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क्या हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ? भाग 1
23 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख एक बहुत ही महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आया है: “हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ?” परम पूज्य गुरुदेव ने हम बच्चों के लिए 69 पन्नों की एक अद्भुत पुस्तिका (शक्ति संचय का स्रोत-संयम) रच कर रख दी…
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ब्रह्मचर्य की सफलता एक Inter-connected प्रक्रिया है।
22 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज प्रस्तुत किया गया दिव्य ज्ञानप्रसाद कामवासना के प्रति संयम बरतने की दिशा का अंतिम अंक है। कल से किसी अन्य संयम की बात शुरू होगी। आम जीवन में कठिन दिखने वाले संयम,परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य के माध्यम से इतने सरल प्रतीत हो रहे हैं कि अब कहा जा…
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कामुक विचार खाली दिमाग में ही उत्पन होते हैं।
21 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद वर्तमान लेख श्रृंखला में अब तक प्रकाशित हुए सभी लेखों की भांति आज का लेख भी एक अति-महत्वपूर्ण समस्या के प्रति विचारकोष लेकर आया है, सभी से अनुरोध है कि गुरुदेव द्वारा प्रदान किया साक्षात् गुरुज्ञान का बड़े ही ध्यानपूर्वक अमृतपान किया जाए। हमारा परम सौभाग्य है कि हमें परम…
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