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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला दूसरा Full length लेख
12 दिसंबर 2024- स्रोत पत्र पाथेय वर्तमान शृंखला में सोमवार को जब पहला अंक प्रकाशित किया गया था तो आदरणीय वंदना बहिन जी ने आशीर्वाद एवं शुभकामना दी थी कि कमैंट्स के प्रति किया जाने वाला यह “प्रयोग” भी सफल होगा। 808 कमैंट्स और 24 से अधिक आहुतियां प्रदान करने वाले 14 संकल्पधारिओं को देखकर…
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व-पार्ट 3
27 नवंबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद नाभि और नाभिचक्र की महत्ता का वर्णन करते आज के ज्ञानप्रसाद का शुभारम्भ करने से पहले परम पूज्य गुरुदेव एवं अनेकों समर्पित बच्चों का धन्यवाद् करना चाहेंगें जो हमारी सर्जरी को लेकर अनवरत भांति-भांति के शुभकामना सन्देश पोस्ट कर रहे हैं। सभी के प्रति यही कह सकते हैं कि…
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व-पार्ट 2
26 नवंबर 2024, मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख माह के अंतिम शनिवार को प्रकाशित होने वाले विशेषांक का कुछ अंश लिए हुए है। ह्रदय में उठ रही भावनाओं को दिसंबर माह के अंतिम शनिवार तक पोस्टपोन करना कुछ अनुचित लग रहा है, वैसे भी नाभि पर आधारित चल रही लेख श्रृंखला कल तक…
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व -पार्ट 1
25 नवंबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के संकल्पित साथी इस तथ्य से भलीभांति अवगत हैं कि इस परिवार में सोमवार का दिन एक अद्भुत सौभाग्य लेकर आता है। सप्ताह का प्रथम दिन होने के कारण और रविवार की छुट्टी होने के कारण, इस दिन सभी साथी, परम पूज्य गुरुदेव के बच्चे…
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23 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 3 (समापन पार्ट)
21 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “हमारा धन्यवाद् स्वीकार कीजिये” शीर्षक से दिसंबर 1940 की अखंड ज्योति में प्रकाशित एक छोटे से, केवल 4 पन्नों के लेख को समझने के लिए भांति-भांति के उदाहरण देते हुए, वीडियोस का सहारा लेते हुए, क्रॉस रेफरेन्स को शामिल करते हुए आज इस समापन लेख को प्रस्तुत करते हुए हमारी …
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 2
20 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “हमारा धन्यवाद् स्वीकार कीजिये” शीर्षक से दिसंबर 1940 की अखंड ज्योति में प्रकाशित एक छोटे से, केवल 4 पन्नों के लेख को समझने के लिए भांति-भांति के उदाहरण देते हुए, वीडियोस का सहारा लेते हुए, क्रॉस रेफरेन्स को शामिल करते हुए हमने चार दिन एक ऐसा प्रयास किया कि प्यासी…
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 1
19 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “जब तक मेरे भीतर रक्त की अंतिम बूँद, प्राण का अंतिम भाग और जीवन का अंतिम क्षण है तब तक मैं भारत और भारतीय संस्कृति की सेवा करता रहूँगा और आध्यात्मिक पत्रकारिता मेरे माध्यम से नए आयाम प्राप्त करेगी।”, परम पूज्य गुरुदेव का यह दिव्य सन्देश आदरणीय हनुमान प्रसाद पोद्दार…
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अखंड ज्योति के “प्रथम वर्ष की यात्रा” लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि।
18 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है, भगवान शिव को समर्पित “जय शिव ओंकारा” से गुरुकुल की आज की आध्यात्मिक गुरुकक्षा का शुभारम्भ होना एक पावन सौभाग्य है। आज के लेख का शुभारम्भ करने से पहले साथिओं के साथ शेयर करना चाहेंगें कि यूट्यूब की टेक्निकल टीम से “शुक्रवार को…
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16 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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सच्ची साधना से माँ गायत्री से वार्तालाप भी संभव है।
14 नवंबर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद- गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” इस सप्ताह का चौथा एवं अंतिम ज्ञानप्रसाद माँ गायत्री से वार्तालाप करवा रहा है। आज का ज्ञानप्रसाद लेख परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” पर आधारित है। सच्ची साधना द्वारा माँ गायत्री से…
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गायत्री मंत्र लेखन-एक महान साधना -पार्ट 2
13 नवंबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद – गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” पर आधारित दो भागों की लेख श्रृंखला का यह दूसरा एवं अंतिम भाग है। हमारे अथक प्रयास के बावजूद ओरिजिनल कंटेंट में Repetition को टालना असंभव ही…
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गायत्री मंत्र लेखन-एक महान साधना -पार्ट 1
12 नवंबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” एवं ऑनलाइन रिसर्च पर आधारित है। लेख को सरल बनाने के लिए ओरिजिनल रचना में दिए गए दिव्य संस्कृत श्लोकों को डिलीट किया…
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“अपने सहकर्मियों की कलम से” विशेषांक का एक दिन के लिए एक्सटेंशन
11 नवंबर 2024 आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है और इस दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अधिकतर गुरुदेव द्वारा रचित दिव्य साहित्य की लेख शृंखला का शुभारम्भ होता है। अपने समर्पित, श्रद्धावान एवं अति सम्मानीय साथिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि आज केवल एक दिन के लिए शनिवार वाले विशेषांक को…
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9 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
9 नवंबर, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं,…
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आत्मबोध के लिए बहुत आवश्यक है एकान्त सेवन
7 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद- एकान्त सेवन आज का ज्ञानप्रसाद लेख अखंड ज्योति जून 1940 के उस लेख पर आधारित है जो न जाने कितनों को आत्मबोध, आत्मज्ञान एवं जाग्रति का पाठ पढ़ा चुका है और कितने ही पदार्थवाद, भौतिकवाद,मोहमाया के बंधनों से मुक्ति पाकर जीवन की वास्तविकता को स्वीकार कर चुके हैं। गुरुदेव इस…
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ईश्वर हमारे सबसे घनिष्ट मित्र हैं
6 नवंबर 2024,बुधवार का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद भी शृंखला न होकर आज ही समापन होने वाला लेख है। प्रस्तुत लेख इतना सरल है कि इसके लिए कोई भी भूमिका आदि की आवश्यकता भी नहीं दिख रही, सब कुछ क्लियर/स्पष्ट दिख रहा है, लेकिन फिर भी हमारे अंतःकरण में उठ रही दो बातें शेयर कर…
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आइये मस्तिष्करूपी रेडियो से विचारक्रांति को गति दें
5 नवंबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- जीता जागता रेडियो अपने कथन के अनुसार आजकल के ज्ञानप्रसाद लेख किसी लेख-श्रृंखला के न होकर छोटे-छोटे एक ही दिन में समापन होने वाली प्रस्तुतियां हैं। यह वोह लेख हैं जिन्हें हमारी लाइब्रेरी में सेव किया हुआ है एवं जिन्होंने हमें बहुत ही प्रभावित किया है। आज प्रस्तुत गए…
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आदरणीय सुजाता बहिन जी की जिज्ञासा का आंशिक समाधान
4 नवंबर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति जनवरी 1976 30 अक्टूबर वाले ज्ञानप्रसाद के सन्दर्भ में हमारी आद सुजाता बहिन जी ने “कारण शरीर के केंद्र” के प्रति जिज्ञासा व्यक्त की थी। उन्होंने दो वीडियोस भी भेजी थीं, एक में कारण शरीर का स्थान “ह्रदय चक्” और दूसरी में “मस्तिष्क चक्र” बताया गया…
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2 नवंबर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आज नवंबर माह का पहला शनिवार है, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमारे अधिकतर साथी दिवाली एवं उससे सम्बंधित पर्वों में व्यस्त हैं, यही कारण है कि इस बार साथिओं की तरफ से कुछ भी योगदान प्राप्त नहीं हुआ है। कोई बात नहीं हमारे पास साथिओं के प्रेमपूरित अनेकों कमैंट्स सेव किये हुए हैं…
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“उपासना-साधना-आराधना” लेख श्रृंखला का सारांश एवं आगे की रण नीति
31 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद विश्वभर में फैले ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवारजनों को उनके समय के अनुसार दीपावली की हार्दिक शुभकामना। हम सबके प्रिय एवं परम पूज्य गुरुदेव के समर्पित शिष्य आदरणीय श्रद्धेय डॉ साहिब के अवतरण दिवस की, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की ओर से भावपूर्ण शुभकामना एवं बधाई, आज का प्रज्ञागीत उसी सन्दर्भ…
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सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship” पार्ट 2, समापन
30 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद –सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि आज के ज्ञानप्रसाद लेख से “उपासना आधरित लेख श्रृंखला” का समापन हो रहा है। कल प्रस्तुत किये गए लेख में “सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” में किये जाने वाले पांच स्टैप्स (1.ब्रह्मसंध्या 2. देवपूजन 3. जप एवं ध्यान 4. प्रार्थना 5. सूर्यार्घ्यदान) में से प्रथम दो प्रारंभिक…
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“सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship” पार्ट 1
29 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद- सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि कुछ दिन पूर्व जब यूट्यूब ने उड़ते हुए, रंग बिरंगें गुब्बारे भेज कर जीमेल द्वारा 5 मिलियन (50 लाख) व्यूज की उपलब्धि पर हमें बधाई दी तो ह्रदय प्रसन्नता से भर गया। इस उपलब्धि से प्राप्त हुई प्रसन्नता को अपने परिवार के अनेकों साथिओं, सहकर्मियों के…
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“सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship”
28 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद 9 सितम्बर 2024 को “ध्यान” के विषय पर आरम्भ हुए लगभग 27 लेखों का विस्तृत अमृतपान करने के बाद साथिओं के पास शायद ही कोई ऐसा प्रश्न हो जिसका उत्तर Unanswered रह गया हो। आज सोमवार को ध्यान के अंतिम चैप्टर की ओर अग्रसर होने का समय आ गया…
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“सुझाव सुमनलता बहिन जी का,प्रयास हमारा” का 26 अक्टूबर , 2024 का अंक
हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार पूर्णतया परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। लगभग 6 …
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गायत्री मंत्र को “ब्राह्मण की कामधेनु” क्यों कहा जाता है ?
24 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद-ब्राह्मण की कामधेनु ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अधिकतर ऐसे बहुचर्चित विषयों पर चर्चा की जाती है जिन्हें अधिकतर लोगों ने सुन तो रखा होता है लेकिन जब उनके बारे में पूछा जाता है तो कुछ Fragmented सा, ग़लत सा ज्ञान ही प्रतक्ष्य होता दिखता है। इस मंच पर…
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का चतुर्थ एवं अंतिम भाग
23 अक्टूबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना (USA)” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में युगतीर्थ शांतिकुंज के प्रांगण में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। आज…
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का तीसरा भाग
22 अक्टूबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना (USA)” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में युगतीर्थ शांतिकुंज के प्रांगण में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे…
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का द्वितीय भाग
21 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना पुस्तक का लिंक 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे अनेकों साथिओं ने…
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का प्रथम भाग
17 अक्टूबर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद- उपासना-साधना-आराधना पुस्तक (Click this link) उपासना-साधना-आराधना विषय पर आधारित प्रस्तुत ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे अनेकों साथिओं ने इस…
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हमारे अनुसार ध्यान साधना की कठिनतम प्रक्रिया (ब्रह्मवर्चस साधना)
15 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद -यह लेख अखंड ज्योति के जुलाई 1978 अंक पर आधारित है। आज के लेख का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि इस लेख में बताई गयी “ध्यान प्रक्रिया” कठिनतम प्रक्रिया है। यह विचार पूर्णतया हमारे व्यक्तिगत हैं क्योंकि हम ध्यान की कक्षा में मात्र नर्सरी के ही विद्यार्थी है।…
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आधे घंटे की सरलतम ध्यान प्रक्रिया
14 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद, सोर्स- अनेकों लेख आज सोमवार के दिन, सप्ताह के प्रथम दिन, गुरुकक्षा में सभी सहपाठिओं का स्वागत, अभिवादन है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक सहकर्मी इस बात से भलीभांति परिचित है कि हम पिछले कई दिनों से “ध्यान लगाने का” और “ध्यान लगाकर प्राप्त होने वाले आनंद” को…
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12 अक्टूबर 2024 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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तपश्चर्या बन्दूक है तो मंत्र कारतूस हैं।
10 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद, स्रोत-अनेकों पुस्तकें आज के लेख में आरंभिक साधना के अगले स्तर में प्रवेश करने का प्रयास तो किया गया है लेकिन अनेकों साधना स्तर, अनेकों साधना प्रक्रियों को देखते हुए यही उचित होगा कि जितना आसानी से समझा जा सके, वहीँ तक अपनी ट्रेनिंग को सीमित किया जाए। ऐसा कहना…
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सामान्य गायत्री साधना का सरल वर्णन
9 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद, स्रोत-अनेकों पुस्तकें ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रायः गायत्री साधना के बारे में प्रश्न किये जाते रहे हैं ,यह कब करनी चाहिए, कैसे करनी चाहिए एवं इसका क्या विधान है। आज के लेख में बिलकुल ही बेसिक स्तर की साधना का वर्णन है जो उन साथिओं के लिए…
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समापन हुई “ध्यान लेख श्रृंखला” का सारांश और आगे की रणनिति
8 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख मात्र 1600 शब्दों (मात्र 3 ही पन्नें ) का ही है। बड़े-बड़े ज्ञानवर्धक लेख पढ़कर अगर हमारे साथी ऊब गए हैं तो आज का लेख कुछ Relief दे सकता है। आज के लेख की रचना के पीछे आदरणीय नीरा जी का उत्कृष्ट योगदान है जिसके लिए…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 13
7 अक्टूबर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 1977 के उद्बोधन पर आधारित लेख शृंखला का समापन लेख। “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 12
3 अक्टूबर 2024, गुरुवार का ज्ञानप्रसाद -अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी, फरवरी 2003…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 11
2 अक्टूबर 2024, बुधवार का ज्ञानप्रसाद-स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 https://youtu.be/L9sNLAephoQ?si=Ojc4WDnHpu5ZrpRR (गुरु ध्यान को समर्पित है आज का प्रज्ञागीत) “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 10
1 अक्टूबर 2024, मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 9
30 सितम्बर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद – -—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,…
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सुझाव सुमनलता बहिन जी का,प्रयास हमारा का 28 सितम्बर, 2024 का अंक
हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। अंतिम शुक्रवार युवा…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 8
26 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद-—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 7
25 सितम्बर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 6
19 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,…
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ध्यान करने के अनेकों लाभ
24 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद -स्वरचित अगर कोई आपसे पूछे कि “ध्यान” करने के कौन-कौन से लाभ हैं तो उसे इस स्वरचित लेख की कॉपी थमा दीजिए। आज के लेख में Medical benefits के इलावा अनेकों लाभ की चर्चा है। अखंड ज्योति के लेखों पर आधारित लेख शृंखला कल से फिर आरम्भ हो रही है।…
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तोरा मन दर्पण कहलाए -मन की परिभाषा
23 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद- हमारी स्वरचित रचना। “ध्यान क्यों करें, कैसे करें?” लेख श्रृंखला से ही सम्बंधित एक लेख, हमारी स्वरचित रचना। 1965 में रिलीज़ हुई धर्मेंद्र,मीना कुमारी स्टारर बॉलीवुड मूवी का बहुचर्चित गीत (गीत क्या, भजन कहना उचित होगा) “तोरा मन दर्पण कहलाए” आज के ज्ञानप्रसाद लेख का आधार है। लेख के आरम्भ…
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21 सितम्बर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आदरणीय सुमनलता जी, रेणु श्रीवास्तव जी का योगदान ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 5
18 सितम्बर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 4
17 सितम्बर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद –स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 3
16 सितम्बर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और…
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14 सितम्बर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आज का साप्ताहिक विशेषांक रफ़्तार फिल्म के बहुचर्चित गीत “संसार है इक नदिआ, दुःख सुख दो किनारे हैं” के साथ आरम्भ हो रहा है। हमारी शोकातुर, समर्पित, आदरणीय सुजाता उपाध्याय बहिन को हम सभी भाई बहिनों के सहारे की आवश्यकता है। हम संकल्प लेते हैं कि बहिन जी के इकलौते भाई के देहावसान से उत्पन…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 2
12 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,…
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 1
11 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद– स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन इतना प्रैक्टिकल, ज्ञानवर्धक और विस्तृत था कि अखंड ज्योति नवंबर,…
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“ध्यान” के विषय पर आरम्भ हो रही लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि
10 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथी इसकी कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हैं। इस कार्यप्रणाली के अंतर्गत प्रयास तो सदैव यही रहता है कि लेख शृंखला का शुभारम्भ सप्ताह के प्रथम दिन सोमवार से ही किया जाए क्योंकि उस दिन रविवार के अवकाश के कारण हमारे भीतर एक नवीन ऊर्जा,उत्सुकता…
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शांतिकुंज और शांति निकेतन का क्या सम्बन्ध है ?
9 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद –स्रोत फेसबुक पोस्ट https://youtu.be/ZxdTZ6Xmuyc?si=KIQJ58MWoT2WuRg2 आज का ज्ञानप्रसाद लेख 30 मई 2024 को फेसबुक पर प्रकाशित हुई गणेश करुले जी की पोस्ट पर आधरित है। परम पूज्य गुरुदेव पर आधारित इस जानकारी के लिए हम गणेश जी के आभारी है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के प्रकाशन नियमों के अनुसार एडिटिंग के…
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7 सितम्बर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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समर्पित कार्यकर्ताओं की मणि मुक्तकों में पिरोई माला गुरुदेव की सबसे बहुमूल्य निधि
5 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद-स्रोत:अखंड ज्योति अगस्त-सितम्बर 1990 संयुक्त अंक 2 जून 1990 को परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के बाद, 201 पृष्ठों वाला अखंड ज्योति का अगस्त-सितम्बर का एक संयुक्त अंक प्रकाशित हुआ। इस श्रद्धांजलि अंक में गुरुदेव से सम्बंधित मास्टरपीस जानकारी दे रहे अनेकों लेख शामिल हैं जिन पर हम पहले भी कुछ…
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पारस रुपी अखंड ज्योति पत्रिका ने अनेकों का कायाकल्प किया है।
4 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद – स्रोत: अखंड ज्योति दिसंबर 1999 आज प्रातः आँख खुलते ही आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी का कमेंट मिला तो सारे शरीर में एक इलेक्ट्रिक करंट सी दौड़ गयी, इस कमेंट को यूट्यूब पर शेयर करने में तनिक भी विलम्ब न कर पाए क्योंकि यह इनाम हमारे साथिओं के…
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मेरा अंतःकरण मेरे गुरु का घर बन गया
3 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद- स्रोत अखण्ड ज्योति, जुलाई 2002, पृष्ठ 32-33 धरती में पड़े बीज तब तक अंकुरित नहीं होते जब तक उन्हें उचित वातावरण नहीं मिलता। जब गर्मी अपने पूरे यौवन में होती है तो कुछ ही समय के बाद वाष्पीकरण से वर्षा की ठंडी फुहारें धरती माँ को शीतलता प्रदान करती है।…
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कभी सोचा है जीवन का उद्देश्य क्या है ?
2 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद –स्रोत -अखंड ज्योति मार्च 1965,पृष्ठ 10 आज का ज्ञानप्रसाद लेख लिखते समय हमें अपने बाल्यकाल के वोह अवस्मरणीय पल स्मरण हो आए जब अमावस की काली अँधेरी रात में घर के छत पर सोते समय तारों भरे आकाश को निहारा करते थे। आकाश में टिमटिमाते अनगनित सितारों की तुलना हम…
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“सुझाव सुमनलता बहिन जी का प्रयास हमारा” का 31 अगस्त 2024 वाला अंक
31 अगस्त 2024 हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। …
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जीवन रुपी “व्यापार-गृह” की साज- संभाल
29 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद– स्रोत:अखंड ज्योति अप्रैल 1940 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ करने से पहले अपने सभी सहपाठिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि अपने जन्म दिवस पर प्राप्त हुए आशीर्वाद का एक-एक करके रिप्लाई न कर पाए, धन्यवाद् न कर पाए। हमने अपने ही निर्धारित किये मानवीय मूल्य का पालन न करके…
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मानव मस्तिष्क एक प्रतक्ष्य कल्पवृक्ष है
28 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के फ़रवरी 2003 अंक में प्रकाशित “छोटी सी खोपड़ी, पर है चमत्कारी” लेख ने हमें ऐसा आकर्षित किया कि हमने यह लिंक सेव करके रख लिया था। संकल्प लिया कि विज्ञान को एक तरफ रखकर OGGP मंच पर इस लेख को सरल करके प्रस्तुत करेंगें जिससे अनेकों भटके…
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शुक्ला बाबा जी के गुरु हरिहर बाबा की तपशक्ति का प्रमाण देती पांच घटनाएं
27 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-Nectar saint face book 2018 अपने वचन का पालन करते हुए आज हम हरिहर बाबा की तपशक्ति का प्रमाण देती मात्र पांच घटनाओं का ही संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं।महापुरुषों के विषय में प्रमाण आदि शब्दों का प्रयोग करना कुछ अनुचित सा ही लगता है, यह तो अटूट विश्वास और श्रद्धा …
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शुक्ला बाबा के गुरु, हरिहर बाबा जी की संक्षिप्त जीवनी
26 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद -Nectar Saint ,Facebook 2018 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में यह दृढ धारणा बनी हुई है कि इस परिवार का संचालन परम पूज्य गुरुदेव की शक्ति से ही हो रहा है। आज इस तथ्य का एक और साक्षात् प्रमाण मिला जिसके कारण यह ज्ञानप्रसाद लेख आप सबके समक्ष प्रस्तुत हो पाया…
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24 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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गायत्री तपोभूमि की स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष (2002)
22 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद- स्रोत- अखंड ज्योति अक्टूबर 2002 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सहयोगी, समर्पित साथी एवं गुरुकुल के सहपाठी हमारे साथ पूर्णतया सहमत होंगें कि इस मंच का प्रत्येक क्रियाकलाप परमसत्ता गुरुदेव के निर्देश से ही चल रहा है, वही लेखों का चयन कर रहे हैं, वही हमसे छोटे-मोटे संशोधन करा रहे हैं…
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अखण्ड ज्योति ईश्वरीय प्रकाश का प्रकाशन है।
21 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद स्रोत-अखंड ज्योति अगस्त 2002 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि अखंड ज्योति पत्रिका जिसे हम सब वर्षों से पढ़ते आ रहे हैं, इसके प्रकाशन के पीछे ईश्वरीय शक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। अगस्त 2002 की अखंड ज्योति में प्रकाशित लेख “पैंसठ वर्ष की…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक के अंतर्गत सन्देश का पांचवां एवं समापन पार्ट
20 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-स्रोत अखंड ज्योति अगस्त-सितंबर 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का तृतीय पार्ट
https://youtu.be/xFbPBYAnhlI?si=fy4avIPo_V-LHjWd15 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद स्रोत अखंड ज्योति अगस्त-सितंबर 2002 परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का तृतीय पार्टपरमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का चतुर्थ पार्ट
(माँ को समर्पित गीत) 19 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद – अखंड ज्योति, अगस्त 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब…
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17 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
https://youtu.be/zWNG4L6MOVk?si=BOMIBcYZBErLxtGZ ( साथी हाथ बढ़ाना ) शब्द सीमा के कारण आज सीधा विषय की और ही चलना पड़ेगा। संकल्प सूची/कमैंट्स का उद्देश्य एवं अरुण जी की यज्ञ अनुभूति “कमैंट्स/संकल्प सूची का उद्देश्य”, आज के विशेषांक का महत्वपूर्ण विषय है। साथिओं से करबद्ध निवेदन है कि इस विषय पर कमेंट्स के माध्यम से हमारा सहयोग करें…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का द्वितीय पार्ट
14 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश उनके बच्चों तक न…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का प्रथम पार्ट
13 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति, अगस्त 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश उनके…
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कल से आरम्भ हो रही “ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला” की पृष्ठभूमि एवं डॉ ओ पी शर्मा जी का आशीर्वाद पत्र
(भोले नाथ को समर्पित ) 12 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद यह एक प्राकृतिक धारणा है कि यदि किसी के प्रयास को सराहना मिले तो उसका उत्साहवर्धन होता है जो उसे आने वाले कार्यों को करने के लिए ऊर्जा, साहस, शक्ति एवं Initiative प्रदान करता है। आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी की दिव्य रचना “अज्ञात…
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10 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 24वां समापन लेख
https://youtu.be/lvjNwEcYpHQ?si=rItsnnjttBx8OS5r ( गुरु तेरे कौन कौन गुण गाऊँ)9 अगस्त 2024 शुक्रवार का ज्ञानप्रसाद-आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 24वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 23वां लेख
https://youtu.be/L9sNLAephoQ?si=k9F9nc4O76_EN6hV (गुरुवार का शुभारम्भ गुरुपूजा के साथ) 8 अगस्त 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 23वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर,…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 22वां लेख
https://youtu.be/3ucCEjXS9n8?si=2ve9ok63X9PLFjfY7 अगस्त 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसादआदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 22वां लेख प्रस्तुत है। आज का लेख तो सचमुच अमूल्य ज्ञानामृत ही है जिसे हमने बहुत ही परिश्रम से डुबकी मारकर ढूढ़ा है। इस लेख में दिए गए विवरण से हम इतना…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 21वां लेख
6 अगस्त 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 21वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 20वां लेख
https://youtu.be/BhwOproElxU?si=99vCzeNCSidwAa_v (माह का प्रथम सोमवार भगवान् शिव को समर्पित ) 5 अगस्त 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 20वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न…
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3 अगस्त 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 19वां लेख
1 अगस्त 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 19 वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 18वां लेख
31 जुलाई 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 18वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 17वां लेख
30 जुलाई 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 17वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 15वां लेख
25 जुलाई 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 15 वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 16वां लेख
29 जुलाई 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 16वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक…
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सुझाव बहिन सुमनलता जी का, प्रयास हमारा-पार्ट 2,अरुण त्रिखा
आज जुलाई माह का अंतिम शनिवार है और तिथि है 27 जुलाई 2024, इस स्पेशल सेगमेंट का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि आदरणीय सुमनलता बहिन जी ने सुझाव दिया और हमारे लिए उस सुझाव का पालन करना हमारा परम कर्तव्य है। क्या था सुझाव? आदरणीय बहिन जी ने माह के अंतिम शुक्रवार को…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 14वां लेख
24 जुलाई 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 14वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 13वां लेख
आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 13वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक गुरुकक्षा में चर्चा के लिए प्रस्तुत…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 12वां लेख
22 जुलाई 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 12वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक…
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20 जुलाई 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान…
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का चतुर्थ एवं समापन लेख
18 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी/फ़रवरी 2003 में प्रकाशित लेखों पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज चतुर्थ एवं समापन लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती…
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का तृतीय लेख
17 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी/फ़रवरी 2003 में प्रकाशित लेखों पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज तृतीय लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती यह लेख…
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का द्वितीय लेख
16 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी 2003 में प्रकाशित लेख पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज द्वितीय लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती यह लेख…
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का प्रथम लेख
15 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद पौराणिक मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा को महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्म दिवस माना जाता है। उनके सम्मान में इस दिन को “व्यास पूर्णिमा” भी कहा जाता है। शास्त्रों में यह भी कहा जाता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्यास ने चारों वेद की रचना…
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13 जुलाई 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 11वां लेख
11 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 11वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक…
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का दसवां लेख
10 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज दसवां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक गुरुकक्षा…