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पंडित लीलापत जी से गुरुदेव ने कहा “ बेटे,आवश्यकताएँ तो सबकी पूरी हो जाती हैं लेकिन इच्छाएँ किसी की भी समाप्त नहीं होती।” लेख श्रृंखला का 12वां लेख
27 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद आज का ज्ञानप्रसाद लेख का शुभारम्भ वहीँ से हो रहा है जहाँ हमने कल छोड़ा था। लेख को दो मुख्य सन्देश हैं,(क) भगवान किसी को भी लिए बिना देते नहीं हैं और (ख) आवश्यकताएँ तो सबकी पूरी हो जाती हैं लेकिन इच्छाएँ किसी की भी समाप्त नहीं होती।” सभी जानते
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पंडित लीलापत जी ने गुरुदेव से पूछा, “ईश्वर दयालु और न्यायी कैसे हो सकते हैं ?” लेख श्रृंखला का 11वां लेख
26 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद वर्तमान ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला का आधार पंडित लीलापत शर्मा जी की पुस्तक “युगऋषि का अध्यात्म,युगऋषि की वाणी में” है। इस पुस्तक पर आधारित अभी तक जितने भी लेख प्रस्तुत किये गए हैं, सभी रोचक और शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ ऐसी धारणाओं एवं अंधविश्वासों के समाधान प्रदान करा रहे हैं जो
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गुरुदेव ने पंडित लीलापत जी से कहा “इष्ट का अर्थ है,जीवन का लक्ष्य !!” लेख श्रृंखला का 10वां लेख
25 नवंबर 2025 का ज्ञानप्रसाद गुरुवार के लेख का समापन निम्नलिखित पंक्तियों से हुआ था: कुछ लोग कहते है कि हमारे इष्ट भगवान शंकर हैं, कोई कहता है हमारे इष्ट हनुमान जी हैं और कोई अपने इष्ट योगेश्वर भगवान कृष्ण को बताते हैं। यह इष्ट क्या होता है ? क्या एक व्यक्ति का इष्ट एक
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