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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का तीसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी ने हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को ज्ञानप्रसाद लेखों के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का दूसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का दूसरा लेख प्रस्तुत किया गया है।…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला की प्रस्तावना
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा के समर्पित गुरु शिष्य भलीभांति जानते हैं कि इस मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण, परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। गुरुसत्ता के आशीर्वाद से, उनके मार्गदर्शन में जनवरी 2026 से…
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