-
“क्या हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ?” भाग 2
27 अक्टूबर का ज्ञानप्रसाद- आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख पिछले लेख का दूसरा भाग है। यह भाग इतना छोटा है कि इसका अमृतपान कुछ ही मिंटो में किया जा सकता है। आज के लेख में वर्णित अधिकतर बातों से हम सभी परिचित हैं लेकिन उन्हें अपनाने की संकल्पशक्ति क्यों नहीं है? इसीलिए आग्रह करना उचित…
-
25 अक्टूबर 2025 वाला “सुझाव बहिन सुमनलता जी का, समर्थन सभी साथिओं का” स्पैशल अंक। आदरणीय बहिन पुष्पा सिंह जी का विशेष योगदान
https://youtu.be/MjdazvDvMDU?si=F4i9_zRRRAYBwLF2 (आज का प्रज्ञागीत फिर से नीरा जी की खोज है) आज अक्टूबर 2025 का अंतिम शनिवार है। बहिन सुमनलता जी के सुझाव पर,साथिओं के समर्थन से, प्रत्येक अंक की रोचकता को दर्शाती आप सभी की प्रतीक्षा इस तथ्य को सार्थक का रही है कि गुरुवर का अपनत्व एवं प्रेम वाला Element कितना शक्तिशाली है।…
-
क्या हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ? भाग 1
23 अक्टूबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख एक बहुत ही महत्वपूर्ण सन्देश लेकर आया है: “हम खाने के लिए जी रहे हैं यां जीने के लिए खा रहे हैं ?” परम पूज्य गुरुदेव ने हम बच्चों के लिए 69 पन्नों की एक अद्भुत पुस्तिका (शक्ति संचय का स्रोत-संयम) रच कर रख दी…
Latest posts






