वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • ब्रह्मचर्य और इंद्रिय संयम एक दुसरे  के पूरक 

    26  फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद-ब्रह्मचर्य और इंद्रिय संयम एक दुसरे  के पूरक  परम पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित लघु पुस्तिका “इन्द्रिय संयम का महत्त्व” पर आधारित आदरणीय संध्या कुमार जी की लेख श्रृंखला का यह छठा एवं अंतिम  पार्ट है। आज के  लेख में ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार, सत्कार्य द्वारा प्राप्त किया गया आहार यानि हिंसा शून्य…

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  • क्रोध, लोभ और मोह का positive पक्ष 

    25 फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद- क्रोध, लोभ और मोह का positive पक्ष  परम पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित लघु पुस्तिका “इन्द्रिय संयम का महत्त्व” पर आधारित आदरणीय संध्या कुमार जी की लेख श्रृंखला का यह पांचवां पार्ट है। इस पार्ट में हम उन वृतियों पर चर्चा करेंगें जिन्हे अक्सर negative sense में ही लिया जाता रहा…

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  • चिंता चिता समान है, कामवृति त्यागने योग्य है ?

    24 फरवरी 2022 का ज्ञानप्रसाद- चिंता चिता समान है, कामवृति त्यागने योग्य है ? परम पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित लघु पुस्तिका “इन्द्रिय संयम का महत्त्व” पर आधारित आदरणीय संध्या कुमार जी की लेख श्रृंखला का यह चतुर्थ पार्ट है। पिछले लेख में हमने कामवासना और क्रोध वृतियों पर संक्षेप में चर्चा की थी। आज के…

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