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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 9वां ज्ञानप्रसाद लेख: बिल्ली के बच्चे, कबूतर,खरगोश एवं कुत्ते ने माँ का स्नेह पाया
आज का ज्ञानप्रसाद लेख कल वाले लेख की ही एक्सटेंशन है I शब्द सीमा की बेड़ियाँ कहाँ हमें अपने मन की बात लिखने देती हैं। अनेकों बार अपना ह्रदय चीरकर साथिओं के समक्ष रखने का प्रयास किया है लेकिन आज सीधा अपनी माँ के चरणों में समर्पित होकर, कुछ अन्य प्राणियों के प्रति भाव-संवेदना अनुभव…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 8वां ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी द्वारा गाय, वानर सेना एवं तोते के प्रति करूणा दर्शाता एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के लिए हम ऐसी-ऐसी जानकारियां लेकर आ रहे हैं (यां यूँ कहें कि गुरुवर…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 7वां ज्ञानप्रसाद लेख:आंवलखेड़ा-मथुरा में वंदनीय माताजी के आरंभिक दिन
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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