वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • शालीनता ही प्रतिभा का आधार है -तीसरी पुस्तक का समापन लेख  

    “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” 23 पुस्तकों का एक ऐसा अद्भुत साहित्य है जिसे पूज्यवर ने स्वयं अपने जीवन भर के “साहित्य का मक्खन” कहा है। उन्होंने कहा है कि मेरे द्वारा रचित विशाल साहित्य न भी पढ़ो तो कोई बात नहीं है लेकिन इस मक्खन को कभी भी मिस न करना।  गुरुदेव के  निर्देश एवं हमारी…

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  • 21वीं सदी प्रतिभावानों का प्ले ग्राउंड है !!

    आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शीर्षक बहुत ही आकर्षक है और उससे भी आकर्षक इसका कंटेंट है जहाँ हम आधुनिक रिसर्च के उदाहरणों से  देखेंगें कि 21वीं सदी, जिसके 26वें वर्ष में से हम इस समय गुज़र रहे हैं, प्रतिभावानों की क्रीड़ास्थली कैसे है।  लेख का शुभारम्भ करने से पहले  पाठकों को बताना अपना कर्तव्य…

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  • उच्चस्तरीय प्रतिभाएं हमारे आस-पास ही हैं

    शुक्रवार वाले लेख में “उच्चस्तरीय प्रतिभाएं कहाँ से आएंगीं ?” पर चर्चा हुई थी, आज चर्चा का विषय है  “उच्चस्तरीय प्रतिभाएं हमारे आस-पास ही हैं”, प्रत्येक पाठक को अपना मूल्यांकन करके समझ जाना चाहिए कि  “हम किसी से कम नहीं।” ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार एक ऐसा मंच है जहाँ असम्भव तो सम्भव करने का जादुई…

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