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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का द्वितीय पार्ट
14 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश उनके बच्चों तक न…
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परम पूज्य गुरुदेव के महाप्रयाण के 2 सप्ताह बाद वंदनीय माताजी का “मातृवाणी” शीर्षक केअंतर्गत सन्देश का प्रथम पार्ट
13 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद-अखंड ज्योति, अगस्त, सितम्बर 2002 परमपूज्य गुरुदेव ने स्वेच्छा से 2 जून 1990 को गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा अपनी स्थूल काया का त्याग किया। महाप्रयाण के बाद शपथ समारोह, श्रद्धांजलि समरोह जैसे विशाल भव्य आयोजन तो हुए ही लेकिन माँ की अंतरात्मा शांत कैसे बैठती जब तक गुरुदेव का सन्देश…
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कल से आरम्भ हो रही “ज्ञानप्रसाद लेख श्रृंखला” की पृष्ठभूमि एवं डॉ ओ पी शर्मा जी का आशीर्वाद पत्र
(भोले नाथ को समर्पित ) 12 अगस्त 2024 का ज्ञानप्रसाद यह एक प्राकृतिक धारणा है कि यदि किसी के प्रयास को सराहना मिले तो उसका उत्साहवर्धन होता है जो उसे आने वाले कार्यों को करने के लिए ऊर्जा, साहस, शक्ति एवं Initiative प्रदान करता है। आदरणीय डॉ ओ पी शर्मा जी की दिव्य रचना “अज्ञात…
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