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अपने सहकर्मियों के संग विचार विमर्श
30 अक्टूबर 2021 के ज्ञानप्रसाद में अपने सहकर्मियों के संग विचार विमर्श “ धीरे -धीरे रे मना धीरे सब कुछ होये माली सींचत सौ घड़ा ऋतू आये फल होये” -हिंदी भाषा के महान कवि संत कबीर जी कह रहे हैं कि हमें हर काम एक नियमित गति से ही करना चाहिए। यह ज़रूरी नहीं है…
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5. परिवार निर्माण से ही व्यक्ति और समाज का निर्माण संभव
29 अक्टूबर 2021 का ज्ञानप्रसाद 5. परिवार निर्माण से ही व्यक्ति और समाज का निर्माण संभव है –सरविन्द कुमार पाल परम पूज्य गुरुदेव के कर-कमलों द्वारा रचित “सुख और प्रगति का आधार आदर्श परिवार” नामक लघु पुस्तक का स्वाध्याय करने उपरांत चतुर्थ लेख। आदर्श परिवार के विषय पर यह हमारा पांचवां लेख है। आपके कमैंट्स…
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4. आत्मनिर्माण व आत्मसुधार की शुरुआत स्वयं से करें-सरविन्द कुमार पाल
28 अक्टूबर 2021 का ज्ञानप्रसाद 4. आत्मनिर्माण व आत्मसुधार की शुरुआत स्वयं से करें-सरविन्द कुमार पाल परम पूज्य गुरुदेव के कर-कमलों द्वारा रचित “सुख और प्रगति का आधार आदर्श परिवार” नामक लघु पुस्तक का स्वाध्याय करने उपरांत चतुर्थ लेख। आज का ज्ञानप्रसाद पढ़ते ,लिखते, एडिट करते समय हम अपनेआप से बार-बार प्रश्न किये जा रहे…
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