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धर्म तंत्र की सुरक्षा के लिए भगवान भी दौड़े आते हैं
आज के ज्ञानप्रसाद में असुर तत्व और देव तत्व पर चर्चा करेंगें और देखेंगें कि किस प्रकार इन दो opposite मनोवृतियों के बीच संघर्ष चलता रहता है । असुर तत्व का पलड़ा भारी होने से कौन से घातक परिणाम विकसित होते हैं और समाज का विनाश कैसे होता है। इस स्थिति को धर्म कैसे fix…
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अपनी आत्मा का तिरस्कार मत कीजिये
परमपूज्य गुरुदेव की दिव्य पुस्तिका “धर्म की सदृढ़ धारणा” पर आधारित श्रंखला का द्वितीय लेख जिसे आदरणीय संध्या कुमार जी की लेखनी सुशोभित कर रही है आपके समक्ष प्रस्तुत है । हमने अपनी सद्बुद्धि (अल्प बुद्धि ?) से यत्र-तत्र संशोधन कर इस लेख को रोचक बनाने का प्रयास किया है, आपके कमैंट्स इस बात के…
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धर्म का मूल तत्व क्या है ?
धर्म के सम्बन्ध में कल वाले introductory लेख में हमने लिखा था कि हमारे सहकर्मी बहुत ही सूझवान, शिक्षित एवं अनुभवी हैं और हम सब इक्क्ठे होकर इन लेखों को समझने का प्रयास करेंगें। हमने यह भी लिखा था कि जो बात लेखों में नहीं लिखी जा सकती है, कमैंट्स के द्वारा communicate हो जाती…
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