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तपश्चर्या बन्दूक है तो मंत्र कारतूस हैं।
10 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद, स्रोत-अनेकों पुस्तकें आज के लेख में आरंभिक साधना के अगले स्तर में प्रवेश करने का प्रयास तो किया गया है लेकिन अनेकों साधना स्तर, अनेकों साधना प्रक्रियों को देखते हुए यही उचित होगा कि जितना आसानी से समझा जा सके, वहीँ तक अपनी ट्रेनिंग को सीमित किया जाए। ऐसा कहना
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सामान्य गायत्री साधना का सरल वर्णन
9 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद, स्रोत-अनेकों पुस्तकें ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रायः गायत्री साधना के बारे में प्रश्न किये जाते रहे हैं ,यह कब करनी चाहिए, कैसे करनी चाहिए एवं इसका क्या विधान है। आज के लेख में बिलकुल ही बेसिक स्तर की साधना का वर्णन है जो उन साथिओं के लिए
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समापन हुई “ध्यान लेख श्रृंखला” का सारांश और आगे की रणनिति
8 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख मात्र 1600 शब्दों (मात्र 3 ही पन्नें ) का ही है। बड़े-बड़े ज्ञानवर्धक लेख पढ़कर अगर हमारे साथी ऊब गए हैं तो आज का लेख कुछ Relief दे सकता है। आज के लेख की रचना के पीछे आदरणीय नीरा जी का उत्कृष्ट योगदान है जिसके लिए
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 13
7 अक्टूबर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 1977 के उद्बोधन पर आधारित लेख शृंखला का समापन लेख। “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 12
3 अक्टूबर 2024, गुरुवार का ज्ञानप्रसाद -अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी, फरवरी 2003
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 11
2 अक्टूबर 2024, बुधवार का ज्ञानप्रसाद-स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 https://youtu.be/L9sNLAephoQ?si=Ojc4WDnHpu5ZrpRR (गुरु ध्यान को समर्पित है आज का प्रज्ञागीत) “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 10
1 अक्टूबर 2024, मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 9
30 सितम्बर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद – -—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,
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सुझाव सुमनलता बहिन जी का,प्रयास हमारा का 28 सितम्बर, 2024 का अंक
हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। अंतिम शुक्रवार युवा
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 8
26 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद-—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 7
25 सितम्बर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 6
19 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद—स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,
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ध्यान करने के अनेकों लाभ
24 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद -स्वरचित अगर कोई आपसे पूछे कि “ध्यान” करने के कौन-कौन से लाभ हैं तो उसे इस स्वरचित लेख की कॉपी थमा दीजिए। आज के लेख में Medical benefits के इलावा अनेकों लाभ की चर्चा है। अखंड ज्योति के लेखों पर आधारित लेख शृंखला कल से फिर आरम्भ हो रही है।
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तोरा मन दर्पण कहलाए -मन की परिभाषा
23 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद- हमारी स्वरचित रचना। “ध्यान क्यों करें, कैसे करें?” लेख श्रृंखला से ही सम्बंधित एक लेख, हमारी स्वरचित रचना। 1965 में रिलीज़ हुई धर्मेंद्र,मीना कुमारी स्टारर बॉलीवुड मूवी का बहुचर्चित गीत (गीत क्या, भजन कहना उचित होगा) “तोरा मन दर्पण कहलाए” आज के ज्ञानप्रसाद लेख का आधार है। लेख के आरम्भ
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21 सितम्बर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आदरणीय सुमनलता जी, रेणु श्रीवास्तव जी का योगदान ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 5
18 सितम्बर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 4
17 सितम्बर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद –स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 3
16 सितम्बर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और
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14 सितम्बर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आज का साप्ताहिक विशेषांक रफ़्तार फिल्म के बहुचर्चित गीत “संसार है इक नदिआ, दुःख सुख दो किनारे हैं” के साथ आरम्भ हो रहा है। हमारी शोकातुर, समर्पित, आदरणीय सुजाता उपाध्याय बहिन को हम सभी भाई बहिनों के सहारे की आवश्यकता है। हम संकल्प लेते हैं कि बहिन जी के इकलौते भाई के देहावसान से उत्पन
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 2
12 सितम्बर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद–स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी, फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन अखंड ज्योति नवंबर, दिसंबर 2002 के दो अंक और जनवरी,
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ध्यान क्यों करें, कैसे करें ? पार्ट 1
11 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद– स्रोत- अखंड ज्योति नवंबर,दिसंबर 2002 एवं जनवरी फरवरी 2003 “ध्यान क्यों करें, कैसे करें” विषय पर जून,1977 में गायत्री तीर्थ शाँतिकुँज में परम पूज्य गुरुदेव ने अपने बच्चों की सुविधा एवं ट्रेनिंग के लिए एक विस्तृत उद्बोधन दिया। यह उद्बोधन इतना प्रैक्टिकल, ज्ञानवर्धक और विस्तृत था कि अखंड ज्योति नवंबर,
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“ध्यान” के विषय पर आरम्भ हो रही लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि
10 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथी इसकी कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हैं। इस कार्यप्रणाली के अंतर्गत प्रयास तो सदैव यही रहता है कि लेख शृंखला का शुभारम्भ सप्ताह के प्रथम दिन सोमवार से ही किया जाए क्योंकि उस दिन रविवार के अवकाश के कारण हमारे भीतर एक नवीन ऊर्जा,उत्सुकता
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शांतिकुंज और शांति निकेतन का क्या सम्बन्ध है ?
9 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद –स्रोत फेसबुक पोस्ट https://youtu.be/ZxdTZ6Xmuyc?si=KIQJ58MWoT2WuRg2 आज का ज्ञानप्रसाद लेख 30 मई 2024 को फेसबुक पर प्रकाशित हुई गणेश करुले जी की पोस्ट पर आधरित है। परम पूज्य गुरुदेव पर आधारित इस जानकारी के लिए हम गणेश जी के आभारी है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के प्रकाशन नियमों के अनुसार एडिटिंग के
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7 सितम्बर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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समर्पित कार्यकर्ताओं की मणि मुक्तकों में पिरोई माला गुरुदेव की सबसे बहुमूल्य निधि
5 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद-स्रोत:अखंड ज्योति अगस्त-सितम्बर 1990 संयुक्त अंक 2 जून 1990 को परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के बाद, 201 पृष्ठों वाला अखंड ज्योति का अगस्त-सितम्बर का एक संयुक्त अंक प्रकाशित हुआ। इस श्रद्धांजलि अंक में गुरुदेव से सम्बंधित मास्टरपीस जानकारी दे रहे अनेकों लेख शामिल हैं जिन पर हम पहले भी कुछ
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पारस रुपी अखंड ज्योति पत्रिका ने अनेकों का कायाकल्प किया है।
4 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद – स्रोत: अखंड ज्योति दिसंबर 1999 आज प्रातः आँख खुलते ही आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी का कमेंट मिला तो सारे शरीर में एक इलेक्ट्रिक करंट सी दौड़ गयी, इस कमेंट को यूट्यूब पर शेयर करने में तनिक भी विलम्ब न कर पाए क्योंकि यह इनाम हमारे साथिओं के
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मेरा अंतःकरण मेरे गुरु का घर बन गया
3 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद- स्रोत अखण्ड ज्योति, जुलाई 2002, पृष्ठ 32-33 धरती में पड़े बीज तब तक अंकुरित नहीं होते जब तक उन्हें उचित वातावरण नहीं मिलता। जब गर्मी अपने पूरे यौवन में होती है तो कुछ ही समय के बाद वाष्पीकरण से वर्षा की ठंडी फुहारें धरती माँ को शीतलता प्रदान करती है।
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कभी सोचा है जीवन का उद्देश्य क्या है ?
2 सितम्बर 2024 का ज्ञानप्रसाद –स्रोत -अखंड ज्योति मार्च 1965,पृष्ठ 10 आज का ज्ञानप्रसाद लेख लिखते समय हमें अपने बाल्यकाल के वोह अवस्मरणीय पल स्मरण हो आए जब अमावस की काली अँधेरी रात में घर के छत पर सोते समय तारों भरे आकाश को निहारा करते थे। आकाश में टिमटिमाते अनगनित सितारों की तुलना हम
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“सुझाव सुमनलता बहिन जी का प्रयास हमारा” का 31 अगस्त 2024 वाला अंक
31 अगस्त 2024 हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं।
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जीवन रुपी “व्यापार-गृह” की साज- संभाल
29 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद– स्रोत:अखंड ज्योति अप्रैल 1940 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ करने से पहले अपने सभी सहपाठिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि अपने जन्म दिवस पर प्राप्त हुए आशीर्वाद का एक-एक करके रिप्लाई न कर पाए, धन्यवाद् न कर पाए। हमने अपने ही निर्धारित किये मानवीय मूल्य का पालन न करके
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मानव मस्तिष्क एक प्रतक्ष्य कल्पवृक्ष है
28 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के फ़रवरी 2003 अंक में प्रकाशित “छोटी सी खोपड़ी, पर है चमत्कारी” लेख ने हमें ऐसा आकर्षित किया कि हमने यह लिंक सेव करके रख लिया था। संकल्प लिया कि विज्ञान को एक तरफ रखकर OGGP मंच पर इस लेख को सरल करके प्रस्तुत करेंगें जिससे अनेकों भटके
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शुक्ला बाबा जी के गुरु हरिहर बाबा की तपशक्ति का प्रमाण देती पांच घटनाएं
27 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-Nectar saint face book 2018 अपने वचन का पालन करते हुए आज हम हरिहर बाबा की तपशक्ति का प्रमाण देती मात्र पांच घटनाओं का ही संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं।महापुरुषों के विषय में प्रमाण आदि शब्दों का प्रयोग करना कुछ अनुचित सा ही लगता है, यह तो अटूट विश्वास और श्रद्धा
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शुक्ला बाबा के गुरु, हरिहर बाबा जी की संक्षिप्त जीवनी
26 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद -Nectar Saint ,Facebook 2018 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में यह दृढ धारणा बनी हुई है कि इस परिवार का संचालन परम पूज्य गुरुदेव की शक्ति से ही हो रहा है। आज इस तथ्य का एक और साक्षात् प्रमाण मिला जिसके कारण यह ज्ञानप्रसाद लेख आप सबके समक्ष प्रस्तुत हो पाया
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24 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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गायत्री तपोभूमि की स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष (2002)
22 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद- स्रोत- अखंड ज्योति अक्टूबर 2002 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सहयोगी, समर्पित साथी एवं गुरुकुल के सहपाठी हमारे साथ पूर्णतया सहमत होंगें कि इस मंच का प्रत्येक क्रियाकलाप परमसत्ता गुरुदेव के निर्देश से ही चल रहा है, वही लेखों का चयन कर रहे हैं, वही हमसे छोटे-मोटे संशोधन करा रहे हैं
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अखण्ड ज्योति ईश्वरीय प्रकाश का प्रकाशन है।
21 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद स्रोत-अखंड ज्योति अगस्त 2002 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि अखंड ज्योति पत्रिका जिसे हम सब वर्षों से पढ़ते आ रहे हैं, इसके प्रकाशन के पीछे ईश्वरीय शक्ति का बहुत बड़ा योगदान है। अगस्त 2002 की अखंड ज्योति में प्रकाशित लेख “पैंसठ वर्ष की
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक के अंतर्गत सन्देश का पांचवां एवं समापन पार्ट
20 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-स्रोत अखंड ज्योति अगस्त-सितंबर 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का तृतीय पार्ट
https://youtu.be/xFbPBYAnhlI?si=fy4avIPo_V-LHjWd15 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद स्रोत अखंड ज्योति अगस्त-सितंबर 2002 परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का तृतीय पार्टपरमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का चतुर्थ पार्ट
(माँ को समर्पित गीत) 19 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद – अखंड ज्योति, अगस्त 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब
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17 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
https://youtu.be/zWNG4L6MOVk?si=BOMIBcYZBErLxtGZ ( साथी हाथ बढ़ाना ) शब्द सीमा के कारण आज सीधा विषय की और ही चलना पड़ेगा। संकल्प सूची/कमैंट्स का उद्देश्य एवं अरुण जी की यज्ञ अनुभूति “कमैंट्स/संकल्प सूची का उद्देश्य”, आज के विशेषांक का महत्वपूर्ण विषय है। साथिओं से करबद्ध निवेदन है कि इस विषय पर कमेंट्स के माध्यम से हमारा सहयोग करें
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का द्वितीय पार्ट
14 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश उनके बच्चों तक न
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का प्रथम पार्ट
13 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति, अगस्त 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश उनके
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कल से आरम्भ हो रही “ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला” की पृष्ठभूमि एवं डॉ ओ पी शर्मा जी का आशीर्वाद पत्र
(भोले नाथ को समर्पित ) 12 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद यह एक प्राकृतिक धारणा है कि यदि किसी के प्रयास को सराहना मिले तो उसका उत्साहवर्धन होता है जो उसे आने वाले कार्यों को करने के लिए ऊर्जा, साहस, शक्ति एवं Initiative प्रदान करता है। आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी की दिव्य रचना “अज्ञात
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10 अगस्त 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 24वां समापन लेख
https://youtu.be/lvjNwEcYpHQ?si=rItsnnjttBx8OS5r ( गुरु तेरे कौन कौन गुण गाऊँ)9 अगस्त 2024 शुक्रवार का ज्ञानप्रसाद-आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 24वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 23वां लेख
https://youtu.be/L9sNLAephoQ?si=k9F9nc4O76_EN6hV (गुरुवार का शुभारम्भ गुरुपूजा के साथ) 8 अगस्त 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 23वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर,
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 22वां लेख
https://youtu.be/3ucCEjXS9n8?si=2ve9ok63X9PLFjfY7 अगस्त 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसादआदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 22वां लेख प्रस्तुत है। आज का लेख तो सचमुच अमूल्य ज्ञानामृत ही है जिसे हमने बहुत ही परिश्रम से डुबकी मारकर ढूढ़ा है। इस लेख में दिए गए विवरण से हम इतना
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 21वां लेख
6 अगस्त 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 21वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 20वां लेख
https://youtu.be/BhwOproElxU?si=99vCzeNCSidwAa_v (माह का प्रथम सोमवार भगवान् शिव को समर्पित ) 5 अगस्त 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 20वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न
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3 अगस्त 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 19वां लेख
1 अगस्त 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 19 वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 18वां लेख
31 जुलाई 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 18वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 17वां लेख
30 जुलाई 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 17वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 15वां लेख
25 जुलाई 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 15 वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 16वां लेख
29 जुलाई 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख श्रृंखला का आज 16वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक
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सुझाव बहिन सुमनलता जी का, प्रयास हमारा-पार्ट 2,अरुण त्रिखा
आज जुलाई माह का अंतिम शनिवार है और तिथि है 27 जुलाई 2024, इस स्पेशल सेगमेंट का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि आदरणीय सुमनलता बहिन जी ने सुझाव दिया और हमारे लिए उस सुझाव का पालन करना हमारा परम कर्तव्य है। क्या था सुझाव? आदरणीय बहिन जी ने माह के अंतिम शुक्रवार को
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 14वां लेख
24 जुलाई 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 14वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित ज्ञान के इस अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 13वां लेख
आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 13वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक गुरुकक्षा में चर्चा के लिए प्रस्तुत
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 12वां लेख
22 जुलाई 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 12वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक
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20 जुलाई 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का चतुर्थ एवं समापन लेख
18 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी/फ़रवरी 2003 में प्रकाशित लेखों पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज चतुर्थ एवं समापन लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का तृतीय लेख
17 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी/फ़रवरी 2003 में प्रकाशित लेखों पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज तृतीय लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती यह लेख
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का द्वितीय लेख
16 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति जनवरी 2003 में प्रकाशित लेख पर आधारित, गुरुपूर्णिमा को समर्पित,आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का आज द्वितीय लेख प्रस्तुत है। इस लेख शृंखला के माध्यम से परम पूज्य गुरुदेव के अनेकों प्रथम शिष्यों में से एक और शिष्य आदरणीय रामचंद्र सिंह जी की गुरुभक्ति का आभास कराती यह लेख
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गुरुपूर्णिमा 2024 को समर्पित लेख श्रृंखला का प्रथम लेख
15 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद पौराणिक मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा को महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्म दिवस माना जाता है। उनके सम्मान में इस दिन को “व्यास पूर्णिमा” भी कहा जाता है। शास्त्रों में यह भी कहा जाता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्यास ने चारों वेद की रचना
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13 जुलाई 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का 11वां लेख
11 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज 11वां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का दसवां लेख
10 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज दसवां लेख प्रस्तुत है। डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर में से डुबकी मार कर, हम अमूल्य रत्न ढूंढ कर, जाँच परख कर अपने साथिओं के साथ दैनिक गुरुकक्षा
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का नौंवा लेख
9 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद कैसा संयोग है कि कल 8 जुलाई को आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला के आठवें अमृतपुष्प की दिव्य वर्षा हो रही थी और आज 9 जुलाई को नौंवां लेख प्रस्तुत है । हम बार-बार कहते आ रहे हैं कि
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का आठवां लेख
8 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद सप्ताह के प्रथम दिन, सोमवार को गुरुचरणों में समर्पित होकर,आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला के आठवें अमृतपुष्प की दिव्य वर्षा हो रही है। हम बार-बार कहते आ रहे हैं कि डॉ साहिब द्वारा रचित इस ज्ञान के अथाह सागर
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6 जुलाई 2024 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
प्रत्येक शनिवार का दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का सातवां लेख
4 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद गुरुवार के दिन गुरुचरणों में समर्पित होकर,आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज सातवां लेख प्रस्तुत है। हम बार-बार कहते आ रहे हैं कि ज्ञान के अथाह सागर में से कुछ अमूल्य रत्न ढूंढ कर लाना किसी अमृत-मंथन से
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का छठा लेख
3 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज छठा लेख प्रस्तुत है। हमारा विश्वास है कि 202 पन्नों की इस दिव्य पुस्तक के कुछ अंश प्राप्त करते हुए हमारे समेत, हमारे साथी भी बहुत प्रेरणादायक अमृतपान कर रहे होंगें। गुरुदेव
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“मन्त्रमूलं गुरोर्वाक्यम्” अर्थात गुरु वाक्य ही मूलमंत्र है
2 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद में किये गए वचन का पालन करते हुए आज का लेख आदरणीय डॉ शर्मा जी की पुस्तक से न होकर “मन्त्रमूलं गुरोर्वाक्यम्” की चर्चा कर रहा है। “मन्त्रमूलं गुरोर्वाक्यम्” का अर्थ है गुरु वाक्य ही मूलमंत्र है, इसकी साधना से ही सब कुछ स्वयं ही हो जाता
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का पांचवा लेख
1 जुलाई 2024 का ज्ञानप्रसाद आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ अपने साथिओं के धन्यवाद् से किया जा रहा है जिनकी शुभकामना से हमारी बाईं आँख की सर्जरी बहुत ही सहजता से सम्पन हो पायी। परम पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद ऐसा बरसा कि तीन घंटे के बाद जब हम घर आये तो ऐसा लग रहा
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा लेख
27 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का आज चौथा लेख प्रस्तुत है। इस लेख श्रृंखला से सम्बंधित सभी लेखों के बारे में कहना उचित होगा कि गुरुदेव द्वारा रचित विशाल साहित्य की भांति यह रचना भी इतनी दिव्य है कि
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का तीसरा लेख लेकिन लेख को बीच में ही रोकना पड़ा।
25 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला के तीसरे लेख को लिखते समय कुछ ऐसा संयोग बना कि हमने उसी स्थान पर लेख को रोक दिया। साथिओं को अवश्य ही उत्सुकता हो सकती है कि लेख को रोकने वाली ऐसी क्या
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का दूसरा लेख
25 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद आज मंगलवार है, सप्ताह का दूसरा दिन; हमारे साथी जानने को उत्सुक होंगें कि गुरुदेव के अमृत कलश की कौन सी अमृत बूँदें आज हमारा कायाकल्प करने वाली हैं। कल आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक “अज्ञात की अनुभूति” पर आधारित लेख शृंखला का शुभारम्भ हुआ था।
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डॉ ओ पी शर्मा जी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित लेख श्रृंखला का पहला लेख
24 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद आज सोमवार है, सप्ताह का प्रथम दिन, रविवार के अवकाश के उपरान्त,उत्साह, जिज्ञासा, एवं ऊर्जा से संचित होकर गुरुचरणों में समर्पित होने का दिन। हम विश्वास कर सकते हैं कि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी सहकर्मी, गुरुकक्षा के समर्पित विद्यार्थी जानने को आतुर होंगें कि गुरुदेव के अमृत कलश
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हमारे लैपटॉप से सम्बंधित हमारी अनुभूति
गुरुदेव की सूक्ष्म शक्ति एक बार फिर हमें अपने दर्शन करा गई। गुरुदेव ने कहा “अभी ही कहाँ अंतिम दिन? अभी तो बेटे हमने तुमसे बहुत काम करवाने हैं।” अक्सर सुना था कि गुरु अपने बच्चों की सहायता के लिए कोई भी सीमा पार कर जाते हैं,तो हमारे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। बात
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DSVV के परिसर में स्थित प्रज्ञेश्वर मंदिर के शिवलिंग की कथा।
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=iWdwJ… (हमारा साहित्य पढ़ाएं) 20 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी साथियों का गुरुवार की ब्रह्मवेला में हार्दिक अभिनंदन एवम सुप्रभात। आज का ज्ञानप्रसाद लेख नॉर्मल लेखों से कुछ हटकर है। जैसा कि कल वाले लेख के समापन पर लिखा था कि हमारी आदरणीय एवम सक्रिय बहिन पुष्पा सिंह जी को
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पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर विदुषी जी, प्रेरणा कुमारी और संध्या जी की फीडबैक
(नीरा जी के सहयोग से आज का ज्ञानार्जन इस वीडियो से करें) https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=iWdwJ… (हमारा साहित्य पढ़ाएं) 19 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं ने परम पूज्य गुरुदेव की प्रथम दिव्य पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” का 23 लेखों के माध्यम से अमृतपान किया। हमारे पाठक समझ सकते हैं कि मात्र 37
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18 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद-पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर चंद्रेश जी एवं रेणु जी की फीडबैक
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=iWdwJWpLi8Foslxa (हमारा साहित्य पढ़ाएं) ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं ने परम पूज्य गुरुदेव की प्रथम दिव्य पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” का 23 लेखों के माध्यम से अमृतपान किया। हमारे पाठक समझ सकते हैं कि मात्र 37 पन्नों की छोटी सी पुस्तिका में ऐसा क्या था जिसने हमें 23 दिनों तक अध्ययन करने को
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शनिवार का एक और विशेषांक -“मैं क्या हूँ ?” पुस्तक पर आधारित लेख शृंखला पर साथिओं की फीडबैक
शनिवार का दिन पूर्णतया हमारे साथिओं का होता है। इस बार हमने एक और नवीन प्रयास किया जिसके अंतर्गत साथिओं को “मैं क्या हूँ ?” लेख शृंखला पर प्रकाशित किये गए 23 लेखों पर विचार लिखने के लिए आमंत्रित किया गया। फिर क्या था, हालाँकि समय सीमित था, फिर भी परिणाम देखकर हमारा बहुत ही
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13 जून 2024 का स्पेशल ज्ञानप्रसाद पुस्तक “मैं क्या हूँ?” पर अरुण जी के विचार
https://youtu.be/gvweW19njQo?si=1GW-gn8l2f06O7EL (साथिओं के सहयोग को समर्पित है आज का प्रज्ञा गीत कल जब हम नीरा जी से बात कर रहे थे कि आज के ज्ञानप्रसाद लेख के साथ गुरुदेव की प्रथम पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित लेख श्रृंखला का समापन हो गया है और हम चाहते हैं कि हमारे प्रतिभाशाली साथी इस लेख
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मेरी अपनी वस्तु कुछ भी नहीं है, यह संपूर्ण वस्तुएँ मेरी है।
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 12 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?”, प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 23वां एवं अंतिम लेख प्रस्तुत
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“अनवरत चलते रहना” ही प्रकृति का नियम है।
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 11 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?”, प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 22वां लेख प्रस्तुत किया जा
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10 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद -मनुष्य कहीं चलती-फिरती लाश तो नहीं है ?
https://youtu.be/fVp8OoTg_9E?si=deaDUmSbRnuLh3Wh (तू कर प्रभु से प्रीत) https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?”, प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 21वां लेख प्रस्तुत किया
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“क्या कहते हैं हमारे सहयोगी ?”,8 जून 2024 का विशेषांक
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथिओं का इस “नवीन सेगमेंट” में जिसका शीर्षक “क्या कहते हैं हमारे सहयोगी”,ह्रदय से स्वागत,अभिवादन करते हुए हमें ह्रदय से प्रसन्नता हो रही है। हमारे साथी प्रसन्नता का कारण जान कर हमसे भी अधिक प्रसन्न होंगें कि गुरु की शक्ति ने साधारण
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कल आरम्भ हुई Mental exercise का दूसरा भाग
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 6 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” , प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 20वां लेख प्रस्तुत
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ज्ञान तब तक ज्ञान नहीं है,जब तक इसका अनुभव न किया जाए- Mental exercise का प्रथम भाग
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 5 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद- युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” , प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 19वां लेख प्रस्तुत किया
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कल वाले प्रैक्टिकल को करने के लिए ज्ञान की आवश्यकता।
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 4 जून 2024 का ज्ञानप्रसाद युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा जी की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” , प्रश्न का उत्तर ढूंढना। आज इस लेख श्रृंखला का 18वां लेख प्रस्तुत किया
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“क्या कहते हैं हमारे सहयोगी ?”, 1 जून 2024 का विशेषांक
https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथिओं का इस “नवीन सेगमेंट” में जिसका शीर्षक “क्या कहते हैं हमारे सहयोगी”,ह्रदय से स्वागत,अभिवादन करते हुए हमें ह्रदय से प्रसन्नता हो रही है। हमारे साथी प्रसन्नता का कारण जान कर हमसे भी अधिक प्रसन्न होंगें कि गुरु की शक्ति ने साधारण
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आत्मा के दर्शन कराने वाले प्रैक्टिकल का प्रथम भाग
https://youtube.com/shorts/jKClJLxqRQQ?si=bKRHSkwwx-2LCqv3 (सोलर सिस्टम) https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_Uh… (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए) 29 मई 2024 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव की 1940 में प्रकाशित प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का 15वां लेख आज प्रस्तुत किया गया है, सभी लेखों के पीछे केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” प्रश्न का
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आत्मा के मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रैक्टिकल की बैकग्राउंड दर्शाता लेख
https://youtu.be/ZrsM5vSUbjA?si=FxNuOBVm38pMYhth( पावन बना दो हे देव सविता)https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=VFRPACi5qxs7li7-(हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए)28 मई 2024 का ज्ञानप्रसादपरम पूज्य गुरुदेव की 1940 की प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का 14वां लेख आज प्रस्तुत किया गया है, सभी लेखों के पीछे केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” प्रश्न का उत्तर
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आत्मा के मंदिर के प्रवेश द्वार पर पंहुचने की प्रक्रिया
https://youtu.be/RdvMqCRFoGY?si=cYMsa1qsnmpvJ0Ik (कर मन पे अधिकार)https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MS_UhkoJxUWdugDe (हमारा साहित्य लोगों को पढ़ाइए27 मई 2024 का ज्ञानप्रसादपरम पूज्य गुरुदेव की 1940 की प्रथम दिव्य रचना “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का 13वां लेख आज प्रस्तुत किया गया है, सभी लेखों के पीछे केवल एक ही उद्देश्य है, “मैं क्या हूँ?” प्रश्न का उत्तर ढूंढना।शनिवार
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क्या कहते हैं हमारे सहयोगी ?”, 25 मई 2024 का विशेषांक
https://youtu.be/r7GJ8GoGSD8?si=Vm-CN-SrA09auNWrऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथिओं का इस “नवीन सेगमेंट” में जिसका शीर्षक “क्या कहते हैं हमारे सहयोगी”,ह्रदय से स्वागत,अभिवादन करते हुए हमें ह्रदय से प्रसन्नता हो रही है।हमारे साथी प्रसन्नता का कारण जान कर हमसे भी अधिक प्रसन्न होंगें कि गुरु की शक्ति ने साधारण से दिखने वाले मनुष्यों को Celebrity की
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“क्या कहते हैं हमारे सहयोगी ?”, 25 मई 2024 का विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी समर्पित साथिओं का इस “नवीन सेगमेंट” में जिसका शीर्षक “क्या कहते हैं हमारे सहयोगी”,ह्रदय से स्वागत,अभिवादन करते हुए हमें ह्रदय से प्रसन्नता हो रही है। हमारे साथी प्रसन्नता का कारण जान कर हमसे भी अधिक प्रसन्न होंगें कि गुरु की शक्ति ने साधारण से दिखने वाले मनुष्यों को Celebrity
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आत्मा के उत्थान का क्या अर्थ है ?
https://youtu.be/hLaWnRarB6I?si=hV8AhFQy9-9t013N (प्रेरणा बिटिया का योगदान) https://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=MYQsz3unJ8KANzb5 (हमारा साहित्य पढायें) 23 मई 2024 का ज्ञानप्रसाद 1940 में प्रकाशित हुई परम पूज्य गुरुदेव की प्रथम पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित लेख शृंखला का आज 12वां लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रत्येक लेख के पीछे एक ही धारणा है, एक ही उद्देश्य है “मैं क्या
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आत्मा का इंटरव्यू
22 मई 2024 का ज्ञानप्रसाद 1940 में प्रकाशित हुई परम पूज्य गुरुदेव की प्रथम पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित लेख शृंखला का आज 11वां लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रत्येक लेख के पीछे एक ही धारणा है, एक ही उद्देश्य है “मैं क्या हूँ ?” प्रश्न का उत्तर ढूंढना, स्वयं को जानना,पहचानना।
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21 मई 2024 का ज्ञानप्रसाद- आत्मा की क्या पहचान एवं स्वरूप है ?
https://youtube.com/shorts/zOBlqNBHwvw?si=SEuhq-J27CpBniNahttps://youtu.be/nF6PqsTP0ZQ?si=RQ0EQ… (हमारा साहित्य पढ़ाइए)1940 में प्रकाशित हुई परम पूज्य गुरुदेव की प्रथम पुस्तक “मैं क्या हूँ ?” पर आधारित लेख शृंखला का आज 10 वां लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रत्येक लेख के पीछे एक ही धारणा है, एक ही उद्देश्य है “मैं क्या हूँ ?” प्रश्न का उत्तर ढूंढना, स्वयं को जानना, पहचानना।