वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष

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  • पंडित लीलापत जी से गुरुदेव ने कहा “ बेटे,आवश्यकताएँ तो सबकी पूरी हो जाती हैं लेकिन  इच्छाएँ किसी की भी समाप्त नहीं होती।” लेख श्रृंखला का 12वां लेख 

    27 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ वहीँ से हो रहा है जहाँ हमने कल छोड़ा था। लेख को दो मुख्य सन्देश हैं,(क) भगवान किसी को भी लिए बिना देते नहीं हैं और (ख) आवश्यकताएँ तो सबकी पूरी हो जाती हैं लेकिन  इच्छाएँ किसी की भी समाप्त नहीं होती।”    सभी जानते…

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  • पंडित लीलापत जी ने गुरुदेव से पूछा, “ईश्वर दयालु और न्यायी कैसे हो सकते हैं ?” लेख श्रृंखला का 11वां लेख 

    26 नवंबर 2025  का ज्ञानप्रसाद वर्तमान  ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला का आधार पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक  “युगऋषि का अध्यात्म,युगऋषि की वाणी में” है। इस पुस्तक पर आधारित अभी तक  जितने भी  लेख प्रस्तुत किये गए हैं, सभी रोचक और शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ ऐसी धारणाओं एवं अंधविश्वासों के समाधान प्रदान करा रहे हैं जो…

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  • गुरुदेव ने पंडित लीलापत जी से कहा “इष्ट का अर्थ है,जीवन का लक्ष्य !!” लेख श्रृंखला का 10वां लेख 

    25 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद   गुरुवार के लेख का समापन निम्नलिखित पंक्तियों से हुआ था:  कुछ लोग कहते है कि हमारे इष्ट भगवान शंकर हैं, कोई कहता है हमारे  इष्ट हनुमान जी हैं और कोई अपने  इष्ट योगेश्वर भगवान  कृष्ण को बताते हैं।  यह इष्ट क्या होता है ? क्या एक व्यक्ति का इष्ट एक…

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  • गुरुदेव ने पंडित लीलापत जी को बताया “मनुष्य  जीवन केवल एक ही दिन का है।” लेख श्रृंखला का नौंवा लेख  

    22 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद- पंडित लीलापत शर्मा जी की दिव्य रचना “युगऋषि का अध्यात्म, युगऋषि की वाणी में” पर आधारित वर्तमान लेख श्रृंखला का आज नौंवा लेख प्रस्तुत है।  आज के  लेख में पंडित जी गुरुदेव से उस प्रश्न का उत्तर याचना कर रहे हैं जिसने वर्षों से मनुष्य को भ्रमित किया हुआ है,…

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  • गुरुदेव ने लीलापत जी को कहा: बेटे,देवता बाहिर नहीं अंदर हैं- लेख श्रृंखला का आठवां लेख  

    20 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद साथिओं के कमैंट्स से पता चलता रहता  है कि हमारे परिजन पूर्ण समर्पण के साथ दैनिक ज्ञानप्रसाद की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं, करें भी क्यों न? गुरुदेव की अमृतवाणी पर आधारित यह सभी लेख हमारे परिजनों की बैटरी चार्ज  करते हैं, यह Charged बैटरी उन्हें दिन भर ऊर्जावान बनाये…

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  • इंद्रिय संयम के बिना समर्पण संभव नहीं 

    19 नवंबर, 2025 का ज्ञानप्रसाद सप्ताह के तीसरे दिन, भारतीय समयानुसार बुधवार की अमृतवेला में हम  आज का ज्ञानप्रसाद लेकर उपस्थित हुए हैं। अधिकतर साथी हमारे साथ भारत से ही जुड़े हैं इसलिए भारत के  समय को स्टैण्डर्ड मान कर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की सभी गतिविधिओं का संचालन करने की प्रथा है। विश्व के…

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  • लीलापत शर्मा जी और गुरुदेव के बीच हुई समर्पण विषय पर चर्चा

    18 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद समर्पण की शक्ति की बहुत ही व्यावहारिक एवं प्रैक्टिकल शक्ति का वर्णन कर रहा है। इसे समझना कोई राकेट साइंस नहीं है, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के छोटे से परिवार के प्रति ही जिसने स्वयं को समर्पित, उसे जो कुछ मिला,जो शक्ति प्राप्त हुई उसके साक्षात् परिणाम…

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  • त्रिपदा गायत्री के जप से आकृति तो वैसी ही रहती है लेकिन प्रकृति बदल जाती है

    17 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथिओं को स्मरण कराना उचित समझते हैं कि उपासना-साधना-आराधना की त्रिवेणी की वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत आज का लेख “आराधना” के विषय पर चर्चा कर रहा है। यह भी स्मरण करा दें कि परम पूज्य गुरुदेव और पंडित लीलापत शर्मा के गुरु-शिष्य के…

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  • आदरणीय पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म-युगऋषि की वाणी” पर आधारित  दूसरा लेख-त्रिपदा गायत्री की विस्तृत जानकारी 

    12 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में गुरु-शिष्य संवाद के अंतर्गत माँ गायत्री के अंतरंग और बहिरंग रूपों की चर्चा की गयी थी। जब इन रूपों की जानकारी हो जाती है तो साधक में अद्भुत साहस का अनुभव होता है। साहस,श्रद्धा और समर्पण के तीन गुणों से ही पात्रता विकसित होती है।…

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  • आदरणीय पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म-युगऋषि की वाणी” पर आधारित  प्रथम लेख:माँ गायत्री के दो रूप

    11 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद पंडित लीलापत शर्मा जी द्वारा रचित 82 पन्नों की दिव्य पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म-युगऋषि की वाणी” का शुभारम्भ कल वाले लेख से हुआ। इस दिव्य लेख में ईश्वर को भांति-भांति की प्रतिमाओं में एक व्यक्ति  की भांति पूजे जाने की चर्चा की गयी थी। इस चर्चा में व्यक्तिकरण (Personification) जैसा…

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  • आद पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म-युगऋषि का वाणी में) पर आधरित  लेखों का शुभारम्भ 

    10 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से पिछले दो दिनों से अलग-अलग मीडिया से हमारे स्वास्थ्य के बारे में प्राप्त  हुए सभी संदेशों के लिए हम ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं।  जिस प्रकार हमारे साथिओं ने सन्देश भेज कर,इस छोटे से “वर्चुअल परिवार” में परिवार- भावना को सार्थक किया है…

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  • 8 नवंबर 2025 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का विशेषांक-“आनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार हृदय परिवर्तन की एक जादुई मशीन”

    कैसा संयोग है कि दो वर्ष पूर्व 8 मई वाले दिन आदरणीय सरविन्द जी द्वारा लिखा गया लेख “आनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार हृदय परिवर्तन की एक जादुई मशीन” प्रकाशित किया गया था,आज 8 नवंबर को फिर से गुरुदेव ने इसे हमारे हाथों में थमा दिया।  इस संयोग को समझने के लिए हमें बहुत ही संक्षेप…

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  • पूज्य गुरुदेव के “हनुमानरुपी भक्त” ,पंडित लीलापत शर्मा जी पर आधारित एक और लेख श्रृंखला

    6 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद https://www.facebook.com/share/v/1FmciiUxsk ( Facebook link of Pt Leelapat Sharma video) हमारे साथिओं को भलीभांति स्मरण होगा कि पूज्यवर के “हनुमानरूपी भक्त” आदरणीय लीलापत शर्मा जी पर आधरित 2020 से लेकर अब तक हम कितने ही लेख लिख चुके हैं। शायद कहना अनुचित न हो कि हमारा कहाँ इतना सामर्थ्य कि हम…

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  • आज के युग का सबसे बड़ा तप “फ़ोन संयम का तप” है 

    5 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद पिछले कल और आज के दोनों ज्ञानप्रसाद लेखों  की रचना करते समय ऐसा अनुभव हो रहा था जैसे हम फिर से प्राइमरी कक्षा में बैठे हों क्योंकि उस आयु के बच्चों को टीचर ने अनेकों बार फ़ोन के लाभ/हानियां विषय पर निबंध लिखने के लिए होमवर्क दिया होगा।  जो ज्ञान…

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  • आधुनिक युग की एक “इन्द्रिय” सोशल मीडिया, इस पर संयम “आत्मबल” का परिचायक है 

    4 नवंबर  2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में जिस “मॉडर्न इन्द्रिय संयम” का संकेत दिया गया था उस का नाम सोशल मीडिया है। शायद ही कोई ऐसा मुनष्य होगा जिसे इस इन्द्रिय ने प्रभावित न किया हो। आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख इसी  विषय पर चर्चा कर रहा है।  भांति-भांति के संयम की…

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  • समाज और की नाक  चिंता के बजाए दिमाग और विवेक की चिंता करें

    3 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद 1977 में प्रकाशित परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “शक्ति संचय का स्रोत-संयम” पर आधरित लेख श्रृंखला का आज 20वां एवं समापन लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। मात्र 69 पन्नों में समाहित लगभग 19000 शब्दों को 20 विस्तृत लेखों (36000 शब्दों) में समझना, लिखना, साथिओं संग चर्चा करना बहुत…

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  • मनुष्य के पास “चमत्कारी विशेषताओं” वाला अल्लादीन का चिराग है

    30 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद पिछले कई दिनों से गुरुकक्षा में गुरुदेव की अद्भुत रचना “शक्ति का स्रोत संचय-संयम” पर आधारित लेख श्रृंखला का अध्ययन हो रहा है, तरह-तरह के संयम पर चर्चा हो रही है। आज का लेख, समय और श्रम पर आधरित कल वाले लेख की ही Extension है। आज के युग की…

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  • स्पर्श इन्द्रिय(Sense of touch) कैसे समय और श्रम को असंयमित करती है ?

    29 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद  लेख दो महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आया है: 1.आलसी मनुष्य एक जीवित मृतक (Living dead) है।  2.आलस्य एक प्रकार की आत्महत्या है।  इन  दोनों संदेशों को समझने के लिए “स्पर्श इन्द्रिय(Sense of touch) का सहारा लिया गया है, यह समझने का प्रयास किया गया है कि स्पर्श…

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  • उपवास(भोजन संयम) ईश्वर से जुड़ने की साधना है।

    28 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद 1977 में प्रकाशित हुई परम पूज्य गुरुदेव की मात्र 69 पन्नों की साधारण सी दिखने वाली पुस्तक के कंटेंट का जिस तरीके से Analysis  करते हुए, सरलीकरण हो रहा है, सभी साथी, पाठकगण भलीभांति परिचित हैं। जिस प्रकार अब तक प्रस्तुत हो चुके 17 लेख हम सबको प्रभावित कर रहे…

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  • “क्या हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ?” भाग 2

    27 अक्टूबर का ज्ञानप्रसाद- आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख पिछले लेख का दूसरा भाग है। यह भाग इतना छोटा है कि इसका अमृतपान कुछ ही मिंटो में किया जा सकता है। आज के लेख में वर्णित अधिकतर बातों से हम सभी परिचित हैं लेकिन उन्हें अपनाने की संकल्पशक्ति क्यों नहीं है? इसीलिए आग्रह करना उचित…

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  • 25 अक्टूबर 2025 वाला “सुझाव बहिन सुमनलता जी का, समर्थन सभी साथिओं का” स्पैशल अंक। आदरणीय बहिन पुष्पा सिंह जी का विशेष योगदान 

    https://youtu.be/MjdazvDvMDU?si=F4i9_zRRRAYBwLF2 (आज का प्रज्ञागीत फिर से नीरा जी की खोज है) आज अक्टूबर 2025 का अंतिम शनिवार है। बहिन सुमनलता जी के सुझाव पर,साथिओं के समर्थन से, प्रत्येक अंक की रोचकता को दर्शाती आप सभी की प्रतीक्षा इस तथ्य को सार्थक का रही है कि गुरुवर का अपनत्व एवं प्रेम वाला  Element कितना शक्तिशाली है।…

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  • क्या हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ? भाग 1 

    23 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख एक बहुत ही महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आया है: “हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ?” परम पूज्य गुरुदेव ने हम बच्चों के लिए 69 पन्नों की एक अद्भुत पुस्तिका (शक्ति संचय का स्रोत-संयम) रच कर रख दी…

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  • ब्रह्मचर्य की सफलता एक Inter-connected प्रक्रिया है।

    22 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद  आज प्रस्तुत किया गया दिव्य ज्ञानप्रसाद कामवासना के प्रति संयम बरतने की दिशा का अंतिम अंक है। कल से किसी अन्य संयम की बात शुरू होगी।  आम जीवन में कठिन दिखने वाले संयम,परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य के माध्यम से इतने सरल प्रतीत हो रहे हैं कि अब कहा जा…

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  • कामुक विचार खाली  दिमाग में ही उत्पन होते हैं।  

    21 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद वर्तमान लेख श्रृंखला में अब तक प्रकाशित हुए सभी लेखों की भांति आज का लेख भी एक अति-महत्वपूर्ण समस्या के प्रति विचारकोष लेकर आया है, सभी से अनुरोध है कि गुरुदेव द्वारा प्रदान किया साक्षात् गुरुज्ञान का बड़े ही ध्यानपूर्वक अमृतपान किया जाए। हमारा परम सौभाग्य है कि हमें परम…

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  • जीवनी  शक्ति का आधार क्या है ?

    20 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज सोमवार है,दीपावली के दिव्य पर्व की सभी साथिओं को शुभकामना प्रदान करते हैं। आजकल फैशन बन चुका  है कि हर कोई त्यौहार दो अलग-अलग तिथिओं पर मनाया जाये।  कोई चाहे नोट जलाकर,पटाखों से दिवाली  मनाए, लेकिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से एक ही सन्देश प्रसारित होना चाहिए:…

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  • किसको कण्ट्रोल करें, मन को यां इन्द्रियों को?  

    16 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से इन्द्रिय-संयम के महत्वपूर्ण विषय पर लगभग 60 विस्तृत लेख प्रकाशित हो चुके हैं, इसके बावजूद इस विषय को जानने की तृष्णा अधिकधिक बढ़ती ही जा रही है क्योंकि ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। आज के लेख में मन का संयम और इन्द्रिय-संयम…

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  • वाणी-संयम का एक अंग मधुर-भाषण भी है 

    15 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज प्रस्तुत किए गए दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख से हम परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “शक्ति संयम का स्त्रोत-संयम” के 30 पन्नों का अमृतपान करने में सफल हो रहे हैं। 39 पन्नें अभी भी बाकी हैं लेकिन हम निवेदन करना चाहेंगें कि गुरुदेव द्वारा रचित पुस्तकें चाहे हम 3200 भी…

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  • वाणी संयम से वाणी शोधन (Purification of speech) होता है 

    14 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज के ज्ञानप्रसाद लेख में वाणी संयम को वाणी शोधन से जोड़कर समझने का प्रयास किया गया है। जितना महत्व “वाणी संयम” यानि सोच समझ कर बोलने का है उतना ही महत्व “परिष्कृत वाणी”, सही शब्दावली का भी है। शब्दों की शक्ति एवं उसके पीछे छिपे ज्ञान को समझने के…

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  • “अपने सहकर्मियों की कलम से” का 11 अक्टूबर 2025 का विशेषांक 

    https://www.facebook.com/share/v/17RzW6tqV8/ (तेरे साथ तेरी माँ जो है ) https://archive.org/details/pita-ji-ki-pustak (पिताजी की पुस्तक की साथिओं ने भी सराहना की ) हमारे समर्पित साथी इस तथ्य से भलीभांति परिचित हैं कि प्रत्येक शनिवार वाला अंक हमारे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती लेकर आता है। साथिओं द्वारा भेजे गए सन्देश,वीडियोस,संकेत आदि लेकर एक डाक बाबू की भूमिका निभानी…

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  • अपनी उपलब्धियों पर गर्व करें, त्रुटियों के सुधार पर चिंतन करें

    8 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद शब्द सीमा की बेड़ियाँ आज मजबूर कर रही हैं कि आज का लेख बिना किसी भूमिका के आरम्भ कर दिया जाए। मनुष्य का अति महत्वपूर्ण दुर्व्यसन “अहंकार” आज के लेख का विषय है।  ***************   तृष्णा एवं वासना की ही तरह ही अहम भी मानासिक असंयम  का ही दुष्परिणाम है। अहंकार…

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  • गुरुदेव द्वारा बताया गया आत्मनिरीक्षण का बहुत ही सरल प्रैक्टिकल 

    6 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने साथिओं को स्मरण कराना अपना कर्तव्य समझते हैं कि आजकल हम परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “शक्ति संचय का स्रोत-संयम” को आधार बना कर एक अद्भुत ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला का अमृतपान कर रहे हैं। यह लेख श्रृंखला इतनी सरल है कि अनेकों ने अनुभव किया होगा कि यह…

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  • आपके पास जीने के लिए एक ही पल है “वर्तमान”

    शास्त्रकारों के अनुसार किन्हीं विचारों का प्रभाव मनुष्य के मस्तिष्क में बहुत देर तक बना रहता है। जब से यह विचार उठता है उसी क्षण से मनुष्य उसे साक्षात् करने की कोशिश करना आरम्भ कर देता है और जब तक वह साक्षात् नहीं हो जाता तब तक उसे चैन ही नहीं आता। इसका कहने का…

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  • मानसिक शक्तियों की फिजूलखर्ची न करें

    1 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से पिछले कुछ दिनों से परम पूज्य गुरुदेव की अद्भुत रचना “शक्ति संचय का स्रोत-संयम” को आधार बनाकर, एक-एक शब्द को पढ़कर, समझकर,अधिक से अधिक प्रैक्टिकल बनाकर एक लेख श्रृंखला प्रस्तुत की जा रही है। इस लेख श्रृंखला में भांति-भांति के उदाहरण, परिवार के…

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  • इन्द्रियों का उपभोग अर्थात अधिक भोग ही असंयम है।

    30 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद कैसी विडंबना है कि दैनिक ज्ञानप्रसाद लेखों के अमृतपान से जितना लाभ युवापीढ़ी को होने वाला है,उतना शायद ही किसी अन्य Age group को हो, लेकिन उनके पास तो समय ही नहीं है। हमारे वरिष्ठ, आदरणीय सहयोगी जीवन के उस पड़ाव पर पंहुच चुके हैं जहाँ उन्होंने जीवन-यात्रा में ऐसे-ऐसे…

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  • भोग-विलास से केवल भौतिक सुख ही प्राप्त होता है 

    29 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद -“शक्ति संचय का  स्रोत-संयम” गुरुवार को साथिओं को वचन दिया था कि असंयमित जीवन में “लिप्सा”, “भोगेच्छा” का क्या योगदान है एवं गीता में इस स्थिति का क्या उपदेश है,सोमवार को जानने का प्रयास करेंगें। तो साथिओ,उसी वचन का पालन करते हुए  आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख प्रस्तुत है। परम…

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  • “संयम” Impractical क्यों सिद्ध होता जा रहा है ?

    25 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद- Source: “शक्ति संचय का  स्रोत-संयम” क्या “संयम” केवल स्वयं पर प्रतिबंध लगाना ही है यां स्वयं को नियंत्रित करना है ? आज के ज्ञानप्रसाद लेख में इस महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर ढूंढने का प्रयास किया गया है। परम पूज्य गुरुदेव की 69 पृष्ठीय दिव्य रचना “शक्ति संचय का  स्रोत-संयम” में…

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  • अपनी शक्तियों को सार्थक दिशा दें 

    24 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद- Source: शक्ति संचय का  स्रोत-संयम आज आरम्भ हो रही ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला में अनेकों प्रश्नों के उत्तर मिलने की सम्भावना है, गुरुदेव के मार्गदर्शन में रचे जानी वाली अन्य लेख श्रृंखलाओं की भांति इस लेख श्रृंखला में भी प्रत्येक लेख एक अद्भुत/दिव्य जानकारी लेकर आएगा जिससे अनेकों साथी प्रेरित होकर…

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  • जनसाधारण के लिए “सामान्य साधना”

    23 सितम्बर,2025 का ज्ञानप्रसाद- Source: गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां ध्यान साधना की श्रृंखला का आज 14वां  एवं समापन लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। 374 पन्नों की गुरुदेव की उत्कृष्ट रचना “गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” का अमृतपान करके हम से जो बन पाया,हमने समझकर साथिओं के समक्ष प्रस्तुत किया, निष्कर्ष यही निकला…

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  • पंचकोशों का सम्बन्ध समूची जीवन चेतना से है।

    https://youtube.com/shorts/Cw5InVXfNJ8?si=FcUbISvjYf1r5DRo 22 सितम्बर,2025 का ज्ञानप्रसाद- Source: गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ एक सन्देश से कर रहे हैं जो निम्नलिखित है :  आदरणीय सुजाता बहिन जी के सुझाव पर हमने पंचकोशी साधना एवं तीन शरीरों की  सरलतम जानकारी पिछले  लेखों के माध्यम से  साथिओं से समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास…

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  • साधना का विज्ञान भौतिक विज्ञान से अधिक Capable एवं Real है। 

    18 सितम्बर, 2025 का ज्ञानप्रसाद-  गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां आज के ज्ञानप्रसाद लेख में पंचमुखी साधना के द्वारा “पंचकोशों के विकास अर्थात खुलने  की जानकारी समझने का प्रयास है। साधना एक ऐसा विज्ञान है जो भौतिक विज्ञान (Chemistry,Physics आदि) की अपेक्षा अधिक Real है। साधना के विज्ञान को अक्सर अन्धविश्वास मानकर नकार दिया…

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  • मनुष्य सबसे अधिक नज़रअंदाज़ “सद्बुद्धि” को ही क्यों करता है ?

    17 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद- गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद बिना किसी पृष्ठभूमि एवं भूमिका से यहीं से आरम्भ हो रहा है।  परम पूज्य गुरुदेव की विशाल कलाकृति “गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां”, जिस पर वर्तमान लेख श्रृंखला आधरित है, आज एक अद्भुत लेख लिए हुए है जिसका शीर्षक है…

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  • प्राथमिक एवं उच्चस्तरीय गायत्री साधना के अलग-अलग उद्देश्य 

    16 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद-“गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” वर्तमान लेख शृंखला में प्रस्तुत किये जा रहे लेखों को समझना एवं  अंतःकरण में उतारने के लिए, लेखों का उद्देश्य समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमें स्वयं से प्रश्न करना चाहिए कि हमें इस शिक्षा से क्या प्राप्त होने वाला है? क्या हम रातोंरात गुरुदेव…

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  • मानव मस्तिष्क,“आत्मा का वास्तविक राजमहल”, एक अतिरोचक लेख 

    15 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद- Source “गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक साथी आदरणीय सुजाता बहिन जी का ह्रदय से धन्यवाद् करता है जिन्होंने पंचकोशी साधना एवं तीन शरीरों को जानने की जिज्ञासा प्रकट की। इस मंच पर अक्सर इस प्रकार के अनेकों सुझाव मिलते रहते हैं एवं सभी…

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  • भगवान की आराधना में समर्पित किया गया समय कभी भी व्यर्थ नहीं जाता।

    11 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद-Source: गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां गायत्री साधना की वर्तमान लेख शृंखला में निम्नस्तरीय  से उच्स्तरीय, सभी स्तरों की चर्चा की जा रही है हमारे विवेकशील पाठक स्वयं ही इस Classification को समझने में समर्थ हैं, ऐसा हमारा विश्वास है।  ****************   शास्त्रकारों के अनुसार, गायत्री साधना के केवल दो ही…

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  • सामान्य-साधना (बाल-साधना) का बहुत ही सरल विवरण   

    10 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद-Source:गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित 374 पन्नों के विशाल ग्रन्थ “गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” के आरंभिक पन्नों में तीन प्रकार की “साधना स्तर” का वर्णन है। गुरुदेव ने इन तीनों साधना स्तरों को शिक्षा के तीन स्तर की भांति: “बाल साधना”, “माध्यमिक साधना”…

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  • माँ गायत्री के पांच मुख अर्थात मानव शरीर के पांच कोष 

    9 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद : Source- गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” आज का ज्ञानप्रसाद लेख परम पूज्य गुरुदेव के 374 पृष्ठों के उत्कृष्ट ग्रन्थ पर आधारित है जिसका शीर्षक “गायत्री की पंचकोशी साधना एवं उपलब्धियां” है। इस विशाल एवं अति काम्प्लेक्स कंटेंट को ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर लाने से पहले…

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  • म्यूजिक थेरेपी को समझने के लिए एक अति सरल लेख

    8 सितंबर,2025 का ज्ञानप्रसाद आज के लेख का शुभारंभ बिना किसी भूमिका के परम वंदनीय माता के चरणों में गिरकर क्षमा याचना से कर रहे हैं,हमें मां का महाप्रयाण कैसे भूल गया यह हमारी समझ से बाहिर है। लेकिन हमें विश्वास है कि माँ का ह्रदय बहुत विशाल होता है, वह अपने बेटे को क्षमा…

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  • ध्वनि शक्ति (Power of sound) पर एक अद्भुत लेख- पार्ट 2

    4 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी 1971 अंक में  “चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नही” शीर्षक से प्रकाशित हुए लेख पर आधारित दो अंकों की लेख शृंखला का आज दूसरा एवं समापन लेख प्रस्तुत है। शब्द से ध्वनि, ध्वनि से संगीत की यात्रा करते हुए आज हम संगीत के कुछ ऐसे सकारात्मक पक्षों…

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  • ध्वनि शक्ति (Power of sound)  पर एक अद्भुत लेख- पार्ट 1

    3 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी 1971 अंक में  “चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नही” शीर्षक से प्रकाशित लेख शृंखला हमारे पाठक पहले भी पढ़ चुके है लेकिन आज और कल का  लेख उस लेख से विभिन्न है। किसी Technical error के कारण एक ही शीर्षक के अंतर्गत दो अलग-अलग कंटेंट प्रकाशित हुए,…

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  • मंत्र जप केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि एक “Neuroscience Practice” यानि दिमाग की कसरत भी है

    2 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद–  आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ बहुचर्चित Quotation “The more I learn,the less I know” से होता है जिसका अर्थ है कि मैं जितना अधिक पढ़ता हूँ उतना ही कम जानता हूँ। सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन इसका कारण यह बताते हैं कि न तो ज्ञान की कोई सीमा है,न ही…

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  • अलग-अलग विधि से किये गए मंत्र जप के लाभ एवं हानियां 

    https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8QmE?si=DfBbA4cTD0Z6uGNA 1 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार होने के साथ-साथ सितम्बर महीने का भी प्रथम दिन है, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक साथी एवं परम पूज्य गुरुदेव द्वारा संचालित गुरुकुल का प्रत्येक विद्यार्थी कुछ अधिक ही ऊर्जा लेकर आया होगा,ऐसा हमारा अटूट विश्वास है। तो आद सरविन्द जी की…

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  • “सुझाव आद बहिन सुमनलता जी का प्रयास हमारा” का 30 अगस्त 2025 वाला अंक 

    आदरणीय बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथिओं के  समर्थन से जन्में विशेषांक में प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को हमें अपने बारे में कुछ लिखने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस सुझाव एवं समर्थन से प्रदान किये गए सम्मान के लिए हम अपने प्रिय साथिओं का ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं।  कहने को तो…

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  • वर्तमान समय, ईश्वर के अवतार लेने का समय है। 

    27 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8Qm… (गुरुदेव हमसे  प्रार्थना कर रहे हैं)  पिछले कुछ दिनों से ज्ञानरथ परिवार के मंच से लगातार “चमत्कार” विषय पर लेख प्रस्तुत किये जा रहे हैं। पाठकों के समक्ष अनेकों संस्मरण प्रस्तुत किये गए जिनमें कइयों के कभी समाप्त न होने वाले कष्ट मिटे हैं तो कईयों को अप्रत्याशित सहायता…

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  • “योगक्षेमं वहाम्यहम्” का अर्थ दर्शाता गुरुदेव का एक उदाहरण 

    26 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने साथिओं को दिए  गए वचन का पालन करते हुए आज के लेख में स्वर्गीय कवियत्री आदरणीय माया वर्मा की चर्चा को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज के लेख का शुभारम्भ गुरुदेव द्वारा लिखित 19 अक्टूबर वाले पत्र  से हो रहा है। हमारे साथी जानते हैं कि वर्तमान लेख…

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  • औघड़दानी गुरुदेव की शक्तियां 

    https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8QmE?si=f157NTULuu5-93Fp (गुरुदेव हमसे  प्रार्थना कर रहे हैं)  25 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख उन चार साधकों का विवरण दे रहा है जिन पर गुरुदेव की कृपा बरसी।यदि हम निम्नलिखित सन्देश को अपने अंतर्मन में उतार  लें तो हमारा प्रयास सार्थक होता दिखेगा: “ईश्वरीय अनुकम्पा हर व्यक्ति पर बरस सकती है व बरसती…

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  • गुरुदेव की शक्ति के तीन प्रतक्ष्य उदाहरण 

    21अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति मार्च,अप्रैल, मई 1992 अंकों में “लीला प्रसंग” शीर्षक के अंतर्गत एक लेख श्रृंखला प्रकाशित हुई। हमने इस लेख श्रृंखला को आधार बना कर गुरुआज्ञा से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर लेख लिखने का बीड़ा उठाया। आज प्रस्तुत किया गया लेख मार्च वाले कंटेंट का समापन लेख है।…

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  • तीन शरीर एवं पांच कोशों का संक्षिप्त सा विवरण 

    20 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथिओं के बहुत ही आभारी हैं कि साइंस की बेसिक बैकग्राउंड तक न होने के बावजूद Brain waves को समझने में कोई  कसर नहीं छोड़ी, इनके कमैंट्स इस तथ्य के साक्षी हैं। यदि हम सब मिलजुल कर, एक दूसरे की सहायता करते हुए गुरु के ज्ञान को समझने…

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  • गुरुदेव कहते हैं, हर व्यक्ति एक शक्तिपुंज है।

    18 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद गुरुकक्षा के समर्पित  सहपाठिओं को स्मरण कराना चाहते हैं कि पिछले गुरुवार को हमने “चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया” लेख श्रृंखला का समापन किया था। इन लेखों की भूमिका में हमने लिखा था कि परम पूज्य गुरुदेव ने सदैव ही चमत्कारों का विरोध किया है, तो फिर यह लेख क्या दर्शाना…

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  • चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया-2 

    14 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद: अखंड ज्योति जनवरी 1971, पृष्ठ 29  स्कैन कॉपी ,”चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नहीं “ हमारे साथी देख रहे हैं कि  हम पिछले कई दिनों से ज्ञानप्रसाद लेख के साथ परम पूज्य गुरुदेव की आग्रह करती वीडियो अटैच कर रहे हैं, उद्देश्य केवल एक ही है, गुरुदेव के साहित्य की दिव्यता,शक्ति को…

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  • चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया-1

    13 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद–अखंड ज्योति जनवरी 1971, पृष्ठ 29  स्कैन कॉपी ,”चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नहीं “ है न कितना आकर्षक शीर्षक, साथिओ ? अपनी सर्वप्रिय एवं सर्वोपरि  मैगज़ीन अखंड ज्योति के जनवरी 1971 वाले अंक में “चमत्कारों के वैज्ञानिक पक्ष” वाला लेख देखा तो हमसे सेव किये बिना रहा न गया। न जाने कितनी…

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  • हमारी शक्ति का पांचवां भाग 

    12 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले लेख में इस आकर्षित शीर्षक “हमारी शक्ति का पांचवां भाग” वाले लेख का संकेत दिया था। अखंड ज्योति 1942 के सितम्बर अंक में प्रकाशित हुए लेख में परम पूज्य गुरुदेव ने मनुष्य की धर्मिक एवं आर्थिक शक्ति को औसत भारतीय की शक्ति का “पांचवां भाग” कह कर समझाया…

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  • हमारी कितनी ही रातें रोते सिसकते बीती हैं 

    11 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति फरवरी 1971 में  “अपनों से अपनी बात, हमारे दृश्य जीवन की अदृशय अनुभूतियाँ” शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित दिव्य लेख का आज समापन अंक प्रस्तुत किया जा रहा है। परम पूज्य गुरुदेव के दृश्य जीवन की अदृश्य अनुभूतियों का साक्षात् अनुभव करवाने के लिए हमसे अपने तुच्छ प्रयास एवं…

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  • स्वयं को अति  समझदार समझने वाला  मनुष्य इतना नासमझ क्यों है? 

    7 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद वर्तमान लेख श्रृंखला अखंड ज्योति पत्रिका के जनवरी और फ़रवरी 1971 के अंकों में “अपनों से अपनी बात” के अंतर्गत प्रकाशित हुए कंटेंट पर आधारित है। “अपनों से अपनी बात’ हमारे ह्रदय के इतने करीब है कि जब भी हम अखंड ज्योति की कोई भी प्रति खोलते हैं तो इस…

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  • परम पूज्य गुरुदेव के शब्दों में “आत्मवत् सर्वभूतेषु” की अति सरल व्याख्या।

    6 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने समर्पित परिवार में शेयर का रहे हैं कि हम Vancouver वापिस आ गए हैं, रेगुलर दिनचर्या का पालन करने का प्रयास करेंगें। अपने गुरु की कृपा का ही परिणाम है कि जहाँ हमें सम्पूर्ण अज्ञातवास की आशंका थी,सब कुछ लगभग रोज़  की तरह ही चलता रहा। परिवार ने चाहा…

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  • अखंड दीप और अखंड ज्योति का जन्म-इतिहास,गुरुवर के मुखारविंद से।

    5 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी, फरवरी 1971 वाले अंक में “हमारी जीवन साधना के अंतरंग पक्ष-पहलू” शीर्षक से दो बहुत ही महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित हुए।दोनों लेखों में गुरुवर की लेखनी से अवतरित हुई ज्ञानगंगा को शब्दों में बांध पाना हम जैसों के लिए लगभग असंभव ही है। हमें तो इस बात…

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  • हमारे गुरुदेव के निर्देश 

    3 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी, फरवरी 1971 अंक में “हमारी जीवन साधना के अंतरंग पक्ष-पहलू” शीर्षक से दो बहुत ही महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित हुए। यह लेख गुरुदेव के मार्गदर्शन के साथ-साथ निर्देशों का वर्णन भी दे रहे हैं। सबसे बड़ा निम्नलिखित मार्गदर्शन बहुत महत्वपूर्ण है: युग धर्म का निर्वाह करने के…

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  • अखंड ज्योति एक व्रतशील तीर्थयात्री की भूमिका निभा रही है।

    1 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथियों से क्षमाप्रार्थी हैं कि आज शुक्रवार होने के बावजूद वीडियो कक्षा चलाने में असमर्थ हैं। इसका कारण तो पहले भी लिख चुके हैं लेकिन विस्तृत वर्णन की चर्चा कल वाले स्पेशल सेगमेंट में कर देंगे (यदि उसे कंपाइल कर पाए तो !!!!) इंटरनेट की समस्या के कारण…

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  • मथुरा से विदाई के समय परम पूज्य गुरुदेव के संदेश, “एक और अदभुत लेख”

    31 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अप्रैल 1971 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ था जिसका शीर्षक “विदाई सम्मेलनों के लिए आमंत्रण और प्रतिबंध” था। “अपनों से अपनी बात” की अति लोकप्रिय श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित हुए इस लेख को आधार बनाकर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से दो छोटे-छोटे लेख पहले ही…

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  • हमारे अज्ञातवास से गुरुदेव ने खींच कर ज्ञानप्रसाद लिखने को कहा

    29 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथिओं को अवगत करते आ रहे हैं, अपडेट करते आ रहे हैं कि क्रूज पर इंटरनेट की स्थिति कुछ विश्वसनीय नहीं है, बेटे ने 1000 डॉलर देकर एक पैकेज ख़रीदा तो है लेकिन कुछ कहा नहीं जा सकता। फिर भी हमारे प्रयास से आज का छोटा सा ज्ञानप्रसाद…

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  • “सुझाव बहिन सुमनलता जी का प्रयास हमारा”-हमारा 10 दिवसीय अज्ञातवास

    आज जुलाई माह का अंतिम शनिवार है, हमारी आदरणीय बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथियों की स्वीकृति से जन्में इस अंक को लेकर हम आपके न्यायालय में उपस्थित हो चुके हैं। हर बार लिखते हैं कि हम कोई लेखक नहीं हैं, त्रुटियां होना स्वाभाविक है।  हृदय में जो भी विचार उठते हैं उन्हें शब्दों…

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  • धरती पर स्वर्ग का अवतरण कैसे विश्वसनीय है ?

    24 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने साथिओं से क्षमाप्रार्थी हैं कि आज का लेख,कल वाले लेख का  भाग 2 न होकर एक Independent लेख है। लेख के शीर्षक बता रहा है कि गुरुदेव की “धरती पर स्वर्ग के अवतरण” की आशा एवं हमारा अनुसन्धान प्रयास इस दिशा में कितने विश्वसनीय हैं। लेख का अंत “एक…

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  • ईश्वरेच्छा ही युग परिवर्तन का प्रबल कारण है-भाग 1 

     23 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद “नवयुग का अवतरण सुनिश्चित है और सन्निकट” शीर्षक से प्रकाशित अखंड ज्योति मई 1972 के दिव्य लेख को समझने के लिए हमने पिछले दो दिन पृष्ठभूमि का अध्ययन किया। दो भागों में प्रस्तुत होने वाले पहले भाग के ज्ञानप्रसाद में  युग परिवर्तन में ईश्वर की इच्छा को माना गया है। …

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  • उदाहरणों सहित युगसंधि एवं युगपरिवर्तन के कुछ प्रतक्ष्य लक्षण

    22 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले लेख की भांति आज भी अपने साथिओं से क्षमाप्रार्थी हैं कि युगसंधि,युग परिवर्तन, नवयुग, विचार क्रांति आदि विषयों से सम्बंधित ऑनलाइन जितना साहित्य एवं उदाहरण उपलब्ध हैं,उन्हें प्रस्तुत करना कोई सरल कार्य नहीं है, सिर चकराने जैसी स्थिति आना स्वाभाविक है। परम पूज्य गुरुदेव के संरक्षण में जितनी…

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  • आने वाले लेखों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी 

    21 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य से अवतरित हुई ज्ञानगंगा में दिव्य स्नान कर रहे सभी साथियों का अभिवादन। अखंड ज्योति मई 1972  वाले अंक में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था “नवयुग का अवतरण सुनिश्चित है और  सन्निकट”, इस लेख का शीर्षक जितना आकर्षक था उससे कहीं आकर्षक इसमें…

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  • आत्मबल को प्रखर करने के सरल उपाय 

    17 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद आत्मबल का विषय कठिन,जटिल होने के बावजूद इतना रोचक है कि यदि सारा जीवन भी विषय का अध्यन करते रहें तो भी अनंत ही प्रतीत होता है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के ही मंच से इस विषय को बार-बार दोहराया गया है। मार्च 2025 में ही आत्मबल के  विषय पर…

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  • आत्मबोध (स्वयं को जानना) की अति सरल चर्चा 

    16 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 पिछले दो दिन से शरीर,मन और आत्मा के विषय पर चर्चा चल रही है, अनेकों उदाहरण दिए गए हैं,यथासंभव सरलीकरण का भी प्रयास किया गया है, साथिओं का सहयोग भी मिल रहा है, इस सामूहिक प्रयास का ही रिजल्ट है कि Step by step, एक एक…

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  • दिल तो बच्चा है जी

    15 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-  अखंड ज्योति मई 1972 कल आरम्भ हुई “शरीर और मन” की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आज का लेख,अंतिम पंक्तियों में  “आत्मा” की बात कर रहा है। आज तो “आत्मा की बात” केवल सरसरी तौर से ही की गयी है,कल  इसकी विस्तृत चर्चा की योजना है।  आज  के लेख में…

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  • स्वयं  को पहिचानें

    14 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 हमारे साथी जानते हैं कि आजकल चल रही लेख श्रृंखला में वंदनीय माता जी के मुखारविंद से परम पूज्य गुरुदेव के सन्देश/निर्देश हम सब तक पंहुच रहे हैं। मई 1972 की अखंड ज्योति में इस विषय को कवर करते हुए भांति भांति के लेख प्रकाशित हुए, सभी…

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  • विश्व ब्रह्मांड में सतगुरू समान कोई नहीं-गुरु पूर्णिमा के लिए सरविन्द कुमार पाल जी के श्रद्धासुमन 

    9 जुलाई 2025 का दिव्य ज्ञानप्रसाद आज की भूमिका आरम्भ करने से पहले ही आद सरविन्द जी से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं की उन्होंने यह श्रद्धासुमन पिछले वर्ष भी गुरुचरणों में भेंट किये थे लेकिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के नियत टाईमटेबल में फिट न होने के कारण इनका प्रकाशन संभव न हो पाया। इस बार…

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  • गुरुपूर्णिमा को समर्पित एक अद्भुत लेख 

    8 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 शब्द सीमा के वशीभूत आज का ज्ञानप्रसाद लेख बिना किसी भूमिका के आरम्भ हो रहा है, लेकिन इतना तो कह ही दें कि कैसा संयोग है कि गुरुपूर्णिमा के दिनों में गुरु-शिष्य सम्बंधित लेख प्रस्तुत हो रहा है।  ****************** गुरु और शिष्य मिलकर एक दूसरे का सहयोग …

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  • प्रगति और सफलता के लिए “सहयोग” का योगदान

    7 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद   हमारे साथी भलीभांति जानते हैं कि आजकल हम वंदनीय माता जी के मुखारविंद से उस शिक्षा का अमृतपान कर रहे हैं जिसे परम पूज्य गुरुदेव ने उस समय बताया था जब गुरुवर अपनी हिमालय यात्रा को छोड़कर माता जी के हार्ट अटैक के कारण शांतिकुंज आये थे। साथी यह…

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  • “अपने सहकर्मियों की कलम से” का 5 जुलाई 2025 शनिवार का अंक 

    हर बार की भांति आज के विशेषांक का भी इन्हीं शब्दों से शुभारम्भ कर रहे हैं कि “हम कोई लेखक नहीं हैं” जैसे-जैसे, जो-जो विचार मन में उठ रहे हैं, बिना किसी शब्दावली आदि की चिंता किये लिखे ही जा रहे हैं क्योंकि विश्वास  है कि यदि कोई त्रुटि हो भी  गयी तो हमारे परमप्रिय…

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  • उपासना की सफलता, साधना पर निर्भर है-2

    3  जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 शब्दसीमा का प्रतिबंध आज सीधा लेख की ओर जाने का निर्देश दे रहा है।  *********************  उपासना से पाप नष्ट होने का वास्तविक अर्थ यह है कि ऐसा व्यक्ति जीवन साधना के प्रथम चरण (साधना) का परिपालन करते हुए दुर्भावनाओं और दुष्प्रवृत्तियों के दुष्परिणाम समझ चुका है और…

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  • उपासना की सफलता साधना पर निर्भर है-1

    2 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद–अखंड ज्योति मई 1972 आज के लेख की चर्चा इतनी अधिक है कि बार-बार अनेकों प्लेटफॉर्मस  पर इस विषय को समझने/समझाने का प्रयास किया जाता रहा है, अनेकों को समझ आती है लाभ भी होता है लेकिन ऐसे साधकों की संख्या भी कम नहीं है जो इंस्टेंट लाभ की तलाश में…

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  • माता जी द्वारा गुरुदेव के क्रियाकलापों का संक्षिप्त वर्णन 

    1 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने सर्वप्रिय,समर्पित साथिओं के साथ लिए गए वचन का पालन करते हुए कल जिस लेख को प्रस्तुत किया था उसका आज दूसरा एवं अंतिम भाग प्रकाशित किया जा रहा है। माता जी के मुखारविंद से  गुरुदेव के भावी क्रियाकलापों का वर्णन सुनना एक दिव्य अवसर है।   मई 1972 की अखंड…

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  • शांतिकुंज गुरुदेव का डाक बंगला है। 

    30 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति मई 1972 की अखंड ज्योति पर आधारित ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद विशेषता से ओतप्रोत है। यह ज्ञानप्रसाद इस दृष्टि से विशेष तो है ही कि वंदनीय माता जी के श्रीचरणों में समर्पित होकर उनके ही मुखारविंद से दुर्लभ ज्ञान का अमृतपान हो रहा…

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  • “सुझाव बहिन सुमनलता जी का,प्रयास हमारा” का 28 जून 2025 का अंक 

    27 अप्रैल 2024 को आदरणीय  बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथिओं के समर्थन पर एक स्पेशल सेगमेंट का शुभारम्भ हुआ था जो अब एक इतिहास बन चुका है। एक सहमति बनी थी कि हम (अरुण त्रिखा) माह के अंतिम शनिवार को एक ओपन लेटर की भांति अपने भाव व्यक्त करें, जिसमें हमारे मन में…

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  • प्राण प्रत्यावर्तन साधना में भोजन एवं प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन  

    26 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव के सानिध्य में सम्पन हुई प्राण प्रत्यावर्तन साधना केवल एक वर्ष (1973-74 ) ही चली थी।  बाद में यही साधना अन्य नामों से चलती रही और आज 2025  में युगतीर्थ शांतिकुंज द्वारा 5 दिवसीय अन्तः ऊर्जा जागरण सत्र करवाए जा रहे हैं जो इसी साधना से मिलते…

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  • प्राण-प्रत्यावर्तन एक प्रकार की सर्जरी ही है 

    25  जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 आज का ज्ञानप्रसाद एक प्रकार का पिछले कुछ दिनों से चल रहे वंदनीय माता जी द्वारा प्रदान किये जा रहे अमृतपान का Wrap-up है एवं इस श्रृंखला का अंतिम लेख है।  परम पूज्य गुरुदेव माता जी के हार्ट अटैक के कारण हिमालय से अपनी तप-साधना छोड़ कर…

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  • प्राण प्रत्यावर्तन के माध्यम से गुरु-ऋण से मुक्ति

    24 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख पिछले कुछ दिनों से चल रही वर्तमान लेख श्रृंखला में परम वंदनीय माता जी और परम पूज्य गुरुदेव के बीच हुई चर्चा का विवरण है। बार-बार रिपीट कर रहे हैं कि परम पूज्य गुरुदेव माता जी के हार्ट अटैक के कारण…

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  • 1973 के प्राण-प्रत्यावर्तन की बेसिक Qualification क्या थी ?

    23 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 आज सोमवार,सप्ताह का प्रथम दिन,ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के छोटे से समर्पित समूह के लिए,हर बार की भांति अद्भुत ऊर्जा लेकर आया है। हमारी तरह सभी साथी उत्सुक होंगें कि आज परम वंदनीय माता जी,जादूगर की भांति अपने पिटारे में से कौन से  दिव्य प्रसाद से…

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  • गुरुदेव के साधना रथ के दो पहिये-आत्मपरिष्कार और लोकमंगल

    19 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आत्मपरिष्कार,लोकमंगल, पात्रता,प्रत्यावर्तन-अनुदान,शक्तिपात,युगसाधना-त्रिवेणी कुछ ऐसे आकर्षक शब्द हैं जिनके अर्थ समझ कर ही आज के जीवनदायनी ज्ञानामृत का पयपान करना उचित रहेगा। ज्ञान के इस दिव्य अमृत की एक-एक बूँद पाठकों के शरीर की लगभग 30 ट्रिलियन कोशिकाओं में से केवल 1 मिलियन को ही प्रभावित कर पाएं…

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  • नर-पशु से नर-रत्न और नर-नारायण बनने का मार्ग। 

    18  जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 पिछले दो दिनों से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रसारित हो रहे  दिव्य ज्ञानप्रसाद में परम वंदनीय माता जी, गुरुदेव के साथ हुई चर्चा का सारांश हम बच्चों को समझा रही हैं। वर्तमान शिक्षा  “बड़ा बनने”  और “महान बनने” के अंतर् का अमृतपान करा रही…

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  • महानता का चयन दूरदर्शितापूर्ण है 

    17 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख कल आरम्भ हुए “महानता” के सागर में डुबकी लगाने का प्रयास है। परम वंदनीय माता जी ने अखंड ज्योति के माध्यम से, गुरुदेव के निर्देशों को अपने बच्चों के समक्ष रखा, हम ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से इन निर्देशों को…

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  • बड़ा बनने में और महान बनने में क्या अंतर् है ? 

    16 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आज सोमवार है, सप्ताह का प्रथम दिन, एक नवीन ऊर्जा का दिन, एक नए संकल्प का दिन, एक नए टॉपिक के  दिव्य शुभारम्भ का दिन । अक्सर कहा जाता है कि परम पूज्य गुरुदेव द्वारा  रचित विशाल साहित्य में समाहित ज्ञान में जीवन से सम्बंधित शायद  ही…

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  • “अपने सहकर्मियों की कलम से” का 14 जून 2025 का स्पेशल अंक -सरविन्द जी एवं अरुण जी की समस्या

    ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी साथी भलीभांति परिचित हैं कि प्रत्येक माह के तीन शनिवार साथिओं की प्रतिभा एवं प्रोत्साहन के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। हमारा प्रयास रहता है कि किसी भी साथी में,किसी भी प्रकार की, कोई भी प्रतिभा हो उसे परिवार के मंच पर,साथिओ के समक्ष लाया जाए, उसका मूल्यांकन किया…

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  • क्या हम गुरुदेव के स्तर की साधना कर सकते हैं ?

    12 जून 2025 का ज्ञानप्रासद-अखंड ज्योति नवंबर 1971 नवंबर 1971 की अखंड ज्योति में प्रकाशित वंदनीय माता जी के मुखारविंद से प्रस्तुत की गयी 3-अंकीय लेख शृंखला के तीसरे एवं समापन अंक का शीर्षक बहुत ही आकर्षक है। आज प्रस्तुत किये गए ज्ञानप्रसाद लेख के शीर्षक “क्या हम गुरुदेव के स्तर की साधना कर सकते…

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  • गुरुदेव एक दिखते हुए भी पांच थे। 

    11  जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति नवंबर 1971 कल  से आरम्भ हुई  3-अंकीय लेख श्रृंखला का आज  दूसरा अंक प्रस्तुत है।  वन्दनीय माता जी नवंबर 1971 की अखंड ज्योति में गुरुदेव के बारे में वोह बातें बता रही हैं जो हम सबने अनेकों बार पढ़ी हैं लेकिन वंदनीय माता जी के मुखारविंद से वर्णन होना…

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