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हमारे गुरुदेव के कुछ अनुकरणीय सन्देश – उनकी पुस्तकों से

बच्चे अपने माँ बाप से बहुत कुछ चाहते हैं अच्छे कपडे ,अच्छे जूते, अच्छा खाना ,अच्छे खिलोने , अच्छा बिस्तर ,अच्छा घर इत्यादि इत्यादि -the list goes on and on। यह बात तो अटल सत्य है ,हर कोई इसको मानता भी है और सदियों से इसको निभा भी रहा है। पर माँ बाप बच्चों से […]

हमारे पूज्य गुरुदेव का प्रकृति से स्नेह – रोते हुए पर्वत

आज हम गुरुदेव द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तक ” सुनसान के सहचर ” में से एक दृश्य वर्णित करने का प्रयास करेंगें। गायत्री परिवार का शायद ही कोई परिजन होगा जिसने इस पुस्तक का अध्यन न किया हो और उन पलों को गुरुदेव के साथ -साथ हिमालय के बर्फीले पहाड़ों में जिया न हो। हम आज […]

पूज्यवर कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में

29 जुलाई 2020 का ज्ञानप्रसाद चेतना की शिखर यात्रा 2 आज का लेख केवल दो पन्नों का है क्योंकि आज ” गुरुदेव की हिमालय यात्रा ” का पूर्णविराम हो रहा है। तो आइये चलते हैं गुरु देव के साथ साथ । गुरुदेव ने मानसरोवर झील के तट पर बैठ कर कुछ देर ध्यान किया और […]

पूज्यवर कैलाश मानसरोवर के क्षेत्र में

27 जुलाई 2020 का ज्ञान प्रसाद चेतना की शिखर यात्रा 2 आज के लेख को हमने दादा गुरु द्वारा दर्शाये गए विराट स्वरुप में सम्माहित विश्व की समीक्षा , गुरु -शिष्य समर्पण और विश्वभर में फैले गायत्री परिवार का मार्गदर्शन करने के निर्देश को आधार बनाया है । लगभग 6 दशक पूर्व दिए गए निर्देशों […]

गुरुदेव और दादा गुरु का मिलन -कैलाश मानसरोवर के रास्ते में

सिद्ध पुरष संत कीना राम जी की कथा : सत्यानंद जी के साथ चर्चा के उपरांत गुरुदेव और प्रतिनिधि कलाप ग्राम से बाहर आ गए और आगे की यात्रा पर निकल पड़े। प्रतिनिधि इस अगम्य हिमालय मार्ग से परिचित दिखते थे। कहीं बहुत ऊंचाई और फिर एक दम उतराई। गौरीशंकर के पास पहुँचते ही सामने […]