वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • गुरुदेव की उलटे को उल्ट कर सीधा करने की प्रक्रिया

       मनुष्य ने अपनी संकल्पशक्ति एवं ईश्वर की अनंत कृपा से अग्नि के आविष्कार से अपनी जीवन यात्रा का शुभारम्भ किया,आज वोह आकाश को छूने की क्षमता रखता है। जब कोई संतान अति शक्तिशाली हो जाती है,पिता के विचारों का विरोध करना उसकी आदत बन जाती है। स्थिति इस हद तक पंहुच जाती है कि…

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  • क्या इस संसार में सबको सब कुछ मिल जाता है?

    “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य का मक्खन है, स्वाध्याय द्वारा इसी मक्खन को समझकर, चिंतन करके, अन्य स्रोतों से ज्ञान शामिल करके,सरल करके वर्तमान ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किये जा रहे हैं, हमारे साथी इन लेखों को पढ़कर, कमेंट और काउंटर कमेंट से हमारा उत्साहवर्धन कर रहे हैं जिसके लिए हम सभी का…

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  • क्या भगवान की रचना मनुष्य ने की है ?

    “क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” पर आधारित लेख श्रृंखला के अगले लेख को लिखने के लिए जब स्वाध्याय करना शुरू किया तो एक पॉइंट ऐसा आया जिसने हमारी आज की दिशाधारा ही बदल डाली। यह पॉइंट था, “ईश्वर को मनुष्य ने ही बनाया है।” हालाँकि इस पॉइंट में कोई विशेष बात नहीं लगती लेकिन हमारा माथा तो…

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