Month: January 2026
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 का छठा लेख-शिष्य का गुरु के प्रति समर्पण
29 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद आज के लेख का उपदेश: होंठों से जय गुरुदेव कहना और सही मायनों में गुरुदेव के होकर जीने में बहुत बड़ा अंतर् है। परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच पर हर बार एक अलग तरीके से मनाने का प्रयास किया जाता है। 2026
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 का पाँचवाँ लेख-गुरुदेव के सात संकल्प
29 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद वर्ष 1990 की वसंत पंचमी को शांतिकुंज से मात्र 8 पन्नों का, 10 पैसे मूल्य का एक पैम्फलेट प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक “वसंत पर्व पर महाकाल का सन्देश” था। इस पैम्फलेट का प्रथम भाग कल वाले लेख में प्रकाशित किया गया था,आज दूसरा भाग प्रस्तुत है जिसमें परमपूज्य गुरुदेव “सात
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 का चौथा लेख-“इक्कीसवीं सदी-उज्ज्वल भविष्य” का उद्घोष
28 जनवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में जिस Pamphlet का रेफरन्स दिया गया था, उसी आठ पन्नों पर आज और कल के दो लेख आधारित हैं। आज का लेख उस जानकारी की और केंद्रित है जिससे प्रेरित होकर ही कल वाले लेख के सात संकल्पों को क्रियान्वत किया जा सकना सम्भव होगा।
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 का तीसरा लेख-ध्वंस का समय समाप्त,सृजन का समय आरंभ
फ़रवरी 2014 की अखंड ज्योति में “दिव्य कक्षा से प्रकाश के अवतरण का वसंत” शीर्षक से प्रकाशित हुए लेख पर आधारित ज्ञानप्रसाद लेख का शेष भाग आज प्रस्तुत है। पाठकों को शीर्षक देख कर अवश्य ही जिज्ञासा हुई होगी कि गुरुदेव किस “दिव्य कक्षा” एवं उसके “प्रकाश” की बात कर रहे हैं। आज के लेख
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित, वर्ष 2026 का दूसरा लेख- 2014 की वसंत से नवयुग का शुभारम्भ हो चुका है।
फ़रवरी 2014 की अखंड ज्योति में एक लेख प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक “दिव्य कक्षा से प्रकाश के अवतरण का वसंत” था। गुरुदेव की अद्भुत साधना से 2014 से लेकर 2026 के 12 वर्षों में, न केवल पुराने खंडहर टूटे हैं, बल्कि अनेक जीवात्माओं ने अपने दाग भी धोए हैं। गुरुदेव ने लिखा है कि 2026
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ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के मंच से परमपूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस को समर्पित वर्ष 2026 का प्रथम लेख- गुरुदेव के सही रूप को जानने का दुर्लभ सौभाग्य
23 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद- आज 23 जनवरी 2026 शुक्रवार का दिन है, वसंत पंचमी का यह पावन दिन हर वर्ष हम सबके लिए एक अद्भुत दिव्य सन्देश लेकर आता है। इस वर्ष तो यह दिन और भी अधिक महत्व एवं दिव्यता लेकर आया है। एक साथ तीन महान शताब्दिओं का अवतरण होना अपनेआप
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स्वामी विवेकानंद पर आधरित लेख श्रृंखला की Cheat sheet
22 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद जब से ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का जन्म हुआ है,एक ही उद्देश्य को लेकर अनवरत चलते जा रहे हैं, अंतिम श्वास तक गुरु के इसी आदेश का पालन करते जायेंगें। वह उद्देश्य है परम पूज्य गुरुदेव को जानना,उनकी शक्ति को पहचानना,अपने अंदर आत्मसात करना एवं उस शक्ति का अनुभव करना।
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बेलुड़ मठ स्थित स्वामी विवेकानंद मंदिर के निर्माण में विदेशी साधिकाओं की भूमिका
21 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद आरम्भ करने से पहले ही अपने साथिओं से आने वाले दिनों की रूपरेखा एवं परिवर्तन की बात करना आवश्यक समझ रहे हैं। स्वामीजी पर आधारित लेख श्रृंखला का समापन होने के बाद भी मंदिर पर लेख देख कर प्रश्न उठने स्वाभाविक हैं, तो हमारे प्रिय साथी निम्नलिखित
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स्वामीजी की आत्मा देह पिंजर में से मुक्त होकर असीम में लीन हो गयी- लेख श्रृंखला का 25वां एवं समापन लेख
20 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद नंबर 25 को “एंजेल नंबर” कहा जाता है क्योंकि यह डिजिट 2 (सामंजस्य और साझेदारी) और 5 (बदलाव और स्वतंत्रता) की ऊर्जाओं को जोड़ता है। यह नंबर अंदरूनी ज्ञान पर भरोसा करने की शिक्षा देता है। वर्तमान लेख श्रृंखला के समापन लेख का नंबर “25” होना अवश्य ही उन सभी
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स्वामी विवेकानंद जी की शिष्या सिस्टर क्रिस्टीन की संक्षिप्त जानकारी-लेख श्रृंखला का 24वां लेख
19 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद 16 जनवरी वाले लेख में स्वामी विवेकानंद जी की शिष्या सिस्टर क्रिस्टीन की श्रद्धा का संक्षिप्त वर्णन दिया गया था,बताया गया था कि कैसे दोनों सहेलियां आंधी-तूफ़ान का सामना करते हुए न्यूयॉर्क स्थित 1000 Islands पार्क में पंहुचीं थीं जहाँ स्वामीजी ने सात सप्ताह व्यतीत किये थे। इस समर्पित शिष्या
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सिस्टर क्रिस्टीन का 1000 islands park New York में मिलन-लेख शृंखला का 23वां लेख
16 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद हमारे समेत अक्सर अनेकों साथी अपनेआप को कोसते रहते हैं कि परम पूज्य गुरुदेव हमें शांतिकुंज क्यों नहीं बुलाते,हमें शांतिकुंज कब बुलाएंगें आदि आदि। इंसान की फितरत है कि जो कुछ उसके पास है उसे वोह संभाल नहीं पाता,उसका सदुपयोग नहीं कर पाता और जो नहीं है उसके लिए मृगतृष्णा
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स्वामी विवेकानंद जी की शिष्या,भगिनी निवेदिता का अति संक्षिप्त विवरण-लेख श्रृंखला का 22वां लेख
15 जनवरी 2026 स्वामी विवेकानंद ने विदेश जाने से पहले पूरे भारत की यात्रा की थी। जनसाधारण की स्थिति देखकर, भारत की आध्यात्मिकता और पश्चिम के विकास के समन्वय के उद्देश्य को साकार होते हम साक्षात् देख रहे हैं।उद्योगपति रॉकफेलर का भारत के लिए आर्थिक योगदान, टाटा का भारत के विकास में योगदान,जोसफिन मैक्लेऑड की
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श्यामलाताल आश्रम में माँ सेवियर का योगदान -लेख श्रृंखला का 21वां लेख
https://share.google/GlsUUGDytfM6IfnSR 14 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद शब्द सीमा के कारण केवल इतना ही कहा जा सकता है कि श्यामलाताल विषय पर बहुत विस्तृत कंटेंट उपलब्ध है जिसे Concise करना भी संभव नहीं है,संलग्न वीडियो सहायक हो सकती है ****************** अब तक तो हमारे पाठकों ने विवेकानंद के ब्रिटिश शिष्य सेवियर और उनकी पत्नी श्रीमती सेवियर
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मायावती अद्वैत आश्रम की “माँ सेविएर” का बहुत ही संक्षिप्त विवरण-लेख श्रृंखला का 20वां लेख
13 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद आज एक बार फिर से परम पूज्य गुरुदेव ने ऊँगली पकड़ कर वोह कंटेंट लिखवा दिया जिसे हमने कभी सोचा तक नहीं था। हमने तो तैयारी की थी मायावती अद्वैत आश्रम से 50 मील दूर श्यामला आश्रम के बारे में लिखने की,यह जानने की तैयारी की थी कि जाना जाये
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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को समर्पित टाटा और अनंत दास जी पर आधारित दिव्य लेख- लेख श्रृंखला का 19वां लेख
12 जनवरी,2026 का ज्ञानप्रसाद- साथिओ,आज 12 जनवरी 2026,सोमवार का दिन,सप्ताह का प्रथम दिन, अपने साथ एक अद्भुत ऊर्जा लेकर आया है। इस वर्ष का 12 जनवरी का दिन एडिशनल विशेषता लिए हुए है क्योंकि स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रिय युवा दिवस को समर्पित यह दिन उस लेख शृंखला के समय आया है जिसका अमृतपान हम
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स्वामी विवेकानंद की रॉकफेलर और टेस्ला से मीटिंग: रिवाइज्ड एडिशन- लेख श्रृंखला का 18वां लेख
9 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद हमारे साथी जानते हैं कि हम दोनों के बीच ज्ञानप्रसाद लेखों पर चर्चा होती ही रहती है, कल ही निर्णय ले लिया था कि आने वाले सोमवार,12 जनवरी को वर्तमान लेख श्रृंखला का समापन कर दिया जाए लेकिन स्वामीजी को यह मंज़ूर नहीं था। जब आज की वीडियो बना रहे
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स्वामीजी की दूसरी विदेश यात्रा-लेख श्रृंखला का 17वां लेख
8 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद स्वामी विवेकानंद एवं परम पूज्य गुरुदेव की विदेश यात्रायें जिन परिस्थितिओं में सम्पन्न हुई थीं उनसे हम सब परिचित हैं। आजकल की यात्राओं की तुलना में वोह यात्राएं बिलकुल ही अलग थीं, पानी के जहाज़, कई-कई दिन पानी में ही रहना,अनेकों तरह की समस्याएं थीं। आजकल तो मात्र 5 घंटे
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स्वामीजी की अमेरिकन शिष्या Josephine MacLeod के बारे में संक्षिप्त जानकारी-लेख श्रृंखला का 16वां लेख
7 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद साथिओं द्वारा पोस्ट किये जा रहे कमैंट्स/काउंटर कमैंट्स,उनकी सक्रियता इस बात के साक्षी हैं कि वर्तमान लेख श्रृंखला में सभी इस कदर डूब चुके हैं क्या कहा जाये। हमारे बारे में अगर पूछा जाये तो केवल इतना ही कहा जा सकता है वर्षों के विद्यार्थी जीवन में किसी भी सब्जेक्ट
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स्वामीजी का “प्लेग मैनिफेस्टो” भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से शक्ति प्रदान करता है-लेख श्रृंखला का 15वां लेख
6 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद आज के लेख में मुख्य तौर से स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए “प्लेग मैनिफेस्टो (घोषणा पत्र)” का वर्णन है। यह घोषणा पत्र राजनैतिक न होकर,पूर्णतया स्वामीजी की शिक्षा पर ही आधारित है एवं आत्मबल प्रदान कर रहा है। लेख के दूसरे भाग में “नारी का कल्याण नारी से ही संभव
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स्वामीजी के ह्रदय में “जनसाधारण की चिंता” की धधकती ज्वाला-लेख श्रृंखला का 14वां लेख
5 जनवरी 2026 का ज्ञानप्रसाद ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का सदैव प्रयास रहता है कि प्रत्येक लेख Self-contained हो,उसे समझने के लिए पाठकों को किसी भी तरह की रिसर्च न करनी पड़े। इसी उद्देश्य को ह्रदय में धारण करते हुए, लेखों को सरल और कम्पलीट करने के लिए, कहीं से भी Tested and verified जानकारी
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स्वामी विवेकानंद का “अभी मन्त्र” क्या है ?-लेख श्रृंखला का 13वां लेख
2 जनवरी,2026 का ज्ञानप्रसाद पिछले कल से परम वंदनीय माता जी के अवतरण के,पूज्य गुरुदेव की साधना के एवं अखंड दीप के प्राकट्य के 100 वर्ष को समर्पित शताब्दी वर्ष का शुभारम्भ हो चुका है लेकिन दिव्यसत्ता की पूर्वस्वीकृति से स्वामीजी की लेख श्रृंखला को पूर्ण करना (पूर्ण तो कभी भी न माना जायेगा) कुछ