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प्रसुप्त प्राणाग्नि के प्रज्जवलन के लिए कोई प्रेरक भी तो मिले !!!
Every human is loaded with immense potential,प्रत्येक मनुष्य असीमित क्षमताओं से ओतप्रोत है,उसे तो ज्ञान ही नहीं है कि ईश्वर ने उसे क्या कुछ देकर इस धरती पर अवतरित किया है। आज का लेख उन्हीं प्रसुप्त प्रतिभाओं को जागृत करने का सरल सा मार्ग प्रदान कर रहा है, बता रहा है कि वैभव,पराक्रम,विभूतियाँ आदि ईश्वर…
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क्या मानव शरीर सच में एक Vehicle है ?
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की चौथी पुस्तक,“युग की मांग-प्रतिभा परिष्कार भाग 2 ” के प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख का अमृतपान करने के लिए सभी गुरुशिष्यों का अभिवादन है। गुरुदेव बता रहे हैं: गाड़ी का ढाँचा लोहे का बना होता है। उसके पहियों में रबड़, सीटों पर रेक्सीन, खिड़कियों में काँच आदि लगे होते हैं लेकिन गाड़ी का…
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शालीनता ही प्रतिभा का आधार है -तीसरी पुस्तक का समापन लेख
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” 23 पुस्तकों का एक ऐसा अद्भुत साहित्य है जिसे पूज्यवर ने स्वयं अपने जीवन भर के “साहित्य का मक्खन” कहा है। उन्होंने कहा है कि मेरे द्वारा रचित विशाल साहित्य न भी पढ़ो तो कोई बात नहीं है लेकिन इस मक्खन को कभी भी मिस न करना। गुरुदेव के निर्देश एवं हमारी…
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