वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष

हमारे लैपटॉप से सम्बंधित हमारी अनुभूति  

गुरुदेव की सूक्ष्म शक्ति एक बार फिर हमें अपने दर्शन करा गई। गुरुदेव ने कहा “अभी ही कहाँ अंतिम दिन? अभी तो बेटे हमने तुमसे  बहुत काम करवाने हैं।”

अक्सर सुना था कि गुरु अपने बच्चों की सहायता के लिए कोई भी सीमा पार कर जाते  हैं,तो हमारे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। 

बात 16 जून 2024 की है जिसे संक्षेप में निम्नलिखित वर्णन करना उचित होगा:

जिस लैपटॉप पर हम अपना सारा कार्य करते हैं,जनवरी 2021 में खरीदा था। कुछ दिनों से यह भांति भांति की समस्याएं पैदा कर रहा था। रिपेयर के लिए हम कई दिन इधर-उधर भटकते रहे, तब एक दिन हमारे बेटे ने कहा,“पापा आप Costco (जहाँ से ख़रीदा था) से बात कर लें, शायद वोह आपको refund दे दें और आप नया लैपटॉप खरीद लें।”

हमें तो यह बात बिल्कुल अनहोनी सी  लगी क्योंकि 90 दिन की रिटर्न गारंटी,और दो वर्ष की रिपेयर वारंटी सब expire हो  चुकी थी। बेटे के कहने के अनुसार हम Costco से बात करें भी तो क्या, खैर साहस बटोर कर हम Costco बात करने के लिए पँहुच गए।

सबसे पहले फ्लोर सुपरवाइजर James से बात की, उसने रटा रटाया, भाषण सुना दिया कि वारंटी वगैरह सब खत्म हो गई है, अब तो इसे फेंक कर नया लेने का समय है। पहले तो ऐसा लगा अरुण बेटे यहाँ  पर कुछ नहीं होने वाला क्योंकि हम एक अनहोनी बात को सफल कराने का प्रयास कर रहे थे।

“कहते हैं कि जब काम होना होता है तो मार्ग स्वयं ही सरल होते जाते हैं और गुरु साथ में होता है तो कुछ भी संभव है। 

James की निराशापूर्ण बात सुन कर, हम निराश होने के बजाए और साहसी हो गए।  हमने उसे पूछा क्या मैनेजर से बात हो सकती है, तो उसने मैनेजर Brad के साथ मिला दिया। Brad को फिर से वही बात बताने के लिए हमने अपने अंतःकरण की tape rewind करके चला दी।  उसने भी वही रटा रटाया वारंटी आदि का  सबक हमें पढ़ा दिया। हमारा साहस  एक बार फिर डोल रहा था, लेकिन बेटे की बात याद आए जा रही थी। हमने Brad से पूछा क्या आपसे ऊपर भी कोई अफसर है जिससे हम बात कर सकते हैं तो उसने कहा हाँ  है और हमें  प्लांट मैनेजर Phil के पास ले गया। Phil को Brad ने सारी बात बता दी थी लेकिन उसने हमारे मुँह  से सुनना चाहा। हमने अब तीसरी बार वही टेप रिवाइंड की और बोलना शुरू कर दिया। अभी शायद एक मिनट ही हुआ था कि उसने हमें रोक कर James और Brad वाले  वारंटी आदि के Rule  सुना दिए। 

हम पूरी तरह से उत्साह खो चुके थे, नीरा जी हमारे साथ थीं, तरह-तरह की प्रतिक्रिया के भाव व्यक्त कर रही थीं। एक भाव जो हमने उनके अंतःकरण में उठता हुआ पढ़ लिया  जो कुछ ऐसा था, 

“आज तो आप  ठान कर आये हैं, कुछ न कुछ लेकर ही जाएंगें।” 

हम तो निरुत्साहित वापिस आने को थे, फिर न जाने क्या हुआ कि हमने गुरुदेव के निर्देश में कुछ ऐसा कह दिया कि प्लांट मैनेजर Phil  ने अपनी Discretionary power का प्रयोग करके  हमारा साढ़े तीन वर्ष पुराना लैपटॉप वापिस लेने का आश्वासन दिया,जो कि बिल्कुल ही असंभव था। 

जब हमने Brad और Phil के समक्ष बताया कि हम लैपटॉप पर किस तरह का लेखन कार्य कर रहे हैं और जिस दिन यह लेखन कार्य बंद हो जाएगा उसी दिन हमारे मस्तिष्क की गति भी बंद हो जाएगी, अर्थात हमारा अंत हो जाएगा। यह बात बताते हुए हमारा गला सूख  रहा था और आँखों के समक्ष साक्षात् गुरुदेव खड़े दिख रहे थे जैसे कह रहे हों, बेटा घबराते क्यों हो, मैं हूँ न ! 

और सबसे बड़ी बड़ी बात तो यह हुई कि न कोई लिखा-पढ़ी, न कोई पेपर, रसीद की चेकिंग इत्यादि हुई। हमें तो पिताजी द्वारा सुनाई गयी कहानी Honesty is the best policy,जिसमें लकड़हारे को सोने की कुल्हाड़ी मिल जाती है, स्मरण हो आयी। 

Brad और Phil को गुरुदेव की शक्ति ने वोह निर्णय लेने पर प्रेरित कर दिया जो बिलकुल असंभव था। जितना हमें याद है हमने कहा था कि हम इस लैपटॉप पर 24 घंटे, सोते जागते, उठते बैठते, विश्वभर में,अपने गुरु का ज्ञान बांट रहे हैं,एक ऐसा ज्ञान जिसने अनेक लोगों की समस्याओं का समाधान कर दिया है। अगर लैपटॉप न होने के कारण मेरी लेखनी बंद होती है तो समझो उसी क्षण हमारे जीवन का अंत है। हमने कहा कि अगर आप हमारे ऊपर कृपा कर देते हैं तो आपको जो आशीर्वाद मिलेंगे, आप उनका अनुमान भी नहीं लगा सकते, यह मेरे गुरु की शक्ति है।

अब बात आती है कि हमें गुरुदेव की शक्ति पर एक बार फिर से मोहर लगती कैसे लगी:

1.हम कनाडा की बात कर रहे हैं जहाँ  हमने आज तक के जीवन में केवल Rule की ही बात देखी है। भाई भतीजावाद,जान पहचान,बड़ा रुतबा जैसी कोई बात नहीं देखी है। अगर Rule हैं तो ठीक है नहीं तो Bye Bye. ऐसी  स्थिति में किसी मनुष्य का Rule बदल कर, एक अनजान की सहायता करना और वोह भी एक गोरे के द्वारा जिनके बारे में धारणा बनी है कि इनका तो दिल ही नहीं होता।

यही है हृदय परिवर्तन, यही है विचार क्रांति,यही है विश्वभर को गायत्रीमय बनाने का गुरु का स्वप्न, ऐसी छोटी छोटी बातों से ही होगा युग निर्माण । यह उन लोगों के लिए बहुत ही सुदृढ़ मार्गदर्शन एवं शिक्षा है जो कहते हैं कि गायत्री परिवार वाले सारे विश्व को बदलने की बात कर रहे हैं, यहाँ तो अपने घर का ही सुधार करना कठिन हो रहा है। तो साथिओ ऐसे होगा आत्मिक शक्ति का विस्फोट, जो Atomic power से भी शक्तिशाली है। 

2. हमारे लिए हमारा लैपटॉप और फ़ोन किसी प्रियतम से कम नहीं है, किसी सैनिक की बन्दूक से कम नहीं है। युद्ध भूमि में निहत्था सैनिक तो कुछ भी नहीं कर  सकता, युद्ध जीतने के लिए सैनिक के  आत्मबल के साथ-साथ उसके अस्त्र-शस्त्र भी ठीक और चालू स्थिति में   होने चाहिए। इस तथ्य को हम आदरणीय सरविन्द जी के साथ अनेकों बार शेयर कर चुके हैं जब उनके गाँव में बिजली की समस्या के कारण यां फ़ोन का रिचार्ज ख़त्म होने के कारण, ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार का कार्य रुक जाता है। 

3. इसी अनुभूति से सम्बंधित एक और बात हम अपने साथिओं के साथ शेयर  करना चाहेंगें कि आज हम जिस अविश्वास के युग में रह रहे हैं, 1 डॉलर की चीज़ भी वापिस करना संभव नहीं है, हर कोई यही सोचता है कि यह मनुष्य झूठ बोल रहा है लेकिन हमारे साथ तो 1100 डॉलर की बात हुई है, हमारे लिए यह कोई लाटरी जीतने से कम नहीं है। जिन लोगों को गुरुदेव की शक्ति का आभास नहीं है उनके लिए यह बहुत बड़ा उदाहरण हो सकता है।


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