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फेसबुक पर बुरी खबरों को ‘पसंद’ (Like) करने का शिष्टाचार। 

हमारी शोक संतप्त  सहकर्मी  विनीता जी को हृदय से अपने दुःख का प्राकट्य  करते हैं और सभी 46 परिजनों का हृदय से धन्यवाद जिन्होंने अपने कमेंट पोस्ट किये। हमने उन्हें मैसेज किया था कि  दीदी  के बारे में कुछ 3-4 लाइन लिख कर भेज दें ताकि हमारे सहकर्मी जान सकें लेकिन काफी प्रतीक्षा के बाद हम समझ गए कि स्थिति ठीक नहीं है और हमें श्रद्धांजलि संदेश पोस्ट कर देना चाहिए।     

27 दिसंबर 2021 का ज्ञानप्रसाद- फेसबुक पर बुरी खबरों को ‘पसंद’ (Like) करने का शिष्टाचार। 

हमारे सहकर्मी सोच रहे होंगें कि अचानक  ज्ञानप्रसाद में फेसबुक  के सम्बन्ध में यह लेख कहाँ से टपक पड़ा और ऐसी कौन सी विवशता थी जिसने परमपूज्य गुरुदेव की हीरक जयंती लेख श्रृंखला को छोड़ कर यह लेख  लिखने का निर्णय लिया । हाँ, सच में विवशता थी और इसकी प्रेरणा परमपूज्य गुरुदेव ने अवश्य ही  दी है। लेख पढ़ने  से पहले ही निवेदन करते हैं कि इस कंटेंट को  अन्यथा न लिया जाये क्योंकि हर किसी की राय का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है और हर कोई राय व्यक्तिगत होती है। लेकिन किसी भी अच्छे ज्ञान का  पयपान करना और ज्ञानदान करना एक बहुत बड़ा पुण्य कार्य है ,जो आप सब, हम सब कर रहे हैं। बहुत ही सौभाग्यशाली हैं हम।   

पिछले दो-तीन वर्ष से एक प्रश्न हमारी अंतरात्मा को पीड़ा दिए जा रहा था कि “जब किसी की मृत्यु का समाचार हम  सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं तो like बटन दबाना  ठीक है क्या  ?”

हमारी तरह और भी बहुत लोग होंगें जिन्हे यह यह स्थिति पीड़ा देती होगी, लेकिन  किसी को तो कदम उठाना पड़ेगा ही ,who will bell the cat ? अगर ऐसा न किया गया तो माँ के स्वर्गवास पर हैप्पी बर्थडे मैसेज आते ही रहेंगें और taaging की प्रथा के कारण लोग बिना देखे कुछ भी लिखते  जायेंगें। Tag करने की स्थिति तो ऐसी है कि आपके ही फेसबुक फ्रेंड आपसे पूछे बिना अपनी following बढ़ाने  आपको Tag  किये जा रहे हैं। उन्हें केवल  गिनती से मतलब है, उन्हें तो पता ही नहीं है कि क्या शेयर हो रहा है,मृत्यु य जन्मदिन।  

हम तीन वर्ष रिसर्च  करते रहे और आज जब कुछ कहने को  समर्थ हुए तो अपने सहकर्मियों के समक्ष प्रस्तुत हो गए। अगर हम ऑनलाइन ज्ञानरथ के 12 मानवीय मूल्यों  में “शिष्टाचार” की बात करते हैं तो सोशल मीडिया शिष्टाचार को कैसे भूल सकते हैं।  सोशल मीडिया  शिष्टाचार के तीन गुरु - Ravi Shukle ,    Diane Gottsman और  Jo Bryant के मार्गदर्शन विचार इस दिशा में हमें बहुत ही सार्थक लगे और हमने  एकदम अपने ऑनलाइन ज्ञानरथ परिवार में लाने का निर्णय लिया। इन तीनो एक्सपर्ट्स के बारे में संक्षिप्त विवरण देना हमारा कर्तव्य है। 

Ravi Shukle, a social media and relationship marketing expert who helps brands like Samsung U.K., Amazon App Store and T-Mobile with their online etiquette; Diane Gottsman, founder of The Protocol School of Texas and author of Modern Manners for a Better Life; and Jo Bryant, a British etiquette expert who has edited more than fifteen books on modern manners— as well as some Facebook friends, to offer best practices on delivering and receiving bad news on Facebook.

आइये देखें वह क्या कह रहे हैं :

1.प्रश्न :एक करीबी मित्र  की अचानक मृत्यु हो गई, और मेरी पोस्ट को 22 “लाइक” मिले। मृत्यु  को “Like ” करने पर आपके क्या विचार हैं?

Shukle: किसी  tragedy  को पसंद करना अनजाने में पोस्ट करने वाले व्यक्ति को दिखा सकती है कि आप उनके द्वारा साझा की गई दुखद खबर का समर्थन करते हैं।  पोस्ट को  “Like” करना, करने वाले  को यह नहीं बताता कि आप वास्तव में कैसा महसूस करते हैं। अपने विचार साझा करने के लिए “कमैंट्स”  पर टिके रहें। ऐसा करने से उसे व्यक्तिगत संदेश मिल सकता है जबकि  “Like” भ्रमित कर सकता है।

Gottsman: लाइक बटन Tricky  है क्योंकि लोग आपकी पोस्ट के लिए अपना समर्थन दिखा रहे हैं । मैं कुछ दिल से कमेंट  करना पसंद करती  हूं और थम्स अप बटन नहीं दबाती ।

Bryant: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किसी को कितनी अच्छी तरह जानते हैं, और कभी-कभी एक साधारण “Like”  उन्हें यह बताने के लिए पर्याप्त होगा कि आपने पोस्ट देखी है, और उनके बारे में सोच रहे हैं। बहुत से लोग Tragedy  का जवाब देने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं क्योंकि ऐसा करना, कुछ  कहने के लिए सही बात खोजने की कोशिश करने से ज्यादा आसान है। हालांकि, पीड़ित व्यक्ति के लिए, जो व्यक्तिगत रूप से उनका समर्थन करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करते हैं, वे हमेशा सर्वश्रेष्ठ होंगे। अच्छे दोस्त फ़ोन कॉल और IRL (In Real Life) विज़िट के योग्य होते हैं।

2.प्रश्न :“यदि आप किसी पोस्ट को  “Like ” नहीं करते हैं, या कोई अन्य प्रतिक्रिया नहीं जोड़ते हैं, तो क्या आपको असंवेदनशील माना जा सकता है?”

शुक्ला : विशेष रूप से फेसबुक पर सहानुभूति जोड़ने की अपेक्षा किसी व्यक्ति से नहीं की जानी चाहिए। यह एक भावना होनी चाहिए जिसे आप साझा करते हैं क्योंकि आप उस व्यक्ति की स्थिति से संबंधित हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि प्रतिक्रिया जोड़ने या Comment  करने की कोई आवश्यकता नहीं है, तो यह बिल्कुल ठीक है। यदि आप एक करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य हैं, तो आप अधिक सार्थक आदान-प्रदान साझा करने के लिए हमेशा फोन, टेक्स्ट, ईमेल या निजी फेसबुक संदेश के माध्यम से सम्पर्क कर  सकते हैं।

Shukle  : अगर आपको लगता है कि फेसबुक “प्रतिक्रिया” – Like  या Comment  वास्तव में यह नहीं दर्शाता है कि आप कैसा महसूस करते हैं, तो यह one-to -one basis पर मिलने  का समय है। व्यक्ति के साथ अनुवर्ती कार्रवाई करते समय, आपको हमेशा एक व्यक्तिगत दृष्टिकोण जोड़ना चाहिए क्योंकि अब बातचीत आप दोनों के बीच है। समय निकाल  कर उसे सुने और   अधिक सार्थक बातचीत करें।

3.प्रश्न : “Tagging  सबसे अनुचित प्रतिक्रिया की  लगती है – Bryan Smith  के गोल्डन रिट्रीवर के  एक कार से टकराने के बारे में सुनकर खेद है।” इन परिदृश्यों में लोगों को टैग करने का शिष्टाचार क्या है?”

Shukle : Tagging  हाथ से निकल सकती है, खासकर फेसबुक पर क्योंकि हमने देखा है कि लोग अपने दोस्तों को बहुत Tag  करते हैं ताकि उनकी पोस्ट को अधिक लाइक या शेयर मिल सकें। फेसबुक पर किसी व्यक्ति को टैग करते समय आपको दो बातों का ध्यान रखना चाहिए:

i) क्या मेरा अपडेट उल्लेख किए जा रहे व्यक्ति के लिए मूल्यवान है या अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है?

ii) क्या यह अपडेट टैग किए जा रहे व्यक्ति के लिए प्रासंगिक है?

यदि उपरोक्त का उत्तर “नहीं” है, तो बेहतर होगा कि आप केवल उपयोगकर्ता का नाम लिखें।

Gottsman : जिस व्यक्ति को आप टैग कर रहे हैं उसकी अनुमति के बिना टैगिंग हमेशा असभ्य होती है।

4.प्रश्न : यदि आप किसी पोस्ट को  “Like ” य कमेंट नहीं करते  हैं, तो क्या आपको असंवेदनशील माना जा सकता है?

Shukle : विशेष रूप से फेसबुक पर सहानुभूति जोड़ने की अपेक्षा किसी व्यक्ति से नहीं की जानी चाहिए। यह एक भावना होनी चाहिए जिसे आप साझा करते हैं क्योंकि आप उस व्यक्ति की स्थिति से संबंधित हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि प्रतिक्रिया जोड़ने या टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं है, तो यह बिल्कुल ठीक है। यदि आप एक करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य हैं, तो आप अधिक सार्थक आदान-प्रदान साझा करने के लिए हमेशा फोन, टेक्स्ट, ईमेल या निजी फेसबुक संदेश के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

Gottsman : इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि व्यक्ति ने पोस्ट को देखा भी है, इसलिए  आपकी ओर से अतिसंवेदनशील होना  संवेदनशील होगा  कि किसी ने “पसंद” या प्रतिक्रिया नहीं दी । फेसबुक  पर हर कोई, हर  किसी  पोस्ट को देखता भी तो नहीं  है।

5.प्रश्न :एक सहकर्मी की मां की छह महीने पहले मृत्यु  हो गई थी। पिछले हफ्ते फेसबुक पर कई लोगों ने उसकी माँ को जन्मदिन की बधाई दी, यह नहीं देखा  कि उसकी मृत्यु हो  गई। क्या उस खबर को अपनी और/या अपनी माँ के फेसबुक पेजों पर साझा करना बेटी पर निर्भर है?

Shukle : जब परिवार के किसी सदस्य के खोने जैसे संवेदनशील मामलों की बात आती है, तो आपको हमेशा सम्मानजनक रहना चाहिए। इसलिए, आपको उन लोगों को दोष नहीं देना चाहिए जिन्होंने उसे जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं क्योंकि वे वास्तव में उसके निधन के बारे में  जानते भी नहीं  होंगे। इसके बजाय, बेटी माँ के अकाउंट  पर एक अपडेट पोस्ट करके उन्हें बता सकती है कि उसकी  माँ का  निधन हो गया  है, लेकिनअपने जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दे सकती है  क्योंकि वह अपने विशेष दिन पर कई अन्य लोगों की  शुभकामनाएँ साझा करने से प्रसन्न होतीं।

धन्यवाद् ,जय गुरुदेव 

हर बार की तरह आज भी कामना करते हैं कि प्रातः आँख खोलते ही सूर्य की पहली किरण आपको ऊर्जा प्रदान करे और आपका आने वाला दिन सुखमय हो। 

अगला लेख: सूक्ष्मीकरण 

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24 आहुति संकल्प सूची 

25 दिसंबर  शनिवार के लेख का विश्लेषण व पयपान के उपरांत आनलाइन ज्ञान रथ परिवार के उन 12 सूझवान व समर्पित विज्ञ सहकर्मियों को आनलाइन ज्ञान रथ परिवार की तरफ से बहुत बहुत साधुवाद व अनंत ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएँ व हार्दिक बधाई हो जिन्होंने 24 आहुतियों का संकल्प पूर्ण कर हम सबका उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन कर मनोबल बढ़ाने का परमार्थ परायण कार्य करके पुरुषार्थ कमाने का सराहनीय व प्रशंसनीय कार्य किया है, वह सहकर्मी निम्नलिखित हैं : (1) सरविन्द कुमार पाल – 51, (2) अरूण कुमार वर्मा जी – 32, (3) प्रेरणा कुमारी बेटी – 31, (4) निशा भारद्वाज बहन जी – 29, (5) संध्या बहन जी – 28, 26, (6) डा.अरुन त्रिखा जी – 27, 25, (7) रेनू श्रीवास्तव बहन जी – 27, (8) निशा दीक्षित बहन जी – 26, (9) रजत कुमार जी – 25, (10) नीरा बहन जी – 24, (11) रेणुका बहन जी – 24, (12) विदुषी बहन जी – 24

उक्त  सभी सहकर्मियों  पर आद्यिशक्ति जगत् जननी माँ भगवती गायत्री माता दी की असीम अनुकम्पा सदैव बरसती रहे यही आनलाइन ज्ञान रथ परिवार की गुरु सत्ता से विनम्र प्रार्थना व पवित्र शुभ मंगल कामना है l 

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