वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 5

    21 अप्रैल 2025  का ज्ञानप्रसाद अखंड ज्योति नवंबर 1957 पृष्ठ 15 पर गुरुदेव ने लिखा कि निकट भविष्य में आकाश में घुमड़ती हुई प्रलयंकर घटाओं को बरस पड़ने का ज़रा सा भी अवसर मिला तो निश्चय ही इसके परिणाम अति चिन्ताजनक होंगे लेकिन  अभी स्थिति उस सीमा तक नहीं पहुँची है कि मानवी प्रयत्न इन्हें…

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  • वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 4

    17 अप्रैल 2025 गुरुवार  का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद-सोर्स अखंड ज्योति सितम्बर 1958 ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार के साथिओं से करबद्ध क्षमाप्रार्थी हैं कि कल वाले ज्ञानप्रसाद को समझाने में हमारी अयोग्यता प्रकट हो उठी। हमने तो लिखा था “आरंभिक तैयारिओं का तीसरा एवं समापन अंक” लेकिन मैसेज “सहस्र कुंडीय महायज्ञ” की लेख श्रृंखला के समापन का…

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  • वर्ष 1958 का दिव्य सहस्र कुंडीय यज्ञ-पार्ट 3

    16 अप्रैल 2025 बुधवार का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद-सोर्स: अखंड ज्योति जनवरी 1958 आज का आध्यात्मिक ज्ञानप्रसाद 1958 के अभूतपूर्व सहस्र कुंडीय यज्ञ की आरंभिक तैयारिओं का तीसरा एवं समापन अंक है। कल ब्रह्मस्त्र अनुष्ठान को समझने का प्रयास रहेगा। परम पूज्य गुरुदेव जैसे दिव्य शिक्षक,  जिस सरलता से हम जैसे निसिखिये बच्चों को छोटी से छोटी…

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