Life can be difficult with bad health. Learn how to stay healthy today

अपने सहकर्मियों की कलम से: 25 जून, 2022

अपने सहकर्मियों की कलम से: 25 जून, 2022

आज फिर शनिवार की मंगलवेला में सप्ताह का सबसे रोचक सेगमेंट “अपने सहकर्मियों की कलम से” लेकर आपके समक्ष प्रस्तुतु हो चुके हैं। यह सैगमेंट पूर्णतया हमारे सहकर्मियों का ही होता है, उन सहकर्मियों का, साथियों का जिनके पुरषार्थ से ऑनलाइन ज्ञानरथ गतिशील हुए जा रहा है। इस सेगमेंट में परिजनों को अपनी रचनाएँ , अपनी गतिविधियां,अपनी प्रतिभाएं यहाँ तक कि चुने हुए कमेंट भी प्रकाशित करने का एक अद्भुत सौभाग्य प्राप्त होता है। परिजन इन्हे पढ़कर प्रोत्साहित हुए बिना नहीं रह सकते और अधिक से अधिक योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं। इस सेगमेंट के लिए कई बार तो इतना कंटेंट इक्क्ठा हो जाता है कि हम अगले सप्ताह के लिए सेव करके रखने को विवश होते हैं, लेकिन किसी की भी contribution को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता। सभी से करबद्ध अनुरोध करते हैं कि जैसे आप हमारे लेखों को ,ऑडियो /वीडियो को समान दे रहे हैं, इस सेगमेंट के कंटेंट का भी ध्यानपूर्वक अध्ययन करके कमेंट अवश्य करें।वैसे तो यह अनुरोध सबके लिए है लेकिन उन सहकर्मियों के लिए विशेष तौर से है जिनकी contributions शामिल हुई होती हैं। कई बार बहुत ही कष्टदायक अंतःस्थिति होती है कि जिनके लिए हम लिखने का इतना प्रयास करके,अच्छी से अच्छी vocabulary ढूढ़ कर ला रहे हैं तो वोह ही इसे पढ़ते नहीं है। हाँ अगर पढ़ते हैं तो कमेंट अवश्य करें। कमैंट्स- काउंटर कमैंट्स की प्रथा को लेकर बार- बार चर्चा होती आ रही है, हमारी तरफ से, प्रेरणा बिटिया की तरफ से और कल रेणु बहिन जी की तरफ से। इस प्रथा के प्रति गैर-गंभीरता दिखाना गुरुदेव के साहित्य का, ऑनलाइन ज्ञानरथ के पुरषार्थ और परिश्रम के प्रति, अपने सहकर्मियों के प्रति अनादर ही व्यक्त करता है। इस स्थिति में मानवी मूल्य अर्थहीन से लगते हैं। आशा की जा रही है कि ऑनलाइन ज्ञानरथ का प्रत्येक माननीय सदस्य अवश्य ही कमैंट्स-प्रथा की उपयोगता एवं शक्ति को आत्मसात करेगा। उन सभी चुने हुए कुछ एक सदस्यों को ,जो नियमितता से, पूर्ण श्रद्धा से इस प्रथा का पालन कर रहे हैं, हम आदरपूर्वक झुक कर उनके चरणों में नमन करते हैं। एक बात जो अति महत्वपूर्ण है : सभी सहकर्मियों से निवेदन कर रहे हैं कि अपनी कोई क्लियर सी फोटो और संक्षिप्त सा विवरण लिख कर भेज दें ताकि जब किसी सहकर्मी की contribution शामिल करें तो वह कम्पलीट प्रतीत हो । इन्ही शब्दों के साथ आरम्भ करते हैं आज का यह स्पेशल सेगमेंट।

**************************

1.कल रात के शुभरात्रि सन्देश से पहले आदरणीय ईश्वर शरण पांडेय जी की धर्मपत्नी इंदुरानी जी की स्वास्थ्य सूचना शेयर करते हुए यथासंभव गायत्री मन्त्र /महामृत्युंजय मन्त्र करने का निवेदन किया था, जिन्होंने एकदम respond किया उनका हृदय से धन्यवाद् करते हैं। अभी तक हमारे पास वही सूचना है जो आपके साथ शेयर की थी, जब भी अपडेट होती है आपके समक्ष रख देंगें।

2.आदरणीय प्रोफेसर त्रिपाठी जी और ओंकार पाटीदार जी इन दिनों USA प्रवास पर हैं। उन्होंने New Jersey के गायत्री चेतना केंद्र से लगभग 20 मिंट वीडियो कॉल की, इंदुरानी जी की जानकारी की और चेतना केंद्र के दिव्य दर्शन भी कराये। दोनों ऋषि आत्माओं का बहुत बहुत धन्यवाद्।

3.गुरुदेव के छात्र उपयोगी साहित्य की स्थापना :

बहिन राजकुमारी कौरव जी के पति आदरनीय राम नारायण कौरव जी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय करेली, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश में शिक्षक हैं । कौरव जी बताते हैं कि परमपूज्य गुरुदेव हमारा मार्गदर्शन करने स्वयं नारायण बनकर हमारे बीच आए और सतत श्रेष्ठ करने की प्रेरणा दे रहे हैं। गुरुदेव की ही सत्प्रेरणा से भाई साहिब ने शासकीय सेवा के 20 वर्ष पूर्ण होने पर 11 सितम्बर 2018 को जिस दिन संयोग से उनका जन्मदिन भी पड़ता है, विद्यालय के पुस्तकालय में गुरुदेव द्वारा सृजित साहित्य की 221 पुस्तकें प्राचार्य के माध्यम से भेंट की। राम नारायण जी छात्रों को अनवरत गुरुदेव के साहित्य का अध्ययन करने को प्रेरित कर रहे हैं। जब हम ज्ञानयज्ञ की लेख श्रृंखला लिख रहे थे तो भाई साहिब ने लेखों से प्रेरित होकर हमें लिखा “ ज्ञानदान की दिशा में मेरा यह छोटा सा प्रयास हृदय में नई प्रेरणा देता है।” ऑनलाइन ज्ञानरथ परिवार की और से सामूहिक और हम अपनी व्यक्तिगत बधाई देते हुए कहेंगें कि इस प्रयास को कतई छोटा न समझा जाये। आपने गुरुदेव का वह सपना पूर्ण कर दिया जिसके लिए वह जीवनपर्यन्त परिजनों को आग्रह करते रहे। इस प्रयास को हम सब नमन करते हैं। धन्यवाद् भाई साहिब।

4.कुसुम त्रिपाठी जी द्वारा योग दिवस का आयोजन :

21 जून 2022 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भोजपुर आरा शक्तिपीठ मौलाबग में आदरणीय कुसुम त्रिपाठी बहिन जी ने योग कराते हुए कुछ क्लिप्स भेजे। अवश्य ही सभी को इस पुरषार्थ से भी प्रेरणा मिलेगी। हम बहिन जी का ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं।

5.माता जी की वीडियो पर कुमोदिनी बहिन जी का कमेंट :

भाई साहब श्रेष्ठ कार्य करने वाले को विरोध का सामना करना पड़ता ही है परन्तु जिसके श्रेष्ठ संकल्प में विकल्प नहीं होते विरोध उसका कुछ भी नहीं कर सकता। जितने भी महापुरुष हुए हैं प्रारम्भ में सभी को घोर विरोध का सामना करना पड़ा है, जो विरोध की परवाह किए बिना आगे बढ़ते जाता है वही व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाता है। फिर गुरुदेव तो महाकाल थे विरोध उनका बालबांका भी नहीं कर पाया। सामान्य व्यक्ति भी कुछ अच्छा काम करता है तों उसे भी विरोध का सामना करना पड़ता है। मैं अपनी आंखों से देखी हूं : मेरे पिताजी का जीवन पूरा विरोध सहते हुए ही व्यतीत हुआ है। मृतक भोज का बहिष्कार किये तों, दहेज प्रथा का बहिष्कार किये तों, लड़कियों को जनेऊ पहनाये तों यानी गुरुदेव के सभी सिद्धान्तों को मानने पर यहां तक के बड़े पिताजी,चाचा सभी ने विरोध किया। तो पक्ष के साथ विपक्ष तो ज़रूरी है तभी इन्सान आगे बढ़ता है। गलत लिखी हूं तो माफी चाहती हूं जय गुरुदेव शत शत नमन।

6.रेणु श्रीवास्तव जी का नवग्रह-नक्षत्र वाटिका पर कमेंट:

ऊँ श्री गुरुसत्तायै नमः।सभी सहयोगियों को सादर नमन।आज के ज्ञान प्रसाद में अरुण त्रिखा भाईजी ने नक्षत्र,नवग्रह और राशि के अनुसार पेड़-पौधे का हमारे जीवन में क्या महत्व है इसकी विस्तृत जानकारी दी है।बहुत से मेडिसिनल प्लाण्ट जो हम दैनिक जीवन में प्रयोग कर कई बिमारियों से रक्षा कर सकते हैं।शान्तिकुंज में प्रवचन में बताये थे कि हमारी धरा पर कोई वनस्पति ऐसी नहीं जिसका मेडिसिनल value न हो।पर जानकारी की कमी से हमें ज्ञात नहीं है। मैं तो कई बार शान्तिकुंज जा चुकी हूँ और वाटिका से पौधों का नाम नोट कर लाई हूँ।भाई जी ने पूरा विवरण नाम सहित लिखा जो बहुतों के लिये लाभदायक होगा।वास्तविक जीवन में यह ग्रह ,राशि और नक्षत्रों से प्रभावित होते हैं।इसलिये हमारे धर्म के अनुसार भी पेड-पौधों को जल डालने या पूजने का विधान है।हरितिमा देवालय में भी बहुत सारे पौधे मेडिसिनल और कुछ बौनजाई रखे हैं।इस संदर्भ मैं मैं कहना चाहूँगी कि मेरे घर जो domestic helper है करीब 25 साल से परिवार के सदस्य की भाँति है वह एक पौधे की जड़ पथरी या गांठ के लिये देती है और लोग लाभान्वित भी होते हैं।अधिकतर गरीब वर्ग को ही लाभ मिलता है।पैसे वाले इन चीजों पर भरोसा नहीं करते।शान्ति कुंज में मेडिसिनल प्लाण्ट की खेती के लिये ट्रेनिंग दी जाती है। वहाँ शिक्षा ग्रहण कर बहुत से लोग खेती कर धन कमा रहे हैं। शान्ति कुंज को हम यदि धरती का स्वर्ग कहें तो गलत न होगा।वहाँ का दिव्य और मनोरम वातावरण मन को आकर्षित करता है।हर कण में गुरुदेव का अस्तित्व महसूस किया जा सकता है। आपने शेखावाटी राजस्थान में नवग्रह,नक्षत्र एवं राशि के अनुसार स्मृति वन का उल्लेख किया जो बहुत ही सराहनीय प्रयास है।मैं राजस्थान (जोधपुर) में करीब 20 साल रही हूँ,89 मई में UP.आई।वहाँ के लोग सीधे और मधुर भाषी के साथ अतिथि को सम्मान देने वाले होते हैं। यह सच है कि पेड़-पौधे का संगरक्षण कर हम अपना भविष्य और पर्यावरण सुरक्षित कर सकते हैं।पेड़ों की कटाई से हमारा ecological balance प्रभावित हो रहा है जिससे global warmingऔर प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है । इसका परिणाम यह है कि हमेंं शुद्ध वायु भी नहीं मिल पा रहा है। अपने घर ,पार्क जहाँ भी संभव हो कोशिश करें कि उपरोक्त लिखे पेड-पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा के साथ अपना भविष्य भी सुरक्षित कर ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचाव करें।लिखने को तो बहुत है पर You tube के शब्द सीमा के कारण विराम देती हूँ। नक्षत्र वाटिका पर video बहुत ही प्रभावी है। हार्दिक धन्यवाद। सादर नमन।जय मां गायत्री।

7.विदुषी बंता जी का गायत्री नगर पर कमेंट:

परम पूजनीय गुरु देव, परम वंदनीय माता जी के चरणों में बारम्बार प्रणाम। आ. त्रिखा भाई जी को भाव भरा नमस्कार। 5 जून पर्यावरण दिवस की सभी को शुभ कामनाएं। हर साल हम इस दिन को मनाते हैं पर अपने दिल से हर कोई पूछे क्या हम सभी इस और जागरूक हैं। हरितिमा दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है, मेट्रो सिटीज में सांस लेना दुभर हो रहा है, गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस सबके लिए हर एक नागरिक को जागरूक रहने की आवश्यकता है, तभी हम अगली पीढ़ी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर सकते हैं। गुरु जी ने गायत्री नगर बसाया। जिस प्रकार संयुक्त परिवार में मिलजुल कर सब अपनी-अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए काम किये जाते हैं उसी प्रकार गायत्री धाम के उत्कृष्ट वातावरण में शिष्टाचार के सभी मूल्यों का पालन करते हुए संस्कारवान पीड़ी गड़ी जाती है जिससे उस दिव्य वातावरण से निकल कर परिजन विश्व के कोने कोने में जाकर अपनी सुगंध को फैलाते हैं। यह परिजन गुरुदेव द्वारा दी गई शिक्षा का, पुस्तकों का प्रचार प्रसार करके मनुष्य में देवत्व का उदय व धरती पर स्वर्ग का वातावरण के साकार रूप को प्रतिपादित कर रहे हैं । हम सभी भी इसके प्रति कटीबध रहें। आज इस लेख के माध्यम से सभी अपनी अपनी अंतरात्मा को टटोलें कि हम दैनिक जीवन में अपने आचार विचार का क्या सही पालन कर रहें है ? दूसरों के दुःख दर्द में हम क्या अपनी भूमिका निभाते हैं? यदि हम सब अपने पारिवारिक मूल्यों को समझें बिना द्वेष भाव के गुरु जी के विचारों को आत्मसात करते हुए अपने घरों को संस्कारवान बनाएं तो कोई अतिश्योक्ति नहीं कि धरती पर स्वर्ग का अवतरण न हो। ये धरती हमारी माँ है इसे हम सब अपने-अपने पुरुषार्थ से सींचें । आज के इस जागरूक लेख के लिए त्रिखा भाई जी का बहुत-बहुत आभार, धन्यवाद व नमन सभी को प्रणाम। जय माँ गायत्री सुबह सुनहरे दिन के साथ प्रातःकालीन नमन। ****************************

24 जून 2022, video की 24 आहुति संकल्प सूची: (1 ) संध्या कुमार-27 , (2 ) अरुण वर्मा-37 , (3 ) सरविन्द कुमार-43 , (4 ) प्रेरणा कुमारी- 26, (5 ) रेणु श्रीवास्तव -24,(6) शर्मीला KC -25,(7 ) पूनम कुमारी -24 इस सूची के अनुसार सरविन्द कुमार गोल्ड मैडल विजेता हैं, उन्हें हमारी व्यक्तिगत और परिवार की सामूहिक बधाई। सभी सहकर्मी अपनी-अपनी समर्था और समय के अनुसार expectation से ऊपर ही कार्य कर रहे हैं जिनको हम हृदय से नमन करते हैं, आभार व्यक्त करते हैं और जीवनपर्यन्त ऋणी रहेंगें। धन्यवाद।


Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s



%d bloggers like this: