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त्रिपदा गायत्री के जप से आकृति तो वैसी ही रहती है लेकिन प्रकृति बदल जाती है
17 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के समर्पित साथिओं को स्मरण कराना उचित समझते हैं कि उपासना-साधना-आराधना की त्रिवेणी की वर्तमान लेख श्रृंखला के अंतर्गत आज का लेख “आराधना” के विषय पर चर्चा कर रहा है। यह भी स्मरण करा दें कि परम पूज्य गुरुदेव और पंडित लीलापत शर्मा के गुरु-शिष्य के…
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आदरणीय पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म-युगऋषि की वाणी” पर आधारित दूसरा लेख-त्रिपदा गायत्री की विस्तृत जानकारी
12 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में गुरु-शिष्य संवाद के अंतर्गत माँ गायत्री के अंतरंग और बहिरंग रूपों की चर्चा की गयी थी। जब इन रूपों की जानकारी हो जाती है तो साधक में अद्भुत साहस का अनुभव होता है। साहस,श्रद्धा और समर्पण के तीन गुणों से ही पात्रता विकसित होती है।…
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