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कहीं आप आतंकवाद को प्रतिभा तो नहीं समझ रहे?
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” के दिव्य संग्रह की आठवीं पुस्तिका “महाकाल का प्रतिभाओं को आमंत्रण” पर आधरित लेख श्रृंखला का आज चौथा लेख प्रस्तुत किया गया है। प्रतिभा के विषय पर इसी मंच से अनेकों लेख प्रसारित हो चुके हैं लेकिन फिर भी वर्तमान श्रृंखला में इस महत्वपूर्ण विषय पर जमकर चर्चा हो रही है,पाठक कमेंट-काउंटर…
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प्रतिभा ही लिविंग शक्ति वर्षा है
गायत्री परिवार में वर्ष 2026 को त्रय शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसी उपलक्ष्य में ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार ने भी 2026 का सारा वर्ष इन तीन शताब्दियों को समर्पित किया हुआ है। इस संकल्प का एक भाग “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की 23 पुस्तिकाओं का एक-एक करके न केवल अध्ययन किया…
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प्रतिभावान उदीयमान सूर्य होते हैं
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की 8वीं पुस्तक के दूसरे लेख में चर्चा की गयी है कि प्रतिभावान उदीयमान सूर्य होते हैं जिसके दर्शन होते ही सर्वत्र चेतना का एक नया माहौल उमड़ पड़ता है। आज के ज्ञानप्रसाद लेख के अमृतपान के लिए सभी गुरु शिष्यों को सादर आमंत्रण है,आइए इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाएं एवं…
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