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“सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” 23 अप्रैल,2022

“सप्ताह का एक दिन पूर्णतया अपने सहकर्मियों का” आज का एपिसोड प्रस्तुत करते हमें बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। आज के एपिसोड में 7 समर्पित सहकर्मियों का योगदान है जिसके लिए हम उनके सदैव ही आभारी रहेंगें। सभी ने ऑनलाइन ज्ञानरथ को सफल बनाने में अपनी समस्त समर्था दाव पर लगा दी है ,चाहे वह सप्ताह भर के कमेंट हों ,गतिविधियां हों ,व्हाट्सप्प मैसेज हों ,फ़ोन कॉल्स हों , रचनाएँ हों ,सभी को हमारा ह्रदय से आभार। दाव पर लगे भी क्यों न ,यह उस गुरु को समर्पित है जिसके कारण हमारी यह उँगलियाँ चल रही हैं। 

इतना कुछ लिखने को होता है कि हमारे लिए कई बार track करना भी कठिन हो जाता है, अगर किसी का कुछ योगदान मिस हुआ है तो हम क्षमा प्रार्थी हैं। 

आज के शुभरात्रि संदेश पर आदरणीय राज कुमारी बहिन जी ने व्हाट्सप्प कमेंट किया -”हम यहीं से पावन माटी लेकर आए और रोज़ पूजा करते हैं ऐसा लगता है गुरूजी साक्षात बैठे हुए हैं और हम पूजा कर रहे हैं।”

आज के इस एपिसोड में आपके लिए बहुत कुछ है विशेषकर कुछ कमेंट जो आपने देखे तो होंगें ही लेकिन बहुत ही प्रेरणादायक हैं, हमने कुछ वाक्यों को commas से अलग किया है उन्हें अवश्य पढ़ें। 

अंत में संकल्प सूची तो है ही। इन्ही शब्दों के साथ हम आपसे सोमवार तक विदा लेते हैं और आप एन्जॉय कीजिये अपने सहकर्मियों की प्रतिभा के साथ। 

जय गुरुदेव ,सुप्रभात 

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1.रेणु श्रीवास्तव जी का Highlighted कमेंट 

ऊँ श्री गुरुसत्तायै नमः,सादर नमन एवं हार्दिक धन्यवाद।आज के वातावरण में जब धर्म विरोधी बढ़ते जा रहे हैं तो धर्म की परिभाषा समझना अत्याधिक आवश्यक है।धर्म का शाब्दिक अर्थ है जो धारण करने योग्य या जो धारण किया जाये। 

“हमारे हिन्दू सँस्कृति या आर्यन सभ्यता में जो प्रयोग में अच्छा लगा उसे धारण किया गया।हमने जो धर्म की परिभाषा पढी….Religion is only faith behind supreme power.विज्ञान चाहे जितना advanced हाे पर अन्तिम सत्य ईश्वर को मानना पड़ता है।”

लेख के माध्यम से सरल शब्दों में धर्म की परिभाषा समझाने की कोशिश की गई है जो मुख्यतः ईश्वरीय,नैतिक और प्राकृतिक नियमों का समन्वय है तथा साथ में अन्य सामाजिक मान्यता प्राप्त नियम भी सम्मिलित है।ईश्वर को समझने के लिये हमें अपनी बुद्धि का भी प्रयोग करना चाहिये।हमारे ऋषि बहुत बड़े वैज्ञानिक थे अतः हमारे लिये जो भी उपयोगी और अच्छी चीजें थी उसे ही संकलित किया क्योंकि उन लोगों का सम्पर्क दिव्य लोक से था। उन साहित्य को नकारा नहीं जा सकता पर कुछ चीजों में आधुनिक समय के अनुसार परिवर्तन की आवश्यकता है। उस समय धर्म और नैतिकता पर बल दिया गया है। समाज या सरकार द्वारा बनाये नियम का पालन भी धर्म की श्रेणी में आता है। हमें अपने अनुभव,ज्ञान,बुद्धि -विवेक के अनुसार जो सही और सर्व मान्य हो उसका पालन करना चाहिये।

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2.आदरणीय राज कुमारी कौरव बहिन : 

आदरणीय राजकुमारी जी ने अपने क्षेत्र की गतिविधियां भेजीं ,उनमें से एक आपके समक्ष है। 

गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ अभियान 

सालीचौका देशबन्धु। हनुमान जयंती पर्व 16 अप्रैल को श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर ग्राम काचरकोना में गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ अभियान के अंतर्गत प्रात: 8 बजे से नरसिंहपुर जिले की विभिन्न शाखाओं के परिजनों द्वारा गांव गांव में माँ गायत्री एवं पवनसुत हनुमान जी की झांकी तैयार कर शोभायात्रा निकाली गई। प्रात:10 बजे से परिजनों द्वारा निर्धारित 151 घरों में एक साथ एक समय पर एक कुण्डीय गायत्री यज्ञ करवाया। तत्पश्चात माँ नर्मदा परिक्रमा पूर्णकर लौटे मिशन में समर्पित यशवंत पटेल द्वारा उनके आवास पर माँ नर्मदा जल पूजन कर भोजन प्रसाद करवाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिले की शाखाओं नरसिंहपुर, तेंदूखेड़ा, करेली, बोहानी, चिनकी, बरमान, देवरी राजमार्ग बिजौरा, बांसखेड़ा, टेकापार, मदनपुर, ग्वारी, इमलिया, कढेली, काशीखेरी, सिमरिया, बारहा, ईश्वरपुर का सराहनीय योगदान रहा। समापन गोष्ठी में आगामी बुध पूर्णिमा 15 एवं 16 मई को होने जा रहे विश्व व्यापी गृहे -गृहे गायत्री यज्ञ अभियान को सफल बनाने की रूपरेखा बनाई गई। 

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3.अरुण वर्मा जी का प्रेरणा बिटिया की वीडियो पर कमेंट:

अरुण वर्मा जी ऑनलाइन ज्ञानरथ में प्रतिदिन सराहनीय सहयोग दे रहे हैं हम उनका ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं। यह कमेंट हमें अच्छा लगा जिसमें उन्होंने ऑनलाइन ज्ञानरथ का योगदान वर्णन किया है। 

परम आदरणीय अरुण भैया एवं प्यारी बिटिया प्रेरणा की इस आडियो बुक अत्यधिक ज्ञानप्रद रहा, बहुत ही सुंदर शब्दों में परम पूज्य गुरुदेव के विचारों का हम सभी के समक्ष प्रस्तुत किया, अपनी सुरीली मधुर वाणी से हम सभी को भारतीय संस्कृति को बचाए रखने की बहुत ही सुंदर शब्दों में अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त की है जो अत्यंत सराहनीय एवं प्रशंसनीय है, परम पूज्य गुरुदेव से प्रेरणा बिटिया के लिए हृदय से प्रार्थना करते हैं कि हे गुरुदेव इस प्यारी बिटिया को अपने संरक्षण में सही मार्ग दर्शन देते रहें, इसके प्रतिभा को ऊंचा उठाते रहे, इस बिटिया का मनोबल कभी कम ना होने पाए, उसे शक्ति और साहस प्रदान करें, 

“परम आदरणीय अरुण भैया जी को कोटि कोटि नमन वंदन जो ऐसे प्रतिभाशाली युवा को ऊंचाई की उस शिखर तक पहूँचा देना चाहते हैं जहाँ से मानव महामानव बनकर पूरे जगत का कल्याण करने में अपना परम सौभाग्य समझता हो।” 

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4.पूनम कुमारी जी का कमेंट :

पूनम कुमारी जी अपनी संजना बेटी की मम्मी हैं ,नियमितता से सक्रीय हैं ,धन्यवाद् करते हैं। उनका कमेंट भी ऑनलाइन ज्ञानरथ को सराह रहा है। 

ओम श्री गुरु सतायै नमः 

सभी आत्मीय परिजनों को भाव भरा सादर नमनआदरणीय डॉक्टर अरुण भाई साहब जी को कोटि-कोटि नमन और बहुत-बहुतआभार । आपने प्राण प्रत्यावर्तन साधनाअद्भुत लेख को इतने सरल शब्दों में हम लोगों के सामने प्रस्तुत किए हैं कि हम लोगों को पढ़कर आसानी से समझ में आ सके । यहअद्भुत हैवह देव मानव ही होंगे जो 1973 के प्राण प्रत्यावर्तन साधना चार दिवसीय करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ 

“सचमुच जो जिस लायक रहता है गुरुदेव उससे वह काम ले ही लेते हैं जैसे आप के माध्यम से करोड़ों साधक ज्ञान प्रसाद का अमृत पान कर रहे हैं हमारे अंदर नई ऊर्जा का आभास हो रहा है। नतमस्तक हैं हम आपके इस कार्य के लिए |”

जय गुरुदेव जय विश्व वंदनीय माता जी जय गायत्री माता 

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5.ज्योति गाँधी जी का व्हाट्सप्प कमेंट :

कल वाले शुभरात्रि सन्देश में जब हमने परमपूज्य गुरुदेव की जन्मस्थली हवेली के चित्र शेयर किये तो आदरणीय ज्योति बहिन जी ने 25 फरवरी 2021 के कुछ चित्र हमें एकदम भेज दिए। यूट्यूब की चित्र सीमा के कारण हम केवल उनका एक ही चित्र आपके समक्ष रख रहे हैं जिसमें बहिन जी अपनी बेटी आव्या के साथ उसी कोठरी में हैं जहाँ 96 वर्ष पूर्व दादागुरु ने प्रकाशपुंज में प्रकट होकर गुरुदेव को तीन पूर्व जन्मों के दर्शन कराये थे। हम बहिन जी का ह्रदय से धन्यवाद् करते हैं और सभी युवाओं से आग्रह करते हैं कि ऐसे सहकर्मियों से प्रेरणा लें। बहिन जी बालसंस्कार शाला चलाने के साथ,रविवार को ऑनलाइन गोष्ठी में भी सक्रीय हैं। ऑनलाइन ज्ञानरथ परिवार की समर्पित सहकर्मी आदरणीय राज कुमारी कौरव बहिन जी का धन्यवाद् करते हैं जिनके कारण हमें ज्योति जी का सम्पर्क प्राप्त हो पाया। 

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6. राम नारायण कौरव जी जो राज कुमारी जी के पति हैं उनकी रचना आज कोरोना युग के ऊपर सटीक बैठती है। ऑनलाइन ज्ञानरथ में योगदान के लिए ह्रदय से धन्यवाद् भाई साहिब : 

चिड़यिां आई आज अहाते 

चिड़ियां आई आज अहाते 

फुदक फुदक कर गाते गाते, 

कहा मनुज तू घर में क्यों है

कल था जैसा ज्यों के त्यों हैं।

मैंने कहा कोरोना आया, 

मंडरा रहा है उसका साया, 

सारा जग पीड़ित हैं जिससे, 

अपनी पीड़ा कहें अब किससे,

वो बोली सुन मेरी बोली 

भर ले अपनी खाली झोली।

आज हुआ वो जो होना था,

वो बोया जो न बोना था। 

चेत अभी भी मानव अब 

अभी नहीं चेता फिर कब।

जिओ प्रकृति के संग सदा 

सुंदर है बस यहीं अदा। 

करो प्रेम पशु पाखी से 

जानो तुम कुछ साखी से।

जिओ और जीने दो भाई, 

बस इसमें ही रही भलाई।

रामनारायण कौरव ० शिवाजी नगर,करेली जिला नरसिंहपुर 

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7.आदरणीय प्रेमशीला मिश्रा बहिन जी का योगदान 

आदरणीय प्रेमशीला मिश्रा बहिन जी की बड़ी बेटी और बेटा अपने परिवारों सहित तपोभूमि मथुरा के दिव्य दःर्शन करने गए। यूट्यूब की चित्र सीमा के कारण उनके दो चित्र प्रस्तुत कर रहे हैं। चित्रों में आप अखंड ज्योति संस्थान स्थित गुरुदेव का साधना कक्ष देख रहे हैं जहाँ पूज्यवर ने अखंड दीप के सामने घोर साधनायें सम्पन्न कीं। अखंड ज्योति संस्थान जिसका विवरण भूतों वाली कोठी के नाम से आता है घीआ मंडी मथुरा में स्थित है जो तपोभूमि से थोड़ा ही दूर है। हम अपने साथियों को कहना चाहेंगें कि इस पावन भूमि मथुरा के दर्शन अवश्य करें। हमने अपने अनुभव से भी देखा है और बहिन जी ने भी फ़ोन करने बताया कि आवास, आहार इत्यादि की कोई भी समस्या नहीं है। 

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24 आहुति संकल्प 

23 अप्रैल के ज्ञानप्रसाद ( video) के अमृतपान उपरांत 2 समर्पित सहकर्मियों ने 24 आहुति संकल्प पूर्ण किया है, यह समर्पित सहकर्मी निम्नलिखित हैं :

 (1 ) अरुण वर्मा -33 (2) रेणु श्रीवास्तव-26 

आदरणीय अरुण वर्मा जी गोल्ड मैडल विजेता घोषित किये जाते हैं, उनको हमारी व्यक्तिगत और परिवार की सामूहिक बधाई। सभी सहकर्मी अपनी अपनी समर्था और समय के अनुसार expectation से ऊपर ही कार्य कर रहे हैं जिन्हे हम हृदय से नमन करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। धन्यवाद्


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