वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • चौथी शक्ति का अभिनव उद्भव अर्थात नया जन्म

    आज का ज्ञानप्रसाद लेख एक ऐसी शक्ति का वर्णन कर रहा है जिसे “नवयुग की अधिष्ठात्री” कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। तो आइए गुरुचरणों में समर्पित हो,आज के ज्ञानरूपी अमृत का पयपान करें और जीवन को सफल बनायें।   लगभग सभी को निम्नलिखित तीन शक्तियाें की प्रभुता और महत्ता सर्वविदित है: (1) बुद्धिबल, जिसमें…

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  • अनिश्चतता ही आज के युग की  सबसे बड़ी समस्या है

    आज का लेख तथ्यों के साथ,ऐतिहासिक प्रमाण दे रहा है कि विनाश और सृजन की प्रक्रिया पौराणिक काल से चली आ रही है। यदि ज्ञानप्रसाद लेख जनसाधारण की मनस्थिति को ठीक राह में चलाने में सफल हो पाएं तो बहुत बड़ी उपलब्धि समझी जानी चाहिए, Misguide करने में,अन्धविश्वास फैलाने में,अंधी गुरुभक्ति का प्रचार करने में…

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  • निराशावादिओं (Pessimists) के लिए गुरुदेव का मार्गदर्शन 

    आज के समय में अधिकतर मनुष्य नकारात्मकता एवं निराशा की बीमारी से ग्रस्त हैं,सभी एक ही धारणा लिए बैठे हैं कि कुछ नहीं हो सकता,सब कुछ ही उल्टा-पुलटा हो चुका है। ऐसी स्थिति में हम किस उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं? क्या गुरुदेव अकेले ही सब कुछ कर लेंगें? अपने अंग-अवयवों को श्रेय…

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