अपने सहकर्मियों की कलम से -“गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस का reminder”  

सप्ताह  का सबसे लोकप्रिय सेगमेंट “अपने सहकर्मियों की कलम से” लेकर हम अपने समर्पित सहकर्मियों के बीच आ चुके हैं, इसे लोकप्रिय बनाने में सहयोग देने के लिए आपका जितना भी धन्यवाद् करें कम है।अपने सहकर्मियों  द्वारा पोस्ट की गयीं सभी contributions  ही हैं जिन्होंने इस स्पेशल सेगमेंट को  “सबसे  लोकप्रिय” की संज्ञा देने में योगदान दिया है। हमारा तो सदैव यही उद्देश्य रहा है कि इस छोटे से समर्पित परिवार के  समस्त योगदान एक dialogue की भांति हों, एक वार्तालाप की भांति हों ताकि एक “संपर्क साधना”, communication process, के द्वारा इसे lively बनाया  जाए। थोड़े से प्रयास से ही हमें इतना बड़ी सफलता प्राप्त हुई है कि इसका श्रेय अपने गुरु को देते हैं जिन्होंने आप जैसी दिव्य आत्माओं को, हीरों को  चुन-चुन कर हम जैसे निर्धन की झोली में डाल दिया और हम इन हीरों को एक समर्पण की माला में पिरोने में सदैव  प्रयासरत रहते हैं। हमें तो  बार-बार सन्देश मिलते रहे कि आपका काम पोस्ट करना है, कोई पढ़े या न पढ़े ,कोई देखे या न देखे , कोई सुने या न सुने, यह track करना असम्भव है, लेकिन हमारे गुरु ने इस असम्भव को संभव कर दिखाया। आज की परिस्थिति ऐसी है कि छोटे से छोटा कमेंट, छोटे से छोटा योगदान भी हमारी दृष्टि से, अंतःकरण से ओझल नहीं हो सकता।

“गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस का reminder”  

1.स्पेशल सेगमेंट को शुरू करने से पहले आइए उस निवेदन को स्मरण कर लें जो हम पिछले कुछ दिनों से करते आ रहे हैं और 26 जनवरी तक करते रहेंगें । हमने करबद्ध निवेदन किया था कि 26 जनवरी, 2023 को आ रहे  परम  पूज्य गुरुदेव का आध्यात्मिक जन्म दिवस पर प्रत्येक परिजन को कुछ न कुछ योगदान अवश्य देना है, ऐसा हम सबको  संकल्प लेना है । कुछ परिजनों ने अनुभूतियाँ भेजनी आरम्भ कर दी  हैं, कुछ ने आने वाले दिनों में भेजने का कहा है, सभी का धन्यवाद् करते हैं। हो सकता है हम में से बहुतों को गुरुदेव माता जी के साथ direct सम्पर्क का सौभाग्य न प्राप्त हुआ हो,  लेकिन ज्ञानरथ, गायत्री परिवार,शांतिकुंज DSVV जैसे  कई विषय हैं जिनके साथ आप जुड़े हों और आपके संस्मरण हो। तो याद कीजिये और लिखना आरम्भ कर दीजिये क्योंकि  26 जनवरी नज़दीक ही है, अपने गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करने के सुनहरी अवसर को खोने न दें। हम तो यही कहेंगें कि गुरुदेव  आपको स्वयं इस परम् सौभाग्य के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।  

2.इस छोटे संकल्प के  बाद हम आपके साथ एक बड़ा 4 वर्षीय संकल्प लेने का अवसर शेयर कर रहे हैं। यह संकल्प वंदनीय माताजी के श्रद्धांजलि महापुरश्चरण साधन मातृशक्ति जन्म शताब्दी के संदर्भ में है। यह जानकारी  आज ही आदरणीय सरविन्द जी ने शेयर की है, बहुतों को यह जानकारी पहले ही मिल चुकी होगी इसलिए हम आपके समक्ष हूबहू संकल्प पत्र रख रहे हैं।

3.एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय आपके साथ शेयर कर रहे हैं, इस विषय में भी निवेदन ही है। जब भी आप कोई important दिवस (जन्म दिवस, विवाह वर्षगांठ आदि) ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में शेयर करना चाहते हैं तो कुछ दिन  पूर्व ( हो सके तो एक सप्ताह पूर्व) हमें सूचित करने का संकल्प लें और फोटो अवश्य भेज दें। स्पेशल सेगमेंट की रूपरेखा तो हमारे ह्रदय में  कई दिन पहले बन रही होती है, लेकिन  last moment पर प्राप्त हुई जानकारी शामिल करने में अस्तव्यस्तता तो आती ही है, परिजनों को शुभकामना भेजने में भी कठिनाई होती है। 26  दिसम्बर को हमारी पोती काव्या त्रिपाठी का जन्म दिवस था, last moment पर जानकारी प्राप्त होने के कारण ठीक से शुभकामना भी नहीं भेज सके, वैसे तो बच्ची के साथ वीडियो कॉल हो गयी थी लेकिन मन कुछ विचलित ही रहा। मात्र  8 वर्षीय बच्ची द्वारा गुड मॉर्निंग, गुड नाईट ऑडियो/वीडियो messages बहुत ही अच्छे लगते हैं। 

4.हमारी सबकी आदरणीय बहिन रेणु श्रीवास्तव जी अपनी दूसरी नातिन के जन्म पर 6 माह का  Austin,USA का  प्रवास पूर्ण करने  के बाद 4 जनवरी 2023 को भारत लौट रही हैं।  OGGP का प्रत्येक प्रवासी उन्हें भावपूर्ण विदाई दे रहा है और भारतीय उनका स्वागत कर रहा है। बहिन जी के सुशील  परिवार की ग्रुप फोटो बिना आज्ञा शेयर करने के लिए क्षमाप्रार्थी हैं।

5.उत्तर प्रदेश से आये साधकों द्वारा समाधी स्थल शांतिकुंज पर  सामूहिक संकल्प लेते साधकों की वीडियो हमने शुभरात्रि सन्देश में कुछ दिन पूर्व पोस्ट की थी। इस वीडियो पर अरुण जी ने  कमेंट किया “ हमें  भी कोई एक संकल्प लेना चाहिए, भैया जी आप ही चयन कीजिए”,सुमन लता जी ने लिखा ,”सामूहिक संकल्प का पालन हम भी कर सकते हैं” 

अगर हमें चयन करना है तो हम केवल यही कह सकते हैं कि ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार में “अटूट समर्पण” का संकल्प लें, गुरुदेव के साहित्य का,विचारों का अधिक से अधिक  प्रचार-प्रसार करें, अपनी प्रगति को स्वयं track करें और देखें कि हम किस ओर जा रहे हैं। Track से हमारा अभिप्राय वही है जो हम Gym जाने के समय करते  हैं यानि कितना weight loss  हो पाया है। 

इसी सन्दर्भ में हम  यह भी कहना बहुत ही आवश्यक समझते हैं कि हर सहकर्मी को कहीं से भी ज्ञानप्राप्ति की पूर्ण स्वतंत्रता है, उसे कहीं भी जाने की स्वतंत्रता है लेकिन अगर कोई ऑनलाइन ज्ञानरथ गायत्री परिवार को  छोड़ कर जाना चाहता है तो कृपया जाने से पहले हमें कारण अवश्य बता जाए, इससे यह होगा कि हम अपनी  त्रुटियों और कमियों को सुधारने का प्रयास करेंगें जो एक बहुत बड़ा योगदान होगा। हमेशा यह कहना कि हम सब एक well-knit समर्पित परिवार हैं और चुपचाप आंख छुपा कर निकल जाना, दो contradictory situations हैं। इस तरह की situations संसार में पहले  ही बहुत पनप चुकी  हैं, हम इसे और बढ़ावा न दें और निष्ठा और विश्वास का संकल्प लें।

अरुण जी ने तो यह भी लिखा था कि ”आप क्षमा प्रार्थी होते हैं तो हमें अपनेआप से ग्लानि महसूस होती  है, कृप्या आप इन शब्दों का इस्तेमाल न करें तो  हम सभी को अधिक  खुशी होगी , क्षमाप्रार्थी बच्चों को अच्छा लगता है, आप हमारे मार्गदर्शक हैं, इन शब्दों की  जगह कोई और शब्द इस्तेमाल करें जिससे हम सभी को अच्छा लगे , भैया जी आपसे करबद्ध प्रार्थना है।” इस सन्दर्भ में हम केवल इतना ही कह सकते हैं कि हम सब एक ही level पर हैं और क्षमा याचना से कोई छोटा नहीं हो जाता। 

6.12 जनवरी 1863 को विश्वगुरु स्वामी विवेकानंद जी का जन्म हुआ था। 1984 में भारत सरकार ने 12 जनवरी को युवा दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसी उपलक्ष्य में एक वर्ष पूर्व  रिलीज़ हुई एक वीडियो ने हमारा इस तरह से मन मोह लिया कि प्रसन्नता वर्णन करने के लिए  हमारे पास  शब्द नहीं है। इसी प्रसन्नता को चरितार्थ करने के लिए हम यह  11 मिंट की वीडियो आने वाले दिनों में आपके समक्ष लायेंगें। इस वीडियो में विश्व की तीन बड़ी हस्तियों के साथ 30  वर्षीय  स्वामी जी की  वार्ता बहुत ही उदाहरणीय है। यह तीन हस्तियां थीं, बिजनेसमैन जमशेदजी टाटा, बिजनेसमैन John D. Rockefeller एवं अविष्कारक  Nikola Tesla . यह वीडियो ऐसे  ज्ञानवर्धक प्रश्नों के उत्तर  लेकर आएगी जिनकी  बहुत ही कम लोगों को जानकारी है जैसे कि  जिन स्वामी जी को सारा विश्व धर्मगुरु/विश्वगुरु जानता है, उनका इस तरह के  व्यक्तित्वों से क्या सम्बन्ध हो सकता है ।  11 मिंट के समय के मुकाबले में इस वीडियो में बहुत सा ज्ञान छिपा है जिसे हम निकलने और समझने/ समझाने का प्रयास करेंगें।  So stay tuned. 

7.रेणु श्रीवास्तव जी का कल वाली  वीडियो पर कमेंट :  वीडियो के प्रति बहिन जी की अनुभूति बहुत ही मार्गदर्शन दे रही है। 

आज का यह video नागपुर (महाराष्ट्र) के  युवाओं द्वारा युग सृजेता सम्मेलन में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया अत्यन्त सराहनीय प्रयास है।  इसे युवा जागरण मंच भी कह सकते है। त्रिखा भाई जी को  आज के युग के लिये प्रेरणा दायक  video के लिये हार्दिक धन्यवाद।

आज हमारे युवा सनातन संस्कारों से  दूर हो रहे हैं तथा गलत रास्ते पर  भटकते जा रहे हैं। संस्कार और घर्म विरोधी युवाओं  के लिये प्रेरणादायक, शिक्षाप्रद एवं महत्वपूर्ण विषय पर  सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा  प्रकाश डाला गया है ताकि युवा अपनें संस्कार को  भूल कर भटक न जायें। हम सभी जानते हैं कि (अच्छे कर्म का फल अच्छा और बुरे कर्म का फल बुरा) कर्म का फल अवश्य मिलता है। मानव जीवन का प्रवाह द्वन्द भरा होता है और कई बार मित्रों के संगत के कारण गलत रास्ते पर भटक जाते हैं। पर हम अपनी छुपी प्रतिभाओं को निखार कर सही दिशा में प्रेरित करें तो  अपने सुधार के साथ देश और समाज का उद्धार भी हो सकेगा। हम उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हों। युवाओं ने  लघुनाटिका  के माध्यम से युवाओं में संदेश देने का प्रयास किया है । दिन की शुरूआत हम आत्मबोध साधना से करें,यज्ञमय जीवन जीयें, सत्कर्म करें,बड़ों का सम्मान करें।आजकल फास्ट फूड  का चलन बढ़ रहा है उससे बचें। देश की शक्ति युवा हैं ,वे राष्ट्र को  प्रगति पथ पर आगे बढ़ा सकते हैं।

 श्रेष्ठता,सम्पन्नता और संप्रभुता के मार्ग पर आगे ले जाकर नये युग के निर्माण में सहायक सिद्ध होगें।

युवाओं में राष्ट्र भक्ति की भावना जगाकर  संकल्पित करें ….हम सुधरेंगें युग सुधरेगा। मानव जीवन जो चुनौतियों से भरा पडा है उस पथ पर आगे बढकर अपना रास्ता स्वयं बनाये। अन्त में  यही शिक्षा है कि युवा का मतलब है जिसका मस्तिष्क प्रखर हो ,वे चट्टानों में भी रास्ता बनाते हैं,युवा का मतलब है प्रवाह।कभी न रुकने वाली गति,जोश । बहुत सुन्दर प्रस्तुति के लिये युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएं। ऐसे संस्कारवान युवाओं की प्रेरणा से गुरुदेव का युग निर्माण का संकल्प निश्चय पूरा होगा। युवा सशक्त होंगे तो राष्ट्र भी सशक्त होगा। युवा जागरण से युग स्वयं बदलता चला जायेगा।जय  माँ गायत्री।

8. इस तरह का कमेंट सरविन्द जी ने अपने बेटे आयुष के बारे में भी लिखा है : 

हमारा बेटा आयुष कुमार पाल प्रतिदिन प्रातःकाल उठकर नित्य-क्रियाओं से निवृत्त होकर आद्यिशक्ति जगत् जननी माँ भगवती गायत्री माता दी की दैनिक उपासना करता है और स्कूल जाते समय सर्वप्रथम परम पूज्य गुरुदेव, परम पूज्य वन्दनीया माता जी व आद्यिशक्ति जगत् जननी माँ भगवती गायत्री माता दी को प्रणाम करता है और घर में सभी वरिष्ठजनों के चरण स्पर्श करता है अतः सर्वप्रथम हम सबको संस्कारित होकर अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देना चाहिए।

इन्ही शब्दों के साथ प्रस्तुत है आज की 24 आहुति संकल्प सूची। 

आज की  24 आहुति संकल्प सूची में 8  सहकर्मियों ने संकल्प पूरा किया है। अरुण वर्मा जी को  गोल्ड मैडल प्राप्त  करने के लिए बधाई और उन सभी सहभागियों  का धन्यवाद् जिन्होंने गोल्ड मैडल दिलवाने और सभी के संकल्प पूरा करने में सहायता का दान प्रदान किया।      

(1)संध्या कुमार-29,(2)अरुण वर्मा-61,(3)वंदना कुमार-29,(4) सरविन्द कुमार-27,(5) सुजाता उपाध्याय-35,(6) सुमनलता-26,(7  )पूनम कुमारी-30,(8 ) निशा भारद्वाज-30 

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