वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • क्या हम उस inflexion point  को अनुभव कर रहे हैं ?

    “अगर हम धर्म की रक्षा करते हैं तो धर्म स्वयं हमारी रक्षा करता है”- मनुस्मृति  परमपूज्य गुरुदेव की दिव्य पुस्तिका “धर्म की सदृढ़ धारणा” पर आधारित श्रृंखला  का पांचवां एवं अंतिम  लेख जिसे आदरणीय संध्या कुमार जी की लेखनी सुशोभित कर रही है आपके समक्ष प्रस्तुत है । हमने अपनी सद्बुद्धि से यत्र-तत्र संशोधन कर…

    Continue reading


  • सही मायनों में धर्मात्मा कौन है ?

    “अगर आपका ह्रदय किसी दुःखी को देखकर व्यथित होता है तो भगवान कहते हैं मैंने तुम्हे इंसान बना कर कोई गलती नहीं की है”  परमपूज्य गुरुदेव की दिव्य पुस्तिका “धर्म की सदृढ़ धारणा” पर आधारित श्रंखला का चतुर्थ लेख जिसे आदरणीय संध्या कुमार जी की लेखनी सुशोभित कर रही है आपके समक्ष प्रस्तुत है ।…

    Continue reading


  • “सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” 16 अप्रैल ,2022

    “सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” 16  अप्रैल ,2022 शनिवार की  सम्पूर्ण प्रस्तुति  अपने सहकर्मिओं का होती  है तो हमारा कुछ भी कहना  मुनासिब  नहीं  होता। हम केवल सहकर्मियों द्वारा भेजी गयी contributions को एडिट और compile करके आपके समक्ष प्रस्तुत करते  हैं।   आज के इस स्पेशल सेगमेंट में 3  सहकर्मियों की contributions …

    Continue reading

Latest posts