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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का 14वां लेख-प्राणाग्नि के सदुपयोग से मनुष्य अपरिमित शक्ति का स्वामी बन सकता है।
26 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “काया में समाया प्राणाग्नि का ज़खीरा” को आधार मान कर 27 जनवरी 2025 से आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख शृंखला का आज समापन हो रहा है। आज 14वां लेख प्रस्तुत करते हुए जिस ऊर्जा एवं हर्ष का आभास हो
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का 13वां लेख-प्राण ऊर्जा परमाणु ऊर्जा से ऊपर ही है।
25 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज मंगलवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं। माँ गायत्री एवं गुरुदेव से निवेदन करते हैं कि हमें विवेक
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का 12वां लेख-क्या मानव स्वतः ही जल कर भस्म हो सकता है ?
24 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज सोमवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं। माँ गायत्री एवं गुरुदेव से निवेदन करते हैं कि हमें विवेक
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22 मार्च 2025 ,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर, अपना योगदान देकर
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का 11वां लेख-प्राणवान व्यक्ति एक ही शरीर से कई स्थानों पर कार्य कर सकते हैं
20 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद–सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज गुरुवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं। गुरुवर से निवेदन करते हैं कि हमें विवेक का दान दें।
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का 10वां लेख- प्राणों का संचय कितना सरल, कितना महत्वपूर्ण ?
19 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा एवं ऑनलाइन रिसर्च प्राणाग्नि पर चल रही वर्तमान लेख श्रृंखला में आज प्रस्तुत किया गया आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद भी अपनेआप में बहुत ही महत्वपूर्ण है। आर्थिक दृष्टि से हर कोई संपन्न होना चाहता है, जिधर से भी मिल जाये, उलटे/सीधे मार्ग से धन का संचय
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का नौवां लेख- प्राण इलेक्ट्रिसिटी से मनुष्य असामान्य शक्ति का स्वामी बन सकता है।
18 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज मंगलवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं। गुरुवर से निवेदन करते हैं कि हमें विवेक का दान
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का आठवां लेख- मानव शरीर की आभा का क्या आधार है ?
17 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज सप्ताह के प्रथम दिन सोमवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं। गुरुवर से निवेदन करते हैं कि
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15 मार्च 2025 ,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर, अपना योगदान देकर
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का सातवां लेख-पुरुषों की तुलना में महिलाओं में जीवनीशक्ति अधिक होती है।
13 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज गुरुवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं, निवेदन करते हैं कि हमें विवेक का दान दें। वीणा वादिनी, ज्ञान
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का छठा लेख-मानवी शरीर में व्यापत है जीवन तत्व
12 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज बुधवार को गुरुचरणों में समर्पित हो रहे हैं, निवेदन करते हैं कि हमें विवेक का दान दें। वीणा वादिनी,
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का पांचवां लेख- प्राणशक्ति और मेडिकल साइंस
11 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा आज के लेख को लिखते समय ओरिजिनल और रिसर्च किये गए कंटेंट में इतना कुछ टेक्निकल और मेडिकल था कि हमारे लिए भी समझ पाना कठिन हो रहा था। हमने वह सारी मेडिकल शब्दावली को एक किनारे रख कर वही कंटेंट प्रस्तुत करने का प्रयास
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधारित लेख श्रृंखला का चौथा लेख -जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दादिल क्या खाक जिया करते हैं
10 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की गुरुकुल स्थित पावन यज्ञशाला में ज्ञानयज्ञ की आहुतियां देने के लिए परम पूज्य गुरुदेव के हम सब समर्पित बच्चे आज सोमवार को गुरुचरणों में समर्पित होते हैं, निवेदन करते हैं कि हमें विवेक का दान दें। वीणा वादिनी,
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साहित्य प्रचार-प्रसार में गुरुदेव द्वारा किए गए आविष्कार
https://youtu.be/hd-2T2WsxIc?si=tFayp0dsnp-gULzM6 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स अखंड ज्योति अप्रैल 1990कल प्रकाशित हुए ज्ञानप्रसाद लेख में वर्णित परिस्थितिओं को देखते हुए हमारे हृदय में जिज्ञासा उठी कि गुरुदेव के साहित्य के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण कार्य किस प्रकार निभाया जाए। गुरुदेव के लिए भी तो ऐसी कठिन परिस्थिति आई होगी, उन्होंने भी तो इसका सामना किया होगा।
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आत्मबल सभी प्रकार के बल से सर्वोपरि है,भाग 3
5 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 आत्मबल के विषय पर प्रस्तुत किये गए तीनों लेख इस उद्देश्य से लिखे गए हैं कि आँख मूँद कर यह विश्वास न कर लिया जाए कि “आत्मबल ही सर्वोपरि है” क्योंकि वर्षों से चलते आ रहे सन्देश “जिसकी लाठी उसकी भैंस, Money makes the mare go”
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आत्मबल सभी प्रकार के बल से सर्वोपरि है,भाग 2
4 मार्च, 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 आत्मबल एवं इससे सम्बंधित विषय पर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अनेकों लेख पहले भी प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन बार-बार उसी विषय को फिर से प्रकाशित करने का उद्देश्य रिपीट करना तो होता ही है, आत्मनिरीक्षण एवं आत्ममूल्यांकन भी करना होता है। हमें
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आत्मबल, सभी प्रकार के बल से सर्वोपरि है, भाग 1
3 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 हमारे साथी जानते हैं कि आजकल ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अप्रैल 1990 की अखंड ज्योति पर आधारित लेख श्रृंखला का प्रकाशन हो रहा है। 20,21 फ़रवरी को ब्रह्मबीज सम्बंधित दो लेख प्रस्तुत किये गए थे, उसके बाद “हम बिछुड़ने के लिए नहीं जुड़े
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1 मार्च 2025 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर, अपना योगदान देकर
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तपने और तपाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?
27 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 हम सभी जानते हैं कि 2 जून 1990 वाले दिन हमारे परमपूज्य गुरुदेव स्वेछा से स्थूल शरीर का त्याग करके सूक्ष्म में विलीन हो गए थे। जीवनपर्यन्त अपने बच्चों के मार्गदर्शन के लिए विराट साहित्य छोड़े जाने के बावजूद, अखंड ज्योति के अप्रैल 1990 के अंक
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हम बिछुड़ने के लिए नहीं जुड़े हैं- भाग 2
26 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ भगवान् भोलेनाथ के चरणों में नमन करते हुए, महाशिवरात्रि के पावन पर्व को मनाते हुए करते हैं। आज का लेख “हम बिछुड़ने के लिए नहीं मिले हैं” शीर्षक से आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का दूसरा एवं अंतिम भाग है।
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हम बिछुड़ने के लिए नहीं जुड़े हैं- भाग 1
अपने साथिओं के समय को ध्यान में रखते हुए,प्रज्ञागीत के स्थान पर गुरुदेव के अंतिम सन्देश वाली वीडियो प्रकाशित की गयी है। 24 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद–सोर्स अखंड ज्योति अप्रैल 1990 आज के आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ परम पूज्य गुरुदेव की निम्नलिखित “अंतिम सन्देश) की पंक्तियों से कर रहे हैं। यह पंक्तियाँ हमारे साथिओं
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22 फ़रवरी 2025 ,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
पिछले शनिवार को “वीकेंड विशेष सेगमेंट” एक वीडियो के रूप में प्रस्तुत किया गया था, हमारे इस नवीन प्रयास की भी प्रशंसा हुई थी जिसके लिए हम ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं। आदरणीय सुमनलता बहिन जी ने हमारे विज्ञान के विद्यार्थी होने का भी ज़िक्र किया था, उनका स्पेशल धन्यवाद् करते हैं। आज के विशेषांक
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ब्रह्मबीजों का ब्रह्मतेज सारे विश्व में फैल चुका है-भाग 2
21 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद हम सब प्रतक्ष्य देख रहे हैं कि ब्रह्मबीजों का ब्रह्मतेज सारे विश्व में फैल चुका है, गायत्री परिवार गुरुदेव का सन्देश लेकर विश्व के ऐसे देशों, नगरों और गलिओं में जा पंहुचे हैं जिन्हें ग्लोब पर ढूंढ पाना भी आसान नहीं हैं। इस लेख की दिव्य पंक्तियों के पढ़ रहे
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गायत्री परिवार के ब्रह्मबीजों का ब्रह्मतेज सारे विश्व में फैल चुका है-भाग 1
20 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद आज आरम्भ हुई “आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला” की भूमिका (Preface) कल वर्णन की थी, एक बार फिर से बता देते हैं कि आने वाले कुछ दिनों के ज्ञानप्रसाद लेख, अप्रैल 1990 की अखंड ज्योति में प्रकाशित हुए लेखों पर आधारित होंगें। हमारे साथी जानते हैं कि वर्ष 1990 परम पूज्य
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गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस की “विशेष श्रृंखला” का Wrap up एवं आगे की रणनीति।
19 फ़रवरी 2025,बुधवार के दिन, सभी की मंगलकामना के साथ लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के प्रत्येक साथी के लिए एक अद्भुत प्रेरणा का स्रोत हो सकती हैं क्योंकि आज हमें इस परिवार के उस Teenager के विचार जानने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है जिसका नाम है मिस्टर आयुष पाल।
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का दसवां एवं समापन लेख -प्रस्तुतकर्ता अरुण त्रिखा
10 जुलाई 2017 वाले दिन को हम गायत्री परिवार में अपना पुनर्जन्म मानते हैं। पुनर्जन्म तो ही तो है क्योंकि 2012 से 2017 तक लगातार हम दोनों गुरुशरण पाने के लिए कहां कहां नहीं भटके, क्या-क्या कुछ नहीं किया, शब्दों में वर्णन करना कठिन है। आत्मिक शांति के लिए मंदिरों में जाना तो साधारण सी
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का नौंवां लेख -प्रस्तुतकर्ता आदरणीय अरुण वर्मा, संध्या कुमार और राजकुमारी कौरव
17 फ़रवरी 2025,सोमवार को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ इनमें छिपे ज्ञान के कारण किसी को भी ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं। आद.अरुण जी ने हमारे निवेदन को स्वीकार किया और उनके कमेंट से उठ रहे हमारे विचारों को अनुभूति रूप में प्रस्तुत किया, जिसके लिए हम उनका ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं।
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का आठवां लेख -प्रस्तुतकर्ता OGGP की समर्पित बहिनें आद.मीरा पाल और राधा त्रिखा
https://youtu.be/iy3xp1lQ6Sg?si=xrOsEL1tQVSgYAz7 आज प्रस्तुत किये गए प्रज्ञा गीत में नायक दिलीप कुमार,नायिका मधुबाला,निर्देशक मेहबूब खान, संगीतकार नौशाद, गीतकार शकील सभी मुस्लिम जाति के थे, लेकिन बात मंदिर की हो रही है। सात दशक पूर्व रिलीज़ हुई सुपरहिट मूवी “अमर” को आज भी उसी श्रद्धा से देखा जाता है। 13 फ़रवरी 2025,गुरुवार के दिन, सभी की मंगलकामना
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का सातवां लेख योगदानकर्ता-आद.सरविन्द पाल
12 फ़रवरी 2025,बुधवार को प्रस्तुत किया गया यह लेख अखंड ज्योति फरवरी 2017 के अंक में पृष्ठ 13 पर प्रकाशित हुए “उन चरणों को पूजो,जिनने दुनिया नई बसायी है” शीर्षक वाले लेख पर आधारित है। इस लेख को हम सबके आद.सरविन्द पाल जी ने पढ़ा, समझा और हमने इसका सरलीकरण करते हुए Easy to understand
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का छठा लेख -प्रस्तुतकर्ता OGGP की समर्पित बहिन आद. संध्या कुमार एवं बेटी प्रेरणा कुमारी
परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का छठा लेख -प्रस्तुतकर्ता OGGP की समर्पित बहिन आद. संध्या कुमार एवं बेटी प्रेरणा कुमारी 11 फ़रवरी 2025,मंगलवार के दिन, सर्वमंगल के साथ लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं, आद.
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का पांचवां लेख -प्रस्तुतकर्ता OGGP की दो समर्पित सम्मानीय बहिनें- पुष्पा सिंह और सुजाता उपाध्याय
10 फ़रवरी 2025, सोमवार को,सप्ताह के प्रथम दिन को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं क्योंकि आज हमारी दो सम्मानीय बहिनों की अनुभूति तो प्रस्तुत की ही जा रही है, साथ में ही गुरु की महिमा का बखान करता प्रज्ञागीत
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8 फ़रवरी 2025 ,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का चौथा लेख -प्रस्तुतकर्ता OGGP की दो समर्पित बेटियां- अनुराधा पाल, पिंकी पाल
6 फ़रवरी 2025, बृहस्पति वार, (गुरुवार) को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं क्योंकि आज हमारी दो बेटियों की अनुभूति तो प्रस्तुत की ही जा रही है, साथ में हमारी आद. बहिन सुमनलता जी द्वारा भेजा गया प्रज्ञागीत भी गुरुचरणों में
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का तीसरा लेख लेख -प्रस्तुतकर्ता आद. सरविन्द पाल
आज के लेख में प्रज्ञागीत के स्थान पर 49 मिंट की वीडियो अटैच है। परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का तीसरा लेख लेख -प्रस्तुतकर्ता आद. सरविन्द पाल 5 फ़रवरी 2025, बुधवार को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का दूसरा लेख लेख -प्रस्तुतकर्ता आद अरुण वर्मा
आज का प्रज्ञागीत युगतीर्थ शांतिकुंज में किये गए साधना सत्र को ही समर्पित है। 4 फ़रवरी 2025, मंगलवार को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं क्योंकि वसंत पंचमी का दिन गायत्री परिजनों के जीवन में एक विशेष स्थान बनाये बैठा है।
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परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित “विशेष श्रृंखला” का प्रथम लेख -प्रस्तुतकर्ता आद सरविन्द पाल
3 फ़रवरी 2025, सोमवार को लिखी जा रही यह पंक्तियाँ ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के किसी भी साथी को ऊर्जावान किये बिना नहीं रह सकतीं क्योंकि पिछले कल (वसंत पंचमी) वाला दिन हम सभी के जीवन में एक विशेष स्थान बनाये बैठा है। वर्ष 1926 की वसंत पंचमी का दिन परम पूज्य गुरुदेव के जीवन
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1 फ़रवरी 2025 ,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
https://youtu.be/kLsTGj_BrzA?si=agxg5FbIVesR7lP3 https://youtu.be/LZ1OAEnimuY?si=IYb3APwCvf2ihPF1 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधरित लेख श्रृंखला का तीसरा लेख- गायत्री साधना से प्राणशक्ति का संग्रह हो सकता है।
30 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: काया में समाया प्राणाग्नि का जखीरा परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “काया में समाया प्राणाग्नि का जखीरा” मात्र 43 पन्नों की कोई साधारण सी पुस्तक नहीं है। 2010 में प्रकाशित हुए रिवाइज्ड एडिशन के अध्ययन से जो ज्ञानप्राप्ति होती है, उसे शब्दों में वर्णन कर पाना लेखक
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधरित लेख श्रृंखला का दूसरा लेख- क्या हर कोई मनुष्य प्राणवान बन सकता है ?
29 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स, काया में समाया प्राणग्नि का जखीरा परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “काया में समाया प्राणाग्नि का जखीरा” मात्र 43 पन्नों की कोई साधारण सी पुस्तक नहीं है। किसी भी युग में मनुष्य को उत्कृष्ट मार्गदर्शन प्रदान करने वाली इस पुस्तक को “सुखद जीवन का रामबाण” कहना कोई अतिश्योक्ति न
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प्राणाग्नि के जखीरे पर आधरित लेख श्रृंखला का प्रथम लेख- नन्हा सा बीज प्राणतत्व लिए हुए है।
28 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद –सोर्स- काया में समाया है प्राणाग्नि का जखीरा परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “काया में समाया प्राणाग्नि का जखीरा” मात्र 43 पन्नों की कोई साधारण सी पुस्तक नहीं है। किसी भी युग में मनुष्य को उत्कृष्ट मार्गदर्शन प्रदान करने वाली इस पुस्तक को “सुखद जीवन का रामबाण” कहना कोई
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कल से आरम्भ होने वाली लेख श्रृंखला की रोचक सी भूमिका।
27 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद 47 मिलियन व्यूज वाले महामृत्युंजय मंत्र के साथ आज के ज्ञानप्रसाद का शुभारम्भ होता है। भूमिका क्या, यह तो “अपनों से अपनी बात” जैसा लेख प्रतीत हो रहा है, जी हाँ कुछ ऐसा ही है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथी इसकी कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित हैं। इस कार्यप्रणाली
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जनवरी माह के अंतिम शनिवार का विशेषांक- क्या हम अपनेआप को साथिओं से ऋण मुक्त कर पायेंगें ?
25 जनवरी 2025 हमारे समर्पित साथिओं ने माह का अंतिम शनिवार हमारे लिए फिक्स किया हुआ है जिसके लिए हम आभार व्यक्त करते हैं। आज प्रस्तुत किए गए स्पेशल सेगमेंट में हम चार “सैंपल कॉमेंट” के बारे में चर्चा कर रहे हैं। ऐसे अनेकों कॉमेंट्स जिन्हें हमारे साथी समयदान, श्रमदान,ज्ञानदान करके हमारे ऊपर ऋण का
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गुरुदेव से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? चतुर्थ एवं समापन भाग। अनिश्चित नहीं, सुनिश्चित परिजनों की आवश्यकता है।
23 जनवरी 2025 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद-सोर्स- अखंड ज्योति जुलाई 1966 पृष्ठ 26 चार भागों में पूर्ण हुई वर्तमान लेख श्रृंखला का आज चतुर्थ एवं समापन भाग प्रस्तुत किया गया है। परम पूज्य गुरुदेव की इच्छा है कि कुछ ऐसे परिजन शिक्षित कर दिए जाएँ जिन्हें हम अपने उत्तराधिकारी कह सकें। उनकी योग्यता ऐसी हो कि
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गुरुदेव से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? भाग 3 -हमारे गुरुदेव एक पारिवारिक शिक्षक
22 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद -सोर्स अखंड ज्योति जुलाई 1966 पृष्ठ 26 परम पूज्य गुरुदेव स्वयं को परिजनों के ऋण से मुक्त करना चाहते हैं। आज के लेख में गुरुवर कह रहे हैं कि यदि हमारा “भावना शरीर” यानि हमारा साहित्य, हर प्रेमी परिजन के समीप एक मूर्तिमान कलेवर की तरह विद्यमान रह सके तो हमारे
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ऋतंबरा-प्रज्ञा की सरलतम चर्चा
12 अक्टूबर का ज्ञानप्रसाद – हो सकता है आज के लेख का हर कोई वाक्य आपको बार-बार पढ़ना पढ़े , बहुत गूढ़ है। शब्दसीमा के कारण भूमिका ले लिए कोई स्थान नहीं बचा। _________________ ज्ञान अनंत है -इसका कोई अंत नहीं कभी भी किसी ज्ञान को अंत नहीं कहना चाहिए क्योंकि अगर भगवान ही अनंत
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गुरुदेव के जीवन पर लेखों की श्रृंखला
गुरुदेव के जीवन पर लेखों की श्रृंखला – लेख 1 आत्मीय परिजनों -एक निवेदन : आज से हम लेखों की श्रृंखला आरम्भ कर रहे हैं जो केवल परमपूज्य गुरुदेव पर ही आधारित होंगें। पिछले कई दिनों से हम कुछ एक पुस्तकों का अध्यन कर रहे थे और ऐसे कुछ लेख हमारे अंतकरण में दर्शित हुए
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कर्म और भाग्य में कौन सर्वश्रेष्ठ है और क्यों?-पार्ट 2
15 अक्टूबर 2021 का ज्ञानप्रसाद विजयदशमी की सुबह में आप सबको शुभकामनायें देते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। कामना करते हैं कि असत्य की हार के साथ सत्य की जीत हो और विश्व के हर प्राणी का जीवन सुखमय हो। आज और पिछले कल के दोनों ही ज्ञानप्रसाद पूर्णतया व्यक्तिगत हैं।
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मन क्या है ?
21 अक्टूबर 2021 का ज्ञानप्रसाद – हमको मन की शक्ति देना मन विजय करे आज का ज्ञानप्रसाद गुड्डी फिल्म की बहुचर्चित प्रार्थना “हमको मन की शक्ति देना मन विजय करे” से आरम्भ कर रहे हैं। इस लेख में व्यक्त किये गए विचार केवल हमारी अल्पबुद्धि और अल्प-अनुभव पर आधारित हैं। इन विचारों से सहमत य
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सत्संग मनोनिग्रह में बड़ा सहायक है
27 नवम्बर 2021 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद स्वामी आत्मानंद जी द्वारा लिखित पुस्तक “मन और उसका निग्रह” के अध्याय12 और 13 हैं । मनोनिग्रह की यह अद्भुत श्रृंखला आदरणीय अनिल कुमार मिश्रा जी के स्वाध्याय पर आधारित प्रस्तुति है।ऑनलाइन ज्ञानरथ परिवार रामकृष्ण मिशन मायावती,अल्मोड़ा के वरिष्ठ सन्यासी पूज्य स्वामी बुद्धानन्द जी महाराज और छत्तीसगढ़
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अरणि मंथन
आज का लेख आरम्भ करने से पूर्व हम अपने सहकर्मियों का ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं जो इतनी सक्रियता, नियमितता,श्रद्धा और अनुशासन के साथ ऑनलाइन ज्ञानरथ को सफल करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अनुशासन की बात करें तो एक दिन सरविन्द भाई साहिब व्यस्तता के कारण कुछ असक्रिय रहे और
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गायत्री नगर प्रयोगशाला की कार्यशैली
7 जून 2022 का ज्ञानप्रसाद गायत्री नगर शांतिकुंज हरिद्वार पर आधारित लेख श्रृंखला का यह छटा लेख है। सभी लेखों में यही प्रयास किया गया है कि इस युगतीर्थ में आने वाले प्रत्येक साधक को इसका वास्तविक रूप और उदेश्य से जानकार करवाया जाये। शांतिकुंज में लाखों-करोड़ों की संख्या में साधक जा चुके होंगें, आज
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ईश्वर से मिलने और वार्तालाप करने का स्थान।
4 जुलाई 2022 का ज्ञानप्रसाद- ईश्वरीय सत्ता पर आधारित लेख माला का यह अंतिम पार्ट है। यह टॉपिक इतना गहन चिंतन योग्य है कि इस ज्ञानप्रसाद का अमृतपान करते समय पाठकों के अंतःकरण में अवश्य ही कई प्रकार के प्रश्न उठेंगें। सबसे बड़ा प्रश्न तो हमारे शरीर में अंतःकरण के स्थान का है। कहाँ पर
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अपने सहकर्मियों की कलम से -6 अगस्त 2022
हर शुक्रवार को जब हम यह वीकेंड विशेष सेगमेंट लिखना आरम्भ करते हैं तो एक अद्भुत सी सुखद अनुभूति होती है। यह अनुभूति इसलिए होती है कि हमारे समर्पित सहकर्मियों की contributions को पढ़ते समय ऐसा अनुभव होता है जैसे कि कई वर्षों का सम्बन्ध हो, हालाँकि बहुतों को तो हमने देखा तक नहीं है,
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गुरुदेव से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? भाग 2
21 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स अखंड ज्योति जुलाई 1966 कल आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला का आज मंगलवार को सभी साथियों के मंगल की कामना के साथ दूसरा लेख प्रस्तुत है। कल वाले लेख का समापन भावनाशील परिजनों को एड्रेस करते किया गया था। इस लेख में संकेत दिया गया था कि “भावना का
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गुरुदेव से हमारे सम्बन्ध कैसे हों ? भाग 1
20 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद -अखण्ड-ज्योति जुलाई 1966 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के प्रथा के अनुसार सोमवार को एक नवीन आध्यात्मिक लेख शृंखला का शुभारम्भ किया जाता है। आज भी सोमवार है, सप्ताह का प्रथम दिन है, नवीन ऊर्जा से ओतप्रोत गुरुकक्षा के सभी सहपाठिओं का अभिवादन है। आज प्रारम्भ हो रही लेख शृंखला ,जिसका सारांश
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18 जनवरी 2025, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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युग निर्माण के लिए उत्तराधिकारिओं की तलाश-भाग 2
16 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद:सोर्स अखंड ज्योति दिसंबर 1964 “अखंड ज्योति” की रजत जयंती पर दिसंबर 1964 में इसी पत्रिका में प्रकाशित लेख में परम पूज्य गुरुदेव “प्राणवान उत्तराधिकारिओं की तलाश” की चर्चा कर रहे हैं। इस तलाश को 1965 की बसंत पंचमी पर और भी सक्रीय बनाने की बात कर रहे हैं। संयोग से
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अखंड ज्योति में 1964 और 1966 में प्रकाशित हुए दो लेखों पर आधारित लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि एवं उत्तरधिकारिओं की तलाश भाग 1
15 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद, सोर्स अखंड ज्योति दिसंबर 1964 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक संकल्पित सहकर्मी इस प्रक्रिया से भलीभांति परिचित है कि जब भी किसी नवीन लेख श्रृंखला का शुभारम्भ होता है,उससे पहले उसकी पृष्ठभूमि की चर्चा अवश्य की जाती है। फ़िल्म की रिलीज़ से पहले, कुछ मिंटों के ट्रेलर सार्वजानिक करने
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हमारे शरीर में “मन” की जगह कहाँ है ?
14 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद –सोर्स Quora की अनेकों posts हमारे समर्पित साथिओं को स्मरण होगा कि 2021 में आदरणीय अनिल मिश्रा जी की प्रेरणा से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से “मनोनिग्रह” विषय पर 30 लेखों की भारी भरकम लेख श्रृंखला प्रस्तुत की गयी थी, साथिओं के कमैंट्स ने इसे सच में भारी
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व-पार्ट 4
13 जनवरी 2025 सोमवार का ज्ञानप्रसाद आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है और लोहड़ी के पावन पर्व के कारण हम सभी सहकर्मी अति ऊर्जावान हैं। सभी को लोहड़ी और मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामना। 27 नवंबर 2024 को हमारी सर्जरी थी और उसी दिन नाभि ज्ञान की लेख श्रृंखला का तीसरा ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला आठवां Full length लेख- सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा स्मारकों की उत्पति
8 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद, स्रोत- चेतना की शिखर यात्रा आज का ज्ञानप्रसाद लेख भी पिछले सात लेखों की भांति ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रकाशित हुए लेख का पुनः प्रकाशन है। 28 दिसंबर 2020 को इसी शीर्षक से प्रकाशित हुए लेख को एडिट करके गुरुकुल की आध्यात्मिक गुरुकक्षा में प्रस्तुत करना हमारे
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला सातवां Full length लेख- रामानंद सागर एवं गुरुदेव के मिलन के पल
आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है और आज प्रस्तुत किया गया ज्ञानप्रसाद लेख हमारी रिसर्च के आधार पर,एक फेसबुक पोस्ट पर आधारित है जिसमें प्रसिद्ध बॉलीवुड डायरेक्टर स्वर्गीय रामानंद सागर और परमपूज्य गुरुदेव के मिलन के अविस्मरणीय पल वर्णित किये गए हैं। श्री चिन्मय देशपांडे,पंडित देवेन्द्र भारद्वाज और श्यामाक्ष गोस्वामी जी की यह रचना
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला छठा Full length लेख
29 दिसंबर 2024 Aristotle (अरस्तु) का एक महान कथन है, “Everything happens for a reason”, पूर्वप्रकाशित लेखों का पुनः प्रकाशन इस कथन को सार्थक करता दिख रहा है। न हमारी सर्जरी होती, न हम अपने साथिओं के सुझाव का पालन कर पाते और न हम अपने ही द्वारा लिखे गुरूसाहित्य का संशोधन कर पाते। हमारे
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला पांचवां Full length लेख-श्री रामप्रकाश जेसलानी जी एवं उनकी पत्नी श्रीमती शालिनी जेसलानी की कथा
हमारी सर्जरी के कारण वर्ष 2024 के अंतिम पल ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार निर्धारित टाइम टेबल की अवहेलना करते बीत रहे हैं जिसके लिए हम अपने समर्पित साथिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं। कल वाला शनिवार दिसंबर माह का अंतिम शनिवार है, हमारे साथिओं ने हर माह का अंतिम शनिवार हमारे लिए फिक्स किया हुआ है
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला तीसरा Full length लेख
आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है, पिछले सोमवार को सर्जरी की भयावह स्थिति के वशीभूत प्रथम लेख प्रस्तुत किया गया था, सभी साथिओं का ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं कि इस स्थिति में, सर्वसम्मति से दिए गए सुझाव का सम्मान किया जा रहा है, हमारा प्रयोग सफल हुए जा रहा है। मालूम नहीं कि
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला चौथा Full length लेख
आधुनिक युग के हनुमान – शिवदास साधु और शुक्ला बाबा आदरणीय नीरा जी के सुझाव का पालन करके हमने शिष्य शिरोमणि आदरणीय लीलापत शर्मा जी की गुरुभक्ति को दर्शाते अपने साथिओं के समक्ष कुछ पूर्वप्रकाशित लेख प्रस्तुत किए, अवश्य ही इन लेखों से हम सबको प्रेरणा मिली होगी। हम सबको पंडित जी की भांति परम
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला प्रथम Full length लेख
मात्र 500 शब्दों के शनिवार प्रकाशित हुए संक्षिप्त सन्देश के रिस्पांस में 105 कमेंट प्राप्त होना अपनेआप में एक उदाहरण है, यह उदाहरण है अपनत्व और श्रद्धा का, समर्पण और गुरुभक्ति का एवं ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के प्रति अटूट विश्वास का। साथिओं के सुझावों एवं निर्देशों से एकमात्र सन्देश प्राप्त हो रहा है कि
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2024 की सर्जरी के बाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रकाशित होने वाला दूसरा Full length लेख
12 दिसंबर 2024- स्रोत पत्र पाथेय वर्तमान शृंखला में सोमवार को जब पहला अंक प्रकाशित किया गया था तो आदरणीय वंदना बहिन जी ने आशीर्वाद एवं शुभकामना दी थी कि कमैंट्स के प्रति किया जाने वाला यह “प्रयोग” भी सफल होगा। 808 कमैंट्स और 24 से अधिक आहुतियां प्रदान करने वाले 14 संकल्पधारिओं को देखकर
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व-पार्ट 3
27 नवंबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद नाभि और नाभिचक्र की महत्ता का वर्णन करते आज के ज्ञानप्रसाद का शुभारम्भ करने से पहले परम पूज्य गुरुदेव एवं अनेकों समर्पित बच्चों का धन्यवाद् करना चाहेंगें जो हमारी सर्जरी को लेकर अनवरत भांति-भांति के शुभकामना सन्देश पोस्ट कर रहे हैं। सभी के प्रति यही कह सकते हैं कि
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व-पार्ट 2
26 नवंबर 2024, मंगलवार का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख माह के अंतिम शनिवार को प्रकाशित होने वाले विशेषांक का कुछ अंश लिए हुए है। ह्रदय में उठ रही भावनाओं को दिसंबर माह के अंतिम शनिवार तक पोस्टपोन करना कुछ अनुचित लग रहा है, वैसे भी नाभि पर आधारित चल रही लेख श्रृंखला कल तक
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मनुष्य शरीर में नाभि का महत्व -पार्ट 1
25 नवंबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के संकल्पित साथी इस तथ्य से भलीभांति अवगत हैं कि इस परिवार में सोमवार का दिन एक अद्भुत सौभाग्य लेकर आता है। सप्ताह का प्रथम दिन होने के कारण और रविवार की छुट्टी होने के कारण, इस दिन सभी साथी, परम पूज्य गुरुदेव के बच्चे
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23 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 3 (समापन पार्ट)
21 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “हमारा धन्यवाद् स्वीकार कीजिये” शीर्षक से दिसंबर 1940 की अखंड ज्योति में प्रकाशित एक छोटे से, केवल 4 पन्नों के लेख को समझने के लिए भांति-भांति के उदाहरण देते हुए, वीडियोस का सहारा लेते हुए, क्रॉस रेफरेन्स को शामिल करते हुए आज इस समापन लेख को प्रस्तुत करते हुए हमारी
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 2
20 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “हमारा धन्यवाद् स्वीकार कीजिये” शीर्षक से दिसंबर 1940 की अखंड ज्योति में प्रकाशित एक छोटे से, केवल 4 पन्नों के लेख को समझने के लिए भांति-भांति के उदाहरण देते हुए, वीडियोस का सहारा लेते हुए, क्रॉस रेफरेन्स को शामिल करते हुए हमने चार दिन एक ऐसा प्रयास किया कि प्यासी
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अखंड ज्योति के प्रथम वर्ष की यात्रा का उत्कृष्ट लेख-पार्ट 1
19 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद “जब तक मेरे भीतर रक्त की अंतिम बूँद, प्राण का अंतिम भाग और जीवन का अंतिम क्षण है तब तक मैं भारत और भारतीय संस्कृति की सेवा करता रहूँगा और आध्यात्मिक पत्रकारिता मेरे माध्यम से नए आयाम प्राप्त करेगी।”, परम पूज्य गुरुदेव का यह दिव्य सन्देश आदरणीय हनुमान प्रसाद पोद्दार
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अखंड ज्योति के “प्रथम वर्ष की यात्रा” लेख श्रृंखला की पृष्ठभूमि।
18 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है, भगवान शिव को समर्पित “जय शिव ओंकारा” से गुरुकुल की आज की आध्यात्मिक गुरुकक्षा का शुभारम्भ होना एक पावन सौभाग्य है। आज के लेख का शुभारम्भ करने से पहले साथिओं के साथ शेयर करना चाहेंगें कि यूट्यूब की टेक्निकल टीम से “शुक्रवार को
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16 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर
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सच्ची साधना से माँ गायत्री से वार्तालाप भी संभव है।
14 नवंबर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद- गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” इस सप्ताह का चौथा एवं अंतिम ज्ञानप्रसाद माँ गायत्री से वार्तालाप करवा रहा है। आज का ज्ञानप्रसाद लेख परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” पर आधारित है। सच्ची साधना द्वारा माँ गायत्री से
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गायत्री मंत्र लेखन-एक महान साधना -पार्ट 2
13 नवंबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद – गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” पर आधारित दो भागों की लेख श्रृंखला का यह दूसरा एवं अंतिम भाग है। हमारे अथक प्रयास के बावजूद ओरिजिनल कंटेंट में Repetition को टालना असंभव ही
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गायत्री मंत्र लेखन-एक महान साधना -पार्ट 1
12 नवंबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “गायत्री की परम कल्याणकारी सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” एवं ऑनलाइन रिसर्च पर आधारित है। लेख को सरल बनाने के लिए ओरिजिनल रचना में दिए गए दिव्य संस्कृत श्लोकों को डिलीट किया
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“अपने सहकर्मियों की कलम से” विशेषांक का एक दिन के लिए एक्सटेंशन
11 नवंबर 2024 आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार है और इस दिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अधिकतर गुरुदेव द्वारा रचित दिव्य साहित्य की लेख शृंखला का शुभारम्भ होता है। अपने समर्पित, श्रद्धावान एवं अति सम्मानीय साथिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि आज केवल एक दिन के लिए शनिवार वाले विशेषांक को
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9 नवंबर 2024, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
9 नवंबर, शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं,
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आत्मबोध के लिए बहुत आवश्यक है एकान्त सेवन
7 नवंबर 2024 का ज्ञानप्रसाद- एकान्त सेवन आज का ज्ञानप्रसाद लेख अखंड ज्योति जून 1940 के उस लेख पर आधारित है जो न जाने कितनों को आत्मबोध, आत्मज्ञान एवं जाग्रति का पाठ पढ़ा चुका है और कितने ही पदार्थवाद, भौतिकवाद,मोहमाया के बंधनों से मुक्ति पाकर जीवन की वास्तविकता को स्वीकार कर चुके हैं। गुरुदेव इस
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ईश्वर हमारे सबसे घनिष्ट मित्र हैं
6 नवंबर 2024,बुधवार का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद भी शृंखला न होकर आज ही समापन होने वाला लेख है। प्रस्तुत लेख इतना सरल है कि इसके लिए कोई भी भूमिका आदि की आवश्यकता भी नहीं दिख रही, सब कुछ क्लियर/स्पष्ट दिख रहा है, लेकिन फिर भी हमारे अंतःकरण में उठ रही दो बातें शेयर कर
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आइये मस्तिष्करूपी रेडियो से विचारक्रांति को गति दें
5 नवंबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद- जीता जागता रेडियो अपने कथन के अनुसार आजकल के ज्ञानप्रसाद लेख किसी लेख-श्रृंखला के न होकर छोटे-छोटे एक ही दिन में समापन होने वाली प्रस्तुतियां हैं। यह वोह लेख हैं जिन्हें हमारी लाइब्रेरी में सेव किया हुआ है एवं जिन्होंने हमें बहुत ही प्रभावित किया है। आज प्रस्तुत गए
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आदरणीय सुजाता बहिन जी की जिज्ञासा का आंशिक समाधान
4 नवंबर 2024, सोमवार का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति जनवरी 1976 30 अक्टूबर वाले ज्ञानप्रसाद के सन्दर्भ में हमारी आद सुजाता बहिन जी ने “कारण शरीर के केंद्र” के प्रति जिज्ञासा व्यक्त की थी। उन्होंने दो वीडियोस भी भेजी थीं, एक में कारण शरीर का स्थान “ह्रदय चक्” और दूसरी में “मस्तिष्क चक्र” बताया गया
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2 नवंबर 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आज नवंबर माह का पहला शनिवार है, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमारे अधिकतर साथी दिवाली एवं उससे सम्बंधित पर्वों में व्यस्त हैं, यही कारण है कि इस बार साथिओं की तरफ से कुछ भी योगदान प्राप्त नहीं हुआ है। कोई बात नहीं हमारे पास साथिओं के प्रेमपूरित अनेकों कमैंट्स सेव किये हुए हैं
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“उपासना-साधना-आराधना” लेख श्रृंखला का सारांश एवं आगे की रण नीति
31 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद विश्वभर में फैले ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवारजनों को उनके समय के अनुसार दीपावली की हार्दिक शुभकामना। हम सबके प्रिय एवं परम पूज्य गुरुदेव के समर्पित शिष्य आदरणीय श्रद्धेय डॉ साहिब के अवतरण दिवस की, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की ओर से भावपूर्ण शुभकामना एवं बधाई, आज का प्रज्ञागीत उसी सन्दर्भ
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सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship” पार्ट 2, समापन
30 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद –सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि आज के ज्ञानप्रसाद लेख से “उपासना आधरित लेख श्रृंखला” का समापन हो रहा है। कल प्रस्तुत किये गए लेख में “सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि” में किये जाने वाले पांच स्टैप्स (1.ब्रह्मसंध्या 2. देवपूजन 3. जप एवं ध्यान 4. प्रार्थना 5. सूर्यार्घ्यदान) में से प्रथम दो प्रारंभिक
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“सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship” पार्ट 1
29 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद- सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि कुछ दिन पूर्व जब यूट्यूब ने उड़ते हुए, रंग बिरंगें गुब्बारे भेज कर जीमेल द्वारा 5 मिलियन (50 लाख) व्यूज की उपलब्धि पर हमें बधाई दी तो ह्रदय प्रसन्नता से भर गया। इस उपलब्धि से प्राप्त हुई प्रसन्नता को अपने परिवार के अनेकों साथिओं, सहकर्मियों के
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“सर्वांगपूर्ण सुगम उपासना विधि, Complete and easy method of worship”
28 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद 9 सितम्बर 2024 को “ध्यान” के विषय पर आरम्भ हुए लगभग 27 लेखों का विस्तृत अमृतपान करने के बाद साथिओं के पास शायद ही कोई ऐसा प्रश्न हो जिसका उत्तर Unanswered रह गया हो। आज सोमवार को ध्यान के अंतिम चैप्टर की ओर अग्रसर होने का समय आ गया
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“सुझाव सुमनलता बहिन जी का,प्रयास हमारा” का 26 अक्टूबर , 2024 का अंक
हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार पूर्णतया परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। लगभग 6
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गायत्री मंत्र को “ब्राह्मण की कामधेनु” क्यों कहा जाता है ?
24 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद-ब्राह्मण की कामधेनु ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से अधिकतर ऐसे बहुचर्चित विषयों पर चर्चा की जाती है जिन्हें अधिकतर लोगों ने सुन तो रखा होता है लेकिन जब उनके बारे में पूछा जाता है तो कुछ Fragmented सा, ग़लत सा ज्ञान ही प्रतक्ष्य होता दिखता है। इस मंच पर
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का चतुर्थ एवं अंतिम भाग
23 अक्टूबर 2024 बुधवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना (USA)” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में युगतीर्थ शांतिकुंज के प्रांगण में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। आज
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का तीसरा भाग
22 अक्टूबर 2024 मंगलवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना (USA)” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में युगतीर्थ शांतिकुंज के प्रांगण में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का द्वितीय भाग
21 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद-उपासना-साधना-आराधना पुस्तक का लिंक 17 अक्टूबर को “उपासना-साधना-आराधना” विषय पर आरम्भ हुई ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे अनेकों साथिओं ने
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उपासना-साधना-आराधना लेख शृंखला का प्रथम भाग
17 अक्टूबर 2024 गुरुवार का ज्ञानप्रसाद- उपासना-साधना-आराधना पुस्तक (Click this link) उपासना-साधना-आराधना विषय पर आधारित प्रस्तुत ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला परम पूज्य गुरुदेव द्वारा मार्च 1980 में दिए गए उद्बोधन पर आधारित है। लगभग 5000 शब्दों का यह उद्बोधन इसी शीर्षक से 32 पृष्ठों की पुस्तक फॉर्म में भी उपलब्ध है। हमारे अनेकों साथिओं ने इस
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हमारे अनुसार ध्यान साधना की कठिनतम प्रक्रिया (ब्रह्मवर्चस साधना)
15 अक्टूबर 2024 का ज्ञानप्रसाद -यह लेख अखंड ज्योति के जुलाई 1978 अंक पर आधारित है। आज के लेख का शीर्षक स्वयं ही बता रहा है कि इस लेख में बताई गयी “ध्यान प्रक्रिया” कठिनतम प्रक्रिया है। यह विचार पूर्णतया हमारे व्यक्तिगत हैं क्योंकि हम ध्यान की कक्षा में मात्र नर्सरी के ही विद्यार्थी है।
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आधे घंटे की सरलतम ध्यान प्रक्रिया
14 अक्टूबर 2024 सोमवार का ज्ञानप्रसाद, सोर्स- अनेकों लेख आज सोमवार के दिन, सप्ताह के प्रथम दिन, गुरुकक्षा में सभी सहपाठिओं का स्वागत, अभिवादन है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक सहकर्मी इस बात से भलीभांति परिचित है कि हम पिछले कई दिनों से “ध्यान लगाने का” और “ध्यान लगाकर प्राप्त होने वाले आनंद” को
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12 अक्टूबर 2024 2024,शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर अपना योगदान देकर