँ गायत्री की उपासना साधक को सन्मार्ग की ओर चलने को प्रेरित करती है, यह एक शाश्वत सत्य है। आज का ज्ञानप्रसाद इतना प्रैक्टिकल है कि इसे समझने में ज़रा भी कठिनाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह तो घर-घर की कहानी है,मनुष्य-मनुष्य की कहानी है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर…
-
क्या हम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं ?
क्रांतिधर्मी साहित्य की 23 रचनाओं की पुस्तकमाला की दूसरी दिव्य पुस्तक इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य भाग 2 का प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है। आज के लेख को Compile करते हुए जिन अलग-अलग स्रोतों की सहायता ली गयी है उन्हें भी संक्षेप में यथास्थान शामिल किया गया है। आइए ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल…
-
Wrap up, “अपने अंग अवयवों से”, एवं आगे की रणनीति
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पुस्तक के 60 पन्नें, लगभग 16000 शब्द,24 चैप्टर्स में समाहित ज्ञान को समझने के लिए गुरुदेव ने न केवल ऊँगली पकड़ कर पग-पग पर मार्गदर्शन प्रदान किया बल्कि जहाँ-वहां बिखरे अनेकों अमूल्य रत्न भी हमारी झोली में डाल दिए। सभी संगृहीत ज्ञानपुष्पों को यथासंभव, अपनी बुद्धि एवं योग्यता के…
-
शांतिकुंज की कार्यप्रणाली Tried,tested and certified है
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का आज समापन लेख प्रस्तुत किया गया है। लेख छोटा अवश्य है,लेख के कंटेंट से कहीं अधिक जानकरी अनेकों को होगी क्योंकि यह जानकारी 36 वर्ष पूर्व की है। आज के लेख का मुख्य सन्देश गुरुदेव द्वारा स्थापित किया गया प्रमाणिक तंत्र है जिसे…
-
विचारक्रान्ति का एक छोटा मॉडल है शांतिकुंज
लगन, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ यदि उच्चस्तरीय उद्देश्यों के लिए इन दिनों कोई सामान्य स्तर का तंत्र भी खड़ा हो,तो उसे असाधारण सफलता मिलेगी। गुरुदेव ने इसी सूत्र को अपनाया और विचार क्रांति के एक छोटे मॉडल के रूप में शांतिकुंज की रचना कर डाली। इस तथ्य को अंगीकार करने वाली अनेक प्रतिभाएँ समग्र…
-
युगतीर्थ शांतिकुंज को उज्जवल भविष्य की गंगोत्री क्यों कहा जाता है?
वर्तमान में पनपी हुई यां पनप रही दुष्प्रवृत्तियों का निराकरण होना एवं उनके स्थान पर सत्प्रवृत्तियों का संस्थापन एक बहुत ही बड़ा एवं महत्वपूर्ण कार्य है। यह एक दोहरा कार्य है,महान परिवर्तन के लिए जहाँ प्रत्यक्ष पुरुषार्थ की आवश्यकता है,वहीँ उसके साथ अदृश्य संकल्प, साहस और दूरदर्शी कौशल भी जुड़ा रहना बहुत आवश्यक है। “विश्वव्यापी…
-
दिव्य दृष्टि से अदृश्य जगत में झाँका जा सकता है
सुप्रसिद्ध फ़्रांसिसी भविष्यवक्ता नोस्ट्राडेमस ने कहा था कि युगसंधि की अवधि में एक नयी अध्यात्मिक चेतना का उदय होगा और सतयुग का श्रीगणेश होगा। महर्षि अरविंद ने सुपरचेतना युक्त विभूतियों की बात की है। विचारों के सामूहिक प्रयास को ही प्रज्ञावतार का अवतरण कहा है। स्वामी विवेकानंद, इजरायल के प्रोफेसर हरार और अमेरिका की जीन…
-
युग परिवर्तन का यही समय क्यों है ?
वर्तमान समय को “प्रज्ञा युग” अर्थात विवेक और बुद्धि का युग कहा गया है। जिस स्तर की लॉजिकल थिंकिंग आज के समय में हो रही है, शायद ही किसी अन्य युगों में हुई होगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग,सतयुग आदि की अवधि लाखों वर्ष बताई गयी है,इन पर आज का मानव कहाँ विश्वास करेगा? लॉजिकल…
-
ध्वंस और सृजन, सन्धिवेला की दो अनिवार्य प्रक्रियाएँ हैं
सृष्टि का शाश्वत नियम है कि विनाश और विकास का चोली दामन का साथ है।नए भवन के निर्माण के लिए पुरानी जर्जर इमारत को गिरना ही पड़ता है। परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित “क्रांतिधर्मी साहित्य” पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा में,गुरुचरणों में…
-
माँ प्रकृति अपने बच्चों का विनाश कदापि नहीं होने देगी
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से “क्रांतिधर्मी साहित्य” के दिव्य कंटेंट का अध्ययन करना,उसे समझना,सरल करना और फिर अपने साथिओ के समक्ष प्रस्तुत करना एक चुनौती भरा साहस है। परम पूज्य गुरुदेव हाथ पकड़कर इस साहस की पूर्ति करा रहे हैं,ऐसा हमारा पूर्ण विश्वास है। आज इस प्रयास का तीसरा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किया…
-
उलटे हुए को उल्ट कर सीधा करना पूर्णतः संभव है
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से “क्रांतिधर्मी साहित्य” के दिव्य कंटेंट का अध्ययन करना,उसे समझना,सरल करना और फिर अपने साथिओ के समक्ष प्रस्तुत करना एक चुनौती भरा साहस है। परम पूज्य गुरुदेव हाथ पकड़कर इस साहस की पूर्ति करा रहे हैं,ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। आज इस प्रयास का दूसरा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किया…
-
युगपरिवर्तन का क्या अर्थ है ?
कल प्रस्तुत हुए ज्ञानप्रसाद लेख के अमृतपान के बाद कुछ कमेंट इतने विस्तृत थे कि लेखकों के प्रति हम नतमस्तक हुए बिना नहीं रह सकते। हमारी सबकी प्रिय बेटी संजना,समर्पित साथी चंद्रेश जी,नीरा जी,कोकिला जी, सुमनलता जी,रेणु श्रीवास्तव जी,संध्या जी,सुजाता जी और विदुषी जी ने इतने विस्तृत और ज्ञानवर्धक कमेंट किये कि हम किसी को…
-
क्या हमें जीवन की कोई दिशा नहीं मिल रही ?
शांतिकुंज के गेट नंबर 1 पर बड़े-बड़े शब्दों में अंकित किया हुआ है “इक्क्सवीं शताब्दी उज्जवल भविष्य की गंगोत्री”, इसे देख कर कोई भी पूछ सकता है कि क्या युग परिवर्तन हो गया है? हम किस उज्जवल भविष्य की गंगोत्री की बात कर रहे हैं ? कल प्रकाशित किये गए लेख में “किंकर्तव्यविमूढ़ता” को समझने…
-
“क्रांतिधर्मी साहित्य” पर आधरित लेख श्रृंखला का शुभारंभ कल ही हो पायेगा। बिखराव को समेटना अति आवश्यक है।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित “क्रांतिधर्मी साहित्य” पर आधारित लेख श्रृंखला लिखने का साहस करना ही अपनेआप में एक चुनौतीपूर्ण कदम है। इस परिवार की नियमित,समर्पित एवं सबकी प्रिय बेटी आदरणीय संजना कुमारी द्वारा इस प्रयास के लिए इच्छा व्यक्त करना ही गुरुदेव के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण…
-
“हमारे अंतर्मन की वाणी”, 27 जून 2026 का विशेष सेगमेंट
हर माह के अंतिम शनिवार को प्रकाशित होने वाले इस विशेष सेगमेंट का सभी साथिओं को इंतज़ार होता है,कोई न कोई साथी कमेंट करके इस भावना को प्रकट कर ही देता है।कल हमारी बड़ी बहिन जी आद रेणु श्रीवास्तव जी ने इस प्रकार की भावना व्यक्त की थी। हमारी एक और आद बहिन सुमनलता जी…
-
क्या आत्मज्ञानी हमेशा सुखी होते हैं ?
100 वर्षीय पुरातन “अखंड दीप” पर आधारित लेख श्रृंखला का पंचम एवं अंतिम लेख फरवरी 1971 के जिस लेख पर वर्तमान लेख श्रृंखला आधारित है उसका शीर्षक “अपनों से अपनी बात, हमारे दृश्य जीवन की अदृश्य अनुभूतियाँ” है। शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि गुरुदेव के जिस जीवन को हम सब देख रहे हैं…
-
परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण को समर्पित 24 जून 2026 का विशेष ज्ञानप्रसाद लेख
आज का ज्ञानप्रसाद लेख 1990 का एक लाइव टेलीकास्ट दिखा रहा है। आज 24 जून 2026, बुधवार वाले दिन दो महान पर्व (गायत्री जयंती और गंगा दशहरा) के साथ ही तीसरा पर्व हमारे गुरुदेव का महाप्रयाण दिवस भी है। इस पावन दिन पर प्रत्येक गायत्री परिजन अति उत्साहित होता है,हर वर्ष, हर कोई बढ़…
-
100 वर्षीय पुरातन “अखंड दीप” विवेक की आँख खोलने के लिए स्थापित किया गया था।
अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित तृतीय ज्ञानप्रसाद लेख लगभग 2400 शब्दों का,कल प्रकाशित हुआ ज्ञानप्रसाद लेख “दीपक के प्रकाश” से सम्बंधित था जिसमें प्रकाश का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विश्लेषण किया गया था। इस लेख के प्रकाशन के पीछे मुख्य उद्देश्य था कि पूजास्थली में रोज़ाना प्रज्वलित किये जाने वाले नन्हें से…
-
दीप प्रज्वलन में छिपा है अद्भुत विज्ञान एवं अध्यात्म
22 जून 2026 का ज्ञानप्रसाद आज प्रस्तुत किया गया ज्ञानप्रसाद इस समय चल रही लेख श्रृंखला से थोड़ा हटकर तो है लेकिन इसे लिखने की प्रेरणा भी वर्तमान लेख श्रृंखला से ही प्राप्त हुई हुई है। अखंड दीप,दीप प्रजव्लन,दीप प्रज्वलन से प्राप्त होने वाली अदृश्य ऊर्जा, दीप प्रज्वलन से मिलने वाला मार्गदर्शन, दीप प्रज्वलन के…
-
अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित द्वितीय ज्ञानप्रसाद लेख- आदरणीय चंद्रेश जी के सहयोग से
आज के ज्ञानप्रसाद लेख के लिए यदि कहा जाए कि यह लेख आदरणीय डॉ चंद्रेश बहादुर जी का ही लेख है तो शायद गलत न हो। लेख में प्रस्तुत किया गया, दो भागों का कंटेंट कल ही चंद्रेश जी ने हमें व्हाट्सप्प पर भेजा था। पहले भाग में ScoopWhoop मीडिया में 9 सितम्बर 2022 में…
-
अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक सदस्य भलीभांति परिचित है कि वर्ष 2026 त्रिवेणी शताब्दी लेकर आया है। परम वंदनीय माता जी का अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य के वर्ष 2026 में 100 वर्ष पूरे होना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है। इसी सौभाग्य को मनाते हुए हमने…
-
शंख का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक पक्ष
17 जून 2026 का ज्ञानप्रसाद हमारी सबकी आदरणीय बहिन सुमनलता जी ने ओंकार (ॐ) की महिमा पर आधारित ज्ञानप्रसाद लेख पर कमेंट किया कि शंखनाद की ध्वनि ॐ से मिलती जुलती है। हमें तो इस तथ्य का न तो कोई ज्ञान था एवं न ही कोई अनुभव। कमेंट देखते ही हमने जिज्ञासावश अपनी रिसर्च शुरू…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 12वां लेख-गायत्री मंत्र फलीभूत क्यों नहीं होता ?
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले तीन सप्ताह से हमने इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास किया, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया गया। 16…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 11वां लेख-अमृत,पारस,कामधेनु और कल्पवृक्ष की लॉजिकल चर्चा
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
-
आदरणीय चिन्मय जी से मिलना बिलकुल अविश्वसनीय,आश्चर्यजनक किन्तु सत्य रहा
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का एक-एक साथी जानता है कि हर महीने के अंतिम शनिवार को छोड़ कर बाकि के सभी शनिवारों को इस मंच से स्पेशल सेगमेंट प्रस्तुत किये जाते हैं जिसमें पूरे का पूरा योगदान इस परिवार के समर्पित साथिओं का ही होता है, कोई अपने घर में हो रहे यज्ञ की बात…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 10 वां लेख-गायत्री मंत्र के द्वितीय (भर्गो देवस्य धीमहि)एवं तृतीय चरण (धियो यो नः प्रचोदयात) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 9वां लेख-गायत्री मंत्र के प्रथम चरण (तत्सवितुर्वरेण्यं) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 8वां लेख-गायत्री मंत्र के पहले चार शब्दों (ॐ,भूः,भुवः, स्वः) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता”, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि आदरणीय संध्या बहिन जी की पहल से इस पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने की प्रेरणा मिली, बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। आज के ज्ञानप्रसाद लेख में गायत्री मंत्र के प्रथम चार…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 7वां लेख-गायत्री उपासना से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है लेकिन शर्त केवल एक ही है !!
हमारी आदरणीय बहिन संध्या कुमार जी ने “यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक का स्वाध्याय किया,100 पृष्ठों के ज्ञान को कुछ ही पन्नों में Summarize किया, इस Summarized कंटेंट पर चार ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किये गए लेकिन पुस्तक के 27 चैप्टर बार-बार कह रहे थे कि यह अति उत्कृष्ट ज्ञान है, इसे पूरे विस्तार से समझना चाहिए।…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 6वां लेख-गायत्री मंत्र के ज्ञान पक्ष की अति सरल व्याख्या,दूसरा एवं समापन भाग
वर्तमान लेख श्रृंखला में गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक एवं ज्ञान पक्ष को समझने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यदि किसी ज्ञान का समझ कर अभ्यास किया जाए तो परिणाम अनेकों गुना होता है। गायत्री साधना के वैज्ञानिक पक्ष पर की गयी चर्चा पाठकों को इतनी पसंद आई कि इन पंक्तियों के लिखने समय…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का पांचवां लेख-गायत्री मंत्र के ज्ञान पक्ष की अति सरल व्याख्या,पहला भाग
सभी साथिओं को हम ह्रदय से बधाई देते हैं कि कल वाले लेख को फेसबुक पर 35000 लोगों ने देखा और 115 लोगों ने कमेंट किए। परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचा गया दिव्य साहित्य इतना विस्तृत है कि उसे समझने और स्वाध्याय के लिए अनेकों जन्म चाहिए। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का सदैव प्रयास रहता…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का चौथा लेख- गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक पक्ष पर कुछ और बेसिक जानकारी
आज के लेख में गायत्री मंत्र के “ज्ञान पक्ष” और “विज्ञान पक्ष” के अंतर् को समझने का प्रयास किया गया। इस अंतर् को समझने के लिए, सरल बनाने के लिए, जिन-जिन रिसर्च पेपर्स की सहायता ली गयी है उनका विवरण देना हमारे लिए असंभव है। उद्देश्य केवल एक ही है: गायत्री उपसना समझ कर की…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का तीसरा लेख- गायत्री मंत्र का अति सरल विज्ञान
कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में जानने और समझने के लिए इतना कुछ था कि ज्ञान के भवंडर से निकलना कठिन हो सकता था लेकिन हमारे अनेकों साथिओं ने कमेंट करके अद्भुत ज्ञान को और भी सरल बना दिया। ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं। विज्ञान के विद्यार्थी होने के कारण बार-बार यही जिज्ञासा उठती रहती…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का दूसरा लेख- “त्रिपदा गायत्री” को समझने का अति सरल प्रयास
आज के ज्ञानप्रसाद लेख में यथासंभव प्रयास करके “बहुचर्चित त्रिपदा गायत्री” के अर्थ को समझने का प्रयास किया गया है। यह एक ऐसा फ़िलॉसफिकल लेख है जिसे समझने के लिए कई प्रकार के ज्ञान की आवश्यकता है। लेख को समझने के लिए इसकी पृष्ठभूमि समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है। परम पूज्य गुरुदेव एवं पंडित लीलापत…
-
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का “अपने साथिओं से अपनी बात” का 30 मई 2026 का विशेष सेगमेंट– हमारे जीवन के अंतरंग पहलू
जब भी हम माह के अंतिम शनिवार को “अपने साथिओं से अपनी बात” के इस विशेष सेगमेंट को लिखने बैठते हैं तो जो हमने सोचा होता है अधिकतर बदल ही जाता है। पूरा माह हम जब-जब,जैसे-जैसे जो-जो विचार आते जाते हैं उन्हें अपनी फाइल में बनाए स्पेशल पृष्ठ पर लिखते रहते हैं। यह विचार कहीं…
-
परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का प्रथम लेख- सद्बुद्धि की देवी गायत्री को माँ क्यों कहा जाता है
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं ने आज के लेख का शीर्षक नोटिस कर लिया होगा, जो पिछले चार लेखों से अलग है। इस बदलाव के कारण जहाँ हम आदरणीय संध्या बहिन जी से क्षमाप्रार्थी हैं वहीँ उनका ह्रदय से आभार भी व्यक्त करते हैं कि “यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक से परिचय हो पाया। इस…
-
त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी ने हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को ज्ञानप्रसाद लेखों के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।…
-
त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का तीसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी ने हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को ज्ञानप्रसाद लेखों के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।…
-
त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का दूसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का दूसरा लेख प्रस्तुत किया गया है।…
-
त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला की प्रस्तावना
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा के समर्पित गुरु शिष्य भलीभांति जानते हैं कि इस मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण, परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। गुरुसत्ता के आशीर्वाद से, उनके मार्गदर्शन में जनवरी 2026 से…
-
22 मई 2026:ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार द्वारा लिए गए एक वर्षीय संकल्प के 33% भाग का Wrap up
आज की प्रस्तुति ज्ञानप्रसाद लेख न होकर मात्र एक जानकारी ही है। कल जब आदरणीय चंद्रेश जी ने आज प्रस्तुत होने वाले ज्ञानप्रसाद के बारे में जिज्ञासा प्रकट की तो उस समय हमारे मन-मस्तिष्क में कुछ ऐसे ही विचार दौड़ रहे थे कि Wrap up को कुछ ऐसे तरीके से प्रकाशित किया जाए कि इस…
-
वंदनीय माताजी की जन्म शताब्दी को समर्पित वर्तमान लेख श्रृंखला का 14वां एवं अंतिम ज्ञानप्रसाद लेख: हमारी माँ कह रही है, यह श्रेय लेने का समय है,बार-बार नहीं आएगा।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण, परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। अगस्त 1994 की अखंड ज्योति में प्रकाशित लेख, “एक माँ की अंतः वेदना एवं अपेक्षा भरी गुहार” से प्रभावित होकर कल एक…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 13वां ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव के रिजर्व बैंक में कहीं कोई कमी नहीं रही।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। पिछले कल प्रस्तुत किया गया 12वां ज्ञानप्रसाद लेख “मातृशक्ति विशेषांक पर आधारित” लेख श्रृंखला का समापन लेख था।…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 11वां ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव माताजी के बारे में क्या कह रहे हैं?
आज के ज्ञानप्रसाद लेख के साथ 3 स्लाइड्स अटैच की गयी हैं जिनमें लेख के कंटेंट को चीटशीट की भांति दिखाया गया है। प्रयास करेंगें की आने वाले दिव्य संदेशों में इन चीटशीट को शामिल किया जाये। शब्द सीमा के कारण आज सीधा लेख की और ही रुख करना होगा। ****************** गुरुदेव के जीवन में…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 12वां ज्ञानप्रसाद लेख: परम पूज्य गुरुदेव ने माताजी को “महाकाल की सहचर महाकाली के रूप” की उपमा दी
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 10वां ज्ञानप्रसाद लेख: हमारी माँ, वन्दनीय माताजी साक्षात् अन्नपूर्णा थीं/हैं
शब्द सीमा की बेड़ियाँ आज भी ज्ञानप्रसाद लेख सम्बन्धी Opening remarks/भूमिका/Main points आदि लिखने को रोके बैठी हैं। बस इतना ही कहकर आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ करेंगें कि यह समय है नींद से उठने का, अपनी माँ, माता भगवती देवी शर्मा जी की शक्ति को पहचानने का, समझने का एवं औरों को बताने…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 9वां ज्ञानप्रसाद लेख: बिल्ली के बच्चे, कबूतर,खरगोश एवं कुत्ते ने माँ का स्नेह पाया
आज का ज्ञानप्रसाद लेख कल वाले लेख की ही एक्सटेंशन है I शब्द सीमा की बेड़ियाँ कहाँ हमें अपने मन की बात लिखने देती हैं। अनेकों बार अपना ह्रदय चीरकर साथिओं के समक्ष रखने का प्रयास किया है लेकिन आज सीधा अपनी माँ के चरणों में समर्पित होकर, कुछ अन्य प्राणियों के प्रति भाव-संवेदना अनुभव…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 8वां ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी द्वारा गाय, वानर सेना एवं तोते के प्रति करूणा दर्शाता एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के लिए हम ऐसी-ऐसी जानकारियां लेकर आ रहे हैं (यां यूँ कहें कि गुरुवर…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 7वां ज्ञानप्रसाद लेख:आंवलखेड़ा-मथुरा में वंदनीय माताजी के आरंभिक दिन
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 6वां ज्ञानप्रसाद लेख: मातृदिवस को समर्पित “नारी जागरण अभियान” पर एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 5वां ज्ञानप्रसाद लेख: गायत्री परिवार का प्रथम महिला मंडल
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी समर्पण,निष्ठा एवं श्रद्धा के लिए कह रही हैं।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का तीसरा ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी के उद्बोधन से कुछ और शिक्षाप्रद ज्ञान
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का दूसरा ज्ञानप्रसाद लेख: मातृवाणी में बोओ और काटो का सिद्धांत
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
-
2 मई 2026 का “सहकर्मीओं के योगदान” को दर्शाता स्पेशल सेगमेंट
मई 2026 का प्रथम शनिवार, हर बार की भांति आज एक बार फिर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण बातें लेकर उपस्थित है। नए साथी अनवरत आते रहते हैं, पुराने साथी छोड़ कर जाते रहते हैं: परिवर्तन सृष्टि का शाश्वत नियम है, इसे कोई भी नकार नहीं सकता। इसीलिए हर बार शनिवार के…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का प्रथम लेख ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव के जीवन में आयी आध्यात्मिक क्रांति
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज प्रारम्भ हुई लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों…
-
30 अप्रैल 2026 का ज्ञानप्रसाद- समापन हुई लेख श्रृंखला का Wrap up और कल से आरम्भ हो रही लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित अलग-अलग लेख श्रृंखलाओं के अंतर्गत ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। हम सब परिवारजनों का परम सौभाग्य है कि गुरुकृपा से अपनेआप ही, एक स्वचालित इंस्ट्रूमेंट की भांति गुरुवर…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 34वां एवं समापन ज्ञानप्रसाद लेख: माँ के चरणों में क्षमा याचना
“कुछ त्याग नहीं अपना माँ ,बस क़र्ज़ चुकाते हैं”, यह शब्द आज के लेख के साथ संलग्न वीडियो के चुनिंदा शब्द हैं, इसकी भावना समझते ही अश्रुधारा का फूट पड़ना स्वाभाविक है। आज स्वर्ण अवसर है अपनी माँ के चरणों में समर्पित होकर किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना का। 8 मार्च 2026 को…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 33वां ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी का अपने बच्चों को आश्वासन
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज इस दिव्य श्रृंखला का 33 वां लेख प्रस्तुत किया गया है। आज शब्द सीमा की बेड़ियाँ केवल…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 32वां ज्ञानप्रसाद लेख: चित्रकूट अश्वमेध यज्ञ से सम्बंधित आद जितेंद्र रघुवंशी जी की जानकारी पर आधारित कुछ महत्वपूर्ण संस्मरण-पार्ट 2
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज इस दिव्य श्रृंखला का 32वां लेख प्रस्तुत किया गया है। आज प्रस्तुत किया गया ज्ञानप्रसाद लेख आद…
-
25 अप्रैल 2026 का माह के अंतिम शनिवार का विशेष सेगमेंट- जब व्हाट्सप्प पर ग्रुप मैसेज पर 35 की पाबंदी थी।
माह के अंतिम शनिवार को प्रस्तुत होने वाले सेगमेंट का शुभारम्भ अधिकतर आद सुमनलता बहिन जी के सुझाव और साथिओं के समर्थन के धन्यवाद् से करते हैं लेकिन आज शब्दसीमा के बेड़ियाँ अपना प्रतिबंध लगाए खड़ी हैं। हर बार की भांति, जब भी कोई बात याद आई लिख डाली। इस बार के सेगमेंट को लिखने…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 31वां ज्ञानप्रसाद लेख: चित्रकूट अश्वमेध यज्ञ से सम्बंधित आद जितेंद्र रघुवंशी जी की जानकारी पर आधारित कुछ महत्वपूर्ण संस्मरण-पार्ट 1
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज इस दिव्य श्रृंखला का 31वां लेख प्रस्तुत किया गया है। आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ करने…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 30वां ज्ञानप्रसाद लेख: 19 सितम्बर 1994 को हुए वंदनीय माताजी के महाप्रयाण को समर्पित एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज इस दिव्य श्रृंखला का 30वां लेख प्रस्तुत किया गया है। हमारे पाठकों को अद्भुत संयोग स्मरण हो…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 29वां ज्ञानप्रसाद लेख: अप्रैल 1994 में, चित्रकूट में माताजी ने अंतिम अश्वमेध यज्ञ संपन्न कराया
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। आज इस दिव्य श्रृंखला का 29वां लेख प्रस्तुत किया गया है। लेख का शुभारम्भ करने से पहले साथिओं…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 28वां ज्ञानप्रसाद लेख: 1993 में विदेश की धरती पर वंदनीय माताजी के संरक्षण में 3 अश्वमेध यज्ञ सम्पन्न हुए
हमारे स्वर्गीय पिताजी हमारे गुरु भी थे, कक्षाओं में पढ़ाते हुए अक्सर बोलते थे, “आगे दौड़ पीछे चौड़” अर्थात जल्दी-जल्दी में बहुत कुछ छूटने की आशंका रहती है। अपनी माँ की जन्म शताब्दी मनाने का दुर्लभ सौभाग्य सभी को नहीं मिलता, इसमें ज़रा भी जल्दी करने की ज़रुरत नहीं है, धीरे-धीरे एक नवजात शिशु की…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 26वां ज्ञानप्रसाद लेख: माँ ने अश्वमेध यज्ञ श्रृंखला का शुभारम्भ किया
ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों स्रोतों पर उपलब्ध ब्रह्मवर्चस द्वारा सम्पादित 118 Scanned पन्नों और 32 Text पन्नों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” पर आधारित लेख श्रृंखला का प्रथम लेख हमने 8 मार्च 2026 को प्रस्तुत किया था। परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 25वां ज्ञानप्रसाद लेख: महाशक्ति के निर्देशन में सम्पन्न हुआ भव्य “संकल्प श्रद्धांजलि समारोह”
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा में आज का ज्ञानप्रसाद, गुरुदेव के महाप्रयाण के बाद, परम वंदनीय माताजी की उस शक्ति का वर्णन कर रहा है जिसे सुनकर/देखकर सभी स्तब्ध रह जाते हैं। अधिकतर लोग माँ की शक्ति से भलीभांति परिचित थे लेकिन ऐसों की भी कमी नहीं थी जो शंकाओं से घिरे…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 24वां ज्ञानप्रसाद लेख: महाशक्ति में समाने का शिव संकल्प एवं महाशक्ति का महातप भाग 2
कल के दिव्य सन्देश में भी साथिओं को गुरुसत्ता से जुड़ने का निवदन किया था। इस निवेदन के पीछे केवल एक ही सत्य छिपा था कि सारे विश्व में अशांति एवं नकारात्मकता का बोलबाला है, क्या हम मूक दर्शक बने बैठे रहेंगें, कदापि नहीं !!!! गुरुज्ञान के शक्तिशाली शस्त्र का प्रयोग करके और कुछ नहीं…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 23 वां ज्ञानप्रसाद लेख-महाशक्ति में समाने का शिव संकल्प एवं महाशक्ति का महातप भाग 1
ब्रह्मवर्चस द्वारा सम्पादित 118 पन्नों की दिव्य पुस्तक“महाशक्ति की लोकयात्रा” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 23वां लेख प्रस्तुत है। अन्य 1530 लेखों की भांति यह लेख भी हमारी वेबसाइट https://life2health.org/ का हिस्सा बनने जा रहा है। प्रत्येक ज्ञानप्रसाद लेख की भांति यह लेख भी अगर पाठकों के लिए एनर्जी ड्रिंक न साबित हो तो…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 22वां ज्ञानप्रसाद लेख-परमपूज्य गुरुदेव माताजी की शक्ति के बारे में क्या कहते हैं
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित लेख श्रृंखला का आज 22वां लेख प्रस्तुत है। 118 पृष्ठों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” में समाहित दिव्य ज्ञान का एक-एक शब्द ध्यानपूर्वक अध्ययन करके,अपनी समर्था के अनुसार समझकर, सरल करते हुए इस मंच…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 21वां ज्ञानप्रसाद लेख- वंदनीय माता जी की योगशक्ति
ज्ञानप्रसाद लेखों को लिखते समय हमें तरह-तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और हमारी प्रवृति ऐसी है कि चुनौतियाँ हमें पसंद ही बहुत हैं, सरल कार्य तो हर कोई कर सकता है। कठिनाइओं और चुनौतियों का सामना करके ही हम गुरुदेव के समक्ष अपनी पात्रता का प्रमाण दे सकते हैं। इन पंक्तियों को …
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 20वां ज्ञानप्रसाद लेख- परम वंदनीय माताजी एवं परमपूज्य गुरुदेव की साधना के अद्भुत प्रभाव
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित लेख श्रृंखला का आज 20 वां लेख प्रस्तुत है। 118 पृष्ठों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” में समाहित दिव्य ज्ञान का एक-एक शब्द ध्यानपूर्वक अध्ययन करके,अपनी समर्था के अनुसार समझकर, सरल करते हुए इस…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 19वां ज्ञानप्रसाद लेख-वंदनीय माताजी की साधना ने शांतिकुंज को आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अक्षय कोष बनाया हुआ है
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित लेख श्रृंखला का आज 19वां लेख प्रस्तुत है। 118 पृष्ठों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” में समाहित दिव्य ज्ञान का एक-एक शब्द ध्यानपूर्वक अध्ययन करके,अपनी समर्था के अनुसार समझकर, सरल करते हुए इस मंच…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 18वां ज्ञानप्रसाद लेख-महाशक्ति के बारे में कुछ और जानकारी
हम सबकी माँ, जिसकी ऊँगली पकड़ कर हम यह लोकयात्रा कर रहे हैं, उन्हीं के आशीर्वाद से आज के लेख का शुभारम्भ हो रहा है। कल ही प्राप्त हुए आगरा शीतला गली स्थित महाशक्ति की जन्मस्थली के नव निर्माण के कुछ चित्र परिवार में शेयर करना अपना कर्तव्य समझते हैं। आज का ज्ञानप्रसाद लेख ऐसे…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 17वां ज्ञानप्रसाद लेख- युगतीर्थ शांतिकुंज का प्रत्यक्ष दायित्व (Direct responsibility) महाशक्ति के कन्धों पर !!!
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथी परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित लेख श्रृंखला का अमृतपान कर रहे हैं। 118 पृष्ठों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” में समाहित दिव्य ज्ञान का एक-एक शब्द ध्यानपूर्वक अध्ययन करके, अपनी समर्था के…
-
वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित लेख श्रृंखला का 16वां ज्ञानप्रसाद लेख-वंदनीय माता जी के संचालन-सामर्थ्य का प्राकट्य
March 30,2026 पिछले 15 दिनों से हम परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित लेख श्रृंखला का अमृतपान कर रहे हैं। 118 पृष्ठों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” में समाहित दिव्य ज्ञान का एक-एक शब्द ध्यानपूर्वक अध्ययन करके,अपनी समर्था के अनुसार…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 15वां ज्ञानप्रसाद लेख: शिव और शक्ति का परस्पर अंतर्मिलन
March 29,2026 महाशक्ति की लोक यात्रा शुक्रवार वाले ज्ञानप्रसाद लेख का समापन इस संकल्प के साथ हुआ था कि सोमवार को एक नवीन ऊर्जा के साथ,स्थिर होकर साक्षात् उदाहरणों के साथ “गुरुदेव और माताजी यानि शिव और शक्ति के अंतर्मिलन” का अति रोचक वृतांत का आँखों देखा हाल प्रस्तुत करेंगें । उसी संकल्प को पूर्ण…
-
सुझाव आदरणीय सुमनलता बहिन जी का, समर्थन हमारे साथिओं का,प्रयास हम जैसे नगण्य प्राणी का: 28 मार्च 2026 का यह स्पेशल विशेषांक
March 28,2026, 3216 words प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को प्रस्तुत किए जाने वाले स्पेशल विशेषांक की बात होगी तो इसके जन्म की “पृष्ठभूमि” तो लिखनी ही पड़ेगी, इसे Taken for granted तो लिया नहीं जा सकता कि सबको पता ही है, बार-बार दोहरा कर क्या मिलेगा। कोई पता नहीं कोई कब हमारे इन शब्दों…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 14वां ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव एवं परम वंदनीय माताजी साक्षात् शिव और शक्ति का रूप
March 26,2026 118 पन्नों की दिव्य पुस्तक “महाशक्ति की लोकयात्रा” हमारे हाथ में न केवल थमाना,उसके एक-एक शब्द को न केवल इतने ध्यान से पढ़ना बल्कि समझकर, गूगल आदि उपलब्ध स्रोतों की सहायता से ज्ञानप्रसाद लेखों के रूप में प्रस्तुत कर पाना, अवश्य ही कोई बड़ी गुरुकृपा होगी। अपने साथिओं द्वारा, बड़ी ही श्रद्धा से…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 13वां ज्ञानप्रसाद लेख: “माताजी के चौके” के भोजन की ह्रदय परिवर्तन शक्ति
MARCH 25.2026 आज के ज्ञानप्रसाद लेख में उस महाशक्ति की शक्ति का बखान हो रहा है जिसे हम सब जगतजननी के नाम से सम्बोधित करते हैं। वंदनीय माताजी जननी और माँ के अंतर् को समझा रही हैं। परमपूज्य गुरुदेव बता रहे हैं कि वंदनीय माताजी कोई साधारण स्त्री नहीं हैं, वोह ऐसे-ऐसे कार्य कर लेती…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 12वां ज्ञानप्रसाद लेख: तपोभूमि मथुरा एक अद्भुत शक्ति केंद्र
March 24,2026 महाशक्ति,जिन्हें हम सब अपनी माँ मान चुके हैं हमें अपने साथ लिए ऐसे-ऐसे लोकों की यात्रा करवा रही हैं जिनकी अनुभूति केवल उन्हीं को हो सकती है जो गुरुदेव एवं वंदनीय माता जी के साथ आत्मा से जुड़े हैं। जो साथी इन लेखों को केवल एक लेख की भांति पढ़ रहे हैं, एक…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 11वां ज्ञानप्रसाद लेख:माँ केवल माँ होती है !!!
March 23,2026 गुरुकृपा से महाशक्ति की लोकयात्रा आज 11वें स्टेशन पर आ पंहुची है, स्टेशन की परिभाषा के लिए आदरणीय चंद्रेश जी का धन्यवाद् करते हैं। आज के लेख में ट्रेडिल प्रिंटिंग मशीन, मुस्लिम कार्यकर्ता अब्दुल, गायत्री साधक रामजीवन जी के संस्मरण एवं “धियो यो नः प्रचोदयात” के अर्थ के साथ-साथ बहुत कुछ जानने को…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 10वां ज्ञानप्रसाद लेख: अखंड ज्योति संस्थान मथुरा में वंदनीय माता जी के प्रारम्भिक दिन
https://youtu.be/0UJFGGg6NTU?si=gmV5O6vny6LaDKxX (आज के लेख में दिए गए कंटेंट का न केवल मानसिक बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए यह वीडियो अटैच की गई है। हमारे साथी इस वीडियो को पहले भी देख चुके हैं लेकिन आज इसे देखने का अलग ही आनंद है।) ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के अनेकों साथिओं को परम पूज्य गुरुदेव एवं…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 9वां ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माता जी के विवाह में वर पक्ष के महत्वपूर्ण संस्मरण
March 20,2026 आज के लेख में वंदनीय माता जी के विवाह की चर्चा में वर पक्ष से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण संस्मरण प्रस्तुत किये गए हैं। परम पूज्य गुरुदेव की पहली पत्नी सरस्वती देवी, तीन बच्चों को छोड़ कर स्वर्ग सिधार गयी थी। गुरुदेव की माता जी, जिन्हें ताई जी के नाम से जाना जाता है,…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 8वां ज्ञानप्रसाद लेख: अखंड ज्योति संस्थान पर एक संक्षिप्त विवरण
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर प्रस्तुत आज का ज्ञानप्रसाद लेख एक अद्भुत दिव्य साधना स्थली का दर्शन करा रहा है। जो कोई भी इस लेख का अमृतपान करेगा सच में धन्य हो जायेगा। चेतना की शिखर यात्रा 1, चैप्टर 20 एवं अनेकों Online sources से संकलित किए आज के लेख का समापन हमारी ही…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 7वां ज्ञानप्रसाद लेख
March 18,2026 वर्तमान लेख श्रृंखला की दिव्यता एवं रोचकता को देखते हुए असंभव सा लगता है कि कहाँ पर ब्रेक की जाए। पठन और लेखन की विद्युत धारा कुछ ऐसे स्तर की है कि मन तो करता है कि लिखते ही जाएँ, लिखते ही जाएँ, ऑनलाइन/ऑफलाइन जिस स्तर का ज्ञान उपलब्ध है उसमें से चयन…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 6वां ज्ञानप्रसाद लेख
March 15,2026 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन्स (विश्व धर्म संसद) में स्वामी विवेकानंद ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार विभिन्न नदियां अलग-अलग रास्तों से निकलकर अंत में समुद्र में मिल जाती हैं, वैसे ही मनुष्य भिन्न-भिन्न मार्गों से उसी ईश्वर की ओर जाते हैं। …
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का पाँचवां ज्ञानप्रसाद लेख
March 12,2026 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथी जानते हैं कि वर्ष 2026 में इस मंच के सारे कृत्य त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित होने का संकल्प लिया गया है। इसी संकल्प को सार्थक करने हेतु परम वंदनीय माता जी को समर्पित वर्तमान लेख श्रृंखला का पाँचवां लेख शब्दसीमा एवं लेख के महत्व के…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख
March 11.2026 अक्सर हम रिपीट करते रहते हैं कि गुरुदेव स्वयं ही हमारी उँगलियों को चला देते हैं और आगे का मार्गदर्शन कर देते हैं। नवंबर-दिसंबर 2022 में “चेतना की शिखर यात्रा एवं महाशक्ति की लोकयात्रा” पुस्तकों पर आधारित कुछ लेख लिखे थे, जब गुरुदेव के मार्गदर्शन का प्रमाण इन लेखों से मिला तो 2026…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का तीसरा ज्ञानप्रसाद लेख
March 10,2026 अक्सर हम निवेदन करते रहते हैं कि ज्ञानप्रसाद लेखों के अध्ययन में ब्रेक (विशेषकर लेख श्रृंखला के बीच) लेना उचित नहीं है। ऐसा करने से लिंक टूट जाता है और पाठक जैसे-तैसे ज्ञानप्रसाद ग्रहण तो कर लेता है लेकिन वैसा अमृतपान नहीं हो पाता जैसा होना चाहिए। इसी सन्दर्भ में आज के ज्ञानप्रसाद…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का दूसरा ज्ञानप्रसाद लेख
March 9,2026 कल प्रकाशित हुए ज्ञानप्रसाद लेख से जानकारी प्राप्त हुई कि न केवल कुछ एक परिवारजनों के पास “महाशक्ति की लोकयात्रा” की हार्ड कॉपी उपलब्ध है बल्कि उन्होंने इस पुस्तक का स्वाध्याय भी किया हुआ है, ऐसे साथिओं को बधाई। आज के ज्ञानप्रसाद लेख में उस तत्व (मातृतत्व) की, उस केमिकल की जानकारी देने…
-
परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का प्रथम ज्ञानप्रसाद
March 8,2026 (अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को समर्पित वीडियो) सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार,एक दिन के अवकाश के बाद अद्भुत ऊर्जा से ओतप्रोत दिन,उससे भी बढ़कर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, माँ जगजननी, बहिन, बेटी,बहु, पत्नी एवं संसार की प्रत्येक नारी को समर्पित दिन अत्यधिक शक्ति से भरपूर दिन पर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी साथिओं का…
-
शनिवार का स्पेशल सेगमेंट -6 मार्च 2026
शनिवार के स्पेशल सेगमेंट को आज 6 पॉइंट्स में प्रस्तुत किया है। सरविन्द जी का 2 मार्च वाला लेख, हमारे लिए सबसे सटीक टाइटल, संजना बेटी और पूनम जी का कमेंट, आद चंद्रेश जी की अनुभूति I हर बार की भांति आज भी लिख रहे हैं कि OGGP का मंच एक ऐसा परिवार है जहाँ…
-
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 के दूसरे चरण का 11वां एवं समापन लेख-परिवार की समर्पित प्रिय बेटी संजना की ज्ञानवर्धक अनुभूति
March 5,2026 एक बार फिर से संयोग है कि अगले प्रयास का शुभारम्भ सप्ताह के प्रथम दिन सोमवार से हो रहा है। परिवार की समर्पित एवं प्रिय बेटी संजना के इस अद्भुत योगदान से इस दिव्य श्रृंखला का समापन हो रहा है। बेटी के विचार किसी को भी ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं। एडिटिंग करते…
-
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 के दूसरे चरण का दसवां लेख- आद सरविन्द पाल जी की प्रस्तुति
March 4,2026 आज का लेख अखंड ज्योति जनवरी 2025 के अंक में “पावन योजना है गृहस्थ धर्म” शीर्षक से प्रकाशित हुए लेख पर आधारित है। प्रकाशित हुए सारे लेख को दो-तीन बार पढ़ने पर भी “गृहस्थ धर्म” की परिभाषा को जानने की जिज्ञासा शांत न हुई। आशंका तो अवश्य थी कि “गृहस्थ आश्रम” ही “गृहस्थ…
-
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 के दूसरे चरण का नौंवा लेख- वसंत पर्व के प्रति आदरणीय सरविन्द पाल जी के विचार
3 मार्च,2026 हमारे साथी जानते हैं कि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाले लगभग प्रत्येक कंटेंट का सोर्स बताना अपना कर्तव्य समझा जाता है ताकि किसी भी प्रकार के संदेह/शंका की गुंजाइश न रहे। लेकिन परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित वर्तमान लेख का सोर्स बताना संभव नहीं…