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1 मार्च 2025 का “अपने सहकर्मियों की कलम से” का साप्ताहिक विशेषांक
ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शनिवार का दिन एक उत्सव की भांति होता है। यह एक ऐसा दिन होता है जब हम सब सप्ताह भर की कठिन पढाई के बाद थोड़ा Relaxed अनुभव करते हैं और अपने साथिओं के साथ रूबरू होते हैं, उनकी गतिविधिओं को जानते हैं। हर कोई उत्साहित होकर, अपना योगदान देकर…
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तपने और तपाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?
27 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 हम सभी जानते हैं कि 2 जून 1990 वाले दिन हमारे परमपूज्य गुरुदेव स्वेछा से स्थूल शरीर का त्याग करके सूक्ष्म में विलीन हो गए थे। जीवनपर्यन्त अपने बच्चों के मार्गदर्शन के लिए विराट साहित्य छोड़े जाने के बावजूद, अखंड ज्योति के अप्रैल 1990 के अंक…
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हम बिछुड़ने के लिए नहीं जुड़े हैं- भाग 2
26 फ़रवरी 2025 का ज्ञानप्रसाद- सोर्स: अखंड ज्योति अप्रैल 1990 आज के ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ भगवान् भोलेनाथ के चरणों में नमन करते हुए, महाशिवरात्रि के पावन पर्व को मनाते हुए करते हैं। आज का लेख “हम बिछुड़ने के लिए नहीं मिले हैं” शीर्षक से आरम्भ हुई लेख श्रृंखला का दूसरा एवं अंतिम भाग है। …
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