वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • मनुष्य की 93% प्रतिभा प्रसुप्त ही पड़ी रहती है 

    “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य का मक्खन है। आज इसी मक्खन की चौथी पुस्तक “ युग की माँग, प्रतिभा परिष्कार भाग 2” पर आधरित लेख श्रृंखला का चौथा लेख मनुष्य की उस 93% शक्ति के बारे में जानकारी दे रहा है जो सोई पड़ी रहती है।   एक कहावत है कि ‘‘ईश्वर…

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  • प्रतिभा संवर्धन(Talent development) के लिए भारत के पास कौनसी जादू की छड़ी है ?

    आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ हमारी मातृभूमि “भारत” के लिए प्रयोग किये गए  अनेकों विशेषणों से हो रहा है। जगतगुरु,विश्वगुरु,चक्रवर्ती,सोने की चिड़िया, स्वर्गादपि गरीयसी जैसे विशेषणों से हमारे (कैनेडियन होने के भावजूद) समेत प्रत्येक भारतीय को गर्व होना चाहिए। लेख का अमृतपान करने से, इन विशेषणों की सार्थकता होना सुनिश्चित है। इन्हीं विशेषणों ने …

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  • प्रसुप्त प्राणाग्नि के प्रज्जवलन के लिए कोई प्रेरक भी तो मिले !!!

    Every human is loaded with immense potential,प्रत्येक मनुष्य असीमित क्षमताओं से ओतप्रोत है,उसे तो ज्ञान ही नहीं है कि ईश्वर ने उसे क्या कुछ देकर इस धरती पर अवतरित किया है।  आज का लेख उन्हीं प्रसुप्त प्रतिभाओं को जागृत करने का सरल सा मार्ग प्रदान कर रहा है, बता रहा है कि वैभव,पराक्रम,विभूतियाँ आदि ईश्वर…

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