वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • विचारक्रान्ति का एक छोटा मॉडल है शांतिकुंज 

    लगन, श्रद्धा और प्रामाणिकता के साथ यदि उच्चस्तरीय उद्देश्यों के लिए इन दिनों कोई सामान्य स्तर का तंत्र भी खड़ा हो,तो उसे असाधारण सफलता मिलेगी। गुरुदेव ने इसी सूत्र को अपनाया और विचार क्रांति के एक छोटे मॉडल के रूप में शांतिकुंज की रचना कर डाली। इस तथ्य को अंगीकार करने वाली अनेक प्रतिभाएँ समग्र…

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  • युगतीर्थ शांतिकुंज को उज्जवल भविष्य की गंगोत्री क्यों कहा जाता है?

    वर्तमान में पनपी हुई यां पनप रही दुष्प्रवृत्तियों का निराकरण होना एवं  उनके स्थान पर सत्प्रवृत्तियों का संस्थापन एक बहुत ही बड़ा एवं  महत्वपूर्ण कार्य है। यह एक दोहरा कार्य है,महान परिवर्तन के लिए जहाँ प्रत्यक्ष पुरुषार्थ की आवश्यकता है,वहीँ उसके साथ अदृश्य संकल्प, साहस और दूरदर्शी कौशल भी जुड़ा रहना बहुत आवश्यक है। “विश्वव्यापी…

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  • दिव्य दृष्टि से अदृश्य जगत में झाँका जा सकता है 

    सुप्रसिद्ध फ़्रांसिसी भविष्यवक्ता नोस्ट्राडेमस ने कहा था कि युगसंधि की अवधि में एक नयी अध्यात्मिक चेतना का उदय होगा और सतयुग का श्रीगणेश होगा। महर्षि अरविंद ने सुपरचेतना युक्त विभूतियों की बात की है। विचारों के सामूहिक प्रयास को ही प्रज्ञावतार का अवतरण कहा है। स्वामी विवेकानंद, इजरायल के प्रोफेसर हरार और अमेरिका की जीन…

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