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आज के युग का सबसे बड़ा तप “फ़ोन संयम का तप” है
5 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद पिछले कल और आज के दोनों ज्ञानप्रसाद लेखों की रचना करते समय ऐसा अनुभव हो रहा था जैसे हम फिर से प्राइमरी कक्षा में बैठे हों क्योंकि उस आयु के बच्चों को टीचर ने अनेकों बार फ़ोन के लाभ/हानियां विषय पर निबंध लिखने के लिए होमवर्क दिया होगा। जो ज्ञान…
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आधुनिक युग की एक “इन्द्रिय” सोशल मीडिया, इस पर संयम “आत्मबल” का परिचायक है
4 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद कल वाले ज्ञानप्रसाद लेख में जिस “मॉडर्न इन्द्रिय संयम” का संकेत दिया गया था उस का नाम सोशल मीडिया है। शायद ही कोई ऐसा मुनष्य होगा जिसे इस इन्द्रिय ने प्रभावित न किया हो। आज का दिव्य ज्ञानप्रसाद लेख इसी विषय पर चर्चा कर रहा है। भांति-भांति के संयम की…
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समाज और की नाक चिंता के बजाए दिमाग और विवेक की चिंता करें
3 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद 1977 में प्रकाशित परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य रचना “शक्ति संचय का स्रोत-संयम” पर आधरित लेख श्रृंखला का आज 20वां एवं समापन लेख प्रस्तुत किया जा रहा है। मात्र 69 पन्नों में समाहित लगभग 19000 शब्दों को 20 विस्तृत लेखों (36000 शब्दों) में समझना, लिखना, साथिओं संग चर्चा करना बहुत…
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