-
चार प्रकार की प्रतिभाओं का संक्षेप में वर्णन
“क्रांतिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला” की तीसरी पुस्तक “युग की मांग-प्रतिभा परिष्कार-भाग 1” के पहले ज्ञानप्रसाद लेख का अमृतपान करने के लिए ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा में आपका स्वागत है। 56 पन्नों की इस लघु पुस्तिका को समझाने के लिए गुरुवर ने हम शिष्यों के लिए आरम्भ में ही सारांश प्रकाशित कर दिया…
-
परम पूज्य गुरुदेव के पाँच स्थूल शरीरों का संक्षिप्त सा वर्णन
आज का ज्ञानप्रसाद लेख परम पूज्य गुरुदेव के पांच स्थूल शरीरों का संक्षिप्त सा वर्णन प्रस्तुत कर रहा है। अखंड ज्योति के जुलाई 1997 अंक में प्रकाशित हुए लेख पर आधरित आज के कि लगभग 30 वर्ष में सभी संस्थानों का इतना विकास एवं विस्तार हो चुका है कि क्या कहा जाए। साथिओं से…
-
परम पूज्य गुरुदेव पांच शरीरों से जीते थे-परम वंदनीय माता जी द्वारा दिया गया दिव्य वर्णन
जुलाई 1997 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था “विराट प्रज्ञापुरुष गुरुदेव जिनके पांच स्थूल शरीर अभी भी हमारे बीच हैं।” इन पंक्तियों के लेखक ने मात्र 4 पन्नों के लेख को जब देखा तो उसकी आँखें ही चुंधियाँ सी गयीं। लेख में समाहित अद्भुत,विस्तृत ज्ञान, अनेकों Cross references के बारे…
Latest posts






