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परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का 6वां ज्ञानप्रसाद लेख
March 15,2026 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन्स (विश्व धर्म संसद) में स्वामी विवेकानंद ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार विभिन्न नदियां अलग-अलग रास्तों से निकलकर अंत में समुद्र में मिल जाती हैं, वैसे ही मनुष्य भिन्न-भिन्न मार्गों से उसी ईश्वर की ओर जाते हैं। …
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परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का पाँचवां ज्ञानप्रसाद लेख
March 12,2026 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथी जानते हैं कि वर्ष 2026 में इस मंच के सारे कृत्य त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित होने का संकल्प लिया गया है। इसी संकल्प को सार्थक करने हेतु परम वंदनीय माता जी को समर्पित वर्तमान लेख श्रृंखला का पाँचवां लेख शब्दसीमा एवं लेख के महत्व के…
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परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य, वर्ष 2026 की त्रिवेणी शताब्दी को समर्पित लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख
March 11.2026 अक्सर हम रिपीट करते रहते हैं कि गुरुदेव स्वयं ही हमारी उँगलियों को चला देते हैं और आगे का मार्गदर्शन कर देते हैं। नवंबर-दिसंबर 2022 में “चेतना की शिखर यात्रा एवं महाशक्ति की लोकयात्रा” पुस्तकों पर आधारित कुछ लेख लिखे थे, जब गुरुदेव के मार्गदर्शन का प्रमाण इन लेखों से मिला तो 2026…
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