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परम पूज्य गुरुदेव के पाँच स्थूल शरीरों का संक्षिप्त सा वर्णन
आज का ज्ञानप्रसाद लेख परम पूज्य गुरुदेव के पांच स्थूल शरीरों का संक्षिप्त सा वर्णन प्रस्तुत कर रहा है। अखंड ज्योति के जुलाई 1997 अंक में प्रकाशित हुए लेख पर आधरित आज के कि लगभग 30 वर्ष में सभी संस्थानों का इतना विकास एवं विस्तार हो चुका है कि क्या कहा जाए। साथिओं से…
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परम पूज्य गुरुदेव पांच शरीरों से जीते थे-परम वंदनीय माता जी द्वारा दिया गया दिव्य वर्णन
जुलाई 1997 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था “विराट प्रज्ञापुरुष गुरुदेव जिनके पांच स्थूल शरीर अभी भी हमारे बीच हैं।” इन पंक्तियों के लेखक ने मात्र 4 पन्नों के लेख को जब देखा तो उसकी आँखें ही चुंधियाँ सी गयीं। लेख में समाहित अद्भुत,विस्तृत ज्ञान, अनेकों Cross references के बारे…
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गुरुदेव की सूक्ष्मीकरण साधना के विश्व्यापी सामूहिक एवं व्यक्तिगत प्रमाण
अखंड ज्योति जुलाई 1997, गुरुसत्ता के पाँच सूक्ष्मशरीर – वीरभद्र जो हम सबकी रक्षा में जुटे हुए हैं आज के ज्ञानप्रसाद लेख में हमारे साथी देखेंगें कि गुरुदेव की सूक्ष्मीकरण साधना की शक्ति ने विश्व भर में क्या-क्या कुछ करवा डाला। अवश्य ही गुरुदेव की तरह अनेकों दिव्य आत्माएं विश्व को बचाने में प्रयासरत है,…
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