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वंदनीय माता जी की 1993 की विदेश यात्रा
महाशक्ति की लोकयात्रा विश्वमाता विश्वभर में फैले अपने बच्चों को प्यार-दुलार देने की तैयारियां करने लगीं। वैसे तो अकेला विश्व क्या अनंत-अनंत ब्रह्मांड उनके जाने-पहचाने थे। सूक्ष्मशरीर से उन्होंने अनेकों रहस्यमय यात्राएं की थीं। बच्चों की प्रेम भरी पुकार पर दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचना उनका स्वभाव था। कभी स्वप्नों के माध्यम से…
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अपने सहकर्मियों की कलम से -3 दिसंबर, 2022
बहिन सुमनलता, सरविन्द जी एवं अरुण वर्मा जी की कलाकृति आज गीता जयंती का पावन दिन है और आदरणीय शैल जीजी का जन्म दिवस, 1952 को अवतरित हुई परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीय माता जी की सुपुत्री को जन्म दिन की हार्दिक शुभकामना। क्या संयोग है की बात है कि जब तपोभूमि मथुरा की भूमि…
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अपने सहकर्मियों की कलम से -10 दिसंबर ,2022
1992 के कुरुक्षेत्र अश्वमेध यज्ञ में हमारी भागीदारी सप्ताह का सबसे लोकप्रिय सेगमेंट “अपने सहकर्मियों की कलम से” लेकर हम अपने समर्पित सहकर्मियों के बीच आ चुके हैं, इसे लोकप्रिय बनाने में सहयोग देने के लिए आपका जितना भी धन्यवाद् करें कम है। अपने सहकर्मियों द्वारा पोस्ट की गयीं सभी contributions ही हैं जिन्होंने इस…
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