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क्या दिख रही प्रगति सच में प्रगति ही है ?
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की छठी पुस्तिका “परिवर्तन के महान” है। आज इस पुस्तिका पर आधारित लेख श्रृंखला के दूसरे लेख का अमृतपान करने के लिए साथिओं को सादर निमंत्रण है। सभी जानते हैं कि परिवर्तन एक शाश्वत नियम है, इस तथ्य को कोई भी नकार नहीं सकता। प्रश्न यह उठता है कि एक शताब्दी से…
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“परिवर्तन के महान क्षण” पुस्तिका पर आधरित लेख श्रृंखला का प्रथम लेख
“परिवर्तन के महान क्षण” मात्र 35 पन्नों की एक बहुत ही छोटी सी पुस्तिका है। 23 पुस्तकों के अद्भुत संग्रह “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की यह छठी पुस्तिका है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार ने इन सभी 23 पुस्तकों को,एक-एक करके, एक-एक शब्द को पढ़ कर,समझ कर ज्ञानप्रसाद लेखों के रूप में प्रस्तुत करने का संकल्प लिया…
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एक ही प्रवाह में लिखी गयी थी “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला”
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथिओं को बताना चाहेंगें कि आज का ज्ञानप्रसाद लेख बहुत ही छोटा है लेकिन बहुत ही बड़ा ज्ञान लिए हुए है। 23 पुस्तकों का संग्रह जिसे “क्रांतिधर्मी साहित्य” का टाइटल दिया गया है, आज का लेख इस विषय पर चर्चा कर रहा है कि “एक ही प्रवाह में” लिखे…
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