Month: June 2026
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण को समर्पित 24 जून 2026 का विशेष ज्ञानप्रसाद लेख
आज का ज्ञानप्रसाद लेख 1990 का एक लाइव टेलीकास्ट दिखा रहा है। आज 24 जून 2026, बुधवार वाले दिन दो महान पर्व (गायत्री जयंती और गंगा दशहरा) के साथ ही तीसरा पर्व हमारे गुरुदेव का महाप्रयाण दिवस भी है। इस पावन दिन पर प्रत्येक गायत्री परिजन अति उत्साहित होता है,हर वर्ष, हर कोई बढ़…
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100 वर्षीय पुरातन “अखंड दीप” विवेक की आँख खोलने के लिए स्थापित किया गया था।
अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित तृतीय ज्ञानप्रसाद लेख लगभग 2400 शब्दों का,कल प्रकाशित हुआ ज्ञानप्रसाद लेख “दीपक के प्रकाश” से सम्बंधित था जिसमें प्रकाश का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विश्लेषण किया गया था। इस लेख के प्रकाशन के पीछे मुख्य उद्देश्य था कि पूजास्थली में रोज़ाना प्रज्वलित किये जाने वाले नन्हें से…
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दीप प्रज्वलन में छिपा है अद्भुत विज्ञान एवं अध्यात्म
22 जून 2026 का ज्ञानप्रसाद आज प्रस्तुत किया गया ज्ञानप्रसाद इस समय चल रही लेख श्रृंखला से थोड़ा हटकर तो है लेकिन इसे लिखने की प्रेरणा भी वर्तमान लेख श्रृंखला से ही प्राप्त हुई हुई है। अखंड दीप,दीप प्रजव्लन,दीप प्रज्वलन से प्राप्त होने वाली अदृश्य ऊर्जा, दीप प्रज्वलन से मिलने वाला मार्गदर्शन, दीप प्रज्वलन के…
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अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित द्वितीय ज्ञानप्रसाद लेख- आदरणीय चंद्रेश जी के सहयोग से
आज के ज्ञानप्रसाद लेख के लिए यदि कहा जाए कि यह लेख आदरणीय डॉ चंद्रेश बहादुर जी का ही लेख है तो शायद गलत न हो। लेख में प्रस्तुत किया गया, दो भागों का कंटेंट कल ही चंद्रेश जी ने हमें व्हाट्सप्प पर भेजा था। पहले भाग में ScoopWhoop मीडिया में 9 सितम्बर 2022 में…
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अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित प्रथम ज्ञानप्रसाद लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक सदस्य भलीभांति परिचित है कि वर्ष 2026 त्रिवेणी शताब्दी लेकर आया है। परम वंदनीय माता जी का अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य के वर्ष 2026 में 100 वर्ष पूरे होना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है। इसी सौभाग्य को मनाते हुए हमने…
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शंख का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक पक्ष
17 जून 2026 का ज्ञानप्रसाद हमारी सबकी आदरणीय बहिन सुमनलता जी ने ओंकार (ॐ) की महिमा पर आधारित ज्ञानप्रसाद लेख पर कमेंट किया कि शंखनाद की ध्वनि ॐ से मिलती जुलती है। हमें तो इस तथ्य का न तो कोई ज्ञान था एवं न ही कोई अनुभव। कमेंट देखते ही हमने जिज्ञासावश अपनी रिसर्च शुरू…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 12वां लेख-गायत्री मंत्र फलीभूत क्यों नहीं होता ?
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले तीन सप्ताह से हमने इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास किया, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया गया। 16…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 11वां लेख-अमृत,पारस,कामधेनु और कल्पवृक्ष की लॉजिकल चर्चा
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
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आदरणीय चिन्मय जी से मिलना बिलकुल अविश्वसनीय,आश्चर्यजनक किन्तु सत्य रहा
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का एक-एक साथी जानता है कि हर महीने के अंतिम शनिवार को छोड़ कर बाकि के सभी शनिवारों को इस मंच से स्पेशल सेगमेंट प्रस्तुत किये जाते हैं जिसमें पूरे का पूरा योगदान इस परिवार के समर्पित साथिओं का ही होता है, कोई अपने घर में हो रहे यज्ञ की बात…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 10 वां लेख-गायत्री मंत्र के द्वितीय (भर्गो देवस्य धीमहि)एवं तृतीय चरण (धियो यो नः प्रचोदयात) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 9वां लेख-गायत्री मंत्र के प्रथम चरण (तत्सवितुर्वरेण्यं) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि पिछले कुछ दिनों से हम इस पुस्तक के ज्ञान को समझने का प्रयास कर रहे हैं, ऑनलाइन सोर्सेज,साथिओं से प्राप्त हुए ज्ञान से, पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने का प्रयास किया…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 8वां लेख-गायत्री मंत्र के पहले चार शब्दों (ॐ,भूः,भुवः, स्वः) की अति सरल व्याख्या।
“यज्ञ पिता-गायत्री माता”, गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत शर्मा जी के जिज्ञासा भरे प्रश्नों के उत्तरों का समावेश है। हमारा सौभाग्य है कि आदरणीय संध्या बहिन जी की पहल से इस पुस्तक के एक-एक शब्द को समझने की प्रेरणा मिली, बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। आज के ज्ञानप्रसाद लेख में गायत्री मंत्र के प्रथम चार…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 7वां लेख-गायत्री उपासना से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है लेकिन शर्त केवल एक ही है !!
हमारी आदरणीय बहिन संध्या कुमार जी ने “यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक का स्वाध्याय किया,100 पृष्ठों के ज्ञान को कुछ ही पन्नों में Summarize किया, इस Summarized कंटेंट पर चार ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत किये गए लेकिन पुस्तक के 27 चैप्टर बार-बार कह रहे थे कि यह अति उत्कृष्ट ज्ञान है, इसे पूरे विस्तार से समझना चाहिए।…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का 6वां लेख-गायत्री मंत्र के ज्ञान पक्ष की अति सरल व्याख्या,दूसरा एवं समापन भाग
वर्तमान लेख श्रृंखला में गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक एवं ज्ञान पक्ष को समझने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यदि किसी ज्ञान का समझ कर अभ्यास किया जाए तो परिणाम अनेकों गुना होता है। गायत्री साधना के वैज्ञानिक पक्ष पर की गयी चर्चा पाठकों को इतनी पसंद आई कि इन पंक्तियों के लिखने समय…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का पांचवां लेख-गायत्री मंत्र के ज्ञान पक्ष की अति सरल व्याख्या,पहला भाग
सभी साथिओं को हम ह्रदय से बधाई देते हैं कि कल वाले लेख को फेसबुक पर 35000 लोगों ने देखा और 115 लोगों ने कमेंट किए। परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचा गया दिव्य साहित्य इतना विस्तृत है कि उसे समझने और स्वाध्याय के लिए अनेकों जन्म चाहिए। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का सदैव प्रयास रहता…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का चौथा लेख- गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक पक्ष पर कुछ और बेसिक जानकारी
आज के लेख में गायत्री मंत्र के “ज्ञान पक्ष” और “विज्ञान पक्ष” के अंतर् को समझने का प्रयास किया गया। इस अंतर् को समझने के लिए, सरल बनाने के लिए, जिन-जिन रिसर्च पेपर्स की सहायता ली गयी है उनका विवरण देना हमारे लिए असंभव है। उद्देश्य केवल एक ही है: गायत्री उपसना समझ कर की…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का तीसरा लेख- गायत्री मंत्र का अति सरल विज्ञान
कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में जानने और समझने के लिए इतना कुछ था कि ज्ञान के भवंडर से निकलना कठिन हो सकता था लेकिन हमारे अनेकों साथिओं ने कमेंट करके अद्भुत ज्ञान को और भी सरल बना दिया। ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं। विज्ञान के विद्यार्थी होने के कारण बार-बार यही जिज्ञासा उठती रहती…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का दूसरा लेख- “त्रिपदा गायत्री” को समझने का अति सरल प्रयास
आज के ज्ञानप्रसाद लेख में यथासंभव प्रयास करके “बहुचर्चित त्रिपदा गायत्री” के अर्थ को समझने का प्रयास किया गया है। यह एक ऐसा फ़िलॉसफिकल लेख है जिसे समझने के लिए कई प्रकार के ज्ञान की आवश्यकता है। लेख को समझने के लिए इसकी पृष्ठभूमि समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है। परम पूज्य गुरुदेव एवं पंडित लीलापत…