• गुरुदेव और माताजी केवल कहने मात्र को ही दो हैं।  

    महाशक्ति की लोकयात्रा  योग साधना की परम प्रगाढ़ता में शिव और शक्ति का परस्पर अंतर्मिलन दो रूपों में प्रकट हुआ था। अपने पहले रूप में महायोगिनी माताजी की अंतस्थ कुण्डलिनी महाशक्ति परिपूर्ण जागरण के पश्चात् विभिन्न चक्रों का भेदन और प्रस्फुटन करती हुई सहस्रार में स्थित महाशिव से जा मिली थी। योग साधकों के लिए […]

    Advertisement

    Continue reading


  • युगतीर्थ शांतिकुंज का भूमि चयन एवं मथुरा से विदाई  

    “महाशक्ति के दिव्य साधना स्थल” के रूप में शांतिकुंज के निर्माण की परिकल्पना परमपूज्य गुरुदेव की दूसरी हिमालय यात्रा (1960-61) के समय ही तैयार हो गई थी। उनकी मार्गदर्शक सत्ता ने इसकी आवश्यकता एवं इस तरह के निर्माण की स्पष्ट रूपरेखा से उन्हें इस विशिष्ट अवधि में अवगत करा दिया था। हिमालय की गहनताओं में […]

    Continue reading


  • अपने सहकर्मियों की कलम से -26 नवंबर 2022

    माता भगवती भोजनालय की दिव्यता  सप्ताह में केवल एक बार प्रकाशित होने वाले इस स्पेशल सेगमेंट को बार बार “सबसे लोकप्रिय” सेगमेंट कहा गया है, इसकी लोकप्रियता का मापदंड आपके कमैंट्स, काउंटर कमेंट, अनुभूतियाँ , फ़ोन कॉल्स, व्हाट्सअप मैसेज हैं जिसके लिए हम आपका ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं।  1.हमारा इस सप्ताह का रिपोर्ट कार्ड […]

    Continue reading

Latest posts