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म्यूजिक थेरेपी को समझने के लिए एक अति सरल लेख
8 सितंबर,2025 का ज्ञानप्रसाद आज के लेख का शुभारंभ बिना किसी भूमिका के परम वंदनीय माता के चरणों में गिरकर क्षमा याचना से कर रहे हैं,हमें मां का महाप्रयाण कैसे भूल गया यह हमारी समझ से बाहिर है। लेकिन हमें विश्वास है कि माँ का ह्रदय बहुत विशाल होता है, वह अपने बेटे को क्षमा
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ध्वनि शक्ति (Power of sound) पर एक अद्भुत लेख- पार्ट 2
4 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी 1971 अंक में “चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नही” शीर्षक से प्रकाशित हुए लेख पर आधारित दो अंकों की लेख शृंखला का आज दूसरा एवं समापन लेख प्रस्तुत है। शब्द से ध्वनि, ध्वनि से संगीत की यात्रा करते हुए आज हम संगीत के कुछ ऐसे सकारात्मक पक्षों
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ध्वनि शक्ति (Power of sound) पर एक अद्भुत लेख- पार्ट 1
3 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी 1971 अंक में “चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नही” शीर्षक से प्रकाशित लेख शृंखला हमारे पाठक पहले भी पढ़ चुके है लेकिन आज और कल का लेख उस लेख से विभिन्न है। किसी Technical error के कारण एक ही शीर्षक के अंतर्गत दो अलग-अलग कंटेंट प्रकाशित हुए,
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मंत्र जप केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि एक “Neuroscience Practice” यानि दिमाग की कसरत भी है
2 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद– आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ बहुचर्चित Quotation “The more I learn,the less I know” से होता है जिसका अर्थ है कि मैं जितना अधिक पढ़ता हूँ उतना ही कम जानता हूँ। सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन इसका कारण यह बताते हैं कि न तो ज्ञान की कोई सीमा है,न ही
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अलग-अलग विधि से किये गए मंत्र जप के लाभ एवं हानियां
https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8QmE?si=DfBbA4cTD0Z6uGNA 1 सितम्बर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज सप्ताह का प्रथम दिन सोमवार होने के साथ-साथ सितम्बर महीने का भी प्रथम दिन है, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का प्रत्येक साथी एवं परम पूज्य गुरुदेव द्वारा संचालित गुरुकुल का प्रत्येक विद्यार्थी कुछ अधिक ही ऊर्जा लेकर आया होगा,ऐसा हमारा अटूट विश्वास है। तो आद सरविन्द जी की
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“सुझाव आद बहिन सुमनलता जी का प्रयास हमारा” का 30 अगस्त 2025 वाला अंक
आदरणीय बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथिओं के समर्थन से जन्में विशेषांक में प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को हमें अपने बारे में कुछ लिखने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस सुझाव एवं समर्थन से प्रदान किये गए सम्मान के लिए हम अपने प्रिय साथिओं का ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं। कहने को तो
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वर्तमान समय, ईश्वर के अवतार लेने का समय है।
27 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8Qm… (गुरुदेव हमसे प्रार्थना कर रहे हैं) पिछले कुछ दिनों से ज्ञानरथ परिवार के मंच से लगातार “चमत्कार” विषय पर लेख प्रस्तुत किये जा रहे हैं। पाठकों के समक्ष अनेकों संस्मरण प्रस्तुत किये गए जिनमें कइयों के कभी समाप्त न होने वाले कष्ट मिटे हैं तो कईयों को अप्रत्याशित सहायता
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“योगक्षेमं वहाम्यहम्” का अर्थ दर्शाता गुरुदेव का एक उदाहरण
26 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने साथिओं को दिए गए वचन का पालन करते हुए आज के लेख में स्वर्गीय कवियत्री आदरणीय माया वर्मा की चर्चा को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज के लेख का शुभारम्भ गुरुदेव द्वारा लिखित 19 अक्टूबर वाले पत्र से हो रहा है। हमारे साथी जानते हैं कि वर्तमान लेख
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औघड़दानी गुरुदेव की शक्तियां
https://youtube.com/shorts/WqOmLYa8QmE?si=f157NTULuu5-93Fp (गुरुदेव हमसे प्रार्थना कर रहे हैं) 25 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख उन चार साधकों का विवरण दे रहा है जिन पर गुरुदेव की कृपा बरसी।यदि हम निम्नलिखित सन्देश को अपने अंतर्मन में उतार लें तो हमारा प्रयास सार्थक होता दिखेगा: “ईश्वरीय अनुकम्पा हर व्यक्ति पर बरस सकती है व बरसती
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गुरुदेव की शक्ति के तीन प्रतक्ष्य उदाहरण
21अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति मार्च,अप्रैल, मई 1992 अंकों में “लीला प्रसंग” शीर्षक के अंतर्गत एक लेख श्रृंखला प्रकाशित हुई। हमने इस लेख श्रृंखला को आधार बना कर गुरुआज्ञा से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर लेख लिखने का बीड़ा उठाया। आज प्रस्तुत किया गया लेख मार्च वाले कंटेंट का समापन लेख है।
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तीन शरीर एवं पांच कोशों का संक्षिप्त सा विवरण
20 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथिओं के बहुत ही आभारी हैं कि साइंस की बेसिक बैकग्राउंड तक न होने के बावजूद Brain waves को समझने में कोई कसर नहीं छोड़ी, इनके कमैंट्स इस तथ्य के साक्षी हैं। यदि हम सब मिलजुल कर, एक दूसरे की सहायता करते हुए गुरु के ज्ञान को समझने
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गुरुदेव कहते हैं, हर व्यक्ति एक शक्तिपुंज है।
18 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद गुरुकक्षा के समर्पित सहपाठिओं को स्मरण कराना चाहते हैं कि पिछले गुरुवार को हमने “चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया” लेख श्रृंखला का समापन किया था। इन लेखों की भूमिका में हमने लिखा था कि परम पूज्य गुरुदेव ने सदैव ही चमत्कारों का विरोध किया है, तो फिर यह लेख क्या दर्शाना
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चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया-2
14 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद: अखंड ज्योति जनवरी 1971, पृष्ठ 29 स्कैन कॉपी ,”चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नहीं “ हमारे साथी देख रहे हैं कि हम पिछले कई दिनों से ज्ञानप्रसाद लेख के साथ परम पूज्य गुरुदेव की आग्रह करती वीडियो अटैच कर रहे हैं, उद्देश्य केवल एक ही है, गुरुदेव के साहित्य की दिव्यता,शक्ति को
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चमत्कारों की वैज्ञानिक दुनिया-1
13 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद–अखंड ज्योति जनवरी 1971, पृष्ठ 29 स्कैन कॉपी ,”चमत्कार कोई अवैज्ञानिक तथ्य नहीं “ है न कितना आकर्षक शीर्षक, साथिओ ? अपनी सर्वप्रिय एवं सर्वोपरि मैगज़ीन अखंड ज्योति के जनवरी 1971 वाले अंक में “चमत्कारों के वैज्ञानिक पक्ष” वाला लेख देखा तो हमसे सेव किये बिना रहा न गया। न जाने कितनी
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हमारी शक्ति का पांचवां भाग
12 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले लेख में इस आकर्षित शीर्षक “हमारी शक्ति का पांचवां भाग” वाले लेख का संकेत दिया था। अखंड ज्योति 1942 के सितम्बर अंक में प्रकाशित हुए लेख में परम पूज्य गुरुदेव ने मनुष्य की धर्मिक एवं आर्थिक शक्ति को औसत भारतीय की शक्ति का “पांचवां भाग” कह कर समझाया
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हमारी कितनी ही रातें रोते सिसकते बीती हैं
11 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति फरवरी 1971 में “अपनों से अपनी बात, हमारे दृश्य जीवन की अदृशय अनुभूतियाँ” शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित दिव्य लेख का आज समापन अंक प्रस्तुत किया जा रहा है। परम पूज्य गुरुदेव के दृश्य जीवन की अदृश्य अनुभूतियों का साक्षात् अनुभव करवाने के लिए हमसे अपने तुच्छ प्रयास एवं
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स्वयं को अति समझदार समझने वाला मनुष्य इतना नासमझ क्यों है?
7 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद वर्तमान लेख श्रृंखला अखंड ज्योति पत्रिका के जनवरी और फ़रवरी 1971 के अंकों में “अपनों से अपनी बात” के अंतर्गत प्रकाशित हुए कंटेंट पर आधारित है। “अपनों से अपनी बात’ हमारे ह्रदय के इतने करीब है कि जब भी हम अखंड ज्योति की कोई भी प्रति खोलते हैं तो इस
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परम पूज्य गुरुदेव के शब्दों में “आत्मवत् सर्वभूतेषु” की अति सरल व्याख्या।
6 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने समर्पित परिवार में शेयर का रहे हैं कि हम Vancouver वापिस आ गए हैं, रेगुलर दिनचर्या का पालन करने का प्रयास करेंगें। अपने गुरु की कृपा का ही परिणाम है कि जहाँ हमें सम्पूर्ण अज्ञातवास की आशंका थी,सब कुछ लगभग रोज़ की तरह ही चलता रहा। परिवार ने चाहा
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अखंड दीप और अखंड ज्योति का जन्म-इतिहास,गुरुवर के मुखारविंद से।
5 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी, फरवरी 1971 वाले अंक में “हमारी जीवन साधना के अंतरंग पक्ष-पहलू” शीर्षक से दो बहुत ही महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित हुए।दोनों लेखों में गुरुवर की लेखनी से अवतरित हुई ज्ञानगंगा को शब्दों में बांध पाना हम जैसों के लिए लगभग असंभव ही है। हमें तो इस बात
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हमारे गुरुदेव के निर्देश
3 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति के जनवरी, फरवरी 1971 अंक में “हमारी जीवन साधना के अंतरंग पक्ष-पहलू” शीर्षक से दो बहुत ही महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित हुए। यह लेख गुरुदेव के मार्गदर्शन के साथ-साथ निर्देशों का वर्णन भी दे रहे हैं। सबसे बड़ा निम्नलिखित मार्गदर्शन बहुत महत्वपूर्ण है: युग धर्म का निर्वाह करने के
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अखंड ज्योति एक व्रतशील तीर्थयात्री की भूमिका निभा रही है।
1 अगस्त 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथियों से क्षमाप्रार्थी हैं कि आज शुक्रवार होने के बावजूद वीडियो कक्षा चलाने में असमर्थ हैं। इसका कारण तो पहले भी लिख चुके हैं लेकिन विस्तृत वर्णन की चर्चा कल वाले स्पेशल सेगमेंट में कर देंगे (यदि उसे कंपाइल कर पाए तो !!!!) इंटरनेट की समस्या के कारण
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मथुरा से विदाई के समय परम पूज्य गुरुदेव के संदेश, “एक और अदभुत लेख”
31 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अप्रैल 1971 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ था जिसका शीर्षक “विदाई सम्मेलनों के लिए आमंत्रण और प्रतिबंध” था। “अपनों से अपनी बात” की अति लोकप्रिय श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित हुए इस लेख को आधार बनाकर ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से दो छोटे-छोटे लेख पहले ही
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हमारे अज्ञातवास से गुरुदेव ने खींच कर ज्ञानप्रसाद लिखने को कहा
29 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अपने साथिओं को अवगत करते आ रहे हैं, अपडेट करते आ रहे हैं कि क्रूज पर इंटरनेट की स्थिति कुछ विश्वसनीय नहीं है, बेटे ने 1000 डॉलर देकर एक पैकेज ख़रीदा तो है लेकिन कुछ कहा नहीं जा सकता। फिर भी हमारे प्रयास से आज का छोटा सा ज्ञानप्रसाद
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“सुझाव बहिन सुमनलता जी का प्रयास हमारा”-हमारा 10 दिवसीय अज्ञातवास
आज जुलाई माह का अंतिम शनिवार है, हमारी आदरणीय बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथियों की स्वीकृति से जन्में इस अंक को लेकर हम आपके न्यायालय में उपस्थित हो चुके हैं। हर बार लिखते हैं कि हम कोई लेखक नहीं हैं, त्रुटियां होना स्वाभाविक है। हृदय में जो भी विचार उठते हैं उन्हें शब्दों
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धरती पर स्वर्ग का अवतरण कैसे विश्वसनीय है ?
24 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने साथिओं से क्षमाप्रार्थी हैं कि आज का लेख,कल वाले लेख का भाग 2 न होकर एक Independent लेख है। लेख के शीर्षक बता रहा है कि गुरुदेव की “धरती पर स्वर्ग के अवतरण” की आशा एवं हमारा अनुसन्धान प्रयास इस दिशा में कितने विश्वसनीय हैं। लेख का अंत “एक
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ईश्वरेच्छा ही युग परिवर्तन का प्रबल कारण है-भाग 1
23 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद “नवयुग का अवतरण सुनिश्चित है और सन्निकट” शीर्षक से प्रकाशित अखंड ज्योति मई 1972 के दिव्य लेख को समझने के लिए हमने पिछले दो दिन पृष्ठभूमि का अध्ययन किया। दो भागों में प्रस्तुत होने वाले पहले भाग के ज्ञानप्रसाद में युग परिवर्तन में ईश्वर की इच्छा को माना गया है।
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उदाहरणों सहित युगसंधि एवं युगपरिवर्तन के कुछ प्रतक्ष्य लक्षण
22 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले लेख की भांति आज भी अपने साथिओं से क्षमाप्रार्थी हैं कि युगसंधि,युग परिवर्तन, नवयुग, विचार क्रांति आदि विषयों से सम्बंधित ऑनलाइन जितना साहित्य एवं उदाहरण उपलब्ध हैं,उन्हें प्रस्तुत करना कोई सरल कार्य नहीं है, सिर चकराने जैसी स्थिति आना स्वाभाविक है। परम पूज्य गुरुदेव के संरक्षण में जितनी
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आने वाले लेखों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
21 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य से अवतरित हुई ज्ञानगंगा में दिव्य स्नान कर रहे सभी साथियों का अभिवादन। अखंड ज्योति मई 1972 वाले अंक में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था “नवयुग का अवतरण सुनिश्चित है और सन्निकट”, इस लेख का शीर्षक जितना आकर्षक था उससे कहीं आकर्षक इसमें
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आत्मबल को प्रखर करने के सरल उपाय
17 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद आत्मबल का विषय कठिन,जटिल होने के बावजूद इतना रोचक है कि यदि सारा जीवन भी विषय का अध्यन करते रहें तो भी अनंत ही प्रतीत होता है। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के ही मंच से इस विषय को बार-बार दोहराया गया है। मार्च 2025 में ही आत्मबल के विषय पर
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आत्मबोध (स्वयं को जानना) की अति सरल चर्चा
16 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 पिछले दो दिन से शरीर,मन और आत्मा के विषय पर चर्चा चल रही है, अनेकों उदाहरण दिए गए हैं,यथासंभव सरलीकरण का भी प्रयास किया गया है, साथिओं का सहयोग भी मिल रहा है, इस सामूहिक प्रयास का ही रिजल्ट है कि Step by step, एक एक
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दिल तो बच्चा है जी
15 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 कल आरम्भ हुई “शरीर और मन” की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आज का लेख,अंतिम पंक्तियों में “आत्मा” की बात कर रहा है। आज तो “आत्मा की बात” केवल सरसरी तौर से ही की गयी है,कल इसकी विस्तृत चर्चा की योजना है। आज के लेख में
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स्वयं को पहिचानें
14 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 हमारे साथी जानते हैं कि आजकल चल रही लेख श्रृंखला में वंदनीय माता जी के मुखारविंद से परम पूज्य गुरुदेव के सन्देश/निर्देश हम सब तक पंहुच रहे हैं। मई 1972 की अखंड ज्योति में इस विषय को कवर करते हुए भांति भांति के लेख प्रकाशित हुए, सभी
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विश्व ब्रह्मांड में सतगुरू समान कोई नहीं-गुरु पूर्णिमा के लिए सरविन्द कुमार पाल जी के श्रद्धासुमन
9 जुलाई 2025 का दिव्य ज्ञानप्रसाद आज की भूमिका आरम्भ करने से पहले ही आद सरविन्द जी से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं की उन्होंने यह श्रद्धासुमन पिछले वर्ष भी गुरुचरणों में भेंट किये थे लेकिन ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के नियत टाईमटेबल में फिट न होने के कारण इनका प्रकाशन संभव न हो पाया। इस बार
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गुरुपूर्णिमा को समर्पित एक अद्भुत लेख
8 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 शब्द सीमा के वशीभूत आज का ज्ञानप्रसाद लेख बिना किसी भूमिका के आरम्भ हो रहा है, लेकिन इतना तो कह ही दें कि कैसा संयोग है कि गुरुपूर्णिमा के दिनों में गुरु-शिष्य सम्बंधित लेख प्रस्तुत हो रहा है। ****************** गुरु और शिष्य मिलकर एक दूसरे का सहयोग
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प्रगति और सफलता के लिए “सहयोग” का योगदान
7 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद हमारे साथी भलीभांति जानते हैं कि आजकल हम वंदनीय माता जी के मुखारविंद से उस शिक्षा का अमृतपान कर रहे हैं जिसे परम पूज्य गुरुदेव ने उस समय बताया था जब गुरुवर अपनी हिमालय यात्रा को छोड़कर माता जी के हार्ट अटैक के कारण शांतिकुंज आये थे। साथी यह
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“अपने सहकर्मियों की कलम से” का 5 जुलाई 2025 शनिवार का अंक
हर बार की भांति आज के विशेषांक का भी इन्हीं शब्दों से शुभारम्भ कर रहे हैं कि “हम कोई लेखक नहीं हैं” जैसे-जैसे, जो-जो विचार मन में उठ रहे हैं, बिना किसी शब्दावली आदि की चिंता किये लिखे ही जा रहे हैं क्योंकि विश्वास है कि यदि कोई त्रुटि हो भी गयी तो हमारे परमप्रिय
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उपासना की सफलता, साधना पर निर्भर है-2
3 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 शब्दसीमा का प्रतिबंध आज सीधा लेख की ओर जाने का निर्देश दे रहा है। ********************* उपासना से पाप नष्ट होने का वास्तविक अर्थ यह है कि ऐसा व्यक्ति जीवन साधना के प्रथम चरण (साधना) का परिपालन करते हुए दुर्भावनाओं और दुष्प्रवृत्तियों के दुष्परिणाम समझ चुका है और
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उपासना की सफलता साधना पर निर्भर है-1
2 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद–अखंड ज्योति मई 1972 आज के लेख की चर्चा इतनी अधिक है कि बार-बार अनेकों प्लेटफॉर्मस पर इस विषय को समझने/समझाने का प्रयास किया जाता रहा है, अनेकों को समझ आती है लाभ भी होता है लेकिन ऐसे साधकों की संख्या भी कम नहीं है जो इंस्टेंट लाभ की तलाश में
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माता जी द्वारा गुरुदेव के क्रियाकलापों का संक्षिप्त वर्णन
1 जुलाई 2025 का ज्ञानप्रसाद अपने सर्वप्रिय,समर्पित साथिओं के साथ लिए गए वचन का पालन करते हुए कल जिस लेख को प्रस्तुत किया था उसका आज दूसरा एवं अंतिम भाग प्रकाशित किया जा रहा है। माता जी के मुखारविंद से गुरुदेव के भावी क्रियाकलापों का वर्णन सुनना एक दिव्य अवसर है। मई 1972 की अखंड
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शांतिकुंज गुरुदेव का डाक बंगला है।
30 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति मई 1972 की अखंड ज्योति पर आधारित ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद विशेषता से ओतप्रोत है। यह ज्ञानप्रसाद इस दृष्टि से विशेष तो है ही कि वंदनीय माता जी के श्रीचरणों में समर्पित होकर उनके ही मुखारविंद से दुर्लभ ज्ञान का अमृतपान हो रहा
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“सुझाव बहिन सुमनलता जी का,प्रयास हमारा” का 28 जून 2025 का अंक
27 अप्रैल 2024 को आदरणीय बहिन सुमनलता जी के सुझाव एवं साथिओं के समर्थन पर एक स्पेशल सेगमेंट का शुभारम्भ हुआ था जो अब एक इतिहास बन चुका है। एक सहमति बनी थी कि हम (अरुण त्रिखा) माह के अंतिम शनिवार को एक ओपन लेटर की भांति अपने भाव व्यक्त करें, जिसमें हमारे मन में
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प्राण प्रत्यावर्तन साधना में भोजन एवं प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन
26 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव के सानिध्य में सम्पन हुई प्राण प्रत्यावर्तन साधना केवल एक वर्ष (1973-74 ) ही चली थी। बाद में यही साधना अन्य नामों से चलती रही और आज 2025 में युगतीर्थ शांतिकुंज द्वारा 5 दिवसीय अन्तः ऊर्जा जागरण सत्र करवाए जा रहे हैं जो इसी साधना से मिलते
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प्राण-प्रत्यावर्तन एक प्रकार की सर्जरी ही है
25 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 आज का ज्ञानप्रसाद एक प्रकार का पिछले कुछ दिनों से चल रहे वंदनीय माता जी द्वारा प्रदान किये जा रहे अमृतपान का Wrap-up है एवं इस श्रृंखला का अंतिम लेख है। परम पूज्य गुरुदेव माता जी के हार्ट अटैक के कारण हिमालय से अपनी तप-साधना छोड़ कर
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प्राण प्रत्यावर्तन के माध्यम से गुरु-ऋण से मुक्ति
24 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख पिछले कुछ दिनों से चल रही वर्तमान लेख श्रृंखला में परम वंदनीय माता जी और परम पूज्य गुरुदेव के बीच हुई चर्चा का विवरण है। बार-बार रिपीट कर रहे हैं कि परम पूज्य गुरुदेव माता जी के हार्ट अटैक के कारण
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1973 के प्राण-प्रत्यावर्तन की बेसिक Qualification क्या थी ?
23 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मई 1972 आज सोमवार,सप्ताह का प्रथम दिन,ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के छोटे से समर्पित समूह के लिए,हर बार की भांति अद्भुत ऊर्जा लेकर आया है। हमारी तरह सभी साथी उत्सुक होंगें कि आज परम वंदनीय माता जी,जादूगर की भांति अपने पिटारे में से कौन से दिव्य प्रसाद से
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गुरुदेव के साधना रथ के दो पहिये-आत्मपरिष्कार और लोकमंगल
19 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आत्मपरिष्कार,लोकमंगल, पात्रता,प्रत्यावर्तन-अनुदान,शक्तिपात,युगसाधना-त्रिवेणी कुछ ऐसे आकर्षक शब्द हैं जिनके अर्थ समझ कर ही आज के जीवनदायनी ज्ञानामृत का पयपान करना उचित रहेगा। ज्ञान के इस दिव्य अमृत की एक-एक बूँद पाठकों के शरीर की लगभग 30 ट्रिलियन कोशिकाओं में से केवल 1 मिलियन को ही प्रभावित कर पाएं
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नर-पशु से नर-रत्न और नर-नारायण बनने का मार्ग।
18 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति मई 1972 पिछले दो दिनों से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रसारित हो रहे दिव्य ज्ञानप्रसाद में परम वंदनीय माता जी, गुरुदेव के साथ हुई चर्चा का सारांश हम बच्चों को समझा रही हैं। वर्तमान शिक्षा “बड़ा बनने” और “महान बनने” के अंतर् का अमृतपान करा रही
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महानता का चयन दूरदर्शितापूर्ण है
17 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख कल आरम्भ हुए “महानता” के सागर में डुबकी लगाने का प्रयास है। परम वंदनीय माता जी ने अखंड ज्योति के माध्यम से, गुरुदेव के निर्देशों को अपने बच्चों के समक्ष रखा, हम ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से इन निर्देशों को
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बड़ा बनने में और महान बनने में क्या अंतर् है ?
16 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति जून 1972 आज सोमवार है, सप्ताह का प्रथम दिन, एक नवीन ऊर्जा का दिन, एक नए संकल्प का दिन, एक नए टॉपिक के दिव्य शुभारम्भ का दिन । अक्सर कहा जाता है कि परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित विशाल साहित्य में समाहित ज्ञान में जीवन से सम्बंधित शायद ही
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“अपने सहकर्मियों की कलम से” का 14 जून 2025 का स्पेशल अंक -सरविन्द जी एवं अरुण जी की समस्या
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के सभी साथी भलीभांति परिचित हैं कि प्रत्येक माह के तीन शनिवार साथिओं की प्रतिभा एवं प्रोत्साहन के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। हमारा प्रयास रहता है कि किसी भी साथी में,किसी भी प्रकार की, कोई भी प्रतिभा हो उसे परिवार के मंच पर,साथिओ के समक्ष लाया जाए, उसका मूल्यांकन किया
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क्या हम गुरुदेव के स्तर की साधना कर सकते हैं ?
12 जून 2025 का ज्ञानप्रासद-अखंड ज्योति नवंबर 1971 नवंबर 1971 की अखंड ज्योति में प्रकाशित वंदनीय माता जी के मुखारविंद से प्रस्तुत की गयी 3-अंकीय लेख शृंखला के तीसरे एवं समापन अंक का शीर्षक बहुत ही आकर्षक है। आज प्रस्तुत किये गए ज्ञानप्रसाद लेख के शीर्षक “क्या हम गुरुदेव के स्तर की साधना कर सकते
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गुरुदेव एक दिखते हुए भी पांच थे।
11 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति नवंबर 1971 कल से आरम्भ हुई 3-अंकीय लेख श्रृंखला का आज दूसरा अंक प्रस्तुत है। वन्दनीय माता जी नवंबर 1971 की अखंड ज्योति में गुरुदेव के बारे में वोह बातें बता रही हैं जो हम सबने अनेकों बार पढ़ी हैं लेकिन वंदनीय माता जी के मुखारविंद से वर्णन होना
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गुरुदेव को धरती पर क्यों भेजा गया था ?
10 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद -अखंड ज्योति नवंबर 1971 आज से आरम्भ हो रही 3-अंकीय लेख श्रृंखला में वन्दनीय माता जी नवंबर 1971 की अखंड ज्योति में गुरुदेव के बारे में वोह बातें बता रही हैं जो हम सबने अनेकों बार पढ़ी हैं लेकिन वंदनीय माता जी के मुखारविंद से वर्णन होना साक्षात् First hand
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तू पहले दस कदम तो चल
9 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद एक पीडीऍफ़ फॉर्मेट में होने का कारण यही है कि इसके कंटेंट में इतना उत्कृष्ट ज्ञान समाहित है कि उसे लाल रंग से Bold font में हाईलाइट करना उचित समझा गया है। यह सुविधा यूट्यूब में उपलब्ध नहीं है। हमने इस ज्ञानप्रसाद को प्रकाशित करने से
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वंदनीय माता जी द्वारा गुरुदेव की शक्ति का वर्णन-पार्ट 3,अखंड ज्योति अगस्त 1971
5 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद अगस्त 1971 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक था “गुरुदेव का अवतरण और कार्यक्षेत्र।” इस लेख का समापन परम वंदनीय माता जी के हस्ताक्षर से हुआ था जो प्रमाणित करता है कि यह लेख माता जी के कर-कमलों से सुशोभित हुआ था। वंदनीय माता जी द्वारा
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वंदनीय माता जी द्वारा गुरुदेव की शक्ति का वर्णन-पार्ट 2, अखंड ज्योति अगस्त 1971
4 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव का निर्देश माने यां दिव्य संयोग कि 2025 की गायत्री जयंती,गंगा दशहरा एवं गुरुदेव के महाप्रयाण के लिए वंदनीय माता जी से अद्भुत जानकारी मिल रही है। कई पूर्व सयोगों की भांति इस बार भी 1971-72 की अखंड ज्योति के वही अंक हमारे हाथों में थमा दिए
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वंदनीय माता जी द्वारा गुरुदेव की शक्ति का वर्णन-पार्ट 1, अखंड ज्योति अगस्त 1971
3 जून 2025 का ज्ञानप्रसाद परम पूज्य गुरुदेव के बारे में अनेकों लोगों से, जीवनदानिओं से, दिव्य साहित्य के माध्यम से जानने का सौभाग्य प्राप्त होता है लेकिन जितना वंदनीय माता जी बता सकती हैं शायद ही अन्य कोई बता सके। अगस्त 1971 की अखंड ज्योति का प्रकाशन गुरुदेव के हिमालय जाने के बाद वंदनीय
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मानवी काया काँच की नहीं,अष्ट धातु से बनी है।
2 जून 2025 का ज्ञान प्रसाद मार्च 1972 की अखंड ज्योति में प्रकाशित सभी लेख इतने उत्कृष्ट हैं कि हम वंदनीय माता जी को महाशक्ति कहे बिना नहीं रह सकते। गुरुवर हिमालय में साधनारत थे, माता जी शांतिकुंज के आरंभिक दिनों में लगभग अकेली ही थीं, ऐसी स्थिति में इतने उत्कृष्ट लेखों से हम सबका
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मई माह का विशेष विशेषांक,कमैंट्स प्रथा में संशोधन
27 अप्रैल 2025 को आरम्भ हुए “सुझाव बहिन सुमनलता जी का, प्रयास हमारा” शीर्षक से आरम्भ हुए “विशेष विशेषांक” का वर्तमान अंक प्रस्तुत करते हुए हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। अपने सभी आदरणीय साथिओं की पूर्व स्वीकृति से इस “विशेष विशेषांक” के शीर्षक में संशोधन करने की जिज्ञासा उठ रही है। हमारे सहकर्मी नए
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मैं एकाकी हूँ, शरीर से भिन्न हूँ। आत्मा हूँ।
29 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख ही वह उत्कृष्ट लेख था जिसने मार्च 1972 की अखंड ज्योति की ओर ऐसा आकर्षित किया कि न जाने हमने कितने ही लेख पढ़ डाले। जीवन के सत्य को परिभाषित करता लेख “आत्मा और काया” की इतना सटीक विश्लेषण है कि सभी पाठक कहेंगें कि हमें
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समाज का ऋण चुकाना ही श्रेयस्कर है।
28 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद इतना प्रैक्टिकल एवं सरल है कि लगभग सभी (विशेषकर हमारे वरिष्ठ साथी) इस विषय से भलीभांति परिचित हैं। बाल्यकाल से अपने बुज़ुर्गों से मनुष्य जीवन के चार आश्रम ब्रह्मचर्य,गृहस्थ,वानप्रस्थ एवं सन्यास के बारे में सुनते आ रहे हैं, पालन भी करते आ रहे हैं। यदि वरिष्ठ ऑनलाइन
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गुरुदेव की 1971 की हिमालय यात्रा का उद्देश्य
27 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति मार्च 1972 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से सोमवार से गुरुवार तक प्रकशित होने वाले दिव्य लेख परम पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित अथाह साहित्य सागर में से डुबकी मार कर दिव्य रत्न साथिओं के समक्ष प्रस्तुत किये जाते हैं। गुरुदेव के ही दिव्य मार्गदर्शन से प्रोत्साहित होकर
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Artificial intelligence (बनावटी बुद्धिमत्ता) विनाश यां विकास
22 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद हम अक्सर कहते आये हैं कि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से प्रस्तुत होने वाला प्रत्येक कंटेंट परम पूज्य गुरुदेव के आदेश के अधीन ही हो रहा है। इसका एक और प्रमाण आज प्रस्तुत है। 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ को लगभग एक माह समर्पित करने एवं इस पर
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 24 (समापन अंक )
21 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद -Various sources आज नवंबर 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख श्रृंखला का समापन अंक प्रस्तुत किया गया है। 22 अंक (वर्तमान लेख के समेत) पूरी तरह से महायज्ञ को समर्पित, एक लेख यज्ञ के महत्व को समर्पित एवं एक लेख अश्वमेध यज्ञ को समर्पित करना गुरुवर की ही
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अश्वमेध यज्ञ, कलश पूजन एवं कलश यात्रा का महत्व
20 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद नवंबर 1958 में मथुरा में संपन्न हुए सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख श्रृंखला को लिखते-लिखते हमारे अंदर जिस ऊर्जा का संचार हुआ है उसे शब्दों में वर्णन करना तो असंभव है लेकिन परम पूज्य गुरुदेव ने जिस प्रकार से एक-एक लेख, वीडियो, शार्ट वीडियो हाथ में थमा दी उसके
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परम पूज्य गुरुदेव की यज्ञ-प्रथा का क्या उद्देश्य था ?
19 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद नवंबर 1958 में सम्पन्न हुए विशाल सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख श्रृंखला के अंतर्गत ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से 21 लेख प्रस्तुत किये गए। 13 अप्रैल के प्रथम लेख से लेकर 14 मई के 21वें लेख को लिखते समय एक ही प्रश्न बार-बार सामने आकर खड़ा हो
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17 मई 2025 शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
आज के इस विशेष वीकेंड सेगमेंट का शुभारंभ विश्वशांति की कामना से होता है: ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः ।सर्वे सन्तु निरामयाः ।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ।मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत् ॥ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ अर्थात सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुःख का भागी न बने। हे भगवन हमें
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 21
15 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 वर्ष 1958 में मथुरा में सहस्र कुंडीय यज्ञ सम्पन्न हुआ, इस यज्ञ पर आधारित लेख श्रृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा है, सभी साथी इस विवरण को
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 20
14 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स-अखंड ज्योति दिसंबर 1958 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख श्रृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा इस महायज्ञ का दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा है, सभी साथी इस विवरण को एक धारावाहिक टीवी सीरियल की भांति न केवल देख रहे हैं
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 19
13 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति दिसंबर 1958 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख शृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा इस महायज्ञ का दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा है, सभी साथी इस विवरण को एक धारावाहिक टीवी सीरियल की भांति न केवल देख
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 18
12 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति दिसंबर 1958 62 वर्ष पुरातन प्रज्ञागीत के लिए महाकवि प्रदीप और हेमंत कुमार जी को नमन है 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख शृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा इस महायज्ञ का दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा
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10 मई 2025 शनिवार का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
जिस प्रकार प्रत्येक ज्ञानप्रसाद का शुभारंभ हम विश्वशांति की कामना के साथ करते हैं, उसी प्रकार आज के इस विशेष सेगमेंट का शुभारंभ भी, भारत-पाक के तनाव को देखते हुए, विशेष कामना से होता है: ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः ।सर्वे सन्तु निरामयाः ।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ।मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत् ॥ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ अर्थात सभी
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 17
8 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख शृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा इस महायज्ञ का दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा है, सभी साथी इस विवरण को एक धारावाहिक टीवी सीरियल की भांति न केवल देख रहे
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 16
7 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति दिसंबर 1958 1958 के सहस्र कुंडीय यज्ञ पर आधारित लेख शृंखला के अंतर्गत गुरुदेव द्वारा चयनित महान विभूतिओं द्वारा इस महायज्ञ का दिव्य विवरण एक Live commentary की भांति दर्शाया जा रहा है, सभी साथी इस विवरण को एक धारावाहिक टीवी सीरियल की भांति न केवल देख
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 15
6 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 आज के दिव्य आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ हमारी सबकी आदरणीय बहिन सुमनलता जी को धन्यवाद् देकर कर रहे हैं कि उन्होंने आज हमारे लिए 29वां टाइटल (ज्ञान शिक्षक) प्रयोग किया है। जहाँ बहिन जी का हम जैसे साधारण से व्यक्ति के लिए इतने सम्मानीय टाइटल
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 14
5 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 22 से 26 नवंबर 1958 को मथुरा में उस समय का विशाल सहस्र कुंडीय यज्ञ का आयोजन हुआ, दिसंबर 1958 की अखंड ज्योति का पूरा अंक इस यज्ञ को ही समर्पित था। परम पूज्य गुरुदेव ने इस अंक में महायज्ञ का विस्तृत विवरण तो दिया ही लेकिन
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 13
2 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स-अखंड ज्योति दिसंबर 1958 आज का दिव्य आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख मुंबई निवासी आदरणीय सीताराम राठी जी की प्रस्तुति है। 22 से 26 नवंबर, 1958 में सम्पन्न हुए सहस्र कुंडीय यज्ञ का विवरण अनेकों प्रतिष्ठित विभूतियों ने अखंड ज्योति के दिसंबर 1958 वाले अंक में देकर हम सबके ऊपर जो उपकार
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 12
1 मई 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति दिसंबर 1958 आज का दिव्य आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद आदरणीय डॉ चमनलाल जी की प्रस्तुति है। 1958 में संपन्न हुए सहस्र कुंडीय यज्ञ में जिन चार विभूतियों ने आत्मदान किया था, डॉ साहिब उनमें से एक हैं। कुछ ही दिन पूर्व हमारे साथिओं ने आदरणीय शंभुसिंह जी की प्रस्तुति का
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 11
30 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 साथिओ आज का दिव्य आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख महान विभूति आदरणीय सत्यप्रकाश शर्मा जी की प्रस्तुति है। इतनी मार्गदर्शक प्रस्तुति के बारे में बजाये हम कुछ कहें, साथिओं से निवेदन है कि वह स्वयं ही शब्द By शब्द अमृतपान करके कमैंट्स की कक्षा में ले आएं ताकि हम
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 10
29 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 आज का दिव्य आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख आरम्भ करने से पहले अपने समर्पित साथिओं से क्षमाप्रार्थी हैं कि कल वाले लेख की शब्दावली कुछ एक साथिओं को लेख शृंखला के समापन का आभास दे गयी। एक बार पहले भी ऐसी स्थिति आ चुकी है। इसलिए उचित रहेगा कि
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 9
28 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 आज का ज्ञानप्रसाद, साहित्य-विशारद, आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी द्वारा Compile किये गए दिव्य अंक का समापन अंक है जिसका आँखों देखा हाल, हमने 24 अप्रैल को आरम्भ किया था। साथिओं को स्मरण होगा कि आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी उस समय के कांग्रेस के सक्रीय राजनेता थे
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सुझाव बहिन सुमनलता जी का प्रयास हमारा-अरुण त्रिखा
आज 26 अप्रैल,2025, शनिवार का दिन है। एक वर्ष पूर्व 27 अप्रैल वाले दिन इस “विशेष विशेषांक” का शुभारम्भ हुआ था। इस “विशेष विशेषांक” के इतिहास की तरफ दृष्टि दौड़ाएं तो साथिओं को स्मरण हो आएगा कि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की सर्वआदरणीय बहिन सुमनलता जी ने यूट्यूब पर सुझाव पोस्ट किया था जिसे सभी
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 8
24 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 कहते हैं दिल से दिल को राह होती है-कमैंट्स के माध्यम से अपने साथिओं की भावनाओं का परम सत्कार करते हुए कल प्रकाशित होने वाली वीडियो में हम मुंबई अश्वमेध की यज्ञस्थली में उपस्थित होंगें। बहिन सुमनलता जी ने हमारे लिए कमेंटेटर शब्द का प्रयोग करके
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 7
23 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 हमारा परम सौभाग्य है कि गुरुकृपा से 1958 के उस महान सहस्र कुंडीय यज्ञ के बारे में इतनी बारीकी से जानने का अवसर मिल रहा है कि क्या कहा जाए। वर्तमान लेख श्रृंखला में जो कंटेंट (कलश यात्रा, यात्रिओं का उत्साह, यज्ञशाला आदि) प्रस्तुत किया जा रहा
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 6
22 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति दिसंबर 1958 पिछले कल, 21 अप्रैल 2025 वाला लेख “ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान” का समापन अंक तो अवश्य था लेकिन इस अनुष्ठान के महत्व के कारण इसकी चर्चा आने वाले दिनों में भी होती ही रहेगी। आज से,अखंड ज्योति के उस बहुचर्चित अंक की चर्चा का शुभारम्भ हो रहा है जिसे
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 5
21 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति नवंबर 1957 पृष्ठ 15 पर गुरुदेव ने लिखा कि निकट भविष्य में आकाश में घुमड़ती हुई प्रलयंकर घटाओं को बरस पड़ने का ज़रा सा भी अवसर मिला तो निश्चय ही इसके परिणाम अति चिन्ताजनक होंगे लेकिन अभी स्थिति उस सीमा तक नहीं पहुँची है कि मानवी प्रयत्न इन्हें
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 4
17 अप्रैल 2025 गुरुवार का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद-सोर्स अखंड ज्योति सितम्बर 1958 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि कल वाले ज्ञानप्रसाद को समझाने में हमारी अयोग्यता प्रकट हो उठी। हमने तो लिखा था “आरंभिक तैयारिओं का तीसरा एवं समापन अंक” लेकिन मैसेज “सहस्र कुंडीय महायज्ञ” की लेख श्रृंखला के समापन का
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 3
16 अप्रैल 2025 बुधवार का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति जनवरी 1958 आज का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद 1958 के अभूतपूर्व सहस्र कुंडीय यज्ञ की आरंभिक तैयारिओं का तीसरा एवं समापन अंक है। कल ब्रह्मस्त्र अनुष्ठान को समझने का प्रयास रहेगा। परम पूज्य गुरुदेव जैसे दिव्य शिक्षक, जिस सरलता से हम जैसे निसिखिये बच्चों को छोटी से छोटी
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 2
15 अप्रैल 2025 मंगलवार का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति जनवरी 1958 आज से पांच वर्ष पूर्व 2020 में भी हमने वर्तमान लेख श्रृंखला को ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया था लेकिन दो वर्ष (1957/58) के विस्तृत ज्ञान के स्वाध्याय के बावजूद हम केवल एक ही लेख लिख
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वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 1
14 अप्रैल 2025 सोमवार का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद – सोर्स अखंड ज्योति जनवरी 1958 आज सप्ताह का प्रथम ऊर्जावान दिन सोमवार है, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार की प्रथा के अनुसार सप्ताह के प्रथम दिन एक नई आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला का शुभारम्भ होता है। हमारे साथी इस बात से परिचित हैं कि नई लेख शृंखला का शुभारम्भ
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2026 में होने वाले अविस्मरणीय कार्यक्रमों की श्रृंखला
10 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स:अखंड ज्योति फ़रवरी 2025 परम पूज्य गुरुदेव के तप साधना के 100 वर्ष, परम वंदनीय माता जी के अवतरण के 100 वर्ष एवं अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष, अलग-अलग दिखने वाले ये तीन घटनाक्रम ठीक वैसे ही एक हैं, जैसे गंगा-यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी, प्रयाग में एक धारा
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वर्ष 2026 गायत्री परिवार के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?
9 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति फ़रवरी 2025 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समक्ष प्रस्तुत किया गया आज का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख, कल वाले लेख के साथ दो भाग में एक विशेष सन्देश लेकर आया है। इस परिवार का शायद ही कोई सदस्य हो जो वर्ष 2026 के महत्व से परिचित न हो। युगतीर्थ
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यज्ञ करना एक बड़ा हस्पताल खोलने के समान है।
8 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- अखंड ज्योति अक्टूबर 1953 आज के आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद के कंटेंट से अधिकतर साथी परिचित होंगें क्योंकि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का कोई ही साथी होगा जो यज्ञ एवं उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी न रखता हो। अक्टूबर 1953 की अखंड ज्योति में “यज्ञ द्वारा आरोग्य लाभ” शीर्षक से
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गायत्री परिवार के जन्म की पृष्ठभूमि-पार्ट 2
7 अप्रैल 2025,सोमवार का ज्ञानप्रसाद – सोर्स:अखंड ज्योति अक्टूबर 1958 आज का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख, उस लेख का दूसरा एवं समापन पार्ट है जिसका प्रथम पार्ट पिछले सप्ताह गुरुवार को प्रस्तुत किया था। पिछले सप्ताह भी लिखा था, आज फिर लिख रहे हैं कि सात दशक पूर्व जन्में इस परिवार ने जिस विशाल वृक्ष का रूप
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गायत्री परिवार के जन्म की पृष्ठभूमि -पार्ट 1
3 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स:अखंड ज्योति अक्टूबर 1958 कल प्रकाशित हुए समुद्र मंथन के लेख को समझने/ जानने के लिए जब हम अखंड ज्योति के 1956 से 1958 के अंकों के देख रहे थे तो “गायत्री परिवार” शीर्षक से अनेकों लेख देखने का सौभाग्य मिला। जिज्ञासा उठी कि गुरुदेव ने तो वर्षो पूर्व हमें
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गायत्री परिवार का समुद्र-मन्थन कितना प्रभावशाली ?
2 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स अखंड ज्योति अक्टूबर 1958 आज के आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद लेख के शीर्षक से ही संकेत हो रहा है कि आज ही समापन होने वाला यह लेख कितना रोचक और ज्ञानवर्धक हो सकता है। अखंड ज्योति 1958 के अक्टूबर अंक में “इस विष से सावधान रहिये” शीर्षक से प्रकाशित लेख में
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कृत्य किसी का, श्रेय किसी को- पार्ट 2
1 अप्रैल 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स कृत्य किसी का, श्रेय किसी को कल आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का समापन लगभग उसी वाक्य से हो रहा है जिससे शुभारम्भ हुआ था। कल लिखा था कि जीवात्मा का अपना स्वतन्त्र अस्तित्व होता है लेकिन यह निश्चित है कि माता के सहयोग के बिना उसकी अदृश्य सत्ता मूर्तिमान
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कृत्य किसी का, श्रेय किसी को -पार्ट 1
इस हृदयस्पर्शी गीत के लिए कवि प्रदीप को नमन 31 मार्च, 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स कृत्य किसी का, श्रेय किसी को आज सोमवार है, मार्च माह का अंतिम दिन। ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से जब भी किसी लेख श्रृंखला का शुभारम्भ होता है तो वह सोमवार को ही होता है। आज प्रस्तुत की
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“सुझाव सुमनलता बहिन जी का प्रयास हमारा” का 29 मार्च 2025 वाला अंक
हमारी सबकी आदरणीय एवं सर्वप्रिय बहिन सुमनलता जी द्वारा माह का अंतिम शनिवार हमारी “मन की बात” के लिए रिज़र्व करना,सच में हमारे लिए बहुत ही सम्मान की बात है जिसके लिए बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं। माह के बाकि तीन शनिवार पूर्णतया परिवार के साथिओं के लिए रिज़र्व किये हुए हैं। 27अप्रैल 2024
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महेश्वर महाकाल स्वयं हैं नियंता
27 मार्च 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स अखंड ज्योति सितम्बर 2011, पृष्ठ 5 आज के आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद का शीर्षक,अखंड ज्योति सितम्बर 2011,पृष्ठ 5 में प्रकाशित लेख का ही है। यह अंक परम पूज्य गुरुदेव के जन्म (1911) को समर्पित शताब्दी अंक था। 74 पन्नों के इस दिव्य अंक में प्रकाशित कंटेंट को ध्यान से देखा जाये तो