वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • गुरुदेव के “सतयुग की वापसी” का क्या आधार है ?

    वर्तमान लेख श्रृंखला, 36 वर्ष पूर्व (1989–90) गुरुदेव द्वारा रचित “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” पर आधारित है। इस पुस्तकमाला की तीसरी पुस्तक “युग की मांग-प्रतिभा परिष्कार भाग 1” में गुरुदेव ने उस समय, वर्षों पहले लिख दिया था कि हम “संधिकाल” से गुज़र रहे हैं। इस संधिकाल में दो शताब्दियों का मिलन हो रहा है। 20वीं…

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  • युगसृजन के लिए प्रतिभाओं को प्रेरित करता एक लेख

    कहने को तो हमारे गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी केवल पांचवीं कक्षा तक ही स्कूली शिक्षा प्राप्त किये थे लेकिन उनके द्वारा रचित विशाल साहित्य देखकर आँखें खुली की खुली रह जाती हैं।  प्रतिभा जैसे विषय पर (जिससे लगभग सभी पाठक परिचित हैं) एक नहीं दो पुस्तकें लिख कर गुरुदेव ने जो उपकार किया…

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  • प्रतिभा परिवर्धन (Talent development) समझने के लिए एक सरल सा लेख

    Personality development, वर्तमान युग की बहुत बड़ी मांग बन चुकी है,कंपनियों में मैनेजर लेवल के लोगों के लिए कोर्सेज डिज़ाइन किये हुए हैं जिन्हें करना आवश्यक समझा जाता है। कॉलेज, यूनिवर्सिटीज में भी इस कोर्स का बड़ा महत्व है। इसी तरह  Talent development के भी कुछ कोर्स उपलब्ध हैं जिन्हें पर्सनालिटी डेवलपमेंट के साथ ही…

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