वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • ध्वंस और  सृजन, सन्धिवेला की दो अनिवार्य प्रक्रियाएँ हैं

    सृष्टि का शाश्वत नियम है कि विनाश और विकास का चोली दामन का साथ है।नए भवन के निर्माण के लिए पुरानी जर्जर इमारत को गिरना ही पड़ता है। परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित “क्रांतिधर्मी साहित्य” पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है।  ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा में,गुरुचरणों में…

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  • माँ प्रकृति अपने बच्चों का विनाश कदापि नहीं होने देगी

    ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से “क्रांतिधर्मी साहित्य” के दिव्य कंटेंट का अध्ययन करना,उसे समझना,सरल करना और फिर अपने साथिओ के समक्ष प्रस्तुत करना एक चुनौती भरा साहस है। परम पूज्य गुरुदेव हाथ पकड़कर इस साहस की पूर्ति करा रहे हैं,ऐसा हमारा पूर्ण विश्वास है। आज इस प्रयास का तीसरा  ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किया…

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  • उलटे हुए को उल्ट कर सीधा करना पूर्णतः संभव है 

    ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से “क्रांतिधर्मी साहित्य” के दिव्य कंटेंट का अध्ययन करना,उसे समझना,सरल करना और फिर अपने साथिओ के समक्ष प्रस्तुत करना एक चुनौती भरा साहस है। परम पूज्य गुरुदेव हाथ पकड़कर इस साहस की पूर्ति करा रहे हैं,ऐसा हमें पूर्ण विश्वास है। आज इस प्रयास का दूसरा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किया…

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