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Wrap up, “अपने अंग अवयवों से”, एवं आगे की रणनीति
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पुस्तक के 60 पन्नें, लगभग 16000 शब्द,24 चैप्टर्स में समाहित ज्ञान को समझने के लिए गुरुदेव ने न केवल ऊँगली पकड़ कर पग-पग पर मार्गदर्शन प्रदान किया बल्कि जहाँ-वहां बिखरे अनेकों अमूल्य रत्न भी हमारी झोली में डाल दिए। सभी संगृहीत ज्ञानपुष्पों को यथासंभव, अपनी बुद्धि एवं योग्यता के…
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शांतिकुंज की कार्यप्रणाली Tried,tested and certified है
“इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य-भाग 1” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का आज समापन लेख प्रस्तुत किया गया है। लेख छोटा अवश्य है,लेख के कंटेंट से कहीं अधिक जानकरी अनेकों को होगी क्योंकि यह जानकारी 36 वर्ष पूर्व की है। आज के लेख का मुख्य सन्देश गुरुदेव द्वारा स्थापित किया गया प्रमाणिक तंत्र है जिसे…
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विचारक्रान्ति का एक छोटा मॉडल है शांतिकुंज
लगन, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ यदि उच्चस्तरीय उद्देश्यों के लिए इन दिनों कोई सामान्य स्तर का तंत्र भी खड़ा हो,तो उसे असाधारण सफलता मिलेगी। गुरुदेव ने इसी सूत्र को अपनाया और विचार क्रांति के एक छोटे मॉडल के रूप में शांतिकुंज की रचना कर डाली। इस तथ्य को अंगीकार करने वाली अनेक प्रतिभाएँ समग्र…
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