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अनिश्चतता ही आज के युग की सबसे बड़ी समस्या है
आज का लेख तथ्यों के साथ,ऐतिहासिक प्रमाण दे रहा है कि विनाश और सृजन की प्रक्रिया पौराणिक काल से चली आ रही है। यदि ज्ञानप्रसाद लेख जनसाधारण की मनस्थिति को ठीक राह में चलाने में सफल हो पाएं तो बहुत बड़ी उपलब्धि समझी जानी चाहिए, Misguide करने में,अन्धविश्वास फैलाने में,अंधी गुरुभक्ति का प्रचार करने में…
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निराशावादिओं (Pessimists) के लिए गुरुदेव का मार्गदर्शन
आज के समय में अधिकतर मनुष्य नकारात्मकता एवं निराशा की बीमारी से ग्रस्त हैं,सभी एक ही धारणा लिए बैठे हैं कि कुछ नहीं हो सकता,सब कुछ ही उल्टा-पुलटा हो चुका है। ऐसी स्थिति में हम किस उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं? क्या गुरुदेव अकेले ही सब कुछ कर लेंगें? अपने अंग-अवयवों को श्रेय…
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विनाश के लिए दुर्बुद्धि को ही ज़िम्मेदार क्यों न ठहराएं ?
सद्बुद्धि की देवी, माँ गायत्री की उपासना साधक को सन्मार्ग की ओर चलने को प्रेरित करती है, यह एक शाश्वत सत्य है। आज का ज्ञानप्रसाद इतना प्रैक्टिकल है कि इसे समझने में ज़रा भी कठिनाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह तो घर-घर की कहानी है,मनुष्य-मनुष्य की कहानी है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर…
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