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क्या हम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं ?
क्रांतिधर्मी साहित्य की 23 रचनाओं की पुस्तकमाला की दूसरी दिव्य पुस्तक इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य भाग 2 का प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है। आज के लेख को Compile करते हुए जिन अलग-अलग स्रोतों की सहायता ली गयी है उन्हें भी संक्षेप में यथास्थान शामिल किया गया है। आइए ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल…
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Wrap up, “अपने अंग अवयवों से”, एवं आगे की रणनीति
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पुस्तक के 60 पन्नें, लगभग 16000 शब्द,24 चैप्टर्स में समाहित ज्ञान को समझने के लिए गुरुदेव ने न केवल ऊँगली पकड़ कर पग-पग पर मार्गदर्शन प्रदान किया बल्कि जहाँ-वहां बिखरे अनेकों अमूल्य रत्न भी हमारी झोली में डाल दिए। सभी संगृहीत ज्ञानपुष्पों को यथासंभव, अपनी बुद्धि एवं योग्यता के…
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शांतिकुंज की कार्यप्रणाली Tried,tested and certified है
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का आज समापन लेख प्रस्तुत किया गया है। लेख छोटा अवश्य है,लेख के कंटेंट से कहीं अधिक जानकरी अनेकों को होगी क्योंकि यह जानकारी 36 वर्ष पूर्व की है। आज के लेख का मुख्य सन्देश गुरुदेव द्वारा स्थापित किया गया प्रमाणिक तंत्र है जिसे…
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