Month: May 2026
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का “अपने साथिओं से अपनी बात” का 30 मई 2026 का विशेष सेगमेंट– हमारे जीवन के अंतरंग पहलू
जब भी हम माह के अंतिम शनिवार को “अपने साथिओं से अपनी बात” के इस विशेष सेगमेंट को लिखने बैठते हैं तो जो हमने सोचा होता है अधिकतर बदल ही जाता है। पूरा माह हम जब-जब,जैसे-जैसे जो-जो विचार आते जाते हैं उन्हें अपनी फाइल में बनाए स्पेशल पृष्ठ पर लिखते रहते हैं। यह विचार कहीं…
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परम पूज्य गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष को समर्पित एक दिव्य लेख श्रृंखला का प्रथम लेख- सद्बुद्धि की देवी गायत्री को माँ क्यों कहा जाता है
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं ने आज के लेख का शीर्षक नोटिस कर लिया होगा, जो पिछले चार लेखों से अलग है। इस बदलाव के कारण जहाँ हम आदरणीय संध्या बहिन जी से क्षमाप्रार्थी हैं वहीँ उनका ह्रदय से आभार भी व्यक्त करते हैं कि “यज्ञ पिता-गायत्री माता” पुस्तक से परिचय हो पाया। इस…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी ने हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को ज्ञानप्रसाद लेखों के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का तीसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी ने हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को ज्ञानप्रसाद लेखों के माध्यम से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला का दूसरा लेख
गुरुदेव की अदुभुत रचना “यज्ञ पिता-गायत्री माता” में समाहित अद्भुत ज्ञान का स्वध्याय करके आदरणीय संध्या बहिन जी हम सबके लिए 100 पन्नों के ज्ञान का निचोड़ 20 पन्नों में प्रस्तुत किया है। इसी संक्षिप्त ज्ञान को परिवार के मंच पर प्रस्तुत किया गया है। आज इस श्रृंखला का दूसरा लेख प्रस्तुत किया गया है।…
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त्रिवेणी शताब्दी में लिए गए संकल्प से ब्रेक लेकर आद संध्या जी द्वारा प्रस्तुत किये गये कंटेंट पर आधारित लेख श्रृंखला की प्रस्तावना
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के गुरुकुल की गुरुकक्षा के समर्पित गुरु शिष्य भलीभांति जानते हैं कि इस मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण, परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। गुरुसत्ता के आशीर्वाद से, उनके मार्गदर्शन में जनवरी 2026 से…
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22 मई 2026:ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार द्वारा लिए गए एक वर्षीय संकल्प के 33% भाग का Wrap up
आज की प्रस्तुति ज्ञानप्रसाद लेख न होकर मात्र एक जानकारी ही है। कल जब आदरणीय चंद्रेश जी ने आज प्रस्तुत होने वाले ज्ञानप्रसाद के बारे में जिज्ञासा प्रकट की तो उस समय हमारे मन-मस्तिष्क में कुछ ऐसे ही विचार दौड़ रहे थे कि Wrap up को कुछ ऐसे तरीके से प्रकाशित किया जाए कि इस…
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वंदनीय माताजी की जन्म शताब्दी को समर्पित वर्तमान लेख श्रृंखला का 14वां एवं अंतिम ज्ञानप्रसाद लेख: हमारी माँ कह रही है, यह श्रेय लेने का समय है,बार-बार नहीं आएगा।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परम वंदनीय माता जी के अवतरण, परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। अगस्त 1994 की अखंड ज्योति में प्रकाशित लेख, “एक माँ की अंतः वेदना एवं अपेक्षा भरी गुहार” से प्रभावित होकर कल एक…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 13वां ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव के रिजर्व बैंक में कहीं कोई कमी नहीं रही।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। पिछले कल प्रस्तुत किया गया 12वां ज्ञानप्रसाद लेख “मातृशक्ति विशेषांक पर आधारित” लेख श्रृंखला का समापन लेख था।…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 11वां ज्ञानप्रसाद लेख: गुरुदेव माताजी के बारे में क्या कह रहे हैं?
आज के ज्ञानप्रसाद लेख के साथ 3 स्लाइड्स अटैच की गयी हैं जिनमें लेख के कंटेंट को चीटशीट की भांति दिखाया गया है। प्रयास करेंगें की आने वाले दिव्य संदेशों में इन चीटशीट को शामिल किया जाये। शब्द सीमा के कारण आज सीधा लेख की और ही रुख करना होगा। ****************** गुरुदेव के जीवन में…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 12वां ज्ञानप्रसाद लेख: परम पूज्य गुरुदेव ने माताजी को “महाकाल की सहचर महाकाली के रूप” की उपमा दी
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 10वां ज्ञानप्रसाद लेख: हमारी माँ, वन्दनीय माताजी साक्षात् अन्नपूर्णा थीं/हैं
शब्द सीमा की बेड़ियाँ आज भी ज्ञानप्रसाद लेख सम्बन्धी Opening remarks/भूमिका/Main points आदि लिखने को रोके बैठी हैं। बस इतना ही कहकर आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ करेंगें कि यह समय है नींद से उठने का, अपनी माँ, माता भगवती देवी शर्मा जी की शक्ति को पहचानने का, समझने का एवं औरों को बताने…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 9वां ज्ञानप्रसाद लेख: बिल्ली के बच्चे, कबूतर,खरगोश एवं कुत्ते ने माँ का स्नेह पाया
आज का ज्ञानप्रसाद लेख कल वाले लेख की ही एक्सटेंशन है I शब्द सीमा की बेड़ियाँ कहाँ हमें अपने मन की बात लिखने देती हैं। अनेकों बार अपना ह्रदय चीरकर साथिओं के समक्ष रखने का प्रयास किया है लेकिन आज सीधा अपनी माँ के चरणों में समर्पित होकर, कुछ अन्य प्राणियों के प्रति भाव-संवेदना अनुभव…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 8वां ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी द्वारा गाय, वानर सेना एवं तोते के प्रति करूणा दर्शाता एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के लिए हम ऐसी-ऐसी जानकारियां लेकर आ रहे हैं (यां यूँ कहें कि गुरुवर…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 7वां ज्ञानप्रसाद लेख:आंवलखेड़ा-मथुरा में वंदनीय माताजी के आरंभिक दिन
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 6वां ज्ञानप्रसाद लेख: मातृदिवस को समर्पित “नारी जागरण अभियान” पर एक दिव्य लेख
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का 5वां ज्ञानप्रसाद लेख: गायत्री परिवार का प्रथम महिला मंडल
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का चौथा ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी समर्पण,निष्ठा एवं श्रद्धा के लिए कह रही हैं।
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का तीसरा ज्ञानप्रसाद लेख: वंदनीय माताजी के उद्बोधन से कुछ और शिक्षाप्रद ज्ञान
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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वर्ष 2026 की “त्रिवेणी शताब्दी” को समर्पित एक और लेख श्रृंखला का दूसरा ज्ञानप्रसाद लेख: मातृवाणी में बोओ और काटो का सिद्धांत
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत परम वंदनीय माता जी के अवतरण,परम पूज्य गुरुदेव की साधना एवं अखंड दीप के प्राकट्य की तीन शताब्दिओं को समर्पित ज्ञानप्रसाद लिखे जा रहे हैं। वर्तमान लेख श्रृंखला का आधार अखंड ज्योति का फरवरी 1995 का “मातृस्मृति विशेषांक” है जिसमें अनेकों उत्कृष्ट लेख…
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2 मई 2026 का “सहकर्मीओं के योगदान” को दर्शाता स्पेशल सेगमेंट
मई 2026 का प्रथम शनिवार, हर बार की भांति आज एक बार फिर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण बातें लेकर उपस्थित है। नए साथी अनवरत आते रहते हैं, पुराने साथी छोड़ कर जाते रहते हैं: परिवर्तन सृष्टि का शाश्वत नियम है, इसे कोई भी नकार नहीं सकता। इसीलिए हर बार शनिवार के…