-
निराशावादिओं (Pessimists) के लिए गुरुदेव का मार्गदर्शन
आज के समय में अधिकतर मनुष्य नकारात्मकता एवं निराशा की बीमारी से ग्रस्त हैं,सभी एक ही धारणा लिए बैठे हैं कि कुछ नहीं हो सकता,सब कुछ ही उल्टा-पुलटा हो चुका है। ऐसी स्थिति में हम किस उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं? क्या गुरुदेव अकेले ही सब कुछ कर लेंगें? अपने अंग-अवयवों को श्रेय…
-
विनाश के लिए दुर्बुद्धि को ही ज़िम्मेदार क्यों न ठहराएं ?
सद्बुद्धि की देवी, माँ गायत्री की उपासना साधक को सन्मार्ग की ओर चलने को प्रेरित करती है, यह एक शाश्वत सत्य है। आज का ज्ञानप्रसाद इतना प्रैक्टिकल है कि इसे समझने में ज़रा भी कठिनाई नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह तो घर-घर की कहानी है,मनुष्य-मनुष्य की कहानी है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर…
-
क्या हम विनाश की ओर बढ़ रहे हैं ?
क्रांतिधर्मी साहित्य की 23 रचनाओं की पुस्तकमाला की दूसरी दिव्य पुस्तक इक्क्सवीं सदी बनाम उज्जवल भविष्य भाग 2 का प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है। आज के लेख को Compile करते हुए जिन अलग-अलग स्रोतों की सहायता ली गयी है उन्हें भी संक्षेप में यथास्थान शामिल किया गया है। आइए ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल…
Latest posts






