वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • आने वाले कार्यों के लिए हमारा एक शरीर काफी नहीं। 

    4 फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद- आने वाले कार्यों के लिए हमारा एक शरीर काफी नहीं।  **************************  ऑनलाइन ज्ञानरथ के स्तम्भ – शिष्टाचार, आदर, सम्मान, श्रद्धा, समर्पण, सहकारिता, सहानुभूति, सद्भावना, अनुशासन, निष्ठा, विश्वास, आस्था, प्रेम, स्नेह, नियमितता  ***************************** मार्च 1969 की अखंड ज्योति पर आधारित लेखों की श्रृंखला का तीसरा व अंतिम लेख आपके समक्ष प्रस्तुत…

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  • क्या हम अध्यात्मवाद को भूल कर भौतिकवादी हुए जा रहे हैं ?

    3 फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद – क्या हम अध्यात्मवाद को भूल कर भौतिकवादी हुए जा रहे हैं ? ******************************* ऑनलाइन ज्ञानरथ के स्तम्भ – शिष्टाचार, आदर, सम्मान, श्रद्धा, समर्पण, सहकारिता, सहानुभूति, सद्भावना, अनुशासन, निष्ठा, विश्वास, आस्था, प्रेम, स्नेह, नियमितता  ********************************  कल वाले ज्ञानप्रसाद में गुरुदेव आने वाले दिनों में सम्पन्न करने वाले पांच महत्वपूर्ण कार्य…

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  • एक ही घोंसले वाले पाँच पक्षी उड़ कर पाँच प्रयोजन पूरे करते रहे 

    2 फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद – एक ही घोंसले वाले पाँच पक्षी उड़ कर पाँच प्रयोजन पूरे करते रहे  ******************************* ऑनलाइन ज्ञानरथ के स्तम्भ – शिष्टाचार, आदर, सम्मान, श्रद्धा, समर्पण, सहकारिता, सहानुभूति, सद्भावना, अनुशासन, निष्ठा, विश्वास, आस्था ********************************  आज के ज्ञानप्रसाद में परमपूज्य गुरुदेव हमें उन पांच कार्यों का वर्णन कर रहे हैं जो उन्होंने…

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