Life can be difficult with bad health. Learn how to stay healthy today

अपने सहकर्मियों की कलम से: 19 जून, 2022

एक बार फिर हम अपने सहकर्मियों के समक्ष यह स्पेशल सेगमेंट लेकर प्रस्तुत हुए हैं। इस बार यह सेगमेंट शनिवार के बजाय रविवार को प्रस्तुत किया जा रहा है। कल रात वाले शुभरात्रि सन्देश में हमने कहा था कि इस बदलाव का कारण स्पेशल सेगमेंट ही बताएंगें। तो यह है कारण: ज्ञानयज्ञ का flow बने होने के कारण इस सप्ताह हमने 4 के बजाय 5 ज्ञानप्रसाद प्रकाशित किये और छटे दिन प्रेरणा बिटिया की वीडियो थी। हमारे सहकर्मी अपनी जो कोई भी गतिविधियां हमें भेजते हैं उन्हें प्रकाशित करना हमारा धर्म और कर्तव्य है चाहे वह कितनी भी छोटी ही क्यों न हों। सभी गुरुकार्य से ही सम्बंधित होती हैं,लेकिन कुछ एक जिनमें परिवार में आए ख़ुशी के क्षण शामिल होते हैं वह भी इस सेगमेंट में शामिल करते हैं। कई बार तो कंटेंट इतना अधिक हो जाता है कि उसे अगले सप्ताह के लिए रख लिया जाता है जैसे पिछली बार किया था।आज वहीँ से आरम्भ करेंगें जहाँ छोड़ा था और आज भी कुछ छूट ही जायेगा। हम सभी जानते हैं की यह सेगमेंट सप्ताह की अन्य गतिविधियों से थोड़ा हटकर होता है, एक ऐसा सेगमेंट जिसमें सारे का सारा योगदान हमारे सहकर्मियों का ही होता है। इसीलिए इस सेगमेंट के साथ स्पेशल यानी विशेष का विशेषण लगा होता है। किसी भी सहकर्मी की कोई भी प्रतिभा, कोई भी गतिविधि इस सेगमेंट में प्रोत्साहित करते हुए प्रकाशित की जाती है। कई बार अपने सहकर्मियों के कमेंट इतना ज्ञानवर्धक होते हैं कि पढ़ते-पढ़ते हम भावना में बह जाने के कारण उनका इस सेगमेंट के लिए चयन करके रिज़र्व रख देते हैं और समय-समय पर प्रकाशित करते हैं। इस प्रकाशन का उद्देश्य दूसरों को प्रोत्साहित करना है ताकि जो लोग “जय गुरुदेव” और “इमोजी” लिख कर अपना कार्य पूर्ण हुआ समझते हैं, थोड़ा और समय निकालें और अपने गुरु के प्रति अपनी भावना व्यक्त करें ,अपना समर्पण व्यक्त करें,गुरु भक्ति व्यक्त करें। हम यह कभी नहीं कहेंगें कि इस प्रकार के लोगों की श्रद्धा गुरु के प्रति कोई कम होगी लेकिन आपको अपनी भावना व्यक्त करने का सुनहरी अवसर मिल रहा है। अक्सर देखा गया है कि हर कोई यही कहता पाया गया है कि “हमारे पास समय नहीं है। ” गुरुदेव ने हमें डाँटते हुए हज़ारों पर कहा है यह कोरी बहानेबाज़ी है। गुरुदेव के ही शब्दों में कहा जा सकता है कि

“रोज़ कुआँ खोदने वाले भी यदि आदर्शवादिता को अपना सकें तो आठ घंटा कमाने के लिए ,सात घंटा सोने के लिए और पांच घंटा घर के कार्यों के लिए लगाए जाएँ तो 20 घंटे बनते हैं ,फिर भी हमारे पास 4 घंटे बिना किसी कठिनाई के युग धर्म के लिए नियमित रूप से लगा सकते हैं। रिटायर्ड लोगों के लिए तो यह टाईमटेबल और भी सरल है। रिटायर्ड जीवन  पोतों पोतियों की टट्टी धोते रहना, पुत्रवधु की गलियां खाते  रहना ही जीवन नहीं है, वह चाहें तो वानप्रस्थ परम्परा अपनाकर युग निर्माण में योगदान दे सकते हैं। दुनियादारी तो एक ऐसा दलदल है जिसमें हम न चाहते हुए भी धंसे जाते हैं।”

इस सप्ताह में इतना कुछ है कि point wise ही लिखना पड़ेगा। 

तो आइये हम अपनेआप से ही  आरम्भ करते हैं :

1.ऑनलाइन ज्ञानरथ के प्रत्येक सदस्य के   लिए बहुत ही गर्व और  प्रसन्नता की बात है शांतिकुंज के वरिष्ठ एवं आदरणीय जीवनदानी डॉक्टर ओ पी शर्मा जी ने कर वीडियो कॉल  करके हमारे, आप सबके कार्य की सराहना की है।  लगभग 20 मिंट कॉल होती रही लेकिन सबसे हैरानी वाली बात तो यह थी कि उन्होंने ज्ञानप्रसाद के रिस्पांस में दिए गए बहुत सारे कमेंट भी पढ़े हुए थे। युवा वर्ग के  issue की चर्चा  हमने उनके  साथ भी की और उनका मार्गदर्शन था कि बच्चों को गुरुदेव का साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाये और गुरुदेव के बारे में बताया जाये। एक बात और जो आप सबके साथ शेयर  करने योग्य है वह है कि गुरुदेव के साथ अपनी अनुभूतियों पर आधारित उन्होंने “अज्ञात की अनुभूति” शीर्षक से  एक पुस्तक प्रकाशित की है जिसकी पीडीऍफ़ कॉपी हमें भेज देंगें। इस पुस्तक का कंटेंट भी हम आपसे शेयर करेंगें। 

2.दूसरी प्रसन्नता की बात है कि  यहाँ कनाडा में मिनी शांतिकुंज का विकास किया जा रहा है। शांतिवन नामक इस तीर्थ के भूमि पूजन के लिए आदरणीय चिन्मय भाई साहिब 24 जुलाई को यहाँ आ रहे हैं। हम उनके दिव्य दर्शन के लिए बहुत ही उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। आदरणीय प्रोफेसर त्रिपाठी जी और  ओमकार पाटीदार जी पहले  से ही न्यूयोर्क में आ चुके हैं और कई आयोजन हो चुके हैं। त्रिपाठी जी ने यह सूचना हमें भेजी थी।  शांतिवन में हमारा एक बार जाना संभव हो चुका है।  

3.  तीसरी प्रसन्नता की बात है कि हमारे अति समर्पित सहकर्मी आदरणीय सरविन्द पाल जी ने  मीरा देवी जी के साथ  विवाह के 24 वर्ष 17 जून को पूर्ण किये।  हमने तो उन्हें शुभकामना भेज दीं  थी, अब समय है परिवार की सामूहिक शुभकामना भेजने का। इस परिवार में एक और प्रसन्नता की बात है कि सरविन्द जी के बेटे आयुष और बेटी अनुराधा दोनों परीक्षा में बहुत ही अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होकर अगली श्रेणियों में गए हैं ,इसके लिए भी  परिवार की सामूहिक बधाई एवं  आशीर्वाद। 

4. चौथी बात जो पिछली बार शब्द सीमा के कारण स्थगित करनी पड़ी थी वह है आदरणीय कुसुम त्रिपाठी बहिन जी द्वारा शेयर  की गयी 12 वर्षीय बच्चे की पिक्चर  जिसने दीक्षा ली और और हर बात को बड़ी अच्छी तरह से आत्मसात किया।  यही है नवयुग का आगमन। साथ में ही बहिन जी ने  बनारस में अपनी बेटी करिश्मा के जन्म दिन पर दीप यज्ञ करवया जिसकी फोटो आपके समक्ष है। 

5. पांचवीं बात जो पिछली बात छूट गयी थी है कि आदरणीय राजकुमारी कौरव बहिन जी  मां नर्मदा के पवित्र पावन तट पर स्थित गायत्री शक्तिपीठ बरमान में गायत्री महायज्ञ एवं मां गंगा और नर्मदा का पूजन कर पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण दिवस पर संकल्प रूपी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।और वृक्षारोपण भी किया। यह जानकारी भी शब्द सीमा के कारण प्रकाशित न हो सकी जिसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं। बहिन जी के जीवनसाथी आदरणीय राम नारायण कौरव जी के बारे में भी बहुत ही प्रेरणादायक और अनुकरणीय बात है जिसे हम अगले  सप्ताह के एपिसोड के लिए रिज़र्व रख रहे हैं , बिना किसी शंका के  हम कह सकते  हैं कि रामनारायण जी का यह पुरषार्थ गुरुकार्य में बहुत बड़ा योगदान है।

6. छठी बात है हमारी सहकर्मी आदरणीय प्रेमशीला मिश्रा जी की बेटी के घर पुत्ररत्न का आगमन।  परिवार की तरफ से उन्हें हमारी ह्रदय से बधाई एवं शुभकामना।

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अब आता है कमैंट्स वाला सेक्शन:

उषा निगम जी एक वरिष्ठ सहकर्मी जिन्होंने ऑनलाइन ज्ञानरथ प्लेटफॉर्म पर कमेंट किया था उस कमेंट को  हम आपके साथ शेयर  कर रहे हैं। यह कमेंट अवश्य  ही हम सबको मार्दर्शन देने में सहायक होगा। 

कमेंट: जय गुरुदेव एवं माताजी को शत शत नमन गुरुदेव के महाप्रयाण दिवस पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और गायत्री जयंती पर सबको उनका आशीर्वाद प्राप्त करें मैं कई अनुष्ठान कर चुकी हूं एवं 16 लाख का मंत्र लेखन किया है प्रमाण पत्र भी मथुरा से प्राप्त हुआ है मैंने माताजी से 35 वर्ष पूर्व गुरु दीक्षा ली एवं नियमित रूप से मंत्र लेखन करती हैं मेरी उम्र 75 वर्ष गुरुजी का आशीर्वाद

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रेणु श्रीवास्तव बहिन जी का प्रेरणादायक कमेंट  जो पिछले सेगमेंट में शब्द सीमा के कारण प्रकाशित न हो पाया था ,आज प्रकाशित कर रहे हैं।

कमेंट: 

ऊँ श्री गुरुसत्तायै नमः।सभी सहयोगियों को सादर नमन।सर्व प्रथम हर  पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हर वर्ष पर्यावरण दिवस यह याद दिलाने के लिये मनाया जाता है कि हम इसकी रक्षा करें।पेड़-पौधे लगायें अन्यथा प्राकृतिक आपदा के शिकार होंगे।give n take का सिद्धान्त सभी जगह लागू होना  चाहिए ।अतः वृक्षारोपण और प्राकृतिक संपदाओं की रक्षा करना और सुरक्षित रखना हमारा परम कर्तव्य है।

गुरुदेव का गायत्री नगर की स्थापना का उदेश्य “धरती पर स्वर्ग” का  एक छोटा रूप स्थापित करना था । नव निर्माण मिशन का मुख्य उदेश्य धरती पर स्वर्ग का अवतरण और मनुष्य में देवत्व का उदय था ।पर उदघोष से न धरती पर स्वर्ग आयेगा और न मनुष्य में देवत्व। गुरुदेव ने इसीलिये  विश्वव्यापी अखिल  विश्व गायत्री परिवार की नींव रखी , संस्कार और अच्छाईयों का बीजारोपण करने की चेष्टा की।समय दानियों,जीवन  दानियों का आह्वान किया। यह कहा जाता है कि Rome was not built in a day.जन-जन के विचारों में परिवर्तन लाना सिर्फ कागजों के माघ्यम से संभव नहीं हो सकता।इसके लिये सशक्त पुरुषार्थ की आवश्यकता थी।लोगों में जागरुकता लाना,गुरुदेव के विचारों को उनके साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना तथा प्रेरित करना बहुत बृहत् कार्य था।आज हमारा गायत्री परिवार विश्व के कोने -कोने में फैला है और निरंतर प्रयासरत है।गुरुदेव ने गायत्री नगर में निवास करने वालों के लिये एक सिलेवस तैयार किया।इस योजना के तथ्य ने हर विचारवान को प्रभावित और प्रेरित किया।

विचारों का बीजारोपण की शुरुआत तो हो गया पर उसके लिये उपयुक्त वातावरण बनाना , समय- समय पर खाद-पानी तथा गुराई की भी आवश्यकता होती है तभी पौधा विकसित होगा। इसके लिये सतत प्रयत्नशील रहना है। विचार रुपी ज्ञान को गुरुदेव के साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना है जिसे हम जन क्रान्ति कह सकते हैं।

पर्यावरण हमारी प्राकृतिक सम्पदा है इसे संजोकर रखना हमारा परम कर्तव्य है।अतः जहाँ संभव हो वृक्ष-पौधे लगायें औरों को भी प्रेरित करें।

सहयोगियों से आग्रह है कि थोड़ा समय निकाल कर counter comment कर सकें तो औरों का  मनोबल बढाने का कार्य करें तो उत्तम होगा। सभी सहयोगियों को प्रात:नमन एवं हार्दिक धन्यवाद।आप सभी का दिन मंगल मय हो, इसी कामना के साथ लेखनी को विराम देती हूँ।जय माँ गायत्री।

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18   जून 2022 को  प्रेरणा बिटिया द्वारा प्रकाशित ऑडियो बुक के अमृतपान की 24 आहुति  संकल्प सूची :

(1) संध्या कुमार-30, (2) सुधा बर्णवाल-24, (3 )रेणु श्रीवास्तव-31,(4)सरविन्द कुमार- 24,(5) प्रशांत सिंह -24 

रेणु श्रीवास्तव  जी 31 अंक प्राप्त करते हुए गोल्ड मैडल विजेता घोषित किये जाते हैं, उनको हमारी व्यक्तिगत और परिवार की सामूहिक बधाई। सभी सहकर्मी अपनी-अपनी समर्था और समय के अनुसार expectation से ऊपर ही कार्य कर रहे हैं जिन्हे हम हृदय से नमन करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। धन्यवाद्

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कल सोमवार को अवकाश रहेगा और अगला ज्ञानप्रसाद मंगलवार की मंगलवेला में ही होगा। हाँ रविवार  रात को शुभरात्रि  सन्देश अवश्य पोस्ट करेंगें। जय गुरुदेव 


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