Archive | October 2020

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गुरुदेव के माता जी का निधन

ऑनलाइन ज्ञानरथ से अवतरित ज्ञानगंगा का ज्ञानप्रसाद 30 अक्टूबर 2020 आज का ज्ञानप्रसाद हमारे वरिष्ठ सहकर्मी आदरणीय वीरेश्वर उपाध्याय जी के शब्दों में वर्णित है। यह लेख गुरुदेव के माता जी के निधन पर आधारित है। गुरुदेव माता जी को ताई कहते थे। यह लेख हमने ” अद्भुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य” शीर्षक पुस्तक के पार्ट […]

हम सब युग-निर्माण योजना के विशाल भवन का ढाँचा खड़ा करने वाले मामूली से मजदूर मात्र हैं।

28 अक्टूबर 2020 के ज्ञानरथ से अवतरित ज्ञानगंगा का ज्ञानप्रसाद गुरुदेव का छांटने का कार्यक्रम और उसका प्रयोजन अखंड ज्योति पत्रिका के अगस्त 1966 वाले अंक के पृष्ठ 16 पर गुरुदेव ने अपनी भावनाओं को निम्न लिखित पंक्तियों में अंकित किया हुआ था। भारत का महान गौरव एवं वर्चस्व को पुनः अपने स्थान पर प्रतिष्ठापित […]

गुरुदेव के बच्चे भिखारी नहीं हैं

अक्टूबर 24,2020 ज्ञानरथ से अवतरित ज्ञानगंगा का ज्ञानप्रसाद पंडित लीलापत जी के शब्दों में : हम जब गुरुदेव के साथ क्षेत्रों में जाते थे, हमारी नजर गुरुदेव के चरणों में जो पैसा चढ़ता था, उस पर रहती थी । जैसे ही गुरुदेव उठते हम सबसे पहले जितना पैसा उनके चरणों पर चढ़ता, उसको इकट्ठा करते […]

दो गुरु-शिष्यों के मार्मिक ( दिल को छू जाने वाले ) संस्मरण

20 अक्टूबर 2020 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञान प्रसाद थोड़ा लम्बा अवश्य है लेकिन है बहुत ही प्रेरणा दायक और शिक्षाप्रद। लेख में दो अलग -अलग संस्मरण वर्णित किये गए हैं। पहला संस्मरण परमपूज्य गुरुदेव और पंडित लीलापत जी की आसाम यात्रा यात्रा को वर्णित करता है। यात्रा के दौरान घटित परिस्थितियों से मिली शिक्षा […]

मध्य प्रदेश के छोटे से गांव ” करनी ” का प्रेरणादायक यज्ञ

ऑनलाइन ज्ञानरथ के समर्पित सहकर्मियों को सुप्रभात एवं शुभदिन 17 अक्टूबर 2020 का ज्ञानप्रसाद आज का लेख है तो बहुत ही छोटा सा परन्तु इसमें बहुत ही ज्ञान छुपा है। आशा है आप सभी इस लेख को पढ़कर अपने जीवन में उतारेंगे और अपने आस पास के परिजनों में शेयर करके उन्हें भी ऑनलाइन ज्ञानरथ […]

परमपूज्य गुरुदेव के बारे में एक ह्रदय विदारक लेख

14 अक्टूबर 2020 का ज्ञानप्रसाद मित्रो आज का लेख बहुत ही ह्रदय विदारक है। हमने यह लेख अखंड ज्योति अगस्त 1990 के स्पेशल अंक पर आधारित किया है। 2 जून 1990 को गुरुदेव के महाप्रयाण के बाद ब्रह्मवर्चस के कार्यकर्ताओं द्वारा सम्पादित 200 पृष्ठों वाला यह स्पेशल अंक अपने में एक अविस्मरणीय अंक है। हमने […]

जब गुरुदेव ने लीलापत जी को कामधेनु का दूध पिलाया

ऑनलाइन ज्ञानरथ के सहकर्मियों को हमारा नमन एवं आभार12 अक्टूबर 2020 मित्रो ,आज का ज्ञान प्रसाद एक छोटा सा संस्मरण है लेकिन है इतना मार्मिक कि हमारे मस्तिष्क की खिड़कियां खोल दे और हम सोचने पर विवश हो जाएँ कि क्या सचमुच हमारे गुरुदेव ऐसे थे। हम तो पूरे विश्वास से कह सकते हैं कि […]

परमपूज्य गुरुदेव और लीलापत शर्मा जी के पत्रों पर आधारित लेख

दिनांक ७-४-६२ हमारे आत्मस्वरूप, पत्र मिला । नवरात्रि के आपके कार्यक्रम का समाचार पढ़कर प्रसन्नता हुई । सामूहिक आयोजनों से धर्म चेतना बढ़ती है । आत्मशांति के लिए एकान्त साधना और धर्म सेवा के लिए सामूहिक कार्यक्रमों की आवश्यकता पड़ती है । नवरात्रि का आपका कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हो ऐसी कामना है । कलम […]

पंडित लीलापत जी शर्मा जी के पत्रों पर आधारित लेख

16 नवम्बर 1961 और 19 जुलाई 1962 के परमपूज्य गुरुदेव द्वारा पंडित लीलापत जी को लिखे हुए दो पत्र आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। वैसे तो यह दोनों पत्र पंडित जी द्वारा लिखित पुस्तक ” पत्र पाथेय ” में से लिए गए हैं लेकिन उन दोनों को editable फॉर्म में प्रस्तुत करने का हमारा प्रयास है। […]

गुरुदेव और लीलापत शर्मा जी का एक आंशिक पत्र

लीलापत जी कहते हैं : पूज्य गुरुदेव की लिखी हुई एक -एक पंक्ति हमारे लिए वेद -वाक्य की तरह हैं जो जितनी बार पढ़े जाएँ कम है और हर बार एक नया सन्देश लेकर आते हैं। परिजन इस पुरषार्थ से पता नहीं क्या अर्थ निकालेंगें लेकिन इनके प्रकाशन के पीछे अवश्य ही प्रज्ञावतार की कोई […]

पत्र पाथेय -लीलापत शर्मा जी

मित्रो, आखिर काफी प्रतीक्षा के उपरांत हम लीलापत शर्मा जी के बारे में लिखने में समर्थ हो गए हैं।  आप  सभी हमारे साथ -साथ इन पुस्तकों को प्राप्त करने की यात्रा में सहकर्मी रहे ,आपका बहुत बहुत धन्यवाद्। आपके ह्रदय में गुरुदेव के प्रति ,लीलापत जी के प्रति आदर ,सम्मान और परिपक्व करना हमारा परम् […]

अविस्मरणीय हीरे -अविस्मरणीय तथ्य

मित्रो, आखिर काफी प्रतीक्षा के उपरांत हम लीलापत शर्मा जी के बारे में लिखने में समर्थ हो गए हैं।  आप  सभी हमारे साथ -साथ इन पुस्तकों को प्राप्त करने की यात्रा में सहकर्मी रहे ,आपका बहुत बहुत धन्यवाद्। आपके ह्रदय में गुरुदेव के प्रति ,लीलापत जी के प्रति आदर ,सम्मान और परिपक्व करना हमारा परम् […]