Archive | December 2020

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सजल श्रद्धा- प्रखर प्रज्ञा स्मारकों की उत्पति

ऑनलाइन ज्ञानरथ के समर्पित सहकर्मियों को हमारा हृदय से नमन अभिनंदन एवं आभार : आज का ज्ञान प्रसाद May 10,2020 चेतना की शिखर यात्रा 3 ” सजल श्रद्धा- प्रखर प्रज्ञा स्मारकों की उत्पति “ 8 नवंबर 1981 का दिन था । एक बहुत ही महत्वपूर्ण तिथि । देवउत्थान एकादशी – पौराणिक गाथाओं के अनुसार इस […]

गायत्री महामंत्र के विभिन्न साधना स्तर

27 दिसंबर 2020 का ज्ञानप्रसाद प्रायः हमें कमेंट करके गायत्री साधना के बारे में प्रश्न किये जाते रहे हैं ,यह कब करनी चाहिए और इसका क्या विधान है। परमपूज्य गुरुदेव ने गायत्री साधना को अत्यंत सरल तरीके से इस लेख में वर्णन किया है आशा है ऑनलाइन ज्ञानरथ के सहकर्मियों को इससे लाभ होगा और […]

पूज्यवर का गायत्री नगर बसाने का संकल्प

गायत्री नगर बनाने का संकल्प इसी द्वष्टि से उठा कि धरती पर स्वर्ग के अवतरण का स्वप्न छोटे रुप में साकार करके दिखाया जाय। भावी सम्भावनाओं का अनुमान लगाने के लिए वर्तमान में भी कुछ प्रतीक चिन्ह तो खड़े करने ही पड़ते हैं। इमारते बनने से पूर्व उनके नक्शें बनते है। मूर्तियाँ गढ़ी जाने से […]

तपोभूमि में 1958 के ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान पर एक अद्भुत लेख

22  दिसंबर 2020  का ज्ञानप्रसाद  अपने सूझवान और समर्पित सहकर्मियों के समक्ष  हिमालयवासी त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विशुद्धानन्द जी महाराज के लेख के बाद हमारे ह्रदय में  बार -बार जिज्ञासा उठ रही थी कि  ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान ऊपर कुछऔर रिसर्च की जाये और कुछ प्रेणादायक लेख अपने सहकर्मियों समक्ष प्रस्तुत किये जाएँ l   हमारे  कुछ सहकर्मियों ने […]

गायत्री मंत्र की वैज्ञानिक व्याख्या

ऑनलाइन ज्ञानरथ के समर्पित एवं सूझवान सहकर्मियों को हमारा नमन ,वंदन एवं सुप्रभात। आज 20 दिसंबर 2020 का लेख है तो बहुत ही छोटा परन्तु इस के एक -एक अक्षर पर चिंतन मनन करने की आवश्यकता है। अगर ऐसा करेंगें तो गायत्री महामंत्र के प्रतक्ष्य परिणाम देखने में अधिक समय नहीं लगता। हम में से […]

हिमालयवासी त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विशुद्धानन्द जी महाराज द्वारा एक चेतावनीपूर्ण सन्देश

17  दिसंबर 2020  का ज्ञानप्रसाद  तपोभूमि मथुरा  में 1958  में आयोजित  ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान परमपूज्य गुरुदेव द्वारा किये गए कार्यों में से अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है।  इस  अनुष्ठान की गतिविधियों के बारे में तो किसी और लेख में वर्णन करेंगें परन्तु हिमालयवासी त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विशुद्धानन्द जी महाराज द्वारा एक चेतावनीपूर्ण सन्देश आज के लेख का सारांश […]

ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान

14 दिसंबर 2020 का ज्ञानप्रसाद आज का लेख Scientific Spirituality पर आधारित है। Scientific Spirituality का हिंदी अनुवाद वैज्ञानिक अध्यात्मवाद है। आज हम उस युग में रह रहे हैं जहाँ हर कोई प्रतक्ष्य देखना चाहता है क़ि किसी भी क्रिया को करने का क्या लाभ होगा। अगर हम, यज्ञ करते हैं ,गायत्री मन्त्र उच्चारण करते […]

शांतिकुंज की महत्ता

12 दिसंबर 2020 का ज्ञानप्रसाद सुप्रभात एवं शुभदिन का कामना के साथ युगतीर्थ शांतिकुंज के दिव्य वातावरण पर हम कई लेख लिख चुके हैं और कई वीडियो बना चुके हैं। यह एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में जितना लिखा जाये उतना ही कम है। वैसे तो इस वातावरण का अनुभव शांतिकुंज में कुछ समय […]

एक शरीर में रहते हुए पांच शरीर

सभी सककर्मियों को सुप्रभात एवं शुभदिन आज के ज्ञान प्रसाद दो छोटे -छोटे लेख। 9 दिसंबर 2020 का ज्ञान प्रसाद पहला :अखंड दीप परमपूज्य गुरुदेव ने हमें अखंड दीप और अखंड ज्योति पत्रिका के बारे में कई बार शिक्षित करने का प्रयास किया है। हमने भी गुरुदेव के साहित्य में से रिसर्च करके अखंड दीप […]

जब गुरुदेव ने शांतिकुंज के लिए धरती का चयन किया

6 दिसंबर 2020 का ज्ञानप्रसाद जब गुरुदेव ने शांतिकुंज के लिए धरती का चयन किया : पूज्य गुरुदेव शांतिकुंज के लिए जमीन तलाश रहे थे। 1968 के दिन थे उन्हीं दिनों पास की प्रायः सभी जमीनों को देखते ,परखते एक स्थान पर आ कर ठहर गए। पास में कुछ और भी लोग खड़े थे जो […]

1973 के प्राण प्रत्यावर्तन सत्र

2 दिसंबर 2020 का ज्ञान प्रसाद : सुप्रभात ,शुभ दिन की कामना आज का लेख हमने अखंड ज्योति के अगस्त 1990 पर आधारित किया है। यह अंक ब्रह्मवर्चस के कार्यकर्ताओं ने स्मृति विशेषांक के रूप में प्रस्तुत किया था। गुरुदेव के बारे में इस अंक में पढ़ते हुए जिज्ञासा हुई कि ” प्राण प्रत्यावर्तन ” […]