वेदमाता,देवमाता,विश्वमाता माँ गायत्री से सम्बंधित साहित्य को समर्पित ज्ञानकोष


  • आंतरिक सुख ही स्थाई सुख है। 

    9 मार्च 2022 का ज्ञानप्रसाद – आंतरिक सुख ही स्थाई सुख है।  आत्मबल,मनोबल, आत्मविश्वास,शरीरबल, योगबल जैसे शब्द पिछले दो दिनों में हम कई बार प्रयोग कर चुके हैं। अपनी अल्प बुद्धि के आधार पर हमने वैज्ञानिक और आध्यात्मिक बैकग्राउंड का सहारा लेते हुए कई बातों को समझने का प्रयास किया क्योंकि यह लेख हमारे व्यक्तिगत…

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  • कब तक मृगतृष्णा में आत्मबल की आहुति चढ़ाते जायेंगें ?

    8 मार्च 2022 का ज्ञानप्रसाद- कब तक मृगतृष्णा में आत्मबल की आहुति चढ़ाते जायेंगें ? आज का मानव जीवन की अंधी दौड़ में आगे निकलने के लिए कुछ भी करने तो तैयार है ,किसी को भी गिराकर,किसी भी मूल्य पर, सबसे आगे, शिखर पर बैठने के लिए प्रयासरत है। जब वह शिखर प्राप्त नहीं होता…

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  • क्या ब्रह्माण्ड की अनंत शक्ति से आत्मबल प्राप्त किया जा सकता है ?

    7 मार्च 2022 का ज्ञानप्रसाद – क्या ब्रह्माण्ड की अनंत शक्ति से आत्मबल प्राप्त किया जा सकता है ? आज के 3 दिन पूर्व हमने एक शुभरात्रि  सन्देश भेजा जिसमें  गायत्री मंत्र के “धीमहि” शब्द की महिमा बताई गयी थी। धीमहि  शब्द सन्देश दे रहा था कि  व्यर्थ में धन संचय मत करो, कचरों की…

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