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क्या हम उस inflexion point को अनुभव कर रहे हैं ?
“अगर हम धर्म की रक्षा करते हैं तो धर्म स्वयं हमारी रक्षा करता है”- मनुस्मृति परमपूज्य गुरुदेव की दिव्य पुस्तिका “धर्म की सदृढ़ धारणा” पर आधारित श्रृंखला का पांचवां एवं अंतिम लेख जिसे आदरणीय संध्या कुमार जी की लेखनी सुशोभित कर रही है आपके समक्ष प्रस्तुत है । हमने अपनी सद्बुद्धि से यत्र-तत्र संशोधन कर…
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सही मायनों में धर्मात्मा कौन है ?
“अगर आपका ह्रदय किसी दुःखी को देखकर व्यथित होता है तो भगवान कहते हैं मैंने तुम्हे इंसान बना कर कोई गलती नहीं की है” परमपूज्य गुरुदेव की दिव्य पुस्तिका “धर्म की सदृढ़ धारणा” पर आधारित श्रंखला का चतुर्थ लेख जिसे आदरणीय संध्या कुमार जी की लेखनी सुशोभित कर रही है आपके समक्ष प्रस्तुत है ।…
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“सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” 16 अप्रैल ,2022
“सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” 16 अप्रैल ,2022 शनिवार की सम्पूर्ण प्रस्तुति अपने सहकर्मिओं का होती है तो हमारा कुछ भी कहना मुनासिब नहीं होता। हम केवल सहकर्मियों द्वारा भेजी गयी contributions को एडिट और compile करके आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं। आज के इस स्पेशल सेगमेंट में 3 सहकर्मियों की contributions …
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