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इक्क्सवीं सदी का धर्म “समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी” का चार चरण वाला युगधर्म ही होगा।
आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शीर्षक देखकर कर प्रश्न कर सकता है कि ऐसा कौन सा व्यक्ति है जिसे “समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी” जैसे शब्दों का ज्ञान नहीं है। इन शब्दों का किताबी ज्ञान तो अनेकों को होगा, प्रचार भी खूब हो रहा है, लेकिन यदि सब कुछ समझ में आ रहा है तो…
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चौथी शक्ति का अभिनव उद्भव अर्थात नया जन्म
आज का ज्ञानप्रसाद लेख एक ऐसी शक्ति का वर्णन कर रहा है जिसे “नवयुग की अधिष्ठात्री” कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। तो आइए गुरुचरणों में समर्पित हो,आज के ज्ञानरूपी अमृत का पयपान करें और जीवन को सफल बनायें। लगभग सभी को निम्नलिखित तीन शक्तियाें की प्रभुता और महत्ता सर्वविदित है: (1) बुद्धिबल, जिसमें…
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अनिश्चतता ही आज के युग की सबसे बड़ी समस्या है
आज का लेख तथ्यों के साथ,ऐतिहासिक प्रमाण दे रहा है कि विनाश और सृजन की प्रक्रिया पौराणिक काल से चली आ रही है। यदि ज्ञानप्रसाद लेख जनसाधारण की मनस्थिति को ठीक राह में चलाने में सफल हो पाएं तो बहुत बड़ी उपलब्धि समझी जानी चाहिए, Misguide करने में,अन्धविश्वास फैलाने में,अंधी गुरुभक्ति का प्रचार करने में…
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