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युगतीर्थ शांतिकुंज का भूमि चयन एवं मथुरा से विदाई
“महाशक्ति के दिव्य साधना स्थल” के रूप में शांतिकुंज के निर्माण की परिकल्पना परमपूज्य गुरुदेव की दूसरी हिमालय यात्रा (1960-61) के समय ही तैयार हो गई थी। उनकी मार्गदर्शक सत्ता ने इसकी आवश्यकता एवं इस तरह के निर्माण की स्पष्ट रूपरेखा से उन्हें इस विशिष्ट अवधि में अवगत करा दिया था। हिमालय की गहनताओं में…
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अपने सहकर्मियों की कलम से -26 नवंबर 2022
माता भगवती भोजनालय की दिव्यता सप्ताह में केवल एक बार प्रकाशित होने वाले इस स्पेशल सेगमेंट को बार बार “सबसे लोकप्रिय” सेगमेंट कहा गया है, इसकी लोकप्रियता का मापदंड आपके कमैंट्स, काउंटर कमेंट, अनुभूतियाँ , फ़ोन कॉल्स, व्हाट्सअप मैसेज हैं जिसके लिए हम आपका ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं। 1.हमारा इस सप्ताह का रिपोर्ट कार्ड…
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माता भगवती भोजनालय की दिव्यता
24 नवंबर 2022 का ज्ञानप्रसाद -महाशक्ति की लोक यात्रा अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए माताजी हमेशा प्रयत्नशील रहती थीं। गायत्री तपोभूमि व अखण्ड ज्योति संस्थान में रहने वाले, काम करने वाले और आने-जाने वाले सभी उनके बच्चे थे। वह सभी की अपनी सगी मां थीं। मां कौन होती है? इसके बारे में उनकी…
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